Shuru
Apke Nagar Ki App…
महोबा: मौत के 5 दिन बाद भी प्रशासन मौन, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा: मौत के 5 दिन बाद भी प्रशासन मौन, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार
More news from Mahoba and nearby areas
- महोबा। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। 14 अप्रैल 2026 को कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली थी कि सुभाष नगर स्थित जेल के पीछे जंगल में एक युवती का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली नगर में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 15 अप्रैल को डहर्रा रोड पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए और गिरफ्तार कर लिए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेन्द्र कुमार उर्फ बऊवा (निवासी डहर्रा) और सुमित सिंह (निवासी मवई खुर्द) के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रेम संबंध बना हत्या की वजह पूछताछ में मुख्य आरोपी सुमित सिंह ने बताया कि उसका मृतका से प्रेम संबंध था। युवती की शादी कहीं और तय हो जाने और पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने साथी के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। ये सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त गमछा, तीन मोबाइल फोन (जिसमें मृतका का फोन भी शामिल), हीरो HF डीलक्स मोटरसाइकिल, दो तमंचे (315 बोर व 12 बोर) कारतूस समेत और नगद धनराशि बरामद की है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, अंबेडकर प्रतिमाओं को लेकर बयान1
- शादी के तीन माह पहले युक्ति का सुनसान इलाके में मिला शव1
- महोबा शहर में आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर शहर में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। विभिन्न संगठनों द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा में जन-सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे शहर की मुख्य सड़कें 'जय भीम' के नारों से गूँज उठीं। हज़ारों की संख्या में अनुयायी हाथों में पंचशील ध्वज और नीले झंडे लिए नज़र आए। पूरा जुलूस एक नीले समंदर की तरह दिखाई दे रहा था। रैली में बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और भारतीय संविधान के निर्माण को दर्शाती कई मनमोहक झाँकियाँ शामिल रहीं। यह जुलूस शहर के मुख्य चौराहों से होते हुए निकला, जहाँ जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया गया। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। कई रूटों को डायवर्ट किया गया ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। जगह-जगह सामाजिक संगठनों द्वारा ठंडे पानी और शरबत की स्टॉल भी लगाई गईं। शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो" के संदेश के साथ युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बार विशेष रूप से देखने को मिली।2
- Post by Shashi Kant1
- हमीरपुर, उत्तर प्रदेश। जनपद के जलालपुर और मुस्कुरा थाना क्षेत्रों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक स्थानीय महिला ने क्षेत्र के एक तथाकथित 'बाबा' पर अपने पति और देवर को जान से मारने की धमकी देने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम छानी (थाना मुस्कुरा) की निवासी ज्योति सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मानवेन्द्र (पुत्र जगपाल), जिसे इलाके में 'बिरुआ धाम का बाबा' कहा जाता है, उसके पति विजय सिंह और देवर संजय सिंह को लगातार परेशान कर रहा है। बताया कि वह सबसे पहले इस मामले की शिकायत लेकर जलालपुर थाने गई थी, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। महिला का आरोप है कि वहां से उसे अपमानित करके भगा दिया गया। इसके बाद उसने मुस्कुरा थाने में न्याय की गुहार लगाई है, जहाँ पुलिस ने मामले की जाँच का आश्वासन दिया है। सुरक्षा की चिंता पीड़िता ने लिखित शिकायत में स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में उसके पति या देवर के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका पूर्ण उत्तरदायित्व मानवेन्द्र का होगा। महिला ने प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है1
- *खजुराहो में फिर से हुआ बड़ा हादसा होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही आई सामने रूम बाय प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार की करंट लगने से हुई मौत*। छतरपुर जिले के विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो में फिर से बड़ी घटना में एक कर्मचारी की मौत हो गई है उक्त मामला थाना बमीठा का बताया गया है कि उक्त व्यक्ति होटल दी खजुराहो हेरिटेज रिट्रीट के होटलमें काम करता था होटल प्रबंधनके द्वारा उक्त व्यक्ति से बिजली से संबंधितकार्य कराया गया होटल प्रबन्धन की लापरवाही के चलते बिजली के करंट का शिकार हुआ है आखिर जिम्मेदार कौन परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रदीप किचन में काम करता था लेकिन उससे इलेक्ट्रिक से संबंधित कार्य करवाया गया जिस कारण से उसकी मौत हो गई है आखिर किचन में काम करने वाले व्यक्ति बिजली से संबंधित कार्य कैसे कर सकता है कहीं ना कहीं दबाव के चलते उसके द्वारा यह काम किया गया था जिस कारण से वह अपनी जान गवा बैठा है आखिर कौन इसका जिम्मेदार होगा यह देखना होगा खबर मीडिया में प्रकाशन होने के बाद जिला प्रशासन इस मामले को लेकर कितनी गंभीरता दिखाती है यह तो वक्त ही बताएगा1
- महोबा: मौत के 5 दिन बाद भी प्रशासन मौन, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार1