एक करोड़ से अधिक राशि गबन के आरोप में वेटनरी विभाग का सहायक ग्रेड-02 प्रदीप अम्बष्ट निलंबित अंबिकापुर / जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई करते हुए उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग, अम्बिकापुर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप कुमार अम्बष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विवरण क्रमांक-1 अंतर्गत हितग्राहियों के अंशदान की राशि रु. 44,54,700 (शब्दों में – चौवालिस लाख चौवन हजार सात सौ मात्र) उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, अम्बिकापुर जिला सरगुजा के खाता क्रमांक 32384036588 में जमा नहीं की गई। वहीं विवरण क्रमांक-2 अंतर्गत पशु रोगी कल्याण समिति, सरगुजा के खाता क्रमांक 1037917860 में राशि रु. 63,29,640 (शब्दों में तिरसठ लाख उन्नीस हजार छह सौ चालीस मात्र) जमा नहीं किए जाने का मामला सामने आया। जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि इस संबंध में प्रदीप अम्बष्ट को दिनांक 13.07.2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु उसके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। तत्पश्चात कार्यालय आदेश क्रमांक 638/स्थापना/दिनांक 22.07.2025 एवं 639/स्थापना/दिनांक 22.07.2025 के माध्यम से 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति द्वारा दिनांक 28.07.2025 एवं 01.08.2025 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। नियमों का उल्लंघन और व्यक्तिगत लाभ इसके अतिरिक्त कार्यालय पत्र क्रमांक 673/दिनांक 29.07.2025 एवं 722/दिनांक 08.08.2025 के माध्यम से पुनः कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि प्रदीप अम्बष्ट द्वारा दिनांक 14.08.2025 को उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग, अम्बिकापुर के लेटरहेड का उपयोग व्यक्तिगत कार्य में किया गया, जो शासकीय नियमों के विपरीत है। उक्त तथ्यों के आधार पर प्रदीप कुमार अम्बष्ट को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
एक करोड़ से अधिक राशि गबन के आरोप में वेटनरी विभाग का सहायक ग्रेड-02 प्रदीप अम्बष्ट निलंबित अंबिकापुर / जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई करते हुए उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग, अम्बिकापुर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप कुमार अम्बष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विवरण क्रमांक-1 अंतर्गत हितग्राहियों के अंशदान की राशि रु. 44,54,700 (शब्दों में – चौवालिस लाख चौवन हजार सात सौ मात्र) उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, अम्बिकापुर जिला सरगुजा के खाता क्रमांक 32384036588 में जमा नहीं की गई। वहीं विवरण क्रमांक-2 अंतर्गत पशु रोगी कल्याण समिति, सरगुजा के खाता क्रमांक 1037917860 में राशि रु. 63,29,640 (शब्दों में तिरसठ लाख उन्नीस हजार छह सौ चालीस मात्र) जमा नहीं किए जाने का मामला सामने आया। जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि इस संबंध में प्रदीप अम्बष्ट को दिनांक 13.07.2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु उसके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। तत्पश्चात कार्यालय आदेश क्रमांक 638/स्थापना/दिनांक 22.07.2025 एवं 639/स्थापना/दिनांक 22.07.2025 के माध्यम से 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति द्वारा दिनांक 28.07.2025 एवं 01.08.2025 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। नियमों का उल्लंघन और व्यक्तिगत लाभ इसके अतिरिक्त कार्यालय पत्र क्रमांक 673/दिनांक 29.07.2025 एवं 722/दिनांक 08.08.2025 के माध्यम से पुनः कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि प्रदीप अम्बष्ट द्वारा दिनांक 14.08.2025 को उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग, अम्बिकापुर के लेटरहेड का उपयोग व्यक्तिगत कार्य में किया गया, जो शासकीय नियमों के विपरीत है। उक्त तथ्यों के आधार पर प्रदीप कुमार अम्बष्ट को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- एक करोड़ से अधिक राशि गबन के आरोप में वेटनरी विभाग का सहायक ग्रेड-02 प्रदीप अम्बष्ट निलंबित अंबिकापुर / जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई करते हुए उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग, अम्बिकापुर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप कुमार अम्बष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विवरण क्रमांक-1 अंतर्गत हितग्राहियों के अंशदान की राशि रु. 44,54,700 (शब्दों में – चौवालिस लाख चौवन हजार सात सौ मात्र) उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, अम्बिकापुर जिला सरगुजा के खाता क्रमांक 32384036588 में जमा नहीं की गई। वहीं विवरण क्रमांक-2 अंतर्गत पशु रोगी कल्याण समिति, सरगुजा के खाता क्रमांक 1037917860 में राशि रु. 63,29,640 (शब्दों में तिरसठ लाख उन्नीस हजार छह सौ चालीस मात्र) जमा नहीं किए जाने का मामला सामने आया। जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि इस संबंध में प्रदीप अम्बष्ट को दिनांक 13.07.2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु उसके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। तत्पश्चात कार्यालय आदेश क्रमांक 638/स्थापना/दिनांक 22.07.2025 एवं 639/स्थापना/दिनांक 22.07.2025 के माध्यम से 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति द्वारा दिनांक 28.07.2025 एवं 01.08.2025 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। नियमों का उल्लंघन और व्यक्तिगत लाभ इसके अतिरिक्त कार्यालय पत्र क्रमांक 673/दिनांक 29.07.2025 एवं 722/दिनांक 08.08.2025 के माध्यम से पुनः कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि प्रदीप अम्बष्ट द्वारा दिनांक 14.08.2025 को उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग, अम्बिकापुर के लेटरहेड का उपयोग व्यक्तिगत कार्य में किया गया, जो शासकीय नियमों के विपरीत है। उक्त तथ्यों के आधार पर प्रदीप कुमार अम्बष्ट को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।1
- Gram Panchayat Barima mein hathi ke dwara ek mahila ko maar diya gaya forest vibhag ke laparvahi se1
