राजाखेड़ा में सांडों की ‘दंगल’, फास्ट फूड दुकान का टूटा काउंटर भिड़ते हुए दुकान में घुसे दो सांड, बाल-बाल बचे लोग; छुट्टा पशुओं से कस्बेवासी परेशान राजाखेड़ा। कस्बे में छुट्टा पशुओं का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार शाम कस्बे के सरकारी हॉस्पीटल के पास देखने को मिला जहां दो सांडों की लड़ाई ने अचानक ऐसा रौद्र रूप ले लिया कि वे भिड़ते-भिड़ते एक फास्ट फूड की दुकान तक जा पहुंचे। दोनों सांडों ने दुकान के काउंटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से दुकान पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सांडों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय दुकानदार अजय ने बताया कि सांडों के आपस में भिड़ने और दुकान में घुसने से कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई। इस घटना में काउंटर और उस पर रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कब थमेगा छुट्टा पशुओं का आतंक? स्थानीय निवासी अश्वनी,विष्णु आदि ने बताया कि राजाखेड़ा कस्बे में सड़कों और बाजारों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। आए दिन पशुओं के आपस में लड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान पर न बन आए। राजाखेड़ा में सांडों की ‘दंगल’, फास्ट फूड दुकान का टूटा काउंटर भिड़ते हुए दुकान में घुसे दो सांड, बाल-बाल बचे लोग; छुट्टा पशुओं से कस्बेवासी परेशान राजाखेड़ा। कस्बे में छुट्टा पशुओं का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार शाम कस्बे के सरकारी हॉस्पीटल के पास देखने को मिला जहां दो सांडों की लड़ाई ने अचानक ऐसा रौद्र रूप ले लिया कि वे भिड़ते-भिड़ते एक फास्ट फूड की दुकान तक जा पहुंचे। दोनों सांडों ने दुकान के काउंटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से दुकान पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सांडों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय दुकानदार अजय ने बताया कि सांडों के आपस में भिड़ने और दुकान में घुसने से कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई। इस घटना में काउंटर और उस पर रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कब थमेगा छुट्टा पशुओं का आतंक? स्थानीय निवासी अश्वनी,विष्णु आदि ने बताया कि राजाखेड़ा कस्बे में सड़कों और बाजारों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। आए दिन पशुओं के आपस में लड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान पर न बन आए।
राजाखेड़ा में सांडों की ‘दंगल’, फास्ट फूड दुकान का टूटा काउंटर भिड़ते हुए दुकान में घुसे दो सांड, बाल-बाल बचे लोग; छुट्टा पशुओं से कस्बेवासी परेशान राजाखेड़ा। कस्बे में छुट्टा पशुओं का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार शाम कस्बे के सरकारी हॉस्पीटल के पास देखने को मिला जहां दो सांडों की लड़ाई ने अचानक ऐसा रौद्र रूप ले लिया कि वे भिड़ते-भिड़ते एक फास्ट फूड की दुकान तक जा पहुंचे। दोनों सांडों ने दुकान के काउंटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से दुकान पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सांडों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय दुकानदार अजय ने बताया कि सांडों के आपस में भिड़ने और दुकान में घुसने से कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई। इस घटना में काउंटर और उस पर रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कब थमेगा छुट्टा पशुओं का आतंक? स्थानीय निवासी अश्वनी,विष्णु आदि ने बताया कि राजाखेड़ा कस्बे में सड़कों और बाजारों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। आए दिन पशुओं के आपस में लड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान पर न बन आए। राजाखेड़ा में सांडों की ‘दंगल’, फास्ट फूड दुकान का टूटा काउंटर भिड़ते हुए दुकान में घुसे दो सांड, बाल-बाल बचे लोग; छुट्टा पशुओं से कस्बेवासी परेशान राजाखेड़ा। कस्बे में छुट्टा पशुओं का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार शाम कस्बे के सरकारी हॉस्पीटल के पास देखने को मिला जहां दो सांडों की लड़ाई ने अचानक ऐसा रौद्र रूप ले लिया कि वे भिड़ते-भिड़ते एक फास्ट फूड की दुकान तक जा पहुंचे। दोनों सांडों ने दुकान के काउंटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से दुकान पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सांडों की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय दुकानदार अजय ने बताया कि सांडों के आपस में भिड़ने और दुकान में घुसने से कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई। इस घटना में काउंटर और उस पर रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कब थमेगा छुट्टा पशुओं का आतंक? स्थानीय निवासी अश्वनी,विष्णु आदि ने बताया कि राजाखेड़ा कस्बे में सड़कों और बाजारों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। आए दिन पशुओं के आपस में लड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान पर न बन आए।
