logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हुत दिवस के अवसर पर फतेहपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का भव्य स्वागत किया गया।

9 hrs ago
user_PRESS R K PRESS R K
PRESS R K PRESS R K
पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
9 hrs ago

हुत दिवस के अवसर पर फतेहपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का भव्य स्वागत किया गया।

More news from Jamtara and nearby areas
  • हेट करमाटांड़ गाँव में वार्षिक काली पूजा का भव्य आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र श्रद्धा और भक्ति के माहौल से गूँज उठा।
    1
    हेट करमाटांड़ गाँव में वार्षिक काली पूजा का भव्य आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र श्रद्धा और भक्ति के माहौल से गूँज उठा।
    user_PRESS R K PRESS R K
    PRESS R K PRESS R K
    पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
    4 hrs ago
  • एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से लोगों को 'जलपरी' देखने का निमंत्रण दिया गया है। इस पोस्ट में उत्सुकता से पूछा गया है कि कौन-कौन जलपरी को देखना चाहता है, और उन सभी से जल्द से जल्द आने तथा 'घूमने-फिरने' की अपील की गई है।
    1
    एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से लोगों को 'जलपरी' देखने का निमंत्रण दिया गया है। इस पोस्ट में उत्सुकता से पूछा गया है कि कौन-कौन जलपरी को देखना चाहता है, और उन सभी से जल्द से जल्द आने तथा 'घूमने-फिरने' की अपील की गई है।
    user_Firoj ansari
    Firoj ansari
    करोन, देवघर, झारखंड•
    16 hrs ago
  • देवघर जिले के मारगोमुंडा प्रखंड अंतर्गत सलमंद्रा और बलवा गांव में मंगलवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ हूल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री हफीजुल हसन ने सलमंद्रा गांव स्थित सिद्धो-कान्हू चौक और बलवा गांव स्थित सिद्धो-कान्हू चौक पहुंचकर हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने वीर सिद्धो-कान्हू, चांद, भेरव, फूलो और झानो को याद करते हुए उन्हें नमन किया। मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वीर शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और हूल दिवस हमें अन्याय तथा शोषण के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है। इस मौके पर प्रखंड अध्यक्ष सोहन मुर्मू, दिनेश्वर किस्कू, मुर्शीद अली, मुखिया अनीता सोरेन, सुधीर मंडल, डुग्गू टुडू, सुशील हेंब्रम, छोटू किस्कू, मो शमीम, जगदीश हांसदा, लाबाराम हेंब्रम, बिहुलाल हांसदा, रामलाल मरांडी, छोटेलाल टुडू, कृष्णा हेंब्रम, नदीम आलम, जयनारायण मंडल, खुर्शीद अंसारी, विनोद मंडल, विजय सोरेन, बोगन टुडू, श्यामलाल हेंब्रम और पति राम किस्कू सहित कई झामुमो कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।
    1
    देवघर जिले के मारगोमुंडा प्रखंड अंतर्गत सलमंद्रा और बलवा गांव में मंगलवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ हूल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मंत्री हफीजुल हसन ने सलमंद्रा गांव स्थित सिद्धो-कान्हू चौक और बलवा गांव स्थित सिद्धो-कान्हू चौक पहुंचकर हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने वीर सिद्धो-कान्हू, चांद, भेरव, फूलो और झानो को याद करते हुए उन्हें नमन किया। मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वीर शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और हूल दिवस हमें अन्याय तथा शोषण के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है।

