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गढ़वा जिले की मिरल पूर्वी पंचायत के पवार टोला के निवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मुखिया से बार-बार गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाईं और वीडियो भी भेजे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे निराश होकर, अब उन्होंने अपनी बात रखने और मदद मांगने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि उनकी पोस्ट को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि उनका लंबित कार्य पूरा हो सके।
Jyaul Ansari
गढ़वा जिले की मिरल पूर्वी पंचायत के पवार टोला के निवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मुखिया से बार-बार गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाईं और वीडियो भी भेजे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे निराश होकर, अब उन्होंने अपनी बात रखने और मदद मांगने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि उनकी पोस्ट को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि उनका लंबित कार्य पूरा हो सके।
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- गढ़वा जिले की मिरल पूर्वी पंचायत के पवार टोला के निवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मुखिया से बार-बार गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाईं और वीडियो भी भेजे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे निराश होकर, अब उन्होंने अपनी बात रखने और मदद मांगने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि उनकी पोस्ट को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि उनका लंबित कार्य पूरा हो सके।1
- आज जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। इस बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव-पंचायत में बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों। जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। यह भी बताया गया कि गढ़वा के बेहतर भविष्य और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।1
- रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत से दक्षिणी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) मो. आसीफ आलम की पहल पर ग्राम बांदु के एक जरूरतमंद परिवार को उनकी बेटी की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई। शुक्रवार को हुई इस मदद को क्षेत्र में सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया जा रहा है। ग्राम बांदु निवासी स्वर्गीय सुरेश राम की पुत्री का विवाह शुक्रवार को संपन्न होना था, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण शादी की तैयारियों में कई परेशानियां आ रही थीं। इसकी सूचना मिलने पर बीडीसी मो. आसीफ आलम ने मामले को गंभीरता से लिया और परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। उनके निर्देश पर उनके पुत्र मो. अजहर अंसारी विवाह समारोह स्थल पर पहुंचे, परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। मो. अजहर अंसारी ने इस दौरान कहा कि समाज के संपन्न और जनप्रतिनिधि वर्ग का दायित्व है कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, सहायता मिलने पर लड़की के परिजनों ने बीडीसी मो. आसीफ आलम और मो. अजहर अंसारी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।1
- Post by Santosh Kumar Chaudhary1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्रामपुर नगर परिषद ने एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल की शुरुआत नगर परिषद कार्यालय परिसर में हुई, जहाँ नगर अध्यक्ष गीता देवी, कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह, नगर प्रबंधक प्रभात कुमार और विधायक प्रतिनिधि कृष्णकांत यादव उर्फ मुन्ना यादव ने मिलकर कई इमारती, फलदार और औषधीय पौधे लगाए।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र की बिलैतीखर पंचायत के रानीचेरी गांव स्थित अकेलवा टोला में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा चापानल आखिरकार दोबारा चालू हो गया है। सहभागी शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित पलामू वाटर इनिशिएटिव (PWI) परियोजना के तहत इस चापानल की मरम्मत और इसके प्लेटफॉर्म का नवीनीकरण कर ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत प्रदान की गई। अकेलवा टोला में लगभग आठ पीवीटीजी (कोरवा) परिवार रहते हैं, जिन्हें चापानल खराब होने के कारण पीने का पानी लाने के लिए रोजाना लगभग 800 मीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए संस्था ने चापानल के खराब हुए पार्ट्स को बदलकर उसे फिर से शुरू कराया और जर्जर प्लेटफॉर्म की भी मरम्मत की। इस पूरे कार्य में स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जो सामुदायिक भागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। संस्था ने आवश्यक निर्माण सामग्री और मिस्त्री की व्यवस्था की, जबकि ग्रामीणों ने अपने श्रम सहयोग से इस कार्य को सफल बनाया। चापानल के फिर से चालू हो जाने के बाद पूरे टोले में खुशी का माहौल है और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा एक बार फिर से उपलब्ध हो गई है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सहभागी शिक्षण केंद्र और पंचायत का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही, पंचायत की ओर से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सोकपिट निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया गया है। यह पूरी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग और जल प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।1
- गढ़वा जिले के डंडई थाना क्षेत्र के रारो गांव में गुरुवार को 25 वर्षीय मधु कुमारी नामक विवाहित महिला का शव उसके मायके स्थित घर में साड़ी के फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और महिला के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर मधु कुमारी ने अपनी मां सुबसीया कुंवर और बच्चे के साथ भोजन किया था। इसके बाद उसकी मां पड़ोस में काम करने चली गई। कुछ घंटों बाद जब मां घर लौटी, तो अपनी बेटी को फंदे से झूलता देखकर स्तब्ध रह गई। मां के शोर मचाने पर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही डंडई पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। बताया गया है कि मृतका एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और उसकी एक बच्ची भी है। उसकी ससुराल जिले के ही एक गांव में है। परिजनों के कथनानुसार, यह उसकी तीसरी शादी थी। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।1
- रंका प्रखंड क्षेत्र के गोदरमाना स्थित कनहर नदी के पुल के नीचे से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध बालू का उत्खनन और ढुलाई किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया प्रतिदिन फॉरेस्ट (वन) भूमि के रास्ते सैकड़ों ट्रिप बालू निकालकर दूसरे क्षेत्रों में भेज रहे हैं, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है बल्कि पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ कनहर के पुल पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। आज शुक्रवार को ग्रामीणों ने बताया कि कनहर नदी क्षेत्र की बालू स्थानीय लोगों की धरोहर है, जिसका उपयोग क्षेत्र के लोग घर निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्यों में करते रहे हैं। हालांकि, हाल के दिनों में रात के अंधेरे में और कई बार दिन के समय भी बड़े पैमाने पर बालू की ढुलाई होने से स्थानीय लोगों को भविष्य में बालू की कमी की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बालू माफिया लगातार नदी घाटों और कनहर नदी के पुल के नीचे से बालू निकालकर ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों के माध्यम से बाहर भेज रहे हैं। इस अवैध उत्खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव आने की आशंका बढ़ गई है, साथ ही नदी तटों के कटाव, पुलिया के क्षतिग्रस्त होने, भू-क्षरण और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार अवैध उत्खनन जारी रहा तो आने वाले समय में इसका दुष्प्रभाव पूरे क्षेत्र को झेलना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कनहर नदी से हो रहे अवैध बालू उठाव एवं परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा संबंधित विभागों द्वारा नियमित निगरानी कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों के अनुसार, बालू का संरक्षण स्थानीय जरूरतों के लिए आवश्यक है, ताकि क्षेत्र के लोगों को अपने घर निर्माण और अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकें।1