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मधेपुरा से दिल दहला देने बाली घटना ग्रामीण मे सन सनी फेला दिए ऐक बाबा ने नाबालिक बचे को लेकर

11 hrs ago
user_Pintu Bihari
Pintu Bihari
Farmer Madhepura, Bihar•
11 hrs ago

मधेपुरा से दिल दहला देने बाली घटना ग्रामीण मे सन सनी फेला दिए ऐक बाबा ने नाबालिक बचे को लेकर

  • user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार
    👏
    2 hrs ago
More news from Bihar and nearby areas
  • अगर आपके घर मे बच्चा हे तो हो जाए सावधान नही रोते रह जायेगे चोर चोरी करके फरार हो जायेगा
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    अगर आपके घर मे बच्चा हे तो हो जाए सावधान नही रोते रह जायेगे चोर चोरी करके फरार हो जायेगा
    user_Pintu Bihari
    Pintu Bihari
    Farmer Madhepura, Bihar•
    11 hrs ago
  • मधेपुरा जिले का प्रसिद्ध सिंहेश्वर नाथ मंदिर इन दिनों दुल्हन की तरह सजा हुआ है। महाशिवरात्रि (15 फरवरी) के बाद लगभग एक महीने तक चलने वाला भव्य मेला कल से शुरू हो रहा है। “बिहार का देवघर” कहे जाने वाले इस पवित्र स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आ रहा है। मेले को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सिविल ड्रेस में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक रूट चार्ट तैयार किया गया है। बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। मधेपुरा प्रशासन के साथ श्रृंगी ऋषि फाउंडेशन भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा है। दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी को असुविधा न हो, इसके लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ झूले, दुकानें और विभिन्न स्टॉल लोगों को आकर्षित करेंगे। बच्चों और परिवारों के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। सिंहेश्वर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजकुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। श्रद्धा और उत्साह के माहौल में सिंघेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला एक बार फिर भक्ति और आस्था का केंद्र बनने जा रहा है।
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    मधेपुरा जिले का प्रसिद्ध सिंहेश्वर नाथ मंदिर इन दिनों दुल्हन की तरह सजा हुआ है। महाशिवरात्रि (15 फरवरी) के बाद लगभग एक महीने तक चलने वाला भव्य मेला कल से शुरू हो रहा है। “बिहार का देवघर” कहे जाने वाले इस पवित्र स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आ रहा है।
मेले को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सिविल ड्रेस में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक रूट चार्ट तैयार किया गया है। बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।
मधेपुरा प्रशासन के साथ श्रृंगी ऋषि फाउंडेशन भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा है। दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी को असुविधा न हो, इसके लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ झूले, दुकानें और विभिन्न स्टॉल लोगों को आकर्षित करेंगे। बच्चों और परिवारों के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं।
सिंहेश्वर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजकुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। श्रद्धा और उत्साह के माहौल में सिंघेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला एक बार फिर भक्ति और आस्था का केंद्र बनने जा रहा है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    12 hrs ago
  • बैजनाथ पुर चौक के मधेपुरा रोड में महाशिवरात्रि को लेकर सज गई है फल की दुकानें ग्राहक का है इंतजार
