उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके चाचा-चाची की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने ही उनकी सेवा-सुश्रुषा से लेकर मृत्यु एवं अंतिम संस्कार तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी। चाची के निधन के बाद उनके श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए कुछ रिश्तेदारों ने मकान पर अपना दावा जताते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार, जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले करीब दो महीने से न्याय की गुहार लेकर फेफना थाने का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बुधवार को हमलावरों ने एक बार फिर दबंगई दिखाते हुए घर पर धावा बोल दिया और जमकर पथराव तथा मारपीट की। इस घटना की सूचना 112 नंबर पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार हो रहे हमलों और पथराव से परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि घर की महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और पत्थरबाजी के डर से भीषण गर्मी में छत पर छिपकर रहने को मजबूर हैं। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके चाचा-चाची की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने ही उनकी सेवा-सुश्रुषा से लेकर मृत्यु एवं अंतिम संस्कार तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी। चाची के निधन के बाद उनके श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए कुछ रिश्तेदारों ने मकान पर अपना दावा जताते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार, जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले करीब दो महीने से न्याय की गुहार लेकर फेफना थाने का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बुधवार को हमलावरों ने एक बार फिर दबंगई दिखाते हुए घर पर धावा बोल दिया और जमकर पथराव तथा मारपीट की। इस घटना की सूचना 112 नंबर पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार हो रहे हमलों और पथराव से परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि घर की महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और पत्थरबाजी के डर से भीषण गर्मी में छत पर छिपकर रहने को मजबूर हैं। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके चाचा-चाची की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने ही उनकी सेवा-सुश्रुषा से लेकर मृत्यु एवं अंतिम संस्कार तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी। चाची के निधन के बाद उनके श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए कुछ रिश्तेदारों ने मकान पर अपना दावा जताते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार, जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले करीब दो महीने से न्याय की गुहार लेकर फेफना थाने का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बुधवार को हमलावरों ने एक बार फिर दबंगई दिखाते हुए घर पर धावा बोल दिया और जमकर पथराव तथा मारपीट की। इस घटना की सूचना 112 नंबर पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार हो रहे हमलों और पथराव से परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि घर की महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और पत्थरबाजी के डर से भीषण गर्मी में छत पर छिपकर रहने को मजबूर हैं। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- एक घटना सामने आई है जिसमें जामुन तोड़ने के कारण मालिक ने एक शख्स की पिटाई कर दी।1
- बलिया जिले के दुबहड थाना क्षेत्र के उग्रसेनपुर ओझा कछुआ निवासी कृपा शंकर मिश्रा उर्फ मिंटू मिश्रा पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं। उसका आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या (302), हत्या के प्रयास (307), बलात्कार (376) सहित अन्य मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि कृपा शंकर मिश्रा अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को परेशान कर रहा है और उसे घर में प्रवेश नहीं करने दे रहा है। वह कथित तौर पर रोड पर लाठी-डंडों और कट्टे से धमकियां भी दे रहा है। बताया गया है कि कृपा शंकर मिश्रा, दिनानाथ मिश्रा, उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा और उनके परिवार के साथ मिलकर अपने भतीजे जयशंकर मिश्रा को मारकर खुलेआम घूम रहा है। इस पूरे प्रकरण में दुबहड थाना द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी अपलोड किया गया है।4
- जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस अभियान के तहत, अधिकारियों ने आम लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की, जिससे हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।1
- हरिद्वार से आए स्वामी आनंद स्वरूप ने भरत एनकाउंटर मामले से जुड़े घटना स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भरत की स्मृति में एक प्रतिमा स्थापित करने और सड़क का नामकरण करने की मांग उठाई। स्वामी आनंद स्वरूप ने स्वयं एक ईंट रखकर स्मृति स्थल के निर्माण की घोषणा भी की।1
- बलिया के सिकन्दरपुर, जिसे 'गुलाबों का शहर' के नाम से जाना जाता है, में मंगलवार देर रात मोहर्रम के मातमी पर्व के तहत सातवीं का हुसैनी जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए और कर्बला के शहीदों की याद को ताजा करते हुए 'या हुसैन या अली' के नारों के साथ आगे बढ़े। सिकन्दरपुर में सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर के डोमनपुरा (गंधी मोहल्ला), बढ्ढा (मिल्की मोहल्ला) और मोहल्ला भिखपुरा से अलग-अलग जुलूस निकलते हैं। मंगलवार की देर रात डोमनपुरा से जुलूस निकलने के बाद, बढ्ढा व भिखपुरा मोहल्लों से भी अलग-अलग जुलूस निकाले गए। ये जुलूस परम्परागत मार्गों पर भ्रमण करते हुए मध्य रात में मोहल्ला बढ्ढा स्थित दरगाह के मैदान में पहुंचे। भ्रमण के दौरान जुलूसों में शामिल लोग लगातार 'या अली' और 'या हुसैन' के नारे बुलंद कर रहे थे, साथ ही मर्सिया व नवहा पढ़ते चल रहे थे। जुलूस के गुजरने वाले मार्गों के दोनों ओर बूढ़ों, बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। लाठी लड़ाने की कला देखने के लिए हजारों की संख्या में महिला, बच्चे व बुजुर्ग मौजूद थे। इस दौरान, बढा और भिखपुरा के जुलूस तो दरगाह मैदान में ही रह गए, जबकि डोमनपुरा का जुलूस वहाँ से आगे बढ़कर मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब के मज़ार प्रांगण में जाकर खड़ा हो गया। तीनों जुलूस अपने-अपने स्थान पर लगभग एक घंटे तक रुके रहे, जिसमें शामिल युवाओं ने अपनी अस्त्रकलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन कर भीड़ का भरपूर मनोरंजन किया। बाद में, सभी मोहल्लों के जुलूस अपने स्थान से प्रस्थान कर देर रात मोहल्लों में वापस पहुँचकर समाप्त हो गए। उधर, दरगाह के मैदान में कुछ समय तक रुकने के बाद, मिट्टी लेकर निकला जुलूस भी वहाँ से प्रस्थान कर देर रात पुनः अपने पूर्व स्थान पर पहुंचकर समाप्त हुआ। परम्परा के अनुसार, जुलूस वापस आने के बाद मोहल्ला भिखपुरा के चौक पर चौकी रखने की रस्म भी अदा की गई। इस जुलूस में प्रमुख रूप से डॉ. सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली, डोमनपुरा के सदर एकराम अली उर्फ लड्डन भाई, भिखपुरा के सदर जमील बेग, बढा के सदर हसनैन अंसारी सहित फैजी अंसारी, जावेद अंसारी, सगीर अहमद, दानिश अंसारी, मोहिबुल्लाह इदरीसी, मो. आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम, टिंकू पठान, अरमान खान, मुन्नू भाई, अजीम भाई, मल्लू भाई और सद्दाम भाई जैसे कई महत्वपूर्ण लोग शामिल थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था। उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर ऋषिकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह अपने हमराहियों के साथ जुलूस के शुरू से लेकर अंत तक मुस्तैद डटे रहे।1
- भरत भूषण तिवारी के गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत में प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा।1
- बलिया के दुबहर थाना क्षेत्र अंतर्गत ओझा छपरा उग्रसेनपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई, जिसके परिणामस्वरूप एक पक्ष गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल पीड़ित को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने दूसरे पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे मुकदमे में सुलह करने के नाम पर उन पर दबाव बना रहे हैं। इसी के चलते, न्याय की तलाश में पीड़ित परिवार ने सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) के दरबार में पहुंचकर गुहार लगाई है। मामले में दुबहर थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया।1