बेटी का मनाया बर्थडे, अगले दिन मिली मां की लाश:घटना के वक्त पति गए थे रिश्तेदारों को छोड़ने गांव, बच्ची ने शव देख मचाया शोर गुमला. सदर थाना क्षेत्र के गीडरा महुआटोली गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आयी है, जहां 25 वर्षीय खुशबू देवी ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि मात्र एक दिन पहले ही घर में खुशियों का माहौल था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को ही खुशबू देवी ने अपने पति नंदकेश्वर सिंह के साथ मिलकर अपनी तीन वर्षीय बेटी नंदिनी का जन्मदिन बड़े ही उत्साह के साथ मनाया था. मंगलवार दोपहर को जब खुशबू घर पर अकेली थी, उसने अपनी बेटी को बेडरूम में सुला दिया और खुद किचन में चली गयी . वहां उसने कुर्सी के सहारे ओढ़नी को अल्बेस्टर के हुक (हार्वेस्टर) में फंसाया और फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना के समय खुशबू के पति नंदकेश्वर सिंह अपनी सास (जो जन्मदिन की पार्टी में आई थीं) को छोड़ने के लिये चैनपुर थाना क्षेत्र के गुरु गांव गये हुए थे. जब मासूम नंदिनी की नींद खुली और उसने अपनी मां को इस हालत में देखा, तो उसने शोर मचाना शुरू किया. बच्ची का शोर सुनकर घर के अन्य परिजन और आसपास के लोग पहुंचे, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ. परिजनों ने आनन-फानन में शव को नीचे उतारा और स्थानीय पुलिस को सूचित किया. बुधवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के पति नंदकेश्वर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खुशबू का व्यवहार काफी अजीब हो गया था. उन्होंने बताया कि वह कभी-कभी रात में अचानक घर से बाहर घूमने निकल जाती थी और पूछने पर कहती थी कि उसे खुद पता नहीं चलता कि उसके साथ क्या हो रहा है. फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच में जुट गयी है.
बेटी का मनाया बर्थडे, अगले दिन मिली मां की लाश:घटना के वक्त पति गए थे रिश्तेदारों को छोड़ने गांव, बच्ची ने शव देख मचाया शोर गुमला. सदर थाना क्षेत्र के गीडरा महुआटोली गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आयी है, जहां 25 वर्षीय खुशबू देवी ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि मात्र एक दिन पहले ही घर में खुशियों का माहौल था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को ही खुशबू देवी ने अपने पति नंदकेश्वर सिंह के साथ मिलकर अपनी तीन वर्षीय बेटी नंदिनी का जन्मदिन बड़े ही उत्साह के साथ मनाया था. मंगलवार दोपहर को जब खुशबू घर पर अकेली थी, उसने अपनी बेटी को बेडरूम में सुला दिया और खुद किचन में चली गयी . वहां उसने कुर्सी के सहारे ओढ़नी को अल्बेस्टर के हुक (हार्वेस्टर) में फंसाया और फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना के समय खुशबू के पति नंदकेश्वर सिंह अपनी सास (जो जन्मदिन की पार्टी में आई थीं) को छोड़ने के लिये चैनपुर थाना क्षेत्र के गुरु गांव गये हुए थे. जब मासूम नंदिनी की नींद खुली और उसने अपनी मां को इस हालत में देखा, तो उसने शोर मचाना शुरू किया. बच्ची का शोर सुनकर घर के अन्य परिजन और आसपास के लोग पहुंचे, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ. परिजनों ने आनन-फानन में शव को नीचे उतारा और स्थानीय पुलिस को सूचित किया. बुधवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के पति नंदकेश्वर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खुशबू का व्यवहार काफी अजीब हो गया था. उन्होंने बताया कि वह कभी-कभी रात में अचानक घर से बाहर घूमने निकल जाती थी और पूछने पर कहती थी कि उसे खुद पता नहीं चलता कि उसके साथ क्या हो रहा है. फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच में जुट गयी है.
- रिपोर्टरगुमला, गुमला, झारखंडसदर थाना क्षेत्र के जिगर महुआ टोली ग्राम निवास से 25 वर्षीय खुशबू देवी ने मंगलवार दोपहर 3:00 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ले घटना के एक दिन पूर्व है पति नंदकेश्वर सिंह के साथ खुशबू देवी ने अपनी बेटी 3 वर्षीय नंदिनी का बर्थडे मनाया था घटना के समय खुशबू देवी अपने बेडरूम में अपनी बच्ची को सुला करके किचन में गई और कुर्सी के सहारे ओढ़नी को अल्बेस्टर के हार्वेस्टर में फंसा कर उसी के सहारे लटक कर अपने जीवन लीला समाप्त कर ले घटना के समय बर्थडे पार्टी में आए हुए खुशबू देवी के मन को उसका पति नंदकेश्वर सिंह छोड़ने के लिए चैनपुर थाना क्षेत्र के गुरु गांव गया हुआ था जब बेटी नंदिनी नींद से जागे तो उसी ने हल्ला मचाए और गेट खोला इसके बाद घर के अन्य परिजनों को फांसी की सूचना मिली आनंद-पणन में परिजनों ने खुशबू देवी के शव को उतारा हर पुलिस को सूचना दे हर पोस्टमार्टम के लिए अगले दिन सदर अस्पताल गुमला लेकर आए पति नंदकेश्वर सिंह ने कहा कि कुछ दिनों से पत्नी का व्यवहार अचानक अजीब हो जाता था कभी वह रात में अचानक से घूमने के लिए निकल जाती थी और पूछने पर रहती थी कि पता ही नहीं चलता क्या हो रहा है19 hrs ago
- गुमला सदर थाना क्षेत्र के करौंदी नायक टोली निवासी संजू नायक के 22 वर्षीय पुत्र राकेश नायक के द्वारा रात के करीब 12:00 बजे अपने घर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा खुदकुशी कर ली।सूचना मिलने पर एसआई विनय कुमार महतो ने शव कब्जे में लेकर गुरुवार को सदर अस्पताल गुमला भेज पोस्टमार्टम करा परिजनों को शव सौंप दिया और मामले की छानबीन में जुट गया है वहीं मौके पर मृतक के परिजन रोशन नायक ने बताया है की एक शादी समारोह में नेतरहाट गया था जंहा एक युवती से उसकी कुछ वर्ष पूर्व दोस्ती हुई थी जो प्रेम में बदल गया। इसके बाद दोनों आपस में फोन में वार्तालाप करते थे घर वाले राजी थे लेकिन कल युवती से फोन पर बात करने के बाद दोनो के बीच अनबन हुई और इसी बीच फांसी लगा खुदकुशी का लिया1
- गुमला थाना क्षेत्र के गिन्ड़रा महुआटोली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 25 वर्षीय खुशबू देवी (पति नंदकिशोर सिंह) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले घर में उनकी बेटी का जन्मदिन मनाया गया था और घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। बीती शाम महिला ने मेहमानों के वापस लौटने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में सिर्फ खुशबू देवी, उनकी 3 साल की बेटी मौजूद थीं। वहीं पति अपने सास-ससुर को छोड़ने चैनपुर के उरू गांव गए हुए थे। बेटी को सुलाने के बाद मां ने यह कदम उठाया। परिजनों के अनुसार पिछले काफी समय से खुशबू के व्यवहार में का परिवर्तन आया था और वह शाम में भी अकेले बाहर निकाल कर घूमते रहती थी, फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा।2
- Post by Pawan arya1
- सिसई(गुमला)। सिसई प्रखण्ड अंतर्गत,ग्राम पंचायत भदौली में मण्डा पूजा के शुभावसर पर "छऊ नृत्य" व "नागपुरी सांस्कृतिक" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। राधेश्याम सिंह,अर्ख़ितानंद देवघरिया,अरुण किशोर सिंह,अजय कुमार सिंह ,राहुल सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। भदौली निवासी राधेश्याम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम भदौली में मण्डा पूजा सन् 1957 से पूर्वजों द्वारा किया जा रहा है। जिसे आज की पीढ़ी पूर्वजों के विरासत को आगे लेकर चल रही है और प्रत्येक वर्ष काफी धूमधाम से मनाया जाता है। श्रद्धालुओं एवं भक्तों की काफी भीड़ रहती है। लोग दूर दूर से मण्डा पूजा देखने आते हैं। पुरी आस्था और भक्ति के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान को पाहान पूजारों द्वारा संपन्न कराया जाता है वहीं इस आयोजन में लोटनसेवा, धुंवासी के साथ रात्रि में फुलखुन्दी आग में चलने का रस्म किया जाता है, जिसमें भोक्ता और सोक्ताईन अपनी मनोकामनाओं को लेकर नंगे पांव आग के अंगारों में चलते हुए रस्म को पुरा करते हैं। इसबार फुलखुंदी के पश्चात रात्रि में छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। जिसमें बंगाल से आये हुए छऊ नृत्य