24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं मिला सुराग, एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा घघसरा/गोरखपुर। पाली क्षेत्र के माट गांव निवासी 55 वर्षीय विशंभर चौहान सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब आठ बजे साइकिल से घर से निकले थे। बताया जा रहा है कि वह छठ माता मंदिर बेलौहा के पास पहुंचे और अपनी साइकिल खड़ी कर गांव की परंपरा के अनुसार पूजा के लिए कमल का फूल निकालने गए। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनके लापता होने की सूचना से परिजनों में चिंता का माहौल है, वहीं ग्रामीण भी उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के बाहर स्थित चोरमा नाला काफी गहरा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नाले की गहराई करीब 10 फीट है। आशंका के मद्देनजर नाले में उनकी तलाश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम लगातार खोजबीन कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक विशंभर चौहान का कोई सुराग नहीं मिल सका था। बताया जा रहा है कि खोज अभियान में छह घंटे से अधिक समय से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, उनके लापता हुए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है और सभी उनकी सकुशल बरामदगी की उम्मीद कर रहे हैं। विशंभर चौहान के परिवार में पांच बेटे हैं। इनमें जंग बहादुर चौहान, सुनील चौहान और अनिल चौहान सूरत में रहकर पेट्रोलियम संबंधी काम करते हैं। पिता के लापता होने की खबर से परिवार के लोग परेशान हैं। मौके पर थाना एसआई अरविंद कुमार सिंह भी पहुंचे हुए हैं। पुलिस की मौजूदगी में एनडीआरएफ की टीम चोरमा नाले में तलाश अभियान चला रही है। फिलहाल, विशंभर चौहान के लापता होने के कारणों और उनके साथ हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन और ग्रामीण उनके सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं मिला सुराग, एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा घघसरा/गोरखपुर। पाली क्षेत्र के माट गांव निवासी 55 वर्षीय विशंभर चौहान सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब आठ बजे साइकिल से घर से निकले थे। बताया जा रहा है कि वह छठ माता मंदिर बेलौहा के पास पहुंचे और अपनी साइकिल खड़ी कर गांव की परंपरा के अनुसार पूजा के लिए कमल का फूल निकालने गए। इसके बाद से उनका कोई
पता नहीं चल पाया है। उनके लापता होने की सूचना से परिजनों में चिंता का माहौल है, वहीं ग्रामीण भी उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के बाहर स्थित चोरमा नाला काफी गहरा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नाले की गहराई करीब 10 फीट है। आशंका के मद्देनजर नाले में उनकी तलाश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम लगातार खोजबीन कर रही
है, लेकिन खबर लिखे जाने तक विशंभर चौहान का कोई सुराग नहीं मिल सका था। बताया जा रहा है कि खोज अभियान में छह घंटे से अधिक समय से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, उनके लापता हुए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है और सभी उनकी सकुशल बरामदगी की उम्मीद कर रहे हैं। विशंभर चौहान के परिवार में पांच बेटे हैं। इनमें जंग बहादुर चौहान, सुनील चौहान और अनिल
चौहान सूरत में रहकर पेट्रोलियम संबंधी काम करते हैं। पिता के लापता होने की खबर से परिवार के लोग परेशान हैं। मौके पर थाना एसआई अरविंद कुमार सिंह भी पहुंचे हुए हैं। पुलिस की मौजूदगी में एनडीआरएफ की टीम चोरमा नाले में तलाश अभियान चला रही है। फिलहाल, विशंभर चौहान के लापता होने के कारणों और उनके साथ हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन और ग्रामीण उनके सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
- शॉर्ट सर्किट से पोल से नीचे गिरा बंदर, रविंद्र तिवारी ने पहुंचाया पशु अस्पताल घघसरा/गोरखपुर। पाली क्षेत्र के नगर पंचायत घघसरा अंतर्गत कोड़री उर्फ हड़ही गांव में शॉर्ट सर्किट की घटना के दौरान बिजली के पोल पर चढ़ा एक छोटा बंदर नीचे गिरकर घायल हो गया। मौके पर मौजूद किसान बीज भंडार के मालिक रविंद्र तिवारी ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल बंदर को उठाया और इलाज के लिए पशु अस्पताल हड़ही पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, रविंद्र तिवारी अपनी दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान बिजली के पोल पर शॉर्ट सर्किट हुआ। तभी पोल पर चढ़ा एक छोटा बंदर नीचे गिर पड़ा। आसपास मौजूद कुछ बच्चों ने बंदर को गिरते देखा तो शोर मचाकर लोगों को इसकी जानकारी दी। बच्चों की आवाज सुनकर रविंद्र तिवारी तुरंत दुकान से बाहर निकले और बंदर के पास पहुंचकर उसकी स्थिति देखी। उन्होंने बिना देर किए बंदर को उठाया और पशु अस्पताल हड़ही ले गए। पशु अस्पताल में चिकित्सक डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बंदर की जांच की और उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टर के अनुसार, बंदर की स्थिति खतरे से बाहर है। उसे हल्की चोटें आई हैं और इलाज किया जा रहा है। बंदर को कुछ इंजेक्शन भी लगाए गए हैं तथा आगे भी उपचार जारी रहेगा। रविंद्र तिवारी घायल बंदर को अपने घर पर रखकर उसकी देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल उसे हल्दी और दूध भी पिलाया। बंदर का अगले दिन भी इलाज कराया जाएगा। रविंद्र तिवारी की इस पहल की सराहना की जा रही है। उनकी तत्परता से घायल बेजुबान जीव को समय पर उपचार मिल सका। यह घटना इंसानियत और बेजुबान पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण है।4
- गोरखपुर अपडेट काउंटिंग के बीच निर्दल प्रत्याशी राजीव यादव का बयान चर्चा में! निर्दल प्रत्याशी राजीव यादव अपने एजेंट के समर्थन में उतरे। इस दौरान उन्होंने कहा, “अभी छोड़कर चला जाऊंगा, जिसे जितना हो जीता लेना।” मतगणना के दौरान दिए गए इस बयान को लेकर चर्चा तेज है। अब देखना होगा कि मतगणना के अंतिम परिणाम क्या सामने आते हैं... गोरखपुर अपडेट काउंटिंग के बीच निर्दल प्रत्याशी राजीव यादव का बयान चर्चा में! निर्दल प्रत्याशी राजीव यादव अपने एजेंट के समर्थन में उतरे। इस दौरान उन्होंने कहा, “अभी छोड़कर चला जाऊंगा, जिसे जितना हो जीता लेना।” मतगणना के दौरान दिए गए इस बयान को लेकर चर्चा तेज है। अब देखना होगा कि मतगणना के अंतिम परिणाम क्या सामने आते हैं...1
- गोरखपुर के गुलरिहा में भूमि विवाद में महिला की पिटाई, पुलिस से भिड़े ग्रामीण - पुलिस की जीप के पर्दे फाड़े गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के सिंघोरवा गांव में भूमि विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। एक महिला की लात-घूंसों से पिटाई की गई, उसके घर पर ईंट-पत्थर फेंके गए और दरवाजे-खिड़कियां तोड़ दी गई। मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस से भी भीड़ उलझ गई। भटहट, गुलरिहा थाना क्षेत्र के सिंघोरवा गांव की घटना है। शुक्रवार सुबह पुराने भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में रंजिश चली आ रही थी। आरोप है कि गांव के रामासरे उर्फ सीताराम और उनके परिवार के दर्जनों लोग लाठी-डंडे लेकर कंचन पत्नी मनोज के घर पहुंच गए। विरोध करने पर भीड़ ने कंचन को लात-घूंसों से पीट दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकाया गया। आरोप है कि हमलावरों ने घर पर पथराव कर दरवाजे और खिड़कियों में तोड़फोड़ की। घटना की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ पुलिसकर्मियों से भी उलझ गई। महिला को बचाकर पुलिस ले जाने लगी तो लोगों ने पुलिस की जीप रोक ली। हालात ऐसे बन गए कि पुलिस को 300 मीटर तक जीप पीछे करनी पड़ी। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस की जीप के पर्दे फाड़ दिए। इसके बाद भटहट चौकी की पुलिस पहुंची और महिलाओं को भीड़ से बचाकर चौकी ले गई। पीड़ित सिंघोरवा निवासी कंचन पत्नी मनोज ने भटहट चौकी पर तहरीर देकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। घटना के बाद आरोपित घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान कर कार्रवाई की जा रही है और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।1
- शुरुआती रुझानों में अजीत सिंह आगे! रामजस सिंह ने किया जीत का दावा | Gorakhpur-Faizabad MLC1
- “किडनी भी दान कर दूंगा!” मायाशंकर शुक्ल के समर्थन में पूर्व प्रधान अमरजीत यादव का बड़ा बयान मायाशंकर शुक्ल की पदयात्रा के दौरान पूर्व प्रधान अमरजीत यादव का भावुक बयान चर्चा में है। उन्होंने मायाशंकर शुक्ल के समर्थन में अपनी बात रखते हुए SC, ST और पिछड़े वर्ग के साथियों से भी अपील की। 🎥 देखिए पूरा वीडियो और सुनिए उन्होंने आगे क्या कहा। #MayashankarShukla #AmarjeetYadav #Chillupar #GorakhpurNews1
