सागर: BMC पुलिस चौकी की तत्परता से ढाई वर्षीय मासूम सकुशल बरामद, CCTV फुटेज से मिली अहम मदद। सागर: BMC पुलिस चौकी की तत्परता से ढाई वर्षीय मासूम सकुशल बरामद, CCTV फुटेज से मिली अहम मदद सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) अस्पताल परिसर में परिजनों से बिछड़े ढाई वर्षीय मासूम लक्ष्मण को BMC पुलिस चौकी की तत्परता और सूझबूझ से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे के अचानक लापता होने से परिजन बेहद परेशान हो गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बच्चे की तलाश शुरू कर दी और अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की मदद से उसकी संभावित दिशा का पता लगाया। जानकारी के अनुसार, ढाई वर्षीय मासूम लक्ष्मण अपने परिजनों के साथ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में आया था। इसी दौरान वह परिजनों से बिछड़ गया। कुछ समय तक बच्चे का पता नहीं चलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने तत्काल BMC पुलिस चौकी को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर और आसपास के संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश की। साथ ही अस्पताल में लगे CCTV कैमरों के फुटेज को खंगाला गया। फुटेज के माध्यम से बच्चे की गतिविधियों और उसके संभावित रास्ते का पता लगाने का प्रयास किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक सोनू की तत्परता और सूझबूझ महत्वपूर्ण रही। उन्होंने CCTV फुटेज को बारीकी से देखते हुए बच्चे के संभावित दिशा में लगातार तलाश जारी रखी। पुलिस टीम ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर बच्चे की तलाश की और आखिरकार मासूम लक्ष्मण को सकुशल खोज निकाला। मासूम के मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, उनकी चिंता राहत में बदल गई। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और BMC पुलिस चौकी की टीम का आभार व्यक्त किया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे के लापता होने के बाद परिवार बेहद चिंतित था, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित खोज निकाला। पुलिस की सक्रियता के कारण परिवार को बड़ी राहत मिली। CCTV बना मददगार इस पूरे मामले में अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की भूमिका भी अहम रही। पुलिस टीम ने CCTV फुटेज की मदद से बच्चे की संभावित गतिविधियों और दिशा का पता लगाया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसी आधार पर तलाश को आगे बढ़ाया। आधुनिक तकनीक और पुलिस की तत्परता के बेहतर समन्वय से मासूम को सुरक्षित बरामद किया जा सका। पुलिस की तत्परता से टली बड़ी चिंता छोटे बच्चों के अचानक भीड़भाड़ वाले स्थानों से अलग हो जाने पर कुछ ही समय में स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। BMC पुलिस चौकी को सूचना मिलते ही पुलिस टीम द्वारा तत्काल तलाश शुरू करना और CCTV फुटेज की जांच करना इसी तत्परता का उदाहरण है। पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के चलते बच्चे को कम समय में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने और पुलिस के साथ सहयोग करने से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सागर पुलिस की अपील सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखें। बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनके साथ रहने वाले परिजनों को लगातार सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने कहा कि यदि किसी कारण से बच्चा परिजनों से बिछड़ जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या थाना को सूचना दें। बच्चे के कपड़ों, उम्र, पहचान और अंतिम बार देखे गए स्थान की जानकारी पुलिस को देने से तलाश में तेजी लाई जा सकती है। BMC पुलिस चौकी की इस तत्पर कार्रवाई से ढाई वर्षीय मासूम लक्ष्मण को सकुशल उसके परिवार तक पहुंचाया गया। पुलिस टीम की सूझबूझ, CCTV फुटेज की मदद और लगातार किए गए प्रयासों के चलते परिवार के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट आई। बच्चे के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया। यह घटना आम नागरिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि बच्चों को लेकर थोड़ी सी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। वहीं, ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर समय गंवाए बिना पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है। BMC पुलिस चौकी की तत्परता ने एक परिवार को बड़ी चिंता से बचाते हुए मासूम को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