मंडली द्वारा छऊ नृत्य के माध्यम से रामायण के प्रसंग को अपने मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया गया जिसे देखकर दर्शकगण भावविभोर हो उठे। वहीं अगले दिन मंगलवार की संध्या में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में सत्या म्युजिकल ग्रुप के कलाकार कवि किशन,सूरज कुमार,बसीर अंसारी,दिव्या कुमारी,प्रीति बारला,रेशमा कुमारी एवं सपना कुमारी द्वारा एक से बढ़कर एक आधुनिक नागपुरी व भोजपुरी गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी गई जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर झूमने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक भजनों से हुई। इसके बाद भोजपुरी व नागपुरी गीत संगीत और नृत्य का दौर देर रात तक चलता रहा जिसका दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं पुरुषों की काफी भीड़ जुटि हुई थी। इसी के साथ तीन दिनों तक चलने वाले भक्ति और आस्था से जुड़ी धार्मिक आयोजन "मंडा पूजा" का समापन किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में भदौली मंडा पूजा समिति के अध्यक्ष राहुल सिंह,सचिव विक्रम ताम्रकर, उपाध्यक्ष शुभम सिंह,अरुण सिंह,नंदकिशोर सिंह,अजय सिंह,रामानंद सिंह,विकास पंडा,राजेश उराँव,सुरेन्द्र जायसवाल, करण सिंह,राजन गोप,गोपाल सिंह,गौतम ताम्रकर,सहित सभी कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा।4
- चैनपुर अनुमंडल में बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर एक अहम बदलाव देखने को मिला, जब आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने सातवीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया। झारखंड में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत पूर्व एसडीपीओ ललित मीणा का तबादला किया गया, जिसके बाद श्रुति अग्रवाल ने चैनपुर की कमान संभाली।1
- विद्यालय में प्रयोगशाला कक्ष का दरवाजा तोड़ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का अज्ञात चोरों ने किया चोरी1
- गुमला: डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (PVTG) गांव लिटीयाचूआ (43 PVTG परिवार) एवं गनीदारा (32 PVTG परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा। *गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक* शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। *कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर* इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। *स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच* उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें। डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा। *शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा* क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। *विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता* प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।6
- गुमला ब्रेकिंग... मॉडल स्कूल गुमला के तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार की दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक को जाम कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। पूर्व में प्रिंसिपल को मिलाकर कुल 5 शिक्षक थे। इसके बाद एक शिक्षक हटा दिए गए। वर्तमान में पुनः अंग्रेजी विषय के शिक्षक को हटाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर आज हम सड़क पर उतरे हैं। करीब 200 छात्र-छात्राएं कक्षा 6 से 10वीं की पढ़ाई करते हैं लेकिन मात्र चार शिक्षक है। ऐसे में एक और शिक्षक को हटा दिया जाएगा, तो बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। सूचना पर जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल, थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्र छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भरोसा रखिए, जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले पर बातचीत करेगी। इतनी धूप में सड़क पर रहना सेहत के लिए नुकसानदेह है। प्रशासनिक अधिकारियों के बात मानकर छात्र-छात्राएं वापस स्कूल लौट गए बाइट, ऋषि विश्वकर्मा, पूर्ववर्ती छात्र, मॉडल स्कूल, गुमला।1