इस मौके पर प्रखंड अध्यक्ष सोहन मुर्मू, दिनेश्वर किस्कू, मुर्शीद अली, मुखिया अनीता सोरेन, सुधीर मंडल, डुग्गू टुडू, सुशील हेंब्रम, छोटू किस्कू, मो शमीम, जगदीश हांसदा, लाबाराम हेंब्रम, बिहुलाल हांसदा, रामलाल मरांडी, छोटेलाल टुडू, कृष्णा हेंब्रम, नदीम आलम, जयनारायण मंडल, खुर्शीद अंसारी, विनोद मंडल, विजय सोरेन, बोगन टुडू, श्यामलाल हेंब्रम और पति राम किस्कू सहित कई झामुमो कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Minhaj Akhtar
    Minhaj Akhtar
    Journalist Margo Munda, Deoghar•
    22 min ago
  • जामताड़ा के मिहिजाम स्थित कुर्मीपाड़ा में मंगलवार को अमर शहीद डीएसपी प्रमोद कुमार की 18वीं पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके पैतृक आवास पर परिवारजनों और गणमान्य लोगों ने पूजा-अर्चना कर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, डाकबंगला स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर भी स्थानीय लोगों ने शहीद को नमन किया। प्रमोद कुमार झारखंड पुलिस सेवा के एक जांबाज अधिकारी थे, जो वर्ष 2008 में रांची जिले के बुंडू अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर तैनात थे। 30 जून 2008 को हूल दिवस के दिन, एक लूटकांड की जांच के दौरान, जंगल के रास्ते से गुजरते समय नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग के विस्फोट का शिकार उनकी सरकारी गाड़ी हो गई थी। इस भीषण हमले में डीएसपी प्रमोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस पुण्यतिथि के अवसर पर शहीद की भाभी मंजू देवी ने भावुक होकर कहा कि प्रमोद कुमार की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि परिवार आज भी उन्हें याद करके भावुक हो जाता है, लेकिन इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश और राज्य की सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
    1
    जामताड़ा के मिहिजाम स्थित कुर्मीपाड़ा में मंगलवार को अमर शहीद डीएसपी प्रमोद कुमार की 18वीं पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके पैतृक आवास पर परिवारजनों और गणमान्य लोगों ने पूजा-अर्चना कर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, डाकबंगला स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर भी स्थानीय लोगों ने शहीद को नमन किया।

प्रमोद कुमार झारखंड पुलिस सेवा के एक जांबाज अधिकारी थे, जो वर्ष 2008 में रांची जिले के बुंडू अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर तैनात थे। 30 जून 2008 को हूल दिवस के दिन, एक लूटकांड की जांच के दौरान, जंगल के रास्ते से गुजरते समय नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग के विस्फोट का शिकार उनकी सरकारी गाड़ी हो गई थी। इस भीषण हमले में डीएसपी प्रमोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे।

इस पुण्यतिथि के अवसर पर शहीद की भाभी मंजू देवी ने भावुक होकर कहा कि प्रमोद कुमार की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि परिवार आज भी उन्हें याद करके भावुक हो जाता है, लेकिन इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश और राज्य की सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
    user_यूके जामताड़ा लाइव
    यूके जामताड़ा लाइव
    जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • निरसा में, जिला परिषद सदस्य संजय सिंह पिंटू ने घुरजोड़ा गांव में वीर सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 30 जून 1855 को झारखंड की धरती से सिदो-कान्हू और उनके साथियों द्वारा ब्रिटिश हुकूमत तथा शोषक जमींदारों के खिलाफ शुरू किया गया यह संघर्ष आज भी अत्यधिक प्रासंगिक है। पिंटू ने बताया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हूल आंदोलन का मूल आधार था। वर्तमान समय में जब वन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन तथा विस्थापन का संकट गहरा रहा है, हूल दिवस हमें जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि यह विद्रोह केवल अंग्रेजों के खिलाफ ही नहीं था, बल्कि उस व्यवस्था के विरुद्ध भी था जहां महाजन, साहूकार और भ्रष्ट जमींदार आदिवासियों का आर्थिक शोषण कर रहे थे, और यह आज भी शोषितों, वंचितों व आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान अधिकार दिलाने की आवश्यकता को याद दिलाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस क्रांति के परिणामस्वरूप आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण कानून बने। हूल दिवस हमें ऐसे संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें मजबूत करने के लिए सचेत करता है। इस क्रांति का मुख्य संदेश 'करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो' था, और यह दिन आदिवासियों को अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा और ऐतिहासिक पहचान पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है। यह इतिहास का वह अध्याय है जो सिखाता है कि जब अधिकार छीने जाएं, तो एकजुट होकर संघर्ष ही समाधान है, और यह अन्याय तथा दमन के सामने झुकने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से या अपनी रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का हौसला देता है। इससे पूर्व, आदिवासी समाज के लोगों ने माझी थान में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा के साथ सिद्धू-कान्हू के प्रतिमा स्थल पाल पहुंचे और पूरे आदिवासी रीति-रिवाज के साथ प्रतिमा का अनावरण किया।
    8
    निरसा में, जिला परिषद सदस्य संजय सिंह पिंटू ने घुरजोड़ा गांव में वीर सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 30 जून 1855 को झारखंड की धरती से सिदो-कान्हू और उनके साथियों द्वारा ब्रिटिश हुकूमत तथा शोषक जमींदारों के खिलाफ शुरू किया गया यह संघर्ष आज भी अत्यधिक प्रासंगिक है।

