यूजीसी रोलबैक और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर फूलबाग में प्रदर्शन *अंचल के अम्बाह, पोरसा व ग्रामीण क्षेत्रों से 10-12 वाहनों से काफिले में पहुंचें हजारों युवा शक्ति , विभिन्न संगठनों ने उठाई मांग* अंबाह। फूलबाग, ग्वालियर में यूजीसी के प्रावधानों को वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट में बदलाव तथा आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से संगठनों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते हुए सामाजिक न्याय, समानता और समरसता की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन में अम्बाह से करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय सिंह तोमर एवं अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, अम्बाह के अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर की अगुवाई में युवाओं ने सहभागिता की। अम्बाह से करीब 10-12 वाहनों के काफिले में लगभग 70-80 युवा ग्वालियर पहुंचे और फूलबाग में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर प्राप्त हों और प्रतिभा तथा आर्थिक स्थिति को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। साथ ही यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने तथा एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार और अवसर मिलने से सामाजिक समरसता मजबूत होगी। प्रदर्शन का उद्देश्य किसी वर्ग के प्रति विरोध नहीं, बल्कि एक राष्ट्र, एक न्याय व्यवस्था और समान अवसर की भावना को मजबूत करना है। आयोजकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर युवाओं की भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
यूजीसी रोलबैक और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर फूलबाग में प्रदर्शन *अंचल के अम्बाह, पोरसा व ग्रामीण क्षेत्रों से 10-12 वाहनों से काफिले में पहुंचें हजारों युवा शक्ति , विभिन्न संगठनों ने उठाई मांग* अंबाह। फूलबाग, ग्वालियर में यूजीसी के प्रावधानों को वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट में बदलाव तथा आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण
प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से संगठनों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते हुए सामाजिक न्याय, समानता और समरसता की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन में अम्बाह से करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय सिंह तोमर एवं अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, अम्बाह के अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर की अगुवाई में युवाओं ने सहभागिता की। अम्बाह से करीब 10-12 वाहनों के काफिले में लगभग 70-80 युवा ग्वालियर पहुंचे
और फूलबाग में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर प्राप्त हों और प्रतिभा तथा आर्थिक स्थिति को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। साथ ही यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने तथा एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक
सुधार किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार और अवसर मिलने से सामाजिक समरसता मजबूत होगी। प्रदर्शन का उद्देश्य किसी वर्ग के प्रति विरोध नहीं, बल्कि एक राष्ट्र, एक न्याय व्यवस्था और समान अवसर की भावना को मजबूत करना है। आयोजकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर युवाओं की भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
- बड़े बकायादारों के खिलाफ विद्युत कंपनी ने बढ़ाई सख्ती, सुरक्षा दस्ता के साथ दिन रात कड़ी निगरानी। अंबाह। बड़े बकायादारों के ख़िलाफ़ विद्युत कंपनी ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए और कार्यवाही कठोर का कदम उठाए हैं बड़े बकायादारों के कनेक्शन काटने के बाद वहां पर सतत निगरानी और मॉनिटरिंग के लिए सुरक्षा दस्ता रात दिन तैनात किए गये है जिसके चलते काटे गए कनेक्शन को पुनः ना जोड़ा जा सके जब तक की उसके संबंधित उपभोक्ताओं के द्वारा विद्युत बिल जमा ना कराया जाए । इस प्रकार की कार्यवाही से विद्युत चोरों और बड़े बकायादारों में कंपनी की कठोरतम कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है। बड़े बकायादारों के खिलाफ विद्युत कंपनी ने बढ़ाई सख्ती, सुरक्षा दस्ता के साथ दिन रात कड़ी निगरानी। अंबाह। बड़े बकायादारों के ख़िलाफ़ विद्युत कंपनी ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए और कार्यवाही कठोर का कदम उठाए हैं बड़े बकायादारों के कनेक्शन काटने के बाद वहां पर सतत निगरानी और मॉनिटरिंग के लिए सुरक्षा दस्ता रात दिन तैनात किए गये है जिसके चलते काटे गए कनेक्शन को पुनः ना जोड़ा जा सके जब तक की उसके संबंधित उपभोक्ताओं के द्वारा विद्युत बिल जमा ना कराया जाए । इस प्रकार की कार्यवाही से विद्युत चोरों और बड़े बकायादारों में कंपनी की कठोरतम कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है।1