- सूरजपुर। सूरजपुर जिले के खड़गवा कला गांव में एक पत्रकार के परिवार पर दबंगों द्वारा घर में घुसकर मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता तारा चक्रधारी, पति वीरेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और पत्रकार संगठनों ने भी मामले को गंभीर बताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमीन संबंधी विवाद में 20 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अर्जुन, राजकुमार, बुधनी एवं आशा नामक व्यक्ति पीड़िता के घर के पास पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। तारा चक्रधारी ने इसकी सूचना तत्काल खड़गवा चौकी में दी, लेकिन आरोप है कि अब तक शिकायत की कोई पावती नहीं दी गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। इसके अगले ही दिन 21 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10 बजे आरोपियों ने दोबारा घर पहुंचकर उत्पात मचाया। इस बार उनके साथ सूर्यबली, रमेश और कौशल्या भी शामिल थे। आरोप है कि सभी ने मिलकर तारा चक्रधारी और उनके पति के साथ लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता के हाथ, पैर और जांघ में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट के दौरान उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया और कपड़े भी फाड़ दिए गए। बीच-बचाव करने आए उनके पति वीरेंद्र कुमार को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की गई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के दौरान आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल फोन छीन लिया और उसे रीसेट कर दिया, जिससे उसमें मौजूद वीडियो फुटेज और महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आरोपी सबूत मिटाने की कोशिश कर रहे थे। पीड़िता ने 23 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को लिखित आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कितनी तत्परता दिखाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलता है।1
- जनपद पंचायत भैयाथान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की वार्षिक आमसभा सम्पन्न जनपद पंचायत भैयाथान क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की मातृशक्तियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से समूहों की प्रगति, स्वरोजगार के अवसर, आर्थिक सशक्तिकरण एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। सभा को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत भैयाथान के सभापति श्री राजू कुमार गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की सहभागिता और नेतृत्व ही ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाना, आय के नए साधन विकसित करना एवं गांव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना हमारा प्रमुख संकल्प है। बैठक में उपस्थित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए तथा समूह गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के सुझाव भी दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना रहा। अंत में सभी बहनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं और निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया गया। — राजू कुमार गुप्ता सभापति सहकारिता एवं उद्योग विकास विभाग जनपद पंचायत भैयाथान, जिला सूरजपुर1
- जिला सरगुजा में ठगी के एक मामले में थाना गांधीनगर एवं साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रकरण के अनुसार, 1 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी ने स्वयं को सब्जी विक्रेता बताकर पीड़ित को झांसे में लिया और अपराध से संबंधित राशि खाते में ट्रांसफर करवा कर नगद ले ली। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अनूप कुमार चौबे को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी मूलतः झारखंड के पलामू जिले का निवासी है। पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह संगठित सिंडीकेट बनाकर ठगी की रकम निकालने व ट्रांसफर करने में शामिल था। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल भी जब्त किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। न्यूज़ द गुलेल एवं शुरू न्यूज के लिए सुनील गुप्ता की रिपोर्ट1
- सोनहत कोरिया /कोरिया मुख्यालय से दूर सोनहत विकास खंड के महादेव समिति द्वारा आज से फाग की शुरुवात हुईं आइये बीडीओ में फाग सुनते है1
- जहाँ एक दर्दनाक सडक दूर्घटना में शिक्षक धनंजय कमार मिश्रा की मौत हो गई। बताया जा रहा है, वे प्रतिदिन की तरह घर से अपना ड्यूटी के लिए निकले थे,स्वामी आत्मानंद उत्कष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय फरसाबहार के लिए,उसी दौरान सिंगीबहार मेन रोड पर उनकी बाइक और ट्रक आमने-सामने भिडंत हो गई और शिक्षक कि मौत हो गई ।1
- सीतापुर के ग्राम सरगा में सत्संग के दौरान बाबा के विवादित बयान, मर्यादित मंच पर अमर्यादित भाषा सीतापुर जनपद अंतर्गत ग्राम सरगा में आयोजित एक सत्संग कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे एक बाबा द्वारा दिए गए कथित बयान विवाद का विषय बन सकता है।कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बाबा प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लेकर आपत्तिजनक और व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए सुने जा सकते हैं। वीडियो में बाबा कथित तौर पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि “साय, अंडा–मुर्गी सब खाए, मुख्यमंत्री बन गए साय”, इसके बाद वे मंच से अंडा, मुर्गी और भैंस की टांग खाने जैसे कथन भी करते हैं। जब कि यह भाषा न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी मर्यादाओं के विपरीत है, खासकर तब जब इसे एक धार्मिक सत्संग जैसे मंच से कहा गया हो। इतना ही नहीं, बाबा द्वारा “गरीब” शब्द की परिभाषा को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। वीडियो में वे गरीब व्यक्ति को पापी, चोर आदि शब्दों से संबोधित करते सुने जा रहे हैं, जिससे समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कही जा रही है। यह वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड कर भेजा गया है और अब सार्वजनिक चर्चा में है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि पूरे वीडियो को विस्तार से देखने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बाबा ने किन संदर्भों में ये शब्द कहे और उनके पीछे उनका उद्देश्य क्या था। फिलहाल, इस मामले में किसी आधिकारिक शिकायत या प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मर्यादित मंच पर अमर्यादित भाषा के प्रयोग को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। मामला सामने आने के बाद घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।यदि बयान आपत्तिजनक पाए जाते हैं तो उचित कार्रवाई हो।2