पिंटू ने बताया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा हूल आंदोलन का मूल आधार था। वर्तमान समय में जब वन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन तथा विस्थापन का संकट गहरा रहा है, हूल दिवस हमें जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि यह विद्रोह केवल अंग्रेजों के खिलाफ ही नहीं था, बल्कि उस व्यवस्था के विरुद्ध भी था जहां महाजन, साहूकार और भ्रष्ट जमींदार आदिवासियों का आर्थिक शोषण कर रहे थे, और यह आज भी शोषितों, वंचितों व आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान अधिकार दिलाने की आवश्यकता को याद दिलाता है।

उन्होंने उल्लेख किया कि इस क्रांति के परिणामस्वरूप आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण कानून बने। हूल दिवस हमें ऐसे संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें मजबूत करने के लिए सचेत करता है। इस क्रांति का मुख्य संदेश 'करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो' था, और यह दिन आदिवासियों को अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा और ऐतिहासिक पहचान पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है। यह इतिहास का वह अध्याय है जो सिखाता है कि जब अधिकार छीने जाएं, तो एकजुट होकर संघर्ष ही समाधान है, और यह अन्याय तथा दमन के सामने झुकने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से या अपनी रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का हौसला देता है।

इससे पूर्व, आदिवासी समाज के लोगों ने माझी थान में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा के साथ सिद्धू-कान्हू के प्रतिमा स्थल पाल पहुंचे और पूरे आदिवासी रीति-रिवाज के साथ प्रतिमा का अनावरण किया।
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    2 hrs ago
  • निरसा में कथित देह व्यापार के एक बड़े खुलासे के बाद एक लॉज में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। इस घटना के दौरान कथित तौर पर दो जोड़े मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    1
    निरसा में कथित देह व्यापार के एक बड़े खुलासे के बाद एक लॉज में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। इस घटना के दौरान कथित तौर पर दो जोड़े मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    user_मो० फारुख (पत्रकार)
    मो० फारुख (पत्रकार)
    Newspaper publisher गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड•
    11 hrs ago
  • धनबाद जिले के निरसा में स्थित एक पीजी लॉज में देह व्यापार का गोरखधंधा उजागर हुआ है। निरसा पुलिस ने इस पीजी लॉज में चल रहे अवैध व्यापार का खुलासा किया है, जिसके बाद पीजी लॉज का मालिक इकबाल अहमद फरार हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस पीजी लॉज में पिछले छह महीने से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस ने पीजी लॉज को सील कर दिया है।
    1
    धनबाद जिले के निरसा में स्थित एक पीजी लॉज में देह व्यापार का गोरखधंधा उजागर हुआ है। निरसा पुलिस ने इस पीजी लॉज में चल रहे अवैध व्यापार का खुलासा किया है, जिसके बाद पीजी लॉज का मालिक इकबाल अहमद फरार हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस पीजी लॉज में पिछले छह महीने से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस ने पीजी लॉज को सील कर दिया है।
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Photographer निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    12 hrs ago
  • हुत दिवस के अवसर पर फतेहपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का भव्य स्वागत किया गया।
    1
    हुत दिवस के अवसर पर फतेहपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का भव्य स्वागत किया गया।
    user_PRESS R K PRESS R K
    PRESS R K PRESS R K
    पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.