रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत से दक्षिणी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) मो. आसीफ आलम की पहल पर ग्राम बांदु के एक जरूरतमंद परिवार को उनकी बेटी की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई। शुक्रवार को हुई इस मदद को क्षेत्र में सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया जा रहा है। ग्राम बांदु निवासी स्वर्गीय सुरेश राम की पुत्री का विवाह शुक्रवार को संपन्न होना था, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण शादी की तैयारियों में कई परेशानियां आ रही थीं। इसकी सूचना मिलने पर बीडीसी मो. आसीफ आलम ने मामले को गंभीरता से लिया और परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। उनके निर्देश पर उनके पुत्र मो. अजहर अंसारी विवाह समारोह स्थल पर पहुंचे, परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। मो. अजहर अंसारी ने इस दौरान कहा कि समाज के संपन्न और जनप्रतिनिधि वर्ग का दायित्व है कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, सहायता मिलने पर लड़की के परिजनों ने बीडीसी मो. आसीफ आलम और मो. अजहर अंसारी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत से दक्षिणी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) मो. आसीफ आलम की पहल पर ग्राम बांदु के एक जरूरतमंद परिवार को उनकी बेटी की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई। शुक्रवार को हुई इस मदद को क्षेत्र में सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया जा रहा है। ग्राम बांदु निवासी स्वर्गीय सुरेश राम की पुत्री का विवाह शुक्रवार को संपन्न होना था, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण शादी की तैयारियों में कई परेशानियां आ रही थीं। इसकी सूचना मिलने पर बीडीसी मो. आसीफ आलम ने मामले को गंभीरता से लिया और परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। उनके निर्देश पर उनके पुत्र मो. अजहर अंसारी विवाह समारोह स्थल पर पहुंचे, परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। मो. अजहर अंसारी ने इस दौरान कहा कि समाज के संपन्न और जनप्रतिनिधि वर्ग का दायित्व है कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, सहायता मिलने पर लड़की के परिजनों ने बीडीसी मो. आसीफ आलम और मो. अजहर अंसारी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
- रंका प्रखंड की तमगे कला पंचायत के जोलंगा गांव में शुक्रवार को आंगनबाड़ी सेविका चयन को लेकर आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सेविका पद के लिए गांव की पात्र महिलाओं की अनदेखी कर दूसरे पोषक क्षेत्र की महिला का चयन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। जोलंगा निवासी सीताराम सिंह और विशेष्वर कोरवा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गांव में योग्य महिलाएं होने के बावजूद दूसरे पोषक क्षेत्र की महिला को क्यों चयनित करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामसभा के दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हो और स्थानीय नियमों तथा दिशा-निर्देशों के अनुसार गांव की पात्र महिला को ही प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना कर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे। इस संबंध में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) श्रीमती विंदू ने स्पष्ट किया कि सेविका चयन प्रक्रिया विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की आपत्तियों और शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा पूरे मामले की जांच कर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। श्रीमती विंदू ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित बिंदुओं पर उचित निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद अब क्षेत्र में चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम तथा जांच रिपोर्ट पर टिकी है।1
- गढ़वा जिले की मिरल पूर्वी पंचायत के पवार टोला के निवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मुखिया से बार-बार गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाईं और वीडियो भी भेजे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे निराश होकर, अब उन्होंने अपनी बात रखने और मदद मांगने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि उनकी पोस्ट को अधिक से अधिक साझा किया जाए ताकि उनका लंबित कार्य पूरा हो सके।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र की बिलैतीखर पंचायत के रानीचेरी गांव स्थित अकेलवा टोला में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा चापानल आखिरकार दोबारा चालू हो गया है। सहभागी शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित पलामू वाटर इनिशिएटिव (PWI) परियोजना के तहत इस चापानल की मरम्मत और इसके प्लेटफॉर्म का नवीनीकरण कर ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत प्रदान की गई। अकेलवा टोला में लगभग आठ पीवीटीजी (कोरवा) परिवार रहते हैं, जिन्हें चापानल खराब होने के कारण पीने का पानी लाने के लिए रोजाना लगभग 800 मीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए संस्था ने चापानल के खराब हुए पार्ट्स को बदलकर उसे फिर से शुरू कराया और जर्जर प्लेटफॉर्म की भी मरम्मत की। इस पूरे कार्य में स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जो सामुदायिक भागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। संस्था ने आवश्यक निर्माण सामग्री और मिस्त्री की व्यवस्था की, जबकि ग्रामीणों ने अपने श्रम सहयोग से इस कार्य को सफल बनाया। चापानल के फिर से चालू हो जाने के बाद पूरे टोले में खुशी का माहौल है और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा एक बार फिर से उपलब्ध हो गई है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सहभागी शिक्षण केंद्र और पंचायत का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही, पंचायत की ओर से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सोकपिट निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया गया है। यह पूरी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग और जल प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।1
- आज जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। इस बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव-पंचायत में बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों। जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। यह भी बताया गया कि गढ़वा के बेहतर भविष्य और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।1
- Post by Santosh Kumar Chaudhary1
- गढ़वा जिले के डंडई थाना क्षेत्र के रारो गांव में गुरुवार को 25 वर्षीय मधु कुमारी नामक विवाहित महिला का शव उसके मायके स्थित घर में साड़ी के फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और महिला के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर मधु कुमारी ने अपनी मां सुबसीया कुंवर और बच्चे के साथ भोजन किया था। इसके बाद उसकी मां पड़ोस में काम करने चली गई। कुछ घंटों बाद जब मां घर लौटी, तो अपनी बेटी को फंदे से झूलता देखकर स्तब्ध रह गई। मां के शोर मचाने पर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही डंडई पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। बताया गया है कि मृतका एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और उसकी एक बच्ची भी है। उसकी ससुराल जिले के ही एक गांव में है। परिजनों के कथनानुसार, यह उसकी तीसरी शादी थी। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।1
- पलामू जिले के पंडवा पंचायत क्षेत्र में निवासियों को यह अधिकार है कि वे पंचायत के तहत स्थापित स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता की जाँच करें। इस बात पर जोर दिया गया है कि स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता का सत्यापन करना आम जनता का अधिकार है।1
- रंका प्रखंड के चुतरू पंचायत से दक्षिणी क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) मो. आसीफ आलम की पहल पर ग्राम बांदु के एक जरूरतमंद परिवार को उनकी बेटी की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई। शुक्रवार को हुई इस मदद को क्षेत्र में सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया जा रहा है। ग्राम बांदु निवासी स्वर्गीय सुरेश राम की पुत्री का विवाह शुक्रवार को संपन्न होना था, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण शादी की तैयारियों में कई परेशानियां आ रही थीं। इसकी सूचना मिलने पर बीडीसी मो. आसीफ आलम ने मामले को गंभीरता से लिया और परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। उनके निर्देश पर उनके पुत्र मो. अजहर अंसारी विवाह समारोह स्थल पर पहुंचे, परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। मो. अजहर अंसारी ने इस दौरान कहा कि समाज के संपन्न और जनप्रतिनिधि वर्ग का दायित्व है कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, सहायता मिलने पर लड़की के परिजनों ने बीडीसी मो. आसीफ आलम और मो. अजहर अंसारी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।1