भारी बारिश के बीच पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था, सड़क पर गिरे पेड़ तत्काल हटवाए श्रावस्ती। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सड़क मार्गों पर गिरे पेड़ों के कारण आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। थाना पुलिस, यातायात पुलिस, डायल-112 और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सड़क पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटवाकर यातायात सुचारु कराया जा रहा है। इसी क्रम में थाना गिलौला, इकौना सहित जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों एवं डायल-112 द्वारा लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जहां भी बारिश के कारण सड़क पर पेड़ गिरने से मार्ग बाधित मिला, वहां संबंधित विभागों के सहयोग से तत्काल पेड़ों को हटवाने की कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा बाधित मार्गों को शीघ्र खुलवाते हुए यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए पुलिस टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से आमजन की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सड़क पर सावधानीपूर्वक आवागमन करने की अपील की गई है।
भारी बारिश के बीच पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था, सड़क पर गिरे पेड़ तत्काल हटवाए श्रावस्ती। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सड़क मार्गों पर गिरे पेड़ों के कारण आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। थाना पुलिस, यातायात पुलिस, डायल-112 और
वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सड़क पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटवाकर यातायात सुचारु कराया जा रहा है। इसी क्रम में थाना गिलौला, इकौना सहित जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों एवं डायल-112 द्वारा लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जहां भी बारिश के कारण
सड़क पर पेड़ गिरने से मार्ग बाधित मिला, वहां संबंधित विभागों के सहयोग से तत्काल पेड़ों को हटवाने की कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा बाधित मार्गों को शीघ्र खुलवाते हुए यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए पुलिस टीमों को
सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से आमजन की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सड़क पर सावधानीपूर्वक आवागमन करने की अपील की गई है।
- Slug: श्रावस्ती में आसमानी आफत, खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर पहुंची राप्ती राप्ती नदी उफान पर, दीवार गिरने से युवक घायल, 27 सितंबर तक रेड अलर्ट Anchor VO :- श्रावस्ती में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। जिले के तमाम शहरी और ग्रामीण इलाके जलमग्न हो चुके हैं, नालियां चोक हैं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश के बीच जमुनहा के मल्हीपुर खुर्द में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां कच्ची दीवार भरभराकर गिरने से करीब 20 वर्षीय महमूद रजा मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने मलबे से निकालकर उन्हें तत्काल सीएचसी मल्हीपुर में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। उधर नेपाल के कुसुम बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद राप्ती नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खौफ गहरा गया है। हालात को देखते हुए डीएम अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर पूरा प्रशासनिक और राहत-बचाव तंत्र अलर्ट मोड पर है। तटवर्ती और निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक जिले में अत्यधिक भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर दो दिनों के लिए सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, साथ ही प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सख्त अपील की है।1
- जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्रीमती अन्नपूर्णा गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री राहुल भाटी ने शनिवार को थाना मल्हीपुर क्षेत्र के मधवापुर पुल एवं ग्राम अशरफ नगर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों1
- इकौना से बुढ़नी मार्ग पर पेड़ गिरने से रास्ता हुआ बाधित इकौना से मध्यनगर मनोहरपुर भलुहिया होते हुए बूड़नी जाने वाले मार्ग पर काफी जल भराव व पेड़ गिरने से रास्ता हुआ बाधित राहगिरो को हुआ आना जाना मुहाल।1
- सड़क पर भरा बारिश का पानी, राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में करना पड़ा दिक्कतों का सामना श्रावस्ती। गिलौला क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश का असर अब प्रमुख मार्ग NH-730 पर भी दिखाई देने लगा है। गिलौला क्षेत्र में जगह-जगह सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के कारण NH-730 के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क किनारे भी पानी भर गया है, जिससे पैदल निकलने वाले लोगों को भी दिक्कत हो रही है। लगातार बारिश के बीच सड़क पर वाहनों की आवाजाही जारी है। पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को संभलकर गुजरना पड़ रहा है। तेज रफ्तार से निकलने वाले वाहनों से सड़क किनारे चल रहे लोगों पर गंदा पानी पड़ने की स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान गिलौला क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या सामने आती है। नालियों और अन्य जलनिकासी व्यवस्था के पर्याप्त न होने से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इससे राहगीरों के साथ-साथ आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क किनारे जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो NH-730 पर जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। लगातार बारिश के बीच अब लोगों को जलभराव से राहत मिलने और मौसम साफ होने का इंतजार है। वहीं, सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।1