- आगरा जिला कलेक्टर ब्रेकिंग!!! भारतीय किसान संघ, जनपद आगरा द्वारा आज किसानों की स्थानीय समस्याओं एवं प्रमुख मांगों को लेकर जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट आगरा पर किसान शक्ति प्रदर्शन एवं जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया... इस किसान शक्ति प्रदर्शन एवं विशाल धरना प्रदर्शन मे जिलाध्यक्ष आगरा रामेस्वर के साथ सैंकड़ो किसानो ने शक्ति प्रदर्शन,धरना प्रदर्शन किया1
- उटंगन नदी में घटा जलस्तर, किसानों ने ली राहत की सांस एक फीट पानी कम होने के बावजूद टोड़ा और नागर घाट के रपटा पुलों पर जलभराव से आवागमन बाधित फतेहाबाद : उटंगन नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर में बुधवार को करीब एक फीट की गिरावट दर्ज होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदी का पानी अभी भी टोड़ा घाट और नागर घाट पर बने रपटा पुलों के ऊपर से बह रहा है। इससे दोनों मार्गों पर आवागमन बाधित बना हुआ है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए पिनाहट होते हुए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से उटंगन नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई थी। नदी का पानी खेतों की ओर पहुंचने से फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई थी। बुधवार को जलस्तर में करीब एक फीट की कमी आने के बाद किसानों ने कुछ राहत महसूस की है। हालांकि खेतों में पानी भरा होने से फसलों पर संकट अभी टला नहीं है। टोड़ा घाट और नागर घाट के रपटा पुलों पर पानी होने के कारण स्थानीय लोगों का सीधा संपर्क प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के बावजूद पुलों पर आवागमन शुरू होने की स्थिति नहीं बनी है। बाइक और अन्य छोटे वाहनों को भी पानी के बीच से निकालना जोखिम भरा है। ऐसे में लोग पिनाहट होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर पर लगातार नजर रखने और पानी कम होते ही रपटा पुलों की स्थिति का निरीक्षण कराने की मांग की है।1
- यूजीसी रोलबैक और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर फूलबाग में प्रदर्शन *अंचल के अम्बाह, पोरसा व ग्रामीण क्षेत्रों से 10-12 वाहनों से काफिले में पहुंचें हजारों युवा शक्ति , विभिन्न संगठनों ने उठाई मांग* अंबाह। फूलबाग, ग्वालियर में यूजीसी के प्रावधानों को वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट में बदलाव तथा आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से संगठनों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते हुए सामाजिक न्याय, समानता और समरसता की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन में अम्बाह से करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय सिंह तोमर एवं अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, अम्बाह के अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर की अगुवाई में युवाओं ने सहभागिता की। अम्बाह से करीब 10-12 वाहनों के काफिले में लगभग 70-80 युवा ग्वालियर पहुंचे और फूलबाग में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर प्राप्त हों और प्रतिभा तथा आर्थिक स्थिति को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। साथ ही यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने तथा एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार और अवसर मिलने से सामाजिक समरसता मजबूत होगी। प्रदर्शन का उद्देश्य किसी वर्ग के प्रति विरोध नहीं, बल्कि एक राष्ट्र, एक न्याय व्यवस्था और समान अवसर की भावना को मजबूत करना है। आयोजकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर युवाओं की भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।4
- नेपाल में कुदरत का कहर: अपनों से बिछड़े मासूम, बेघर बच्चों को देखकर रूह कांप जाती है 👇 नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जलप्रलय ने हज़ारों परिवारों की ज़िंदगियां तहस-नहस कर दी हैं। उफनती नदियों और विनाशकारी भूस्खलन के तांडव ने न सिर्फ़ बस्तियों और पुलों का नामोनिशान मिटा दिया, बल्कि सैकड़ों मासूमों को एक ही झटके में बेघर और असहाय बना दिया है। मासूमों का दर्द: जिन्हें अपने परिवार तक की खबर नहीं नज़ारा किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफ़ी है। वहां भटकते छोटे-छोटे बच्चे, जिन्हें यह भी नहीं पता कि उनके माता-पिता किस हाल में हैं या कहां लापता हो गए हैं। जो उम्र हाथों में किताबें थामने और बेफिक्र खेलने की होती है, उस उम्र में ये मासूम अपनों की तलाश में सिसकते नज़र आ रहे हैं। भूख, ठंड और अनिश्चित भविष्य के बीच इन बच्चों की बेबसी सीधे दिल को झकझोरती है। क्या नेपाल सरकार कर पाएगी उत्तम व्यवस्था? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही राहत सामग्री और बचाव अभियानों के बावजूद धरातल पर सवाल क्या करना चाहिए नेपाल सरकार को इन बिछड़े हुए परिवारों के लिए 👇 अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दर्ज करें।