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    बैजनाथ पुर चौक के मधेपुरा रोड में महाशिवरात्रि को लेकर सज गई है फल की दुकानें ग्राहक का है इंतजार
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    19 min ago
  • ✍️ जन-संवाददाता प्रतिनिधि📍बिहार सरकार ने ‘सात निश्चय–3’ के तहत “सबका सम्मान–जीवन आसान” का वादा किया। स्पष्ट निर्देश दिए गए— हर सोमवार और शुक्रवार पदाधिकारी कार्यालय में बैठकर शिकायत सुनेंगे; अनुपस्थिति में सक्षम अधिकारी अधिकृत होंगे; तथा शिकायत पंजी में प्रविष्टि अनिवार्य होगी। लेकिन सहरसा अनुमंडल के सौर बाजार प्रखंड स्थित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कार्यालय की घटनाएँ इन दावों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं । जनसुनवाई या जन-निराशा ? निर्धारित जनसुनवाई दिवस 02 फरवरी (सोमवार) और 13 फरवरी (शुक्रवार) पर सुबह 11 बजे से जन-संवाददाता टीम अपने-अपने वार्ड की समस्याएँ लेकर कार्यालय पहुँची। आरोप है कि निर्धारित समय पर कोई औपचारिक जनसुनवाई नहीं हुई। दोनों तिथि को जेएसडी निर्धारित समय दिन के 1 बजे एडवोकेट ऑफ जेएसडी काउंसिल के निदेशक सह प्रवक्ता डॉ. सुमंत राव कार्यालय पहुँचे। 02 फरवरी को कार्यक्रम पदाधिकारी के समक्ष मौखिक रूप से शिकायतें रखी गईं, परंतु न तो शिकायत पंजी में प्रविष्टि की गई और न ही कोई औपचारिक संज्ञान लिया गया। तत्पश्चात अधिकारी फील्ड भ्रमण पर चले गए अनुपस्थिति में किसी अधिकृत अधिकारी की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं थी। 13 फरवरी 26 को कार्यक्रम पदाधिकारी का कार्यालय बंद था। न ही कोई अधिकृत अधिकारी थे, न ही शिकायत पंजी उपलब्ध था। परिणाम— शिकायतकर्ता दोनों तिथि को बिना सुनवाई लौटने को मजबूर हुए। सरकारी आदेश कहता है— अनुपस्थिति में अधिकारी अधिकृत होगा। जमीनी स्थिति कहती है— शिकायत दर्ज करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। क्या यही है “Ease of Living”? 02 फरवरी को शिकायत करने पर दो दिन बाद— कांड संख्या 39/26 दिनांक  04 फरवरी दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इसे शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया जा रहा है। 13 फरवरी के जियो टैग वीडियो साक्ष्य पर करवाई का इंतजार रहेगा ? सवाल उठता है—क्या भ्रष्टाचार की शिकायत का परिणाम मुकदमा होना चाहिए ? क्या जनसुनवाई दिवस पर अनुपस्थिति प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन नहीं ? शिकायत पंजी में प्रविष्टि क्यों नहीं की गई ? “सबका सम्मान” का लाभ शिकायतकर्ता को क्यों नहीं मिला ? ⚖️ अब निगाहें प्रशासन पर यदि “सबका सम्मान–जीवन आसान” केवल कागज़ी आदेश नहीं है, तो इस प्रकरण में जनसुनवाई प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच तथा प्राथमिकी की स्वतंत्र पड़ताल आवश्यक प्रतीत होती है। यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विश्वसनीयता का है, जो सम्मान और पारदर्शिता का दावा करती है।
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    ✍️ जन-संवाददाता प्रतिनिधि📍बिहार सरकार ने ‘सात निश्चय–3’ के तहत “सबका सम्मान–जीवन आसान” का वादा किया। स्पष्ट निर्देश दिए गए— हर सोमवार और शुक्रवार पदाधिकारी कार्यालय में बैठकर शिकायत सुनेंगे; अनुपस्थिति में सक्षम अधिकारी अधिकृत होंगे; तथा शिकायत पंजी में प्रविष्टि अनिवार्य होगी। लेकिन सहरसा अनुमंडल के सौर बाजार प्रखंड स्थित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कार्यालय की घटनाएँ इन दावों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं ।
