हापुड़ में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई, जिसने मामूली कहासुनी को रणभूमि में बदल दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से बेल्ट, लात और घूंसों का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक सड़क पर यह मारपीट चलती रही, जिसने राहगीरों में दहशत फैला दी। इस हिंसक झड़प में करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। यह पूरी घटना, जो एक मामूली विवाद से शुरू होकर खुलेआम शक्ति प्रदर्शन में बदल गई, का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें तलाश करने में जुटी है, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
हापुड़ में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई, जिसने मामूली कहासुनी को रणभूमि में बदल दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से बेल्ट, लात और घूंसों का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक सड़क पर यह मारपीट चलती रही, जिसने राहगीरों में दहशत फैला दी। इस हिंसक झड़प में करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। यह पूरी घटना, जो एक मामूली विवाद से शुरू होकर खुलेआम शक्ति प्रदर्शन में बदल गई, का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें तलाश करने में जुटी है, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
- इटावा में हिंदी पत्रकारिता दिवस की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रविवार को संयुक्त प्रेस क्लब इटावा ने एक भव्य पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर जनपद के अस्सी से अधिक वरिष्ठ और नवोदित पत्रकारों को दुर्घटना बीमा पॉलिसी और पहचान पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया, जो आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक सदर श्रीमती सरिता भदौरिया ने पत्रकारों के अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी के समय से ही पत्रकारों ने इस देश और समाज की भलाई के लिए बहुत कुछ सहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची पत्रकारिता वही है जो सही को सही और गलत को गलत लिखे, लेकिन साथ ही यह चिंता व्यक्त की कि सच लिखने वाले पत्रकार को कई बार इसकी सज़ा मिलती है। इसलिए, उन्होंने सच्चे पत्रकारों को सम्मान और संरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, और कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान करके वे स्वयं को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। विशिष्ट अतिथि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने पत्रकार और अधिवक्ता के परस्पर अभिन्न संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि ये दोनों ही पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, और इनके बिना अन्याय तथा उत्पीड़न के खिलाफ कोई भी लड़ाई संभव नहीं। वरिष्ठ पत्रकार गणेश ज्ञानार्थी ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और पत्रकारिता को लोकतंत्र की आत्मा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चे पत्रकार हमेशा सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस समारोह में नरेश भदौरिया, करुणाशंकर दुबे, स्वामीशरण श्रीवास्तव, खादिम अब्बास, गणेश ज्ञानार्थी, महेंद्र सिंह चौहान, महाराज सिंह भदौरिया, धर्मलाल चतुर्वेदी, रणवीर सिंह भदौरिया, त्रिलोकी सिंह चौहान, गौरव डुडेजा, संतोष पाठक सहित अस्सी से अधिक अन्य पत्रकारों को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह, दुर्घटना बीमा पॉलिसी और संगठन का पहचान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, समाजसेवा के लिए समर्पित शहर की विशिष्ट शख्सियतों में सभासद श्रीमती पूनम पाण्डेय, गुरुद्वारा कमेटी एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष तरनपाल सिंह कालरा, सैफई मेडिकल कॉलेज के सीनियर सर्जन डॉ. अनिल शर्मा और पत्रकारों की बीमा पॉलिसी के लिए विशेष सहयोग करने वाली बेटी भव्या भसीन को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त प्रेस क्लब इटावा के अध्यक्ष राजेंद्र भसीन ने अपने जीवन के ध्येय को दोहराते हुए कहा कि वे दूसरों की सेवा के लिए जितना अधिक से अधिक कर सकते हैं, उसी रास्ते पर चलते आए हैं, और आगे भी पत्रकार हित में अपना सारा जीवन लगा देंगे। उन्होंने इस अवसर पर एक सुंदर भजन भी गाया और सभी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन के महामंत्री सुधीर मिश्र ने कार्यक्रम का संचालन किया, जिसमें भरथना, बकेवर, लखना, जसवंत नगर, इकदिल, महेवा, बसरेहर, उदी आदि पूरे जनपद से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। संगठन के संरक्षक राजेंद्र यादव, अनुराग गुप्ता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अध्यक्ष अन्नू चौरसिया, उपाध्यक्ष ओम रतन कश्यप, मसूद तैमूरी, संगठन मंत्री रघुवीर यादव, कमल मिश्रा, प्रचार मंत्री नितेश प्रताप सिंह, संजीव शर्मा, मुनव्वर अली अर्शी, शाकिर अली, डॉ. सुशील सम्राट, डॉ. हरी शंकर पटेल, वहाज अली खान निहाल, मो.फारिक, कुलदीप सिंह, विपिन भदौरिया, सतनाम सिंह, दामोदर पाठक, संजीव राजपूत, वत्सला मिश्रा, भगवान दास शर्मा प्रशांत और मोहम्मद इदरीस सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया।4
