केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से मुंबई के नरीमन पॉइंट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) तक की यात्रा मात्र 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी। गडकरी ने भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में यह सपना साकार हो जाएगा। बुधवार को कोटा के दरा टनल स्थित गोपालपुरा माताजी परिसर में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार जो वादा करती है, उसे पूरा करके दिखाती है। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण भी किया। उनका काफिला बूंदी के लबान इंटरचेंज से रवाना होकर करीब 90 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कोटा की दरा टनल तक पहुँचा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से परियोजना की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। गडकरी ने यह भी बताया कि एक्सप्रेसवे को और अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ सुधार कार्य भी किए जाएँगे। उन्होंने अलवर के पिनान रेस्ट एरिया में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्सप्रेसवे पर नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि हाईवे पर किसी भी स्थान पर ट्रकों की अवैध पार्किंग नहीं होनी चाहिए तथा यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री के दौरे से पहले, एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के कर्मचारी एक्सप्रेसवे की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी नजर न आए।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से मुंबई के नरीमन पॉइंट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) तक की यात्रा मात्र 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी। गडकरी ने भरोसा
दिलाया कि अगले दो वर्षों में यह सपना साकार हो जाएगा। बुधवार को कोटा के दरा टनल स्थित गोपालपुरा माताजी परिसर में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार जो वादा करती है, उसे पूरा करके दिखाती है। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण भी किया। उनका काफिला बूंदी के लबान इंटरचेंज से रवाना होकर करीब
90 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कोटा की दरा टनल तक पहुँचा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से परियोजना की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। गडकरी ने यह भी बताया कि एक्सप्रेसवे को और अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ सुधार कार्य भी किए जाएँगे। उन्होंने अलवर के पिनान रेस्ट एरिया में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्सप्रेसवे पर नियमित
गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि हाईवे पर किसी भी स्थान पर ट्रकों की अवैध पार्किंग नहीं होनी चाहिए तथा यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री के दौरे से पहले, एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के कर्मचारी एक्सप्रेसवे की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी नजर न आए।
- केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। उनका काफिला अभी-अभी लबान से रवाना होकर दरा टनल की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर उनके साथ मौजूद हैं।1
- कोटा के जेके लोन अस्पताल में कार्यरत उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों ने भाजपा नेता फुरकान मिर्ज़ा के नेतृत्व में अस्पताल अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मई और जून माह का बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि नई ठेका फर्म के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि अस्पताल प्रशासन द्वारा उनका पंजीकरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। फुरकान मिर्ज़ा ने स्पष्ट किया कि समय पर वेतन का भुगतान कर्मचारियों का अधिकार है और चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो नर्सिंग कर्मियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।1
- कोटा में चंबल नदी के किनारे, विशेष रूप से कोटा बैराज और जवाहर सागर के बीच, दुर्लभ और संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजाति 'स्मूथ-कोटेड ओटर' या 'जल मानुष' का एक पूरा परिवार अठखेलियां करता नजर आया है। इस नजारे ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों को बेहद रोमांचित कर दिया है, खासकर जब चंबल नदी एक बार फिर दुर्लभ जीवों के लिए सुरक्षित घर बन रही है। हाल ही में इन ऊदबिलावों का चंबल किनारे मस्ती करते और मछलियों का शिकार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। 'रिवर डॉग्स' के नाम से भी मशहूर ये अर्ध-जलीय जीव दिखने में मासूम पर बेहद चालाक और फुर्तीले शिकारी होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऊदबिलाव हमेशा झुंड में रहते हैं और एक साथ होने पर इतने आक्रामक व शक्तिशाली हो जाते हैं कि मगरमच्छ और पानी के किनारे आने वाले पैंथर तक को चुनौती दे सकते हैं। कोटा बैराज के पास हाल ही में ऐसा ही एक दृश्य देखा गया, जहाँ पूरा कुनबा मिलकर मछलियों का शिकार कर रहा था और किनारे पर आए स्ट्रीट डॉग्स को खदेड़ रहा था। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने ऊदबिलाव की तेजी से घटती संख्या के कारण इसे अपनी 'रेड लिस्ट' में 'संकटग्रस्त' श्रेणी में शामिल किया था। एक समय इनकी कीमती खाल के लिए बड़े पैमाने पर शिकार होने के कारण ये भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क जैसे कई प्राकृतिक आवासों से पूरी तरह विलुप्त हो गए थे। हालांकि, हाल के वर्षों में कोटा से लेकर रावतभाटा के बीच चंबल की साफ और गहरी जलधाराओं में इनकी संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नदी में ऊदबिलावों की उपस्थिति उस जलस्रोत की अच्छी सेहत का सूचक है, क्योंकि ये जीव केवल साफ पानी और पर्याप्त भोजन (मछलियां और केकड़े) वाले स्थानों पर ही जीवित रह सकते हैं। चंबल नदी मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से होकर भी गुजरती है, जो इनके पनपने के लिए अत्यंत अनुकूल जगह है। 'कोटा स्टोरीलाइन' का संदेश है कि ये 'जल मानुष' कोटा के इको-टूरिज्म और जलीय जैव-विविधता की शान हैं, और नदी में प्लास्टिक कचरा, केमिकल या गंदगी न बहाकर चंबल के इस अनोखे वन्यजीवन को हमेशा सुरक्षित व फलता-फूलता रखना चाहिए।1
