एम कोचिंग सेंटर के छात्र एवं छात्राओं ने 10 वीं बोर्ड परीक्षा में लहराया परचम, डायरेक्टर समेत शिक्षक शिक्षिकाओं ने मुंह मीठा करा कर उज्जवल भविष्य की कामना की। सिसई प्रखंड अंतर्गत कॉलेज रोड़ स्थित एम कोचिंग सेंटर से 10 वीं बोर्ड परीक्षा का तैयारी कर रहे 65 छात्र एवं छात्राओं में अभिनव कुमार 95.6% प्रतिशत लाकर प्रथम टॉपर , नितेश कुमार महतो 91% लाकर द्वितीय टॉपर, और सुमन उरांव ने 86.6% तृतीय टॉपर बने। शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होकर शिक्षण संस्थान परिवार सहित प्रखंड क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सेंटर के डायरेक्टर चूड़ामणि साहु, शिक्षिका कोमल कुमारी, करुणा कुमारी, अलका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्षों से लगातार मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट सत प्रतिशत रहा है। आज प्रखंड क्षेत्र के गरीब मजदूर किसान के बच्चे कोचिंग सेंटर में पढ़ कर सर्वाधिक अंक प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं। चूड़ामणि साहू ने बताया कि सत्र 2026, 27 के लिए कक्षा आठवीं, नवी एवं दसवीं का पढ़ाई शुरू हो गया है। साथ ही जो बच्चे कंप्यूटर का कोर्स करना चाहते हैं तो अभी निशुल्क नामांकन लिया जा रहा हैं। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र के सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील किए हैं कि शिक्षण संस्थान से संपर्क कर नामांकन ले सकते हैं।
एम कोचिंग सेंटर के छात्र एवं छात्राओं ने 10 वीं बोर्ड परीक्षा में लहराया परचम, डायरेक्टर समेत शिक्षक शिक्षिकाओं ने मुंह मीठा करा कर उज्जवल भविष्य की कामना की। सिसई प्रखंड अंतर्गत कॉलेज रोड़ स्थित एम कोचिंग सेंटर से 10 वीं बोर्ड परीक्षा का तैयारी कर रहे 65 छात्र एवं छात्राओं में अभिनव कुमार 95.6% प्रतिशत लाकर प्रथम टॉपर , नितेश कुमार महतो 91% लाकर द्वितीय टॉपर, और सुमन उरांव ने 86.6% तृतीय टॉपर बने। शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होकर शिक्षण संस्थान परिवार सहित प्रखंड क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सेंटर के डायरेक्टर चूड़ामणि साहु, शिक्षिका कोमल कुमारी, करुणा कुमारी, अलका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्षों से लगातार मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट सत प्रतिशत रहा है। आज प्रखंड क्षेत्र के गरीब मजदूर किसान के बच्चे कोचिंग सेंटर में पढ़ कर सर्वाधिक अंक प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं। चूड़ामणि साहू ने बताया कि सत्र 2026, 27 के लिए कक्षा आठवीं, नवी एवं दसवीं का पढ़ाई शुरू हो गया है। साथ ही जो बच्चे कंप्यूटर का कोर्स करना चाहते हैं तो अभी निशुल्क नामांकन लिया जा रहा हैं। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र के सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील किए हैं कि शिक्षण संस्थान से संपर्क कर नामांकन ले सकते हैं।