- 40 लाख के अमृत सरोवर पर गंभीर सवाल: गरीब की जमीन से लेकर जांच रिपोर्ट तक उठे प्रश्न उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनाए गए एक अमृत सरोवर को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि सरकारी धन से निर्मित यह अमृत सरोवर गांव के एक गरीब दलित व्यक्ति की उस जमीन पर बनाया गया, जो उसे करीब 40 वर्ष पूर्व पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन वास्तव में पट्टाधारक के नाम थी, तो आखिर सरकारी अभिलेखों में इस भूमि का सत्यापन किस आधार पर हुआ? लेखपाल की रिपोर्ट में इस जमीन को अमृत सरोवर के निर्माण के लिए उपयुक्त कैसे माना गया? क्या निर्माण से पहले भूमि के स्वामित्व और पट्टे से संबंधित अभिलेखों की विधिवत जांच की गई थी? इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन सवालों का स्पष्ट उत्तर संबंधित अभिलेखों और आधिकारिक जांच से ही सामने आ सकता है। बताया जाता है कि जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर संबंधित गरीब व्यक्ति पिछले करीब सात वर्षों से अधिकारियों के कार्यालयों और न्याय की चौखट के चक्कर लगा रहा है। बावजूद इसके, अब तक उसे अपने अधिकार और जमीन को लेकर स्पष्ट न्याय मिल पाया है या नहीं, यह भी जांच का विषय है। मामले में बलहा विधायक सरोज सोनकर और उनके प्रतिनिधि आलोक जिंदल से भी कई महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि मौके के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप न पाए जाने के बाद अमृत सरोवर के उद्घाटन से इनकार किया गया था। यदि ऐसा हुआ था, तो सवाल यह है कि उस समय गठित जांच समिति की रिपोर्ट कहां है? जांच किस स्तर तक पहुंची? उसकी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आए? यदि निर्माण कार्य में कमियां पाई गई थीं, तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले की दोबारा समीक्षा क्यों नहीं कराई गई? करीब 40 लाख रुपये के सरकारी धन से बने इस अमृत सरोवर की भूमि, निर्माण की स्वीकृति, तकनीकी मानक, भुगतान, लेखपाल की रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अब सवाल सिर्फ एक अमृत सरोवर का नहीं, बल्कि एक गरीब व्यक्ति के कथित भूमि अधिकार, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही का है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इन सवालों का स्पष्ट जवाब अपेक्षित है।1
- बलरामपुर भारी बारिश-तूफान को लेकर चेतावनी, घरों में रहें सुरक्षित—आपात स्थिति में 112 डायल करें भारी बारिश और तेज तूफान चल रहा है। सभी लोग अपने सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें। पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग से दूर रहें। खुले मैदान में जाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। तेज बारिश में वाहन लेकर निकलने से बचें। मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति में 112 डायल करें। सुरक्षित रहें, सावधान रहें—जान है तो जहान है।1
- गोरखपुर को ‘स्पेन’ बनाने का दावा, बारिश में सांसद रवि किशन का घर ही पानी में डूबा! यूपी के गोरखपुर से सांसद रवि किशन के उस दावे पर अब सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने गोरखपुर को स्पेन जैसा विकसित बनाने की बात कही थी। बारिश के बाद उनके घर में पानी भरने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं—जब सांसद के अपने घर के आसपास जलभराव की स्थिति है, तो शहर को जलभराव से कब राहत मिलेगी? हालांकि, वायरल तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।1
- भारी बारिश के बीच पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था, सड़क पर गिरे पेड़ तत्काल हटवाए श्रावस्ती। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सड़क मार्गों पर गिरे पेड़ों के कारण आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। थाना पुलिस, यातायात पुलिस, डायल-112 और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सड़क पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटवाकर यातायात सुचारु कराया जा रहा है। इसी क्रम में थाना गिलौला, इकौना सहित जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों एवं डायल-112 द्वारा लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जहां भी बारिश के कारण सड़क पर पेड़ गिरने से मार्ग बाधित मिला, वहां संबंधित विभागों के सहयोग से तत्काल पेड़ों को हटवाने की कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा बाधित मार्गों को शीघ्र खुलवाते हुए यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए पुलिस टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से आमजन की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सड़क पर सावधानीपूर्वक आवागमन करने की अपील की गई है।4