किशनगढ़ बास कस्बे में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, और इस दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रही। उल्लेखनीय है कि मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, और इस महीने की 10वीं तारीख, जिसे आशूरा कहा जाता है, को कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में ताजिया निकाला जाता है। यह आयोजन त्याग, सत्य, इंसाफ और मानवता के संदेश का प्रतीक माना जाता है। किशनगढ़ बास में भी मोहर्रम का यह आयोजन आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनी रही। इस आयोजन की रिपोर्टिंग राजेश चौधरी ने की है।
किशनगढ़ बास कस्बे में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, और इस दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रही। उल्लेखनीय है कि मोहर्रम
इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, और इस महीने की 10वीं तारीख, जिसे आशूरा कहा जाता है, को कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में ताजिया निकाला जाता है। यह आयोजन त्याग, सत्य, इंसाफ और मानवता के संदेश का प्रतीक माना जाता है। किशनगढ़ बास में भी मोहर्रम का यह आयोजन आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनी रही। इस आयोजन की रिपोर्टिंग राजेश चौधरी ने की है।
- किशनगढ़ बास कस्बे में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, और इस दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रही। उल्लेखनीय है कि मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, और इस महीने की 10वीं तारीख, जिसे आशूरा कहा जाता है, को कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में ताजिया निकाला जाता है। यह आयोजन त्याग, सत्य, इंसाफ और मानवता के संदेश का प्रतीक माना जाता है। किशनगढ़ बास में भी मोहर्रम का यह आयोजन आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनी रही। इस आयोजन की रिपोर्टिंग राजेश चौधरी ने की है।2
- श्री राधा रानी की कृपा से, एक बच्चे ने अपने हाथों का उपयोग करके श्री राधा रानी के बर्तन में कुछ कार्य किया।4
- भगवान के प्रति भक्तों की अनूठी साधना का अद्भुत दृश्य आजकल बरसाना धाम में देखने को मिल रहा है, जहाँ आगरा निवासी 13 वर्षीय आराध्य अपने हाथों के बल लगभग 7 किलोमीटर लंबी बरसाना की पक्की परिक्रमा कर रहे हैं। राधा रानी के प्रति उनकी इस अटूट श्रद्धा और कठिन संकल्प को देखकर श्रद्धालु आश्चर्यचकित होने के साथ-साथ उनकी भक्ति की जमकर सराहना कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और अपनी यह विशेष परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह 8 वर्ष की आयु से इस कठिन अभ्यास की तैयारी कर रहे थे, जिसमें उनकी माता सीमा गुप्ता ने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। आराध्य ने अपनी इस अनूठी उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आवेदन भी किया है। रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज होगा या नहीं, यह भविष्य तय करेगा, लेकिन फिलहाल उनकी इस अद्भुत भक्ति और दृढ़ संकल्प की चर्चा पूरे बरसाना धाम और श्रद्धालुओं के बीच हो रही है।1
- मथुरा कल्याण करोति परिसर के निकट रामलीला मैदान के पास पिपलेश्वर बालाजी महाराज और ठा.श्री राम दरबार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान से मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस समारोह से पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों से आए भक्तों ने बालाजी महाराज और श्री राम दरबार के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे रामलीला मैदान का क्षेत्र भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों से गुंजायमान रहा। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात बालाजी महाराज और ठा.श्री राम दरबार के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के लिए यह एक पावन अवसर है।4
- बाबा बवंडर के कड़े तेवरों के चलते नशा कारोबारी खौफजदा हो गए हैं। इस बीच, स्वयं बाबा धरने पर बैठे हुए हैं, जिसकी वजह से क्षेत्र में नशा का धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है।1
- गुरुवार की सुबह मांट के वंशीवट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारी पुलिस बल और बुलडोजर ('पीला पंजा') के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और रास्तों तथा सार्वजनिक भूमि पर वर्षों से बने अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू कर दी। उप जिलाधिकारी मांट, दीपिका मेहर, के नेतृत्व में चले इस अभियान के तहत प्रशासन ने कुल 48 अवैध दुकानों और 21 कुटियों को ध्वस्त करते हुए 69 अतिक्रमण हटाए। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। इस अभियान में नायब तहसीलदार आँचल सिंगला, नायब तहसीलदार जितेंद्र, बीडीओ अभिमन्यु सेठ, थाना प्रभारी जसवीर सिंह, और चौकी प्रभारी आकाश चौहान सहित राजस्व और पुलिस विभाग की कई टीमें मौजूद रहीं। एसडीएम मांट, दीपिका मेहर, ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता के आवागमन में बाधा बनने वाले किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस व्यापक कार्रवाई के बाद वंशीवट क्षेत्र में रास्ते पूरी तरह से खुल गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत महसूस की और अभियान की सराहना की।1
- 25 जून को डीग में हुई समीक्षा बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार, एचपीवी टीकाकरण रिपोर्ट में डीग जिला 86.24% कवरेज के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति सभागार डीग में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और राजकीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी जुलाई माह में सभी विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के तहत, जिला कलेक्टर मयंक मनीष के नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की सजगता से जिले में अनुमानित 13,855 बालिकाओं के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 11,949 बालिकाओं का सफलतापूर्वक एचपीवी टीकाकरण पूरा किया गया है। यह उपलब्धि राजस्थान के कुल औसत कवरेज 27.87% से लगभग तीन गुना अधिक है। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को एचपीवी टीका लगवाने से वंचित रह गई बालिकाओं की स्कूलवार नामवार सूची तत्काल तैयार कर इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में वितरित की जा रही पिंक और ब्लू आयरन टैबलेट का कवरेज किसी भी स्थिति में 95 प्रतिशत से कम न होने देने का निर्देश दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने पालनहार योजना के तहत सभी पात्र बच्चों को त्वरित प्रक्रिया अपनाकर योजना से जोड़ने और किसी भी पात्र बच्चे को लाभ से वंचित न रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में मूलभूत ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसके तहत सभी स्कूलों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी और आवश्यक शौचालयों की सूची तुरंत उपलब्ध कराने को कहा ताकि संबंधित विकास अधिकारियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत कराए जा सकें। इसके अतिरिक्त, खेल मैदानों के विकास, पोषण वाटिकाओं की क्रियाशीलता की स्थिति और विभिन्न नियमों के अंतर्गत अनुमत कार्यों की स्पष्ट जानकारी संस्था प्रधानों को देने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूलों का विकास पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सके।1
- बदायूं ज़िले की गौशाला में व्यवस्थाओं के अभाव के कारण गौमाताएं बीमार हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, बदायूं के जिला अध्यक्ष विभाष चंद्र सक्सेना ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से बातचीत की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर गौशाला में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी जाएंगी। अब गौमाता के हित में इस वादे के पूरा होने का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है।1