- सिसई प्रखंड अंतर्गत कॉलेज रोड़ स्थित एम कोचिंग सेंटर से 10 वीं बोर्ड परीक्षा का तैयारी कर रहे 65 छात्र एवं छात्राओं में अभिनव कुमार 95.6% प्रतिशत लाकर प्रथम टॉपर , नितेश कुमार महतो 91% लाकर द्वितीय टॉपर, और सुमन उरांव ने 86.6% तृतीय टॉपर बने। शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होकर शिक्षण संस्थान परिवार सहित प्रखंड क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सेंटर के डायरेक्टर चूड़ामणि साहु, शिक्षिका कोमल कुमारी, करुणा कुमारी, अलका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्षों से लगातार मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट सत प्रतिशत रहा है। आज प्रखंड क्षेत्र के गरीब मजदूर किसान के बच्चे कोचिंग सेंटर में पढ़ कर सर्वाधिक अंक प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं। चूड़ामणि साहू ने बताया कि सत्र 2026, 27 के लिए कक्षा आठवीं, नवी एवं दसवीं का पढ़ाई शुरू हो गया है। साथ ही जो बच्चे कंप्यूटर का कोर्स करना चाहते हैं तो अभी निशुल्क नामांकन लिया जा रहा हैं। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र के सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील किए हैं कि शिक्षण संस्थान से संपर्क कर नामांकन ले सकते हैं।1
- सिसई (गुमला)। थाना क्षेत्र के बसिया रोड सिसई जिला गुमला निवासी शिवकुमार साहु पिता स्व रामेश्वर साहु ने अपने ससुराल पक्ष के द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन कराये जाने को लेकर उनके विरुद्ध थाना में लिखित रूप से आवेदन देकर शिकायत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवकुमार साहु ने आवेदन में कहा है कि उसका विवाह खूंटी जिला अंतर्गत पिपरा टोली निवासी शालिवाहन महतो की पुत्री खुशबू कुमारी से वर्ष 2015 में हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न कराया गया था और बाद में कोर्ट मैरिज भी कराया गया। युवक का आरोप है कि उसके ससुराल वाले विवाह के पूर्व से ही ईसाई धर्म को मानते आ रहे हैं लेकिन इसकी जानकारी युवक या युवक के परिजनों को नहीं दी गई थी। विवाह के कुछ दिनों बाद युवक को पता तब चला जब युवक को जबरदस्ती बाइबिल देकर पढ़ने का दबाव बनाया गया और तीन दिनों तक चर्च भी लेकर गए। ईसाई धर्म को मानने वालों में युवक का ससुर शालिवाहन महतो, सास अनिता देवी, पत्नी खुशबू कुमारी एवं उसकी बड़ी बहन संध्या कुमारी शामिल हैं। वहीं युवक की पत्नी और उसकी बड़ी बहन ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार में शामिल हैं। युवक का छः सात साल का एक बेटा भी है जिसे चर्च ले जाया जाता है और वहां नाच गान कराया जाता है युवक के साले द्वारा फोन पर आग्रह किया गया की बच्चा को अपने साथ ले जाएं। क्योंकि ये लोग बच्चे को संस्कार विहीन बना देंगे। आपका बच्चा बहुत ही संस्कारी है युवक के सास अनिता देवी द्वारा प्रलोभन भी दिया गया की धर्म परिवर्तन करोगे तो तुम्हारी पत्नी के साथ तुम्हारी भी जॉब लगवा देंगे। और यदि धर्म परिवर्तन नहीं करोगे तो कभी ससुराल नहीं आ पाओगे और ना ही अपने बच्चे से कभी मिल पाओगे। युवक शिवकुमार ने आगे बताया कि 21 अप्रैल 2026 को मेरी पत्नी खुशबू बसिया रोड सिसई स्थित मेरे घर आई और घर में लगे सभी हिन्दू देवी देवताओं के तस्वीर को उतार कर फाड़ दिया वहीं आंगन में स्थित तुलसी पौधा व बजरंग बली के ध्वज को भी उखाड़ कर फेंक दिया है तथा मेरे मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया है उनकी इन हरकतों के वजह से मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा है और तनाव के वजह से बहुत ज्यादा बेचैनी होने लगता है। युवक शिवकुमार साहु ने पुलिस प्रशासन से अपनी पत्नी सहित ससुराल वालों पर उचित कानूनी कार्रवाई करने सहित न्याय की मांग की है। वहीं इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध करते हुए मिशनरियों द्वारा राज्य को ईसाईलैंड बनाने की साजिश बताया है। हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा ने राज्य में चल