नेपाल में कुदरत का कहर: अपनों से बिछड़े मासूम, बेघर बच्चों के आंसुओं के बीच उठे शासन-प्रशासन पर बड़े सवाल ☝️👇 नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जलप्रलय ने हज़ारों परिवारों की ज़िंदगियां तहस-नहस कर दी हैं। उफनती नदियों और विनाशकारी भूस्खलन के तांडव ने न सिर्फ़ बस्तियों और पुलों का नामोनिशान मिटा दिया, बल्कि सैकड़ों मासूमों को एक ही झटके में बेघर और असहाय बना दिया है। मासूमों का दर्द: जिन्हें अपने परिवार तक की खबर नहीं आपदा प्रभावित इलाकों और अस्थायी राहत शिविरों का नज़ारा किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफ़ी है। वहां भटकते छोटे-छोटे बच्चे, जिन्हें यह भी नहीं पता कि उनके माता-पिता किस हाल में हैं या कहां लापता हो गए हैं। जो उम्र हाथों में किताबें थामने और बेफिक्र खेलने की होती है, उस उम्र में ये मासूम अपनों की तलाश में सिसकते नज़र आ रहे हैं। भूख, ठंड और अनिश्चित भविष्य के बीच इन बच्चों की बेबसी सीधे दिल को झकझोरती है। क्या नेपाल सरकार कर पाएगी उत्तम व्यवस्था? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही राहत सामग्री और बचाव अभियानों के बावजूद धरातल पर सवाल जस के तस बने हुए हैं: स्थायी आश्रय और देख-रेख: क्या नेपाल सरकार इन अनाथ और अपनों से बिछड़े मासूमों के लिए स्थायी पुनर्वास और भोजन की पारदर्शी व्यवस्था कर पाएगी? सुरक्षा और मानसिक संबल: आपदा के इस भयानक प्रभाव से बच्चों को उबारने के लिए क्या विशेष बाल-संरक्षण केंद्र और परामर्श टीम बनाई जा रही है? परिजनों से मिलाने की पहल: लापता लोगों की विशाल सूची के बीच इन बच्चों को उनके परिजनों या रिश्तेदारों से पुनर्मिलन कराने की प्रशासनिक गति कितनी असरदार साबित होगी? आपकी राय महत्वपूर्ण है जिस पैमाने पर यह त्रासदी आई है, क्या आपको लगता है कि नेपाल सरकार का मौजूदा आपदा प्रबंधन और पुनर्वास ढांचा इन बेघर बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त है? या इसके लिए वैश्विक स्तर पर और अधिक ठोस कदम उठाने की जरूरत है? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दर्ज करें। #nonfollowers #follower #followerseveryone #friendship #Facebook #facebookpost #facebookreels #viralvideo #FacebookPage1
- #नदी का कहर: घर तक पहुंचा पानी, फसल बर्बाद होने से किसान परेशान #अम्बाह। कुंवारी नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है, वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। हालात को लेकर किसानों में भारी चिंता और आक्रोश है। #मुरैना की अम्बाह तहसील में कुंवारी नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते हाल ही में ग्रामीणों के रेस्क्यू की खबरें भी सामने आई हैं। फसल बर्बाद होने से परेशान एक किसान ने कथित तौर पर #आत्महत्या का प्रयास करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने समय रहते उसे बचा लिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा और राहत राशि दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ने से घरों और खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज किए जाएं और किसानों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।1
- फिरोजाबाद के जसराना के मैन रोड स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक फिरोज़ाबाद पुलिस से गाँव के लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर मोबाइल के टावर पर चढ़ा युवक,गाँव के ही लोगों पर मारपीट के आरोप से परेशान था लगभग दो घन्टे तक टॉवर पर चढ़ा रहा विकास नाम का युवक, पुलिस के कार्यवाही के आश्वासन के बाद टावर से उतरा विकास,युवक जसराना बाजार के मेन रोड के पास लगे टावर पर चढ़ा था ,थाना जसराना क्षेत्र के सुरेला गाँव का रहने वाला है विकास मौके पर पहुँचे सीओ जसराना प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने दिलाया कार्यवाही भरोसा। Updated News-10/सितम्बर/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर के लिए शीघ्र सम्पर्क करें |1
- कंस मेला समापन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां फतेहाबाद : ऐतिहासिक कंस मेले का सोमवार को विधिवत समापन हो गया। इसके बाद मंगलवार को कंस मेला कमेटी की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देर शाम शुरू हुए कार्यक्रमों में कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेला परिसर में पहुंचे। सोमवार को मेले के समापन की घोषणा जिला पंचायत अध्यक्ष डा. मंजू भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर ने संयुक्त रूप से की थी। इस दौरान वक्ताओं ने कंस मेले को फतेहाबाद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसकी परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मंगलवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। रंगारंग प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कई दिनों से मेले में बनी चहल-पहल समापन के बाद भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते मंगलवार रात तक नजर आई। कार्यक्रम में कंस मेला कमेटी अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता, चेयरमैन बबीता रविप्रकाश शल्या, देहात अध्यक्ष योगेश चौहान, आलोक बछरबार, अवकेश गोलस, मुकेश गुप्ता, सतीश गुप्ता, अंकित गुप्ता, मीरा शर्मा, सचिन अलेपुरिया, आकांश मेरोठिया, मयंक गुप्ता, गौरव गुप्ता, गणेश बघेल और विपुल लोहिया समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को लेकर पुलिस का पुख्ता सुरक्षा प्लान बाड़ी, बसेड़ी और सरमथुरा के 95 वार्डों में 101 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग, 791 पुलिस अधिकारी-जवान संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था धौलपुर। नगर निकाय आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण के मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए धौलपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। 