- यूजीसी रोलबैक और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर फूलबाग में प्रदर्शन *अंचल के अम्बाह, पोरसा व ग्रामीण क्षेत्रों से 10-12 वाहनों से काफिले में पहुंचें हजारों युवा शक्ति , विभिन्न संगठनों ने उठाई मांग* अंबाह। फूलबाग, ग्वालियर में यूजीसी के प्रावधानों को वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट में बदलाव तथा आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से संगठनों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते हुए सामाजिक न्याय, समानता और समरसता की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन में अम्बाह से करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय सिंह तोमर एवं अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, अम्बाह के अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर की अगुवाई में युवाओं ने सहभागिता की। अम्बाह से करीब 10-12 वाहनों के काफिले में लगभग 70-80 युवा ग्वालियर पहुंचे और फूलबाग में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर प्राप्त हों और प्रतिभा तथा आर्थिक स्थिति को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। साथ ही यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने तथा एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार और अवसर मिलने से सामाजिक समरसता मजबूत होगी। प्रदर्शन का उद्देश्य किसी वर्ग के प्रति विरोध नहीं, बल्कि एक राष्ट्र, एक न्याय व्यवस्था और समान अवसर की भावना को मजबूत करना है। आयोजकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर युवाओं की भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।4
- नेपाल में कुदरत का कहर: अपनों से बिछड़े मासूम, बेघर बच्चों को देखकर रूह कांप जाती है 👇 नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जलप्रलय ने हज़ारों परिवारों की ज़िंदगियां तहस-नहस कर दी हैं। उफनती नदियों और विनाशकारी भूस्खलन के तांडव ने न सिर्फ़ बस्तियों और पुलों का नामोनिशान मिटा दिया, बल्कि सैकड़ों मासूमों को एक ही झटके में बेघर और असहाय बना दिया है। मासूमों का दर्द: जिन्हें अपने परिवार तक की खबर नहीं नज़ारा किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफ़ी है। वहां भटकते छोटे-छोटे बच्चे, जिन्हें यह भी नहीं पता कि उनके माता-पिता किस हाल में हैं या कहां लापता हो गए हैं। जो उम्र हाथों में किताबें थामने और बेफिक्र खेलने की होती है, उस उम्र में ये मासूम अपनों की तलाश में सिसकते नज़र आ रहे हैं। भूख, ठंड और अनिश्चित भविष्य के बीच इन बच्चों की बेबसी सीधे दिल को झकझोरती है। क्या नेपाल सरकार कर पाएगी उत्तम व्यवस्था? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही राहत सामग्री और बचाव अभियानों के बावजूद धरातल पर सवाल क्या करना चाहिए नेपाल सरकार को इन बिछड़े हुए परिवारों के लिए 👇 अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दर्ज करें।नेपाल में कुदरत का कहर: अपनों से बिछड़े मासूम, बेघर बच्चों के आंसुओं के बीच उठे शासन-प्रशासन पर बड़े सवाल ☝️👇 नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जलप्रलय ने हज़ारों परिवारों की ज़िंदगियां तहस-नहस कर दी हैं। उफनती नदियों और विनाशकारी भूस्खलन के तांडव ने न सिर्फ़ बस्तियों और पुलों का नामोनिशान मिटा दिया, बल्कि सैकड़ों मासूमों को एक ही झटके में बेघर और असहाय बना दिया है। मासूमों का दर्द: जिन्हें अपने परिवार तक की खबर नहीं आपदा प्रभावित इलाकों और अस्थायी राहत शिविरों का नज़ारा किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफ़ी है। वहां भटकते छोटे-छोटे बच्चे, जिन्हें यह भी नहीं पता कि उनके माता-पिता किस हाल में हैं या कहां लापता हो गए हैं। जो उम्र हाथों में किताबें थामने और बेफिक्र खेलने की होती है, उस उम्र में ये मासूम अपनों की तलाश में सिसकते नज़र आ रहे हैं। भूख, ठंड और अनिश्चित भविष्य के बीच इन बच्चों की बेबसी सीधे दिल को झकझोरती है। क्या नेपाल सरकार कर पाएगी उत्तम व्यवस्था? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही राहत सामग्री और बचाव अभियानों के बावजूद धरातल पर सवाल जस के तस बने हुए हैं: स्थायी आश्रय और देख-रेख: क्या नेपाल सरकार इन अनाथ और अपनों से बिछड़े मासूमों के लिए स्थायी पुनर्वास और भोजन की पारदर्शी व्यवस्था कर पाएगी? सुरक्षा और मानसिक संबल: आपदा के इस भयानक प्रभाव से बच्चों को उबारने के लिए क्या विशेष बाल-संरक्षण केंद्र और परामर्श टीम बनाई जा रही है? परिजनों से मिलाने की पहल: लापता लोगों की विशाल सूची के बीच इन बच्चों को उनके परिजनों या रिश्तेदारों से पुनर्मिलन कराने की प्रशासनिक गति कितनी असरदार साबित होगी? आपकी राय महत्वपूर्ण है जिस पैमाने पर यह त्रासदी आई है, क्या आपको लगता है कि नेपाल सरकार का मौजूदा आपदा प्रबंधन और पुनर्वास ढांचा इन बेघर बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त है? या इसके लिए वैश्विक स्तर पर और अधिक ठोस कदम उठाने की जरूरत है? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दर्ज करें। #nonfollowers #follower #followerseveryone #friendship #Facebook #facebookpost #facebookreels #viralvideo #FacebookPage1
