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श्री राधा रानी की कृपा से, एक बच्चे ने अपने हाथों का उपयोग करके श्री राधा रानी के बर्तन में कुछ कार्य किया।
कैलाश यदुवंशी
श्री राधा रानी की कृपा से, एक बच्चे ने अपने हाथों का उपयोग करके श्री राधा रानी के बर्तन में कुछ कार्य किया।
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- श्री राधा रानी की कृपा से, एक बच्चे ने अपने हाथों का उपयोग करके श्री राधा रानी के बर्तन में कुछ कार्य किया।4
- भगवान के प्रति भक्तों की अनूठी साधना का अद्भुत दृश्य आजकल बरसाना धाम में देखने को मिल रहा है, जहाँ आगरा निवासी 13 वर्षीय आराध्य अपने हाथों के बल लगभग 7 किलोमीटर लंबी बरसाना की पक्की परिक्रमा कर रहे हैं। राधा रानी के प्रति उनकी इस अटूट श्रद्धा और कठिन संकल्प को देखकर श्रद्धालु आश्चर्यचकित होने के साथ-साथ उनकी भक्ति की जमकर सराहना कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और अपनी यह विशेष परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह 8 वर्ष की आयु से इस कठिन अभ्यास की तैयारी कर रहे थे, जिसमें उनकी माता सीमा गुप्ता ने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। आराध्य ने अपनी इस अनूठी उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आवेदन भी किया है। रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज होगा या नहीं, यह भविष्य तय करेगा, लेकिन फिलहाल उनकी इस अद्भुत भक्ति और दृढ़ संकल्प की चर्चा पूरे बरसाना धाम और श्रद्धालुओं के बीच हो रही है।1
- किशनगढ़ बास कस्बे में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, और इस दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रही। उल्लेखनीय है कि मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, और इस महीने की 10वीं तारीख, जिसे आशूरा कहा जाता है, को कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में ताजिया निकाला जाता है। यह आयोजन त्याग, सत्य, इंसाफ और मानवता के संदेश का प्रतीक माना जाता है। किशनगढ़ बास में भी मोहर्रम का यह आयोजन आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनी रही। इस आयोजन की रिपोर्टिंग राजेश चौधरी ने की है।2
- मथुरा कल्याण करोति परिसर के निकट रामलीला मैदान के पास पिपलेश्वर बालाजी महाराज और ठा.श्री राम दरबार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान से मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस समारोह से पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों से आए भक्तों ने बालाजी महाराज और श्री राम दरबार के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे रामलीला मैदान का क्षेत्र भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों से गुंजायमान रहा। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात बालाजी महाराज और ठा.श्री राम दरबार के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के लिए यह एक पावन अवसर है।4
- बाबा बवंडर के कड़े तेवरों के चलते नशा कारोबारी खौफजदा हो गए हैं। इस बीच, स्वयं बाबा धरने पर बैठे हुए हैं, जिसकी वजह से क्षेत्र में नशा का धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है।1
- मथुरा जिले के कोसी कलां थाना क्षेत्र के ऐंच गांव में अवैध चकरोड (रास्ते) से कब्जा हटवाने को लेकर उपजे विवाद में एक पीड़ित पर बदले की भावना से हरे शीशम के दो पेड़ काटने का झूठा आरोप लगाया गया है। यह मामला तब सामने आया जब लेखा, सुरेश पुत्र भजनी, महेन्द्र सिंह डालचंद, और भूदेव पुत्र नारायण ने छाता तहसील में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की कि गांव के अर्जुन पुत्र सेरसिंह, राम, लछमन पुत्र मुरारी, और कमल पुत्र हरी ने चकरोड पर अवैध कब्जा कर रखा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस शिकायत के बाद दिनांक 23/6/26 को तहसीलदार सचिन पवार की देखरेख में अवैध कब्जा हटवाने के लिए एक टीम गठित की गई थी। हालांकि, दिनांक 26/6/26 को अर्जुन, राम, लखन और कमल आदि ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उनके खेत में खड़े दो शीशम के पेड़ लेखा, सुरेश, महेन्द्र और डालचंद आदि ने काट दिए हैं। यह मामला वन विभाग और स्थानीय पुलिस तक पहुँच गया है। वन विभाग के रेंजर विनोद परमार ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। शाहपुर चौकी प्रभारी श्री विनीत नेहरा जी ने भी कहा है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के भूमि विवादों में अक्सर एक-दूसरे को फंसाने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाए जाते हैं। मामले का मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार है: पहले पीड़ित व्यक्ति ने सरकारी या सार्वजनिक चकरोड पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटवाया, फिर कब्जा हटने से नाराज दूसरे पक्ष ने पीड़ित को कानूनन फंसाने की साजिश रची, और अंततः विपक्षियों ने पीड़ित पर वन संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन कर हरे शीशम के पेड़ काटने का झूठा आरोप मढ़ दिया। इस स्थिति में, यदि किसी निर्दोष व्यक्ति पर ऐसा झूठा आरोप लगता है, तो राजस्व विभाग से जांच की मांग की जा सकती है, जिसमें उपजिलाधिकारी (एसडीएम) या तहसीलदार को आवेदन देकर मौके की पैमाइश कराई जाए। इससे यह साबित हो सकता है कि चकरोड से कब्जा कानूनी तौर पर हटा था और पेड़ किसने काटे या वे वहां थे भी या नहीं। पीड़ितों ने इस पूरे षड्यंत्र की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, क्योंकि उन्हें अवैध चकरोड से कब्जा हटवाने के बदले में ही हरे शीशम के दो पेड़ काटने के झूठे आरोप में फंसाया गया है।4
- उत्तर प्रदेश के बरसाना धाम में आगरा निवासी 13 वर्षीय आराध्य, भगवान राधा रानी के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का एक अद्भुत और अनोखा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कमलेश गुप्ता और सीमा गुप्ता के पुत्र आराध्य हाथों के बल लगभग 7 किलोमीटर लंबी बरसाना की पक्की परिक्रमा कर रहे हैं। उनके इस कठिन और दृढ़ संकल्प को देखकर श्रद्धालु न केवल आश्चर्यचकित हैं, बल्कि उनकी भक्ति की सराहना भी कर रहे हैं। आराध्य ने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और अपनी यह विशेष परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे 8 वर्ष की आयु से ही इस कठिन अभ्यास की तैयारी कर रहे थे। उनकी माता सीमा गुप्ता ने इस दौरान हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया है। अपनी इस अनूठी उपलब्धि को दर्ज कराने के लिए आराध्य ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आवेदन भी किया है। हालांकि, उनका नाम इन रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा या नहीं, यह भविष्य की बात है, लेकिन फिलहाल उनकी इस अद्भुत भक्ति और असाधारण दृढ़ संकल्प की चर्चा पूरे बरसाना धाम और सभी श्रद्धालुओं के बीच हो रही है, जिससे सभी भाव-विभोर हैं।1
- बदायूं ज़िले की गौशाला में व्यवस्थाओं के अभाव के कारण गौमाताएं बीमार हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र, बदायूं के जिला अध्यक्ष विभाष चंद्र सक्सेना ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से बातचीत की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर गौशाला में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी जाएंगी। अब गौमाता के हित में इस वादे के पूरा होने का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है।1