सागर: BMC पुलिस चौकी की तत्परता से ढाई वर्षीय मासूम सकुशल बरामद, CCTV फुटेज से मिली अहम मदद। सागर: BMC पुलिस चौकी की तत्परता से ढाई वर्षीय मासूम सकुशल बरामद, CCTV फुटेज से मिली अहम मदद सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) अस्पताल परिसर में परिजनों से बिछड़े ढाई वर्षीय मासूम लक्ष्मण को BMC पुलिस चौकी की तत्परता और सूझबूझ से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे के अचानक लापता होने से परिजन बेहद परेशान हो गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बच्चे की तलाश शुरू कर दी और अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की मदद से उसकी संभावित दिशा का पता लगाया। जानकारी के अनुसार, ढाई वर्षीय मासूम लक्ष्मण अपने परिजनों के साथ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में आया था। इसी दौरान वह परिजनों से बिछड़ गया। कुछ समय तक बच्चे का पता नहीं चलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने तत्काल BMC पुलिस चौकी को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर और आसपास के संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश की। साथ ही अस्पताल में लगे CCTV कैमरों के फुटेज को खंगाला गया। फुटेज के माध्यम से बच्चे की गतिविधियों और उसके संभावित रास्ते का पता लगाने का प्रयास किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक सोनू की तत्परता और सूझबूझ महत्वपूर्ण रही। उन्होंने CCTV फुटेज को बारीकी से देखते हुए बच्चे के संभावित दिशा में लगातार तलाश जारी रखी। पुलिस टीम ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर बच्चे की तलाश की और आखिरकार मासूम लक्ष्मण को सकुशल खोज निकाला। मासूम के मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, उनकी चिंता राहत में बदल गई। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और BMC पुलिस चौकी की टीम का आभार व्यक्त किया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे के लापता होने के बाद परिवार बेहद चिंतित था, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित खोज निकाला। पुलिस की सक्रियता के कारण परिवार को बड़ी राहत मिली। CCTV बना मददगार इस पूरे मामले में अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की भूमिका भी अहम रही। पुलिस टीम ने CCTV फुटेज की मदद से बच्चे की संभावित गतिविधियों और दिशा का पता लगाया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसी आधार पर तलाश को आगे बढ़ाया। आधुनिक तकनीक और पुलिस की तत्परता के बेहतर समन्वय से मासूम को सुरक्षित बरामद किया जा सका। पुलिस की तत्परता से टली बड़ी चिंता छोटे बच्चों के अचानक भीड़भाड़ वाले स्थानों से अलग हो जाने पर कुछ ही समय में स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। BMC पुलिस चौकी को सूचना मिलते ही पुलिस टीम द्वारा तत्काल तलाश शुरू करना और CCTV फुटेज की जांच करना इसी तत्परता का उदाहरण है। पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के चलते बच्चे को कम समय में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने और पुलिस के साथ सहयोग करने से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सागर पुलिस की अपील सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखें। बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनके साथ रहने वाले परिजनों को लगातार सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने कहा कि यदि किसी कारण से बच्चा परिजनों से बिछड़ जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या थाना को सूचना दें। बच्चे के कपड़ों, उम्र, पहचान और अंतिम बार देखे गए स्थान की जानकारी पुलिस को देने से तलाश में तेजी लाई जा सकती है। BMC पुलिस चौकी की इस तत्पर कार्रवाई से ढाई वर्षीय मासूम लक्ष्मण को सकुशल उसके परिवार तक पहुंचाया गया। पुलिस टीम की सूझबूझ, CCTV फुटेज की मदद और लगातार किए गए प्रयासों के चलते परिवार के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट आई। बच्चे के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया। यह घटना आम नागरिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि बच्चों को लेकर थोड़ी सी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। वहीं, ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर समय गंवाए बिना पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है। BMC पुलिस चौकी की तत्परता ने एक परिवार को बड़ी चिंता से बचाते हुए मासूम को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
- गौरझामर में पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, सीसी रोड और नाली निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप गौरझामर। ग्राम पंचायत गौरझामर में लोक निर्माण विभाग द्वारा इन दिनों कराए जा रहे सीसी रोड और नाली निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उप स्वास्थ्य केंद्र से सेंट्रल बैंक बस स्टैंड तक बनाई जा रही सीसी सड़क को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में मिट्टी युक्त डस्ट एवं अन्य घटिया सामग्री का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले विभागीय अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान मौके पर मिली मिट्टी युक्त डस्ट पर चिह्न लगाकर उसके उपयोग पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए थे। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि अधिकारियों के जाने के कुछ ही समय बाद कथित तौर पर उसी डस्ट का दोबारा उपयोग शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा बेहद कम रखी जा रही है, जबकि इसकी जगह रेत और क्रेशर डस्ट का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि सड़क की केवल ऊपरी सतह पर सीमेंट का हल्का लेप कर इसे मजबूत और बेहतर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे इसकी ड्यूरेबिलिटी पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। केवल सीसी सड़क ही नहीं, बल्कि गौरझामर में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे नाली निर्माण कार्य पर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नालियों के निर्माण में भी घटिया और मिट्टी युक्त डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों में ऐसे ही मानकों की अनदेखी जारी रही, तो आगामी बारिश के मौसम में न केवल नालियां क्षतिग्रस्त हो जाएंगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में गंभीर जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। ग्राम के नरेंद्र रजक, श्रीराम प्रजापति, मनोज पटेल और गोलू कोरी वीरेंद्र पटेल सहित अन्य नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से ही निर्माण पूरा कराया जाए। इनका कहना - मैं स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करूंगा। यदि किसी प्रकार की कमी या अनियमितता पाई जाती है, तो ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशांत पटेल (सब इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी) नाली निर्माण में मिट्टी युक्त डस्ट के उपयोग की जानकारी संज्ञान में आई है। संबंधित सामग्री का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करवाया जाएगा और सभी विकास कार्यों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उमाशंकर तिवारी (एसडीओ, पीडब्ल्यूडी)4
- Narsinghpur___बारिश_में_भी_पानी_को_तरस_रहे_ग्रामीण,_एक_हैंडपंप_के_भरोसे_700_ग्रामीण1
- भीषण गर्मी में पानी की किल्लत समझ में आती है पर बरसात में पानी की किल्लत गले नहीं उतरती भीषण गर्मी में पानी की किल्लत समझ में आती है पर बरसात में पानी की किल्लत गले नहीं उतरती1
- फ्लाई ऐश डम्पर की टक्कर से 4 गोवंश की मौत, आक्रोशित नागरिकों ने किया चक्का जाम गोवंश सुरक्षा, वाहन चालकों की जांच और डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग साईखेड़ा/गाडरवारा। साईखेड़ा तहसील क्षेत्र के सेठान तिराहे के पास NTPC फ्लाई ऐश परिवहन में लगे एक डम्पर की टक्कर से छह गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में चार गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गोवंश गंभीर एवं मरणासन्न स्थिति में पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, गोभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित नागरिकों ने मौके पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन के समक्ष गोवंश की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग रखी। उपस्थित नागरिकों ने बताया कि दुर्घटना में घायल दो गोवंश की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनका तत्काल उपचार कराया गया तथा उन्हें निकटतम गौशाला में भेजने की व्यवस्था की गई। जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल व्यवस्था की मांग नागरिकों एवं गोभक्तों ने मांग की कि सड़क पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में संचालित 81 गौशालाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। वाहन चालकों की 24×7 नशामुक्ति जांच की मांग क्षेत्रवासियों ने फ्लाई ऐश एवं अन्य भारी वाहनों के चालकों की 24×7 नशे की जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित जांच होने से नशे की हालत में वाहन चलाने तथा उससे होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। डम्पर चालकों को प्रति ट्रिप भुगतान के बजाय दैनिक वेतन देने की मांग नागरिकों ने फ्लाई ऐश परिवहन में लगे डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन से मांग की कि वाहन मालिकों को निर्देशित किया जाए कि चालकों को प्रति ट्रिप के आधार पर भुगतान करने के बजाय दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था की जाए। उपस्थित लोगों का कहना है कि यदि चालक को अधिक ट्रिप लगाने पर अधिक भुगतान मिलता है, तो अधिक ट्रिप पूरी करने की होड़ में कई बार वाहन तेज गति से चलाए जाने की आशंका रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ट्रिप आधारित भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षित एवं निश्चित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साईखेड़ा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लिया संज्ञान घटना की जानकारी मिलते ही साईखेड़ा थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा गोवंश से संबंधित समस्याओं के तत्काल निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, गोभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रमुख मांगें - दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। - घायल गोवंश का समुचित उपचार एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। - जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल पर्याप्त एवं सम्मानजनक व्यवस्था की जाए। - भारी वाहन चालकों की 24×7 नशे की जांच