- माननीय विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ के रावतभाटा आगमन पर विभिन्न विकास कार्यों और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक ने नगरवासियों को उनके मालिकाना हक प्रदान करते हुए 36 पट्टों का वितरण किया। कार्यक्रम में सीएसआर (CSR) सामाजिक सरोकार के तहत रावतभाटा क्षेत्र में लगाए जाने वाले कुल 92 सीसीटीवी कैमरों, जिनमें 360 डिग्री और अन्य प्रकार के कैमरे शामिल हैं, का शुभारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त, बालाजी नगर में बनने वाली सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास तथा अहिंसा सर्किल से बालाराम चौराहा तक डिवाइडर युक्त सड़क निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मंच का संचालन आनंद प्रकाश शर्मा ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर, नगर पालिका रावतभाटा के अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर, कनिष्ठ अभियंता रिजवान अंसारी दानिश मोहम्मद और अन्य विभागों के आधिकारिक कर्मचारियों सहित भाजपा पदाधिकारी राजेंद्र दसोरा, कमलेंद्र सिंह हाडा, पूर्व प्रधान राधेश्याम गुप्ता, कुशाल बारेशा, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजकुमार वाधवा, भुवनेश नागर, मंजूलता जगम, हर्ष जैन, दिनेश सेन, दिलीप मीणा, तन्वी शर्मा, पदमा सोनी, रूपकला पारेता, रेखा लोधा, आशा व्यास, कानाराम चारण, मनीष गिरी, दिनेश रेठूदिया, गजेंद्र सिंह, मनोज मेवाड़ा, विवेक तिवारी, रंजना पुरोहित, रूप सिंह, सिद्धार्थ वाधवा, रौनक चौधरी, मनोज मेहरा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- राजस्थान कुश्ती संघ के निर्देशन में बूंदी के खेल संकुल में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का हाल ही में समापन हो गया। इस समापन समारोह में राजस्थान कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। मंच पर कुश्ती संघ के प्रदेश सचिव उमेश सिंह, कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खान मोहम्मद, सुरेंद्र सिंह भाटी, पूर्व सभापति महावीर मोदी, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार शृंगी, डॉक्टर बद्री गोचर और ओम धगाल जैसे प्रमुख लोग मौजूद थे। आयोजन समिति सचिव भरत शर्मा और संयोजक सुनील जैन सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से साफा बंधवाकर, माल्यार्पण कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत व सम्मान किया। मुख्य अतिथि राजीव दत्ता ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान की भूमि हमेशा से वीर और पराक्रमी योद्धाओं की जननी रही है। उन्होंने युवाओं के उत्साह को देखकर राज्य में कुश्ती के भविष्य को बेहद उज्ज्वल बताया और सभी खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य की कामना की। उन्होंने हारने वाले पहलवानों का भी हौसला बढ़ाते हुए उन्हें और कड़ी मेहनत करने की सीख दी। अध्यक्षता कर रहे विधायक संदीप शर्मा ने कुश्ती को देश की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा बताया, जो अनुशासन, साहस और शारीरिक व मानसिक मजबूती सिखाती है। विधायक शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। समापन समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि राजीव दत्ता और विधायक संदीप शर्मा ने मिलकर विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को मेडल, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कवि भूपेंद्र राठौर ने किया, और अंत में संयोजक सुनील जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।1
- रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।1
- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से मुंबई के नरीमन पॉइंट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) तक की यात्रा मात्र 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी। गडकरी ने भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में यह सपना साकार हो जाएगा। बुधवार को कोटा के दरा टनल स्थित गोपालपुरा माताजी परिसर में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार जो वादा करती है, उसे पूरा करके दिखाती है। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण भी किया। उनका काफिला बूंदी के लबान इंटरचेंज से रवाना होकर करीब 90 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कोटा की दरा टनल तक पहुँचा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से परियोजना की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। गडकरी ने यह भी बताया कि एक्सप्रेसवे को और अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ सुधार कार्य भी किए जाएँगे। उन्होंने अलवर के पिनान रेस्ट एरिया में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्सप्रेसवे पर नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि हाईवे पर किसी भी स्थान पर ट्रकों की अवैध पार्किंग नहीं होनी चाहिए तथा यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री के दौरे से पहले, एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के कर्मचारी एक्सप्रेसवे की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी नजर न आए।4
- कोटा जिले में केईडीएल (KEDL) कंपनी की लापरवाही से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। आरोप है कि यह निजी कंपनी एक तरफ तो जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों की जेब पर डाका डाल रही है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं की शिकायतों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उपभोक्ताओं ने लगातार बिजली ट्रिपिंग की समस्या को लेकर पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन दो दिनों से इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया है। केईडीएल कंपनी के अधिकारियों की इस घोर लापरवाही के कारण आम उपभोक्ता खासे चिंतित और परेशान हैं।1
- कोटा के जेके लोन अस्पताल में कार्यरत उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों ने भाजपा नेता फुरकान मिर्ज़ा के नेतृत्व में अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मई और जून माह का बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि नई ठेका फर्म के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जबकि अस्पताल प्रशासन द्वारा उनका पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। फुरकान मिर्ज़ा ने इस मामले में समय पर वेतन भुगतान को कर्मचारियों का अधिकार बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो नर्सिंग कर्मियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। मिर्ज़ा ने स्पष्ट किया कि इस संभावित आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।1