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भरत भूषण तिवारी के गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत में प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा।

2 hrs ago
user_जनसत्ता NEWS@
जनसत्ता NEWS@
Daraundha, Siwan•
2 hrs ago

भरत भूषण तिवारी के गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत में प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा।

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  • भरत भूषण तिवारी के गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत में प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा।
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    भरत भूषण तिवारी के गांव में एक महापंचायत का आयोजन किया गया है। इस महापंचायत में प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा।
    user_जनसत्ता NEWS@
    जनसत्ता NEWS@
    Daraundha, Siwan•
    2 hrs ago
  • बिहार कांग्रेस के भीतर चुनावी हार को लेकर भारी अंदरूनी कलह सामने आई है, जहाँ पार्टी के नेता आपस में ही भिड़ गए हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना ही कांग्रेस की करारी हार का मुख्य कारण रहा। सिंह के अनुसार, इस फैसले से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसी के चलते कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यदि वे अध्यक्ष पद पर बने रहते, तो बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होते। इस अंदरूनी खींचतान के बीच, अखिलेश सिंह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है कि अब बिहार में कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए, जो पार्टी के भीतर गहरे विभाजन और भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है।
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    बिहार कांग्रेस के भीतर चुनावी हार को लेकर भारी अंदरूनी कलह सामने आई है, जहाँ पार्टी के नेता आपस में ही भिड़ गए हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना ही कांग्रेस की करारी हार का मुख्य कारण रहा।

सिंह के अनुसार, इस फैसले से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसी के चलते कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यदि वे अध्यक्ष पद पर बने रहते, तो बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होते।

इस अंदरूनी खींचतान के बीच, अखिलेश सिंह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है कि अब बिहार में कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए, जो पार्टी के भीतर गहरे विभाजन और भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है।
    user_Bitu Gupta
    Bitu Gupta
    News Anchor जलालपुर, सारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • एक नागरिक ने अपने नगर पंचायत के भीतर गांव के नाले के भर जाने की शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, नाले से बहुत गंदी बदबू आ रही है और उसमें से गंदा पानी बाहर बह रहा है।
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    एक नागरिक ने अपने नगर पंचायत के भीतर गांव के नाले के भर जाने की शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, नाले से बहुत गंदी बदबू आ रही है और उसमें से गंदा पानी बाहर बह रहा है।
    user_Anish raj
    Anish raj
    जलालपुर, सारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके चाचा-चाची की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने ही उनकी सेवा-सुश्रुषा से लेकर मृत्यु एवं अंतिम संस्कार तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी। चाची के निधन के बाद उनके श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए कुछ रिश्तेदारों ने मकान पर अपना दावा जताते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार, जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले करीब दो महीने से न्याय की गुहार लेकर फेफना थाने का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बुधवार को हमलावरों ने एक बार फिर दबंगई दिखाते हुए घर पर धावा बोल दिया और जमकर पथराव तथा मारपीट की। इस घटना की सूचना 112 नंबर पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार हो रहे हमलों और पथराव से परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि घर की महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और पत्थरबाजी के डर से भीषण गर्मी में छत पर छिपकर रहने को मजबूर हैं। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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    उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के लोग ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके चाचा-चाची की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने ही उनकी सेवा-सुश्रुषा से लेकर मृत्यु एवं अंतिम संस्कार तक की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी। चाची के निधन के बाद उनके श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए कुछ रिश्तेदारों ने मकान पर अपना दावा जताते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार, जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले करीब दो महीने से न्याय की गुहार लेकर फेफना थाने का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि बुधवार को हमलावरों ने एक बार फिर दबंगई दिखाते हुए घर पर धावा बोल दिया और जमकर पथराव तथा मारपीट की। इस घटना की सूचना 112 नंबर पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार हो रहे हमलों और पथराव से परिवार दहशत में है। परिजनों का कहना है कि घर की महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और पत्थरबाजी के डर से भीषण गर्मी में छत पर छिपकर रहने को मजबूर हैं। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
    user_Kanhaiya Verma
    Kanhaiya Verma
    Media house बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • viral video hamara apna pasand Na bole Loha Kate bans ke na Rashi wala katiyarte fita wala yaar
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    viral video hamara apna pasand Na bole Loha Kate bans ke na
Rashi wala katiyarte fita wala yaar
    user_Star ansari
    Star ansari
    छपरा, सारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • एक घटना सामने आई है जिसमें जामुन तोड़ने के कारण मालिक ने एक शख्स की पिटाई कर दी।
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    एक घटना सामने आई है जिसमें जामुन तोड़ने के कारण मालिक ने एक शख्स की पिटाई कर दी।
    user_Seth Ji 5G
    Seth Ji 5G
    बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सारण के अमनौर में डीएम श्री वैभव श्रीवास्तव ने अमनौर बाईपास परियोजना के लिए MVRD कॉलेज, अगुआन में आयोजित एक विशेष भूअर्जन कैंप का निरीक्षण किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाना और भूस्वामियों (रैयतों) को जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैयतों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और कई मुद्दों का मौके पर ही (On the Spot) समाधान कराया। उन्होंने रैयतों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन रैयतों को मुआवजे की निर्धारित दर पर आपत्ति है, वे आपत्ति दर्ज कराते हुए भी भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। आपसी विवाद वाले भूखंडों की मुआवजा राशि सक्षम न्यायालय में जमा कराई जाएगी और न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुरूप ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कागजी और तकनीकी त्रुटियों का निवारण करते हुए अधिक से अधिक रैयतों से वाउचर प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्री वैभव श्रीवास्तव ने तरैया और मढ़ौरा में भी इसी तर्ज पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां भी भूअर्जन प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व तेजी से संपन्न कराई जा रही है। इस विशेष शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी एवं अमीन मुख्य रूप से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने आगे आयोजित होने वाले सभी शिविरों में इन संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत भी दी।
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    सारण के अमनौर में डीएम श्री वैभव श्रीवास्तव ने अमनौर बाईपास परियोजना के लिए MVRD कॉलेज, अगुआन में आयोजित एक विशेष भूअर्जन कैंप का निरीक्षण किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाना और भूस्वामियों (रैयतों) को जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैयतों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और कई मुद्दों का मौके पर ही (On the Spot) समाधान कराया। उन्होंने रैयतों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।