11 सितंबर को बाड़ी, बसेड़ी और सरमथुरा नगरपालिकाओं के कुल 95 वार्डों में 101 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में करीब 800 पुलिस अधिकारी एवं जवान चुनाव सुरक्षा की कमान संभालेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में धौलपुर पुलिस, आरएसी और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। चुनाव ड्यूटी में 3 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 6 पुलिस उप अधीक्षक तथा निरीक्षक एवं उप निरीक्षकों सहित कुल 791 पुलिस अधिकारी-जवान लगाए गए हैं। हर मतदान केंद्र पर दो पुलिसकर्मी तैनात द्वितीय चरण के सभी 101 मतदान केंद्रों पर दो-दो पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। ये पुलिसकर्मी मतदान दल के साथ समन्वय रखते हुए मतदान केंद्र एवं चुनाव सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और आवश्यक कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे। 31 संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा चुनाव क्षेत्रों में चिन्हित 31 संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान भवनों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर 1-4 के अतिरिक्त पुलिस जाप्ते की तैनाती की गई है, जिसमें दो पुलिसकर्मी सशस्त्र रहेंगे। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी के साथ पुलिस का लगातार भ्रमण भी रहेगा। 15 मोबाइल पार्टियां रहेंगी सक्रिय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीनों नगर निकाय क्षेत्रों में 15 पुलिस मोबाइल पार्टियां तैनात की गई हैं। प्रत्येक मोबाइल पार्टी में 1-4 का पुलिस जाप्ता रहेगा। मोबाइल पार्टियां मतदान दिवस पर लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए मतदान केंद्रों का निरीक्षण करेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल कार्रवाई करेंगी। मतदान केंद्रों के बाहर अनधिकृत व्यक्तियों अथवा असामाजिक तत्वों को अनावश्यक रूप से एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा। मोबाइल पार्टियां मतदाताओं की सुव्यवस्थित कतार बनाए रखने में भी तैनात पुलिसकर्मियों का सहयोग करेंगी। 14 सुपरवाइजरी अधिकारी करेंगे निगरानी चुनाव व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिले में 3 सीनियर सुपरवाइजरी अधिकारी तथा तीनों नगर निकाय क्षेत्रों में 11 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक अधिकारी को चार पुलिसकर्मियों का जाप्ता उपलब्ध कराया गया है। ये अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था, निर्वाचन आचार संहिता के पालन और पुलिस व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करेंगे। रिजर्व पुलिस बल भी रहेगा तैयार किसी भी आकस्मिक कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व पुलिस जाप्ता भी तैयार रखा गया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक रिजर्व के रूप में पर्याप्त बल मुस्तैद रहेगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा जा सके। तीनों निकायों में फ्लैग मार्च मतदान से एक दिन पहले पुलिस टीमों ने बाड़ी, बसेड़ी और सरमथुरा में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने आमजन एवं मतदाताओं को भयमुक्त होकर मतदान करने का संदेश दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान तथा मतदाताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। धौलपुर पुलिस ने मतदाताओं से बिना किसी भय, दबाव या प्रलोभन के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। पुलिस ने अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं से बचने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या जिला पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9530411842 एवं 9530411843 पर देने की अपील की है।2
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री आदित्य लांग्हे के निर्देशन में यातायात पुलिस टीम द्वारा जनपद में यातायात व्यवस्था * को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाने व अभियान के दौरान मानक से अधिक सवारी बैठाकर चलने वाले ऑटो के विरुद्ध कार्यवाही करने, प्रमुख चौराहों को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा संचालित किए जाने पर प्रभावी कार्यवाही करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी यातायात द्वारा दी गयी बाइट-*1