Shuru
Apke Nagar Ki App…
आजमनगर में सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रतिदिन सड़कों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते नागर स्टेशन से ट्रेन पकड़ने जाने वाले यात्रियों को अक्सर विलंब का सामना करना पड़ता है। इसी सड़क पर सदर अस्पताल भी स्थित है, जिसके कारण आपातकाल की स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आजमनगर के केसरी चौक पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। वीडियो में दिखाया गया है कि सड़क के बगल में पानी और कचरा जमा होने के कारण यह जाम लगता है। यह सड़क आजमनगर प्रखण्ड की मुख्य सड़क है, जो पूरे प्रखण्ड को जोड़ती है और इसे मुख्य मार्ग भी कहा जा सकता है।
Shankar chaudhary
आजमनगर में सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रतिदिन सड़कों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते नागर स्टेशन से ट्रेन पकड़ने जाने वाले यात्रियों को अक्सर विलंब का सामना करना पड़ता है। इसी सड़क पर सदर अस्पताल भी स्थित है, जिसके कारण आपातकाल की स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आजमनगर के केसरी चौक पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। वीडियो में दिखाया गया है कि सड़क के बगल में पानी और कचरा जमा होने के कारण यह जाम लगता है। यह सड़क आजमनगर प्रखण्ड की मुख्य सड़क है, जो पूरे प्रखण्ड को जोड़ती है और इसे मुख्य मार्ग भी कहा जा सकता है।
More news from बिहार and nearby areas
- आजमनगर में सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रतिदिन सड़कों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते नागर स्टेशन से ट्रेन पकड़ने जाने वाले यात्रियों को अक्सर विलंब का सामना करना पड़ता है। इसी सड़क पर सदर अस्पताल भी स्थित है, जिसके कारण आपातकाल की स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आजमनगर के केसरी चौक पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। वीडियो में दिखाया गया है कि सड़क के बगल में पानी और कचरा जमा होने के कारण यह जाम लगता है। यह सड़क आजमनगर प्रखण्ड की मुख्य सड़क है, जो पूरे प्रखण्ड को जोड़ती है और इसे मुख्य मार्ग भी कहा जा सकता है।1
- डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र की सोरिया पंचायत के सिहला गांव में 24 प्रहर अखंड हरीनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति रस में सराबोर दिखे, जिससे पूरा वातावरण भजन, कीर्तन और हरिनाम की गूंज से भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि विभिन्न जगहों से आईं छह कीर्तन मंडलियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें सिहला, मरंगी, हरियाणा, रटनी और मरंगी गांव की बी टीम कीर्तन मंडलियां मुख्य रूप से शामिल थीं। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि पूजा-अर्चना के माध्यम से क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। उनका मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, साथ ही लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया और देर रात तक भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भारी उपस्थिति से आयोजन स्थल गुलजार रहा। पूजा समिति के सदस्य निरंजन केवट, मोती केवट, रंजीत केवट, प्रकाश केवट, मुन्ना केवट, संजय केवट, लड्डू केवट सहित अन्य ग्रामीण इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज के लोग भी इसमें भाग लेने पहुंच रहे हैं।1
- बिहार के कटिहार जिले में भू-माफिया का आतंक एक बार फिर सामने आया है, जहाँ मनिहारी प्रखंड के बौलिया पंचायत में गंगा नदी के समीप दबंगों ने एक बुजुर्ग किसान वंशीधर मंडल को अपनी ही जमीन से अवैध रूप से मिट्टी खनन करने से रोकने पर जान से मारने की गंभीर धमकी दी है। इस सनसनीखेज मामले ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित किसान वंशीधर मंडल ने अपनी जमीन को ऊँचा करने के लिए जिला खनन विभाग से आधिकारिक अनुमति ली थी। इसके बावजूद, उनकी अनुपस्थिति में स्थानीय गाड़ी मालिकों और दबंगों ने मिलकर उनकी जमीन से करीब 4,160 घन फीट मिट्टी अवैध रूप से गायब कर दी। जब बुजुर्ग किसान ने इस खुली लूट का विरोध किया, तो दबंगों ने उन्हें और उनके बेटे को सरेआम गोली मार देने की धमकी दी, जिससे पूरा परिवार सहमा हुआ है। इस घटना को लेकर मनिहारी थाने और जिला मुख्यालय में लिखित आवेदन भी दिए गए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के कारण पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए मीडिया से गुहार लगा रहा है।1
- कटिहार में भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बेरोजगारी दूर करने तथा मछली व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मत्स्य विभाग ने पुरुष एवं महिला मछली विक्रेताओं के बीच आजीविका उपार्जन हेतु विशेष किट वितरित किए हैं। इन किटों में तराजू, छाता, आइस बॉक्स, और सूखे व गीले कचरे को रखने के लिए ट्रे जैसी आवश्यक सामग्री शामिल थी। विभाग ने कटिहार में इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्यजीवी कार्यालय में इन किटों का वितरण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की।1
- बकरीद (ईद-उल-अज़हा) के अवसर पर गुरुवार सुबह कटिहार के ललियाही ईदगाह में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में लोग नए परिधानों में सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे, जहाँ तय समय पर अमन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। ललियाही ईदगाह परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। सदर डीएसपी और साइबर डीएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौके पर तैनात रहे, जिन्होंने ईदगाह परिसर, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लगातार निगरानी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन की तत्परता की सराहना की। शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ अदा होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।2
- तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव ने किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है।1
- कटिहार जिले के डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत दुवासे ग्राम में स्थानीय ग्रामीणों को सड़क पर कीचड़ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह दिक्कत विशेष रूप से वार्ड संख्या 10 में मस्जिद के पास की सड़क पर देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है।1
- कटिहार जिले के आजमनगर में पिछले 15 सालों से एक प्रमुख सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है, जहाँ रोड जर्जर हालत में है और पानी के निकास की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यह सड़क आजमनगर मार्केट को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग है, जिसकी बदहाली के कारण वार्ड नंबर 5 और 7/8 के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महलदार टोला ठाकुरबाड़ी क्षेत्र में, ग्रामीणों को घर से निकलते ही जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है। इस जलभराव के कारण आए दिन स्कूल जाने वाले बच्चे भी गिर जाते हैं। पिछले डेढ़ दशक से चली आ रही यह समस्या स्थानीय लोगों के लिए लगातार गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है।2