- खलीलाबाद में 735 किलो अवैध पटाखे बरामद, एक गिरफ्तार चकदही निवासी रमेश के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर। दीपावली के मद्देनजर अवैध पटाखों के भंडारण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 735 किलोग्राम अवैध पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में चकदही निवासी रमेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत 26 अक्टूबर को पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रमेश पुत्र स्वर्गीय राम शंकर, निवासी चकदही, थाना कोतवाली खलीलाबाद को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से विभिन्न प्रकार के कुल 735 किलोग्राम अवैध पटाखे बरामद किए गए। इस मामले में कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 974/2026 के तहत बीएनएस की धारा 288 और विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 9(ख) में मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक देवव्रत शर्मा, अनिल कुमार यादव तथा कांस्टेबल बलराम यादव, सत्यम सिंह, गिरजेश उपाध्याय, प्रशांत विक्रम सिंह और विशाल सिंह शामिल रहे।2
- मेंहदावल SO और सब इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच के आदेश, महकमे में हड़कंप संतकबीरनगर जिले के एसपी संदीप कुमार मीना ने महिला अपराधों की लंबित जांचों को लेकर नाराजगी जताई है। सोमवार देर रात पुलिस लाइन सभागार में हुई अर्दली रूम बैठक में उन्होंने मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह पर पर्यवेक्षण में ढिलाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की। थाने के सब इंस्पेक्टर और विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। जिले में महिला संबंधी अपराधों के कुल 72 मुकदमों की जांचें लंबित हैं। एसपी ने सभी विवेचकों को चार दिनों के अंदर इन्हें पूरा करने का निर्देश दिया। जांच में लापरवाही बरतने पर महिला थाने की एसओ पूनम मौर्या और मेंहदावल थाने के एसआई अनिल मिश्रा के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। एसपी ने जनशिकायतों की तुरंत जांच और अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने भविष्य में जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी। इस अर्दली रूम में सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय और सीओ मेंहदावल सर्वदवन सिंह भी मौजूद थे।1
- 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं मिला सुराग, एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा घघसरा/गोरखपुर। पाली क्षेत्र के माट गांव निवासी 55 वर्षीय विशंभर चौहान सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब आठ बजे साइकिल से घर से निकले थे। बताया जा रहा है कि वह छठ माता मंदिर बेलौहा के पास पहुंचे और अपनी साइकिल खड़ी कर गांव की परंपरा के अनुसार पूजा के लिए कमल का फूल निकालने गए। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनके लापता होने की सूचना से परिजनों में चिंता का माहौल है, वहीं ग्रामीण भी उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के बाहर स्थित चोरमा नाला काफी गहरा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नाले की गहराई करीब 10 फीट है। आशंका के मद्देनजर नाले में उनकी तलाश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम लगातार खोजबीन कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक विशंभर चौहान का कोई सुराग नहीं मिल सका था। बताया जा रहा है कि खोज अभियान में छह घंटे से अधिक समय से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, उनके लापता हुए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है और सभी उनकी सकुशल बरामदगी की उम्मीद कर रहे हैं। विशंभर चौहान के परिवार में पांच बेटे हैं। इनमें जंग बहादुर चौहान, सुनील चौहान और अनिल चौहान सूरत में रहकर पेट्रोलियम संबंधी काम करते हैं। पिता के लापता होने की खबर से परिवार के लोग परेशान हैं। मौके पर थाना एसआई अरविंद कुमार सिंह भी पहुंचे हुए हैं। पुलिस की मौजूदगी में एनडीआरएफ की टीम चोरमा नाले में तलाश अभियान चला रही है। फिलहाल, विशंभर चौहान के लापता होने के कारणों और उनके साथ हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजन और ग्रामीण उनके सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।4