रहे धर्मांतरण के खेल को लेकर कहा कि कहीं चँगाई के नाम पर तो कहीं शादी का प्रलोभन देकर व डरा धमका कर धर्मांतरण कराया जा रहा है यह मिशनरियों द्वारा राज्य को ईसाईलैंड बनाने का साजिश रचा जा रहा है क्योंकि यहां की सरकार इस मामले पर सख्त रुख नहीं अपना रही है जिसके वजह से इनका मनोबल बढ़ता जा रहा है वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, असम की सरकारें धर्म परिवर्तन और लव जिहाद के खिलाफ बहुत ही सख्त रुख अपना चुकी है जिसके कारण ये लोग बौखला गए हैं ये केवल धर्मांतरण ही नहीं करा रहे हैं बल्कि ये मतांतरण व राष्ट्रतंतारण करा रहे हैं उन्होंने कहा कि इस राज्य के विधायक, मंत्री सभी धर्मांतरित हैं और आदिवासी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। लेकिन अब यह खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा बहुत जल्द डिलिस्टिंग होने जा रहा है इसके बाद से सब खेल बंद हो जायेगा।3
- Post by Ajaytete Good Mañana1
- गुमला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक से प्राप्त सहिया बण्डी का वितरण आज शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर 15 शहरी सहिया बहनों को सहिया बण्डी प्रदान की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. शम्भू नाथ चौधरी ने सहिया बहनों को बण्डी वितरित करते हुए कहा कि यह बण्डी उनकी पहचान को और सुदृढ़ बनाएगी तथा उन्हें अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सहिया बहनों से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। इस दौरान सविता देवी, सुनीता देवी, संध्या देवी, संतोषी देवी, अनुपा बाडा, विनिता तिर्की, संगीता मिंज, अल्पना मिंज, मीणा देवी, जसिन्ता देवी, सय्यदा खातून, सबीना खातून, शिखा कुमारी, संगीता देवी एवं जानकी तिर्की को सहिया बण्डी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनित आनंद, प्रधान लिपिक अशोक लाल, लिपिक सुशील भगत, जिला आशा फैसिलिटेटर रामाकांत, यूसीएफ अंजना साहू, लुसी बैक तथा सहिया साथी हेमंती साहू सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि गुमला जिले को कुल 601 सहिया बण्डी प्राप्त हुई है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी सहिया बण्डी वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें रेफरल अस्पताल बसिया में 67, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भरनो में 13, बिशुनपुर में 45, चैनपुर में 83, डुमरी में 65, घाघरा में 98, पालकोट में 79, रायडीह में 86 तथा सिसई में 50 सहिया बहनों को बण्डी वितरित की गई।1
- 26 बषो का युवा झारखंड में व्रद्व आन्दोलनकारियो /सेनानीयों की बंद चिन्हिकरण आयोग के शिंकजा में चिन्हित का मामला दम तोडता आन्दोलनकारी ......बिरसा मुंडा के सपनों को नेस्तनाबूत कर अबुआ दिसुम अबुआ राज्य, नहीं व्रद्व झारखंड राज्य नही बल्कि दलाल का राज्य बनकर रह गया है; सुर्य सिंह बेसरा3
- Post by Niraj kumar Sahu2
- Post by AAM JANATA1
- रेफरल अस्पताल सिसई परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ललिता कुमारी मिंज और सहिया सहकर्ता लीलन कुमारी, सिलवंती मिंज, के द्वारा संयुक्त रूप से 50 सहिया दीदियों को सहिया बंडी दिया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सईया के कार्य में गुणवत्ता लाने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिनका नाम सहिया ऐप में पंजीकृत है और पूर्व में नहीं दिया गया हैं उन सभी सहिया दीदियों को सहिया बंडी दिया गया।1