- इटावा पुलिस ने कथित अपहरण और नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने की एक घटना का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी पाया है। पुलिस जांच में सामने आया कि एक महिला ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के इरादे से यह साजिश रची थी। यह मामला तब सामने आया जब 27 मई 2026 को सरिता पत्नी राजेश कुमार ने थाना लवेदी क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे एक वाहन में बैठाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया और बेहोशी की हालत में एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना लवेदी पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों का गहनता से अध्ययन किया गया, जिसमें आरोपित व्यक्तियों की घटनास्थल पर कोई मौजूदगी नहीं पाई गई। साथ ही, यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता और शिकायत में नामजद किए गए लोगों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। विवेचना में सरिता और अमरपाल यादव की भूमिका स्पष्ट हुई। इन दोनों ने मिलकर एक झूठी कहानी तैयार की थी और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। पुलिस ने अब अमरपाल यादव और सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 231, 61(2) और 319(2) के तहत की जा रही है।2
- चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक समर्पित प्रशंसक ने टीम और उसके प्रमुख खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी (@mahi7781) के प्रति अपना गहरा और अटूट समर्थन व्यक्त किया है। प्रशंसक ने चेन्नई सुपर किंग्स की सेना (@cskarmy_07) और टीम के आधिकारिक हैंडल (@chennaiipl) को टैग करते हुए 'हमेशा CSK' के नारे के साथ अपनी वफादारी दोहराई। यह पोस्ट 'CSK फॉरएवर' के संदेश को पुष्ट करती है और IPL 2026 तक के लिए भी टीम के प्रति उत्साह प्रदर्शित करती है।1
- इटावा जनपद के निवासियों की समस्याओं को लेकर 1 जून को नगर पालिका इटावा का घेराव किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी समाजसेवी विकास रावत ने दी।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति ने एकतरफा प्यार में पागल होकर अपने डेढ़ वर्षीय मासूम रिश्तेदार की बेरहमी से पटक-पटक कर हत्या कर दी। इस पूरी घटना की जानकारी बच्चे की माँ की जुबानी सामने आई है, जिसमें उसने इस क्रूर वारदात का विवरण दिया है।1
- जसवंत नगर में पाल, बघेल और धनगर समाज द्वारा पुण्य श्लोका लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती बड़े श्रद्धाभाव से मनाई गई। कोठी केस्त के सामने स्थित एक मैरिज होम में आयोजित इस समारोह में वक्ताओं ने महारानी अहिल्याबाई होलकर के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने अपने संबोधन में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समाज सेवा, धर्म और न्याय के क्षेत्र में उनके प्रेरणादाई कार्य आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। संध्या रानी बघेल ने अहिल्याबाई को एक वास्तविक आदर्श भारतीय नारी बताया, जिन्होंने जीवन में कभी परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और एक कुशल योद्धा की तरह सफलतापूर्वक शासन करते हुए हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। विशिष्ट अतिथि निधि पाल एडवोकेट ने राजमाता की न्यायप्रियता, धर्मपरायणता और परोपकार की भावना को समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने समाज के लोगों से अपने घरों में राजमाता अहिल्याबाई होलकर का चित्र लगाने और बच्चों को उनके जीवनकाल के कार्यों का इतिहास बताने का आग्रह किया। निधि पाल ने यह भी उल्लेख किया कि अहिल्याबाई अनन्य शिव भक्त थीं और उन्होंने अपने जीवन काल में कई ज्योतिर्लिंगों का पुनरुद्धार कराया था। इस अवसर पर राकेश पाल, वीरेंद्र सिंह बघेल और राधेश्याम धनगर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। अंत में, समाज के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानाचार्य दाऊ दयाल धनगर ने समाज के लोगों से एकजुटता बनाए रखने और लोकमाता के आदर्शों का पालन करने का संदेश देते हुए, समारोह में भाग लेने के लिए सभी का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में संरक्षक रामकृष्ण पाल, हरदयाल सिंह पाल, पूर्व प्रधान रामशरण धनगर, पूर्व प्रधान रामकुमार धनगर, पूर्व प्रधान शामले सिंह, अंकित पाल, मनीष धनगर एडवोकेट, गौरव धनगर एडवोकेट, वीरेंद्र सिंह डीलर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।1
- हापुड़ में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई, जिसने मामूली कहासुनी को रणभूमि में बदल दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से बेल्ट, लात और घूंसों का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक सड़क पर यह मारपीट चलती रही, जिसने राहगीरों में दहशत फैला दी। इस हिंसक झड़प में करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। यह पूरी घटना, जो एक मामूली विवाद से शुरू होकर खुलेआम शक्ति प्रदर्शन में बदल गई, का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें तलाश करने में जुटी है, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।1