की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। - फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले डम्पर चालकों के लिए प्रति ट्रिप भुगतान के स्थान पर दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था लागू करने हेतु वाहन मालिकों को शासन स्तर से दिशा-निर्देश दिए जाएं। - तेज रफ्तार एवं लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी वाहनों की निगरानी और गति नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। - सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों ने और गौभक्तो के द्वारा प्रशासन मांग की है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर गोवंश एवं आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रेस विज्ञप्ति फ्लाई ऐश डम्पर की टक्कर से 4 गोवंश की मौत, आक्रोशित नागरिकों ने किया चक्का जाम गोवंश सुरक्षा, वाहन चालकों की जांच और डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग साईखेड़ा/गाडरवारा। साईखेड़ा तहसील क्षेत्र के सेठान तिराहे के पास NTPC फ्लाई ऐश परिवहन में लगे एक डम्पर की टक्कर से छह गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में चार गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गोवंश गंभीर एवं मरणासन्न स्थिति में पाए गए। घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, गोभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित नागरिकों ने मौके पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन के समक्ष गोवंश की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग रखी। उपस्थित नागरिकों ने बताया कि दुर्घटना में घायल दो गोवंश की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनका तत्काल उपचार कराया गया तथा उन्हें निकटतम गौशाला में भेजने की व्यवस्था की गई। जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल व्यवस्था की मांग नागरिकों एवं गोभक्तों ने मांग की कि सड़क पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए तथा जिले में संचालित 81 गौशालाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। वाहन चालकों की 24×7 नशामुक्ति जांच की मांग क्षेत्रवासियों ने फ्लाई ऐश एवं अन्य भारी वाहनों के चालकों की 24×7 नशे की जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित जांच होने से नशे की हालत में वाहन चलाने तथा उससे होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। डम्पर चालकों को प्रति ट्रिप भुगतान के बजाय दैनिक वेतन देने की मांग नागरिकों ने फ्लाई ऐश परिवहन में लगे डम्पर चालकों के भुगतान की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन से मांग की कि वाहन मालिकों को निर्देशित किया जाए कि चालकों को प्रति ट्रिप के आधार पर भुगतान करने के बजाय दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था की जाए। उपस्थित लोगों का कहना है कि यदि चालक को अधिक ट्रिप लगाने पर अधिक भुगतान मिलता है, तो अधिक ट्रिप पूरी करने की होड़ में कई बार वाहन तेज गति से चलाए जाने की आशंका रहती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ट्रिप आधारित भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षित एवं निश्चित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साईखेड़ा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर लिया संज्ञान घटना की जानकारी मिलते ही साईखेड़ा थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा गोवंश से संबंधित समस्याओं के तत्काल निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, गोभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि गोवंश की सुरक्षा केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रमुख मांगें - दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। - घायल गोवंश का समुचित उपचार एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। - जिले की 81 गौशालाओं में गोवंश के लिए तत्काल पर्याप्त एवं सम्मानजनक व्यवस्था की जाए। - भारी वाहन चालकों की 24×7 नशे की जांच की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। - फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले डम्पर चालकों के लिए प्रति ट्रिप भुगतान के स्थान पर दैनिक वेतन/निश्चित पारिश्रमिक की व्यवस्था लागू करने हेतु वाहन मालिकों को शासन स्तर से दिशा-निर्देश दिए जाएं। - तेज रफ्तार एवं लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी वाहनों की निगरानी और गति नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। - सड़क पर विचरण करने वाले गोवंश के लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों ने और गौभक्तो के द्वारा प्रशासन मांग की है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर गोवंश एवं आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।6
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- ਗਣੇਸ਼ ਸੇਵਾ ਮੰਡਲ ਦਿੜ੍ਹਬਾ ਵੱਲੋਂ 12 ਵਾਂ ਗਨੇਸ਼ ਚਤੁਰਥੀ ਮਉਤਸਵ ਦਾ ਕਾਰਡ ਜਾਰੀ1
- प्रदीप शर्मा करेली न्यूज 24 Ind करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम 1
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