- #नदी का कहर: घर तक पहुंचा पानी, फसल बर्बाद होने से किसान परेशान #अम्बाह। कुंवारी नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है, वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। हालात को लेकर किसानों में भारी चिंता और आक्रोश है। #मुरैना की अम्बाह तहसील में कुंवारी नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते हाल ही में ग्रामीणों के रेस्क्यू की खबरें भी सामने आई हैं। फसल बर्बाद होने से परेशान एक किसान ने कथित तौर पर #आत्महत्या का प्रयास करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने समय रहते उसे बचा लिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा और राहत राशि दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ने से घरों और खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज किए जाएं और किसानों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।1
- राजाखेड़ा में सांडों की ‘दंगल’, फास्ट फूड दुकान का टूटा काउंटर भिड़ते हुए दुकान में घुसे दो सांड, बाल-बाल बचे लोग; छुट्टा पशुओं से कस्बेवासी परेशान राजाखेड़ा। कस्बे में छुट्टा पशुओं का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार शाम कस्बे के सरकारी हॉस्पीटल के पास देखने को मिला जहां दो सांडों की लड़ाई ने अचानक ऐसा रौद्र रूप ले लिया कि वे भिड़ते-भिड़ते एक फास्ट फूड की दुकान तक जा पहुंचे। दोनों सांडों ने दुकान के काउंटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से दुकान पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सांडों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय दुकानदार अजय ने बताया कि सांडों के आपस में भिड़ने और दुकान में घुसने से कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई। इस घटना में काउंटर और उस पर रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कब थमेगा छुट्टा पशुओं का आतंक? स्थानीय निवासी अश्वनी,विष्णु आदि ने बताया कि राजाखेड़ा कस्बे में सड़कों और बाजारों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। आए दिन पशुओं के आपस में लड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान पर न बन आए। राजाखेड़ा में सांडों की ‘दंगल’, फास्ट फूड दुकान का टूटा काउंटर भिड़ते हुए दुकान में घुसे दो सांड, बाल-बाल बचे लोग; छुट्टा पशुओं से कस्बेवासी परेशान राजाखेड़ा। कस्बे में छुट्टा पशुओं का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार शाम कस्बे के सरकारी हॉस्पीटल के पास देखने को मिला जहां दो सांडों की लड़ाई ने अचानक ऐसा रौद्र रूप ले लिया कि वे भिड़ते-भिड़ते एक फास्ट फूड की दुकान तक जा पहुंचे। दोनों सांडों ने दुकान के काउंटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से दुकान पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सांडों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय दुकानदार अजय ने बताया कि सांडों के आपस में भिड़ने और दुकान में घुसने से कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई। इस घटना में काउंटर और उस पर रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कब थमेगा छुट्टा पशुओं का आतंक? स्थानीय निवासी अश्वनी,विष्णु आदि ने बताया कि राजाखेड़ा कस्बे में सड़कों और बाजारों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। आए दिन पशुओं के आपस में लड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान पर न बन आए।1
- फतेहाबाद क्षेत्र की झाल में दीवार तोड़कर दो दुकानों में लाखों की चोरी फतेहाबाद में दीवार तोड़कर दो दुकानों में लाखों की चोरी 🚨 फतेहाबाद। झाल चौराहा के पास फतेहाबाद रोड पर बुधवार रात चोरों ने दो दुकानों को निशाना बना लिया। चोर दुकानों के पीछे की दीवार तोड़कर अंदर घुसे और नकदी समेत लाखों रुपये का सामान चोरी कर फरार हो गए। 🟥 राधा माधव मेडिकल स्टोर के संचालक रवि कुमार के मुताबिक, चोर पीछे की दीवार तोड़कर दुकान में दाखिल हुए और करीब ₹1.44 लाख की नकदी व कीमती दवाइयां चोरी कर ले गए। दुकान में सामान भी अस्त-व्यस्त मिला और दीवार को नुकसान पहुंचा। 🟥 वहीं परचूनी दुकानदार हरेंद्र उपाध्याय की दुकान में भी चोरों ने पीछे की दीवार तोड़कर चोरी की। दुकान से चीनी, बूरे के कट्टे, रिफाइंड, दाल, ड्राई फ्रूट समेत अन्य कीमती सामान गायब मिला। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों दुकानों का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चोरों की तलाश में जुटी है। एक ही रात में दो दुकानों में चोरी की वारदात से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारियों ने पुलिस से जल्द चोरों का खुलासा कर चोरी का सामान बरामद करने तथा रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। पत्रकार कृष्णकांत निषाद | समाचार नेशन #फतेहाबाद #आगरा #चोरी #दुकानमेंचोरी #ब्रेकिंगन्यूज #Fatehabad #AgraNews #CrimeNews1
- सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को सुनिए,,,,,,,,,,,,1
- मुख्यमंत्री डॉ. Dr Mohan Yadav जहरीली शराब कांड के बाद सागर पहुंचे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज जाकर प्रभावित मरीजों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके इलाज की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “ऐसी कार्रवाई करेंगे कि दोबारा कोई ऐसी हिम्मत न करे” और दोषियों की अवैध संपत्तियों व अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को उन्होंने कार्रवाई के लिए फ्री-हैंड देने की बात कही। इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।1