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Mithun Kumar
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- बस अड्डे पर आग का तांडव, दो बसें राख — हादसा या साजिश? मुजफ्फरनगर में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शामली रोड स्थित प्राइवेट बस अड्डे पर खड़ी दो यात्री बसों में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों बसें धू-धू कर जलने लगीं। आसमान में उठते धुएं के गुबार और आग की लपटों ने आसपास के इलाके में दहशत फैला दी। गनीमत रही कि समय रहते दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और अन्य बसों को चपेट में आने से बचा लिया। लेकिन सवाल अब भी बरकरार है — ये हादसा था या किसी बड़ी साजिश की आहट? देखिए ये विस्तृत रिपोर्ट। नगर कोतवाली क्षेत्र के शामली रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड पर रात करीब 10:30 बजे अचानक अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले एक बस के इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आग ने भीषण रूप ले लिया और चंद मिनटों में बगल में खड़ी दूसरी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। बस अड्डे पर उस समय कई अन्य बसें भी खड़ी थीं। आग की ऊंची लपटें और धमाके जैसी आवाजें सुनकर आसपास की कॉलोनियों के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दोनों बसें पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थीं। बसों में रखे सीट, टायर और डीजल टैंक के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। बताया जा रहा है कि ये बसें शामली, बघरा, तितावी और बुढ़ाना रूट पर रोजाना संचालित होती थीं और संचालन के बाद स्टैंड पर खड़ी की गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर आग पर समय रहते काबू न पाया जाता तो पास में खड़ी दर्जनों बसें भी चपेट में आ सकती थीं, जिससे करोड़ों का नुकसान और बड़ा जनहानि का खतरा पैदा हो सकता था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि आग बुझा दी गई है और मौके का निरीक्षण किया गया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी शरारती तत्व की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों बसें डीजल चालित थीं, जिससे आग तेजी से फैली। घटना के बाद पुलिस ने पूरे बस अड्डे को घेरकर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बस मालिकों से भी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है। इस आगजनी ने बस अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह तकनीकी लापरवाही का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश? जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आ सकेगा, लेकिन फिलहाल दो बसों के जलने से लाखों रुपये का नुकसान तय माना जा रहा है।1
- शामली बस स्टैंड पर दो बसों में आग और नगर में अतिक्रमण हटाने पर बोले एएसपी सिद्धार्थ के.0 मिश्रा1
- बीएसएफ के आशुलिपिक उपनिरीक्षक इन्द्रेश कुमार ने पिताजी की स्मृति में सरकारी स्कूल को दिया कंप्यूटर सेट कंपोजिट विद्यालय जलालपुर आसरा में आयोजित कार्यक्रम, विद्यार्थियों में उत्साह नहटौर। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत जलालपुर आसरा स्थित कंपोजिट विद्यालय जलालपुर आसरा में शुक्रवार को एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम जलालपुर आसरा (शादीपुर) निवासी बीएसएफ के आशुलिपिक/उपनिरीक्षक श्री इन्द्रेश कुमार प्रजापति ने अपने स्वर्गीय पिता श्री राम सिंह प्रजापति की पावन स्मृति में अपनी सहधर्मिणी मेनका प्रजापति एवं माता श्रीमती अतरकली प्रजापति के साथ मिलकर विद्यालय को एक कंप्यूटर सेट (टेबल सहित) भेंट किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कॉपी-पेंसिल तथा शिक्षकों को पेन वितरित किए गए। मुख्य अतिथि के रूप में श्री इन्द्रेश कुमार प्रजापति ने कहा कि आज का युग पूर्णतः कंप्यूटर आधारित है और बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही तकनीकी शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें। विद्यालय परिसर में कंप्यूटर सेट का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया तथा पुष्प वर्षा कर अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में एआरपी सुखवीर सिंह, एआरपी हेमराज सिंह आर्य, राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक रामौतार सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी जयवीर सिंह चौहान, शिक्षक सूरजमल, दिग्विजय सिंह, अवनीश कुमार, प्रधानाध्यापक ब्रजपाल सिंह, शशि रानी, रूबी चौधरी, शिक्षा मित्र भोपाल सिंह सैनी, वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुमार दक्ष, धर्म देव दक्ष, दिनेश प्रजापति, वीर सिंह प्रजापति, अरविंद कुमार, अभिनव प्रजापति सहित सैकड़ों ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं महिलाएं-पुरुष उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार एवं ग्रामवासियों ने इस सराहनीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। रिपोर्ट पंकज कुमार दक्ष4
- जिला बिजनोर क्षेत्र सुवाला कला के जंगल मे शावक दिखने से मचा हड़कम्भ। जिसके बाद किसानों ने शासन प्रशासन से लगाई गुहार ताकि किसी के साथ न हो सके कोई घटना।1
- बिजनौर थाना क्षेत्र मंडावर चौक के पास हुआ सड़क हादसा सड़क हादसे में पुलिस कर्मी घायल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी।1
- 🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | बिजनौर मंडावर चौराहे पर सड़क दुर्घटना, एसपी अभिषेक झा ने दी जानकारी बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्रांतर्गत मंडावर चौराहे पर हुई सड़क दुर्घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने जानकारी साझा की है। एसपी अभिषेक झा ने बताया कि मंडावर चौराहे पर हुई दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। यातायात व्यवस्था को भी सुचारु कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और सावधानी बरतें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। #BijnorPolice #UPPolice #RoadAccident1
- डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़: म्यूल खाते देकर USDT खरीदने वाले गिरोह के 3 शातिर गिरफ्तार, 30 लाख का ट्रांजेक्शन उजागर1
- जिला रामपुर में 2 दिन पूर्व एडवोकेट फारुख खा के हत्यारे के विरुद्ध एडवोकेट कर रहे है फांसी की मांग। रोड पर उतरे है एडवोकेट शासन प्रशासन से लगाई गुहार।1
- भक्ति भाव से मनाई गई परम संत श्री मोहनदास जी महाराज की चतुर्थ पुण्यतिथि नूरपुर। 13 फरवरी 2026 को परम पूज्य ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 परम संत श्री मोहनदास जी महाराज (लक्ष्मण झूला वाले) की चतुर्थ पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना, पुष्पांजलि एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने उनके श्रीचरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गुरूदेव का जन्म 23 दिसम्बर 1936 को हुआ था तथा 13 फरवरी 2022 को वे ब्रह्मलीन हुए। उनका संपूर्ण जीवन तप, त्याग, सेवा और सत्संग को समर्पित रहा। बाल्यकाल से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था और कठोर साधना, संयम तथा भक्ति के माध्यम से उन्होंने असंख्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की। उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में स्थापित आश्रमों के माध्यम से उन्होंने भजन-कीर्तन, सत्संग, श्रीमद्भागवत कथा एवं धर्म सेवा की अलख जगाई। बिजनौर जनपद के पीपला जांगीर (नूरपुर) स्थित श्रीरामाश्रम सत्संग मंदिर सहित अनेक स्थानों पर उनके सान्निध्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियाँ निरंतर संचालित होती रहीं। श्रद्धालुओं के अनुसार गुरूदेव का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन जीवन की कठिन परिस्थितियों में साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता रहा। उनका संदेश — “नाम जप, सेवा, सत्संग और सदाचार ही जीवन की सच्ची पूंजी है” — आज भी जनमानस का पथ-प्रदर्शन कर रहा है। पुण्यतिथि के अवसर पर उपस्थित शिष्यों ने गुरूदेव के बताए मार्ग पर चलने एवं धर्म, सेवा और मानव कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। नूरपुर — रिपोर्ट: पंकज कुमार दक्ष3