जनसुनवाई या जन-निराशा ? निर्धारित जनसुनवाई दिवस 02 फरवरी (सोमवार) और 13 फरवरी (शुक्रवार) पर सुबह 11 बजे से जन-संवाददाता टीम अपने-अपने वार्ड की समस्याएँ लेकर कार्यालय पहुँची। आरोप है कि निर्धारित समय पर कोई औपचारिक जनसुनवाई नहीं हुई। दोनों तिथि को जेएसडी निर्धारित समय दिन के 1 बजे एडवोकेट ऑफ जेएसडी काउंसिल के निदेशक सह प्रवक्ता डॉ. सुमंत राव कार्यालय पहुँचे। 02 फरवरी को कार्यक्रम पदाधिकारी के समक्ष मौखिक रूप से शिकायतें रखी गईं, परंतु न तो शिकायत पंजी में प्रविष्टि की गई और न ही कोई औपचारिक संज्ञान लिया गया। तत्पश्चात अधिकारी फील्ड भ्रमण पर चले गए अनुपस्थिति में किसी अधिकृत अधिकारी की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं थी। 13 फरवरी 26 को कार्यक्रम पदाधिकारी का कार्यालय बंद था। न ही कोई अधिकृत अधिकारी थे, न ही शिकायत पंजी उपलब्ध था। परिणाम— शिकायतकर्ता दोनों तिथि को बिना सुनवाई लौटने को मजबूर हुए।
सरकारी आदेश कहता है— अनुपस्थिति में अधिकारी अधिकृत होगा।
जमीनी स्थिति कहती है— शिकायत दर्ज करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी।
क्या यही है “Ease of Living”?
02 फरवरी को शिकायत करने पर दो दिन बाद— कांड संख्या 39/26 दिनांक  04 फरवरी दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इसे शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया जा रहा है। 13 फरवरी के जियो टैग वीडियो साक्ष्य पर करवाई का इंतजार रहेगा ?
सवाल उठता है—क्या भ्रष्टाचार की शिकायत का परिणाम मुकदमा होना चाहिए ?
क्या जनसुनवाई दिवस पर अनुपस्थिति प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन नहीं ?
शिकायत पंजी में प्रविष्टि क्यों नहीं की गई ?
“सबका सम्मान” का लाभ शिकायतकर्ता को क्यों नहीं मिला ?
⚖️ अब निगाहें प्रशासन पर यदि “सबका सम्मान–जीवन आसान” केवल कागज़ी आदेश नहीं है, तो इस प्रकरण में जनसुनवाई प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच तथा प्राथमिकी की स्वतंत्र पड़ताल आवश्यक प्रतीत होती है। यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विश्वसनीयता का है, जो सम्मान और पारदर्शिता का दावा करती है।
    user_जन:संवाददाता®जsd
    जन:संवाददाता®जsd
    शिक्षा-स्वास्थ्य-कानून जनसरोकार शोध कथा Saur Bazar, Saharsa•
    23 hrs ago
  • Post by Punita devi
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    Post by Punita devi
    user_Punita devi
    Punita devi
    Artist सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    23 hrs ago
  • पूरे बिहार घूम के देखिए क्या-क्या है देखने लायक आप लोग आए हैं तो एक बार बिहार जरूर घूम लीजिए मुख्यमंत्री मंच से ऐलान किया बिहार पूरे देश का है सिर्फ बिहारी का नहीं
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    पूरे बिहार घूम के देखिए क्या-क्या है देखने लायक आप लोग आए हैं तो एक बार बिहार जरूर घूम लीजिए मुख्यमंत्री मंच से ऐलान किया बिहार पूरे देश का है सिर्फ बिहारी का नहीं
    user_Santosh Mourya
    Santosh Mourya
    Adult entertainment club बिहारीगंज, मधेपुरा, बिहार•
    2 hrs ago
  • #trending #funny #news
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    #trending #funny #news
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Artist कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    2 hrs ago
  • मधेपुरा से दिल दहला देने बाली घटना ग्रामीण मे सन सनी फेला दिए ऐक बाबा ने नाबालिक बचे को लेकर
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    मधेपुरा से दिल दहला देने बाली घटना ग्रामीण मे सन सनी फेला दिए ऐक बाबा ने नाबालिक बचे को लेकर
    user_Pintu Bihari
    Pintu Bihari
    Farmer Madhepura, Bihar•
    11 hrs ago
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