डीएम ने निर्देश दिए कि जिन रैयतों को मुआवजे की निर्धारित दर पर आपत्ति है, वे आपत्ति दर्ज कराते हुए भी भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। आपसी विवाद वाले भूखंडों की मुआवजा राशि सक्षम न्यायालय में जमा कराई जाएगी और न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुरूप ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कागजी और तकनीकी त्रुटियों का निवारण करते हुए अधिक से अधिक रैयतों से वाउचर प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्री वैभव श्रीवास्तव ने तरैया और मढ़ौरा में भी इसी तर्ज पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां भी भूअर्जन प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व तेजी से संपन्न कराई जा रही है।

इस विशेष शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी एवं अमीन मुख्य रूप से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने आगे आयोजित होने वाले सभी शिविरों में इन संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत भी दी।
    user_Ashraf Journalist
    Ashraf Journalist
    Local News Reporter छपरा, सारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • बलिया के सिकन्दरपुर, जिसे 'गुलाबों का शहर' के नाम से जाना जाता है, में मंगलवार देर रात मोहर्रम के मातमी पर्व के तहत सातवीं का हुसैनी जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए और कर्बला के शहीदों की याद को ताजा करते हुए 'या हुसैन या अली' के नारों के साथ आगे बढ़े। सिकन्दरपुर में सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर के डोमनपुरा (गंधी मोहल्ला), बढ्ढा (मिल्की मोहल्ला) और मोहल्ला भिखपुरा से अलग-अलग जुलूस निकलते हैं। मंगलवार की देर रात डोमनपुरा से जुलूस निकलने के बाद, बढ्ढा व भिखपुरा मोहल्लों से भी अलग-अलग जुलूस निकाले गए। ये जुलूस परम्परागत मार्गों पर भ्रमण करते हुए मध्य रात में मोहल्ला बढ्ढा स्थित दरगाह के मैदान में पहुंचे। भ्रमण के दौरान जुलूसों में शामिल लोग लगातार 'या अली' और 'या हुसैन' के नारे बुलंद कर रहे थे, साथ ही मर्सिया व नवहा पढ़ते चल रहे थे। जुलूस के गुजरने वाले मार्गों के दोनों ओर बूढ़ों, बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। लाठी लड़ाने की कला देखने के लिए हजारों की संख्या में महिला, बच्चे व बुजुर्ग मौजूद थे। इस दौरान, बढा और भिखपुरा के जुलूस तो दरगाह मैदान में ही रह गए, जबकि डोमनपुरा का जुलूस वहाँ से आगे बढ़कर मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब के मज़ार प्रांगण में जाकर खड़ा हो गया। तीनों जुलूस अपने-अपने स्थान पर लगभग एक घंटे तक रुके रहे, जिसमें शामिल युवाओं ने अपनी अस्त्रकलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन कर भीड़ का भरपूर मनोरंजन किया। बाद में, सभी मोहल्लों के जुलूस अपने स्थान से प्रस्थान कर देर रात मोहल्लों में वापस पहुँचकर समाप्त हो गए। उधर, दरगाह के मैदान में कुछ समय तक रुकने के बाद, मिट्टी लेकर निकला जुलूस भी वहाँ से प्रस्थान कर देर रात पुनः अपने पूर्व स्थान पर पहुंचकर समाप्त हुआ। परम्परा के अनुसार, जुलूस वापस आने के बाद मोहल्ला भिखपुरा के चौक पर चौकी रखने की रस्म भी अदा की गई। इस जुलूस में प्रमुख रूप से डॉ. सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली, डोमनपुरा के सदर एकराम अली उर्फ लड्डन भाई, भिखपुरा के सदर जमील बेग, बढा के सदर हसनैन अंसारी सहित फैजी अंसारी, जावेद अंसारी, सगीर अहमद, दानिश अंसारी, मोहिबुल्लाह इदरीसी, मो. आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम, टिंकू पठान, अरमान खान, मुन्नू भाई, अजीम भाई, मल्लू भाई और सद्दाम भाई जैसे कई महत्वपूर्ण लोग शामिल थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था। उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर ऋषिकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह अपने हमराहियों के साथ जुलूस के शुरू से लेकर अंत तक मुस्तैद डटे रहे।
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    बलिया के सिकन्दरपुर, जिसे 'गुलाबों का शहर' के नाम से जाना जाता है, में मंगलवार देर रात मोहर्रम के मातमी पर्व के तहत सातवीं का हुसैनी जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए और कर्बला के शहीदों की याद को ताजा करते हुए 'या हुसैन या अली' के नारों के साथ आगे बढ़े।

सिकन्दरपुर में सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर के डोमनपुरा (गंधी मोहल्ला), बढ्ढा (मिल्की मोहल्ला) और मोहल्ला भिखपुरा से अलग-अलग जुलूस निकलते हैं। मंगलवार की देर रात डोमनपुरा से जुलूस निकलने के बाद, बढ्ढा व भिखपुरा मोहल्लों से भी अलग-अलग जुलूस निकाले गए। ये जुलूस परम्परागत मार्गों पर भ्रमण करते हुए मध्य रात में मोहल्ला बढ्ढा स्थित दरगाह के मैदान में पहुंचे। भ्रमण के दौरान जुलूसों में शामिल लोग लगातार 'या अली' और 'या हुसैन' के नारे बुलंद कर रहे थे, साथ ही मर्सिया व नवहा पढ़ते चल रहे थे।

जुलूस के गुजरने वाले मार्गों के दोनों ओर बूढ़ों, बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। लाठी लड़ाने की कला देखने के लिए हजारों की संख्या में महिला, बच्चे व बुजुर्ग मौजूद थे। इस दौरान, बढा और भिखपुरा के जुलूस तो दरगाह मैदान में ही रह गए, जबकि डोमनपुरा का जुलूस वहाँ से आगे बढ़कर मोहल्ला मुड़ियापुर स्थित दाता साहब के मज़ार प्रांगण में जाकर खड़ा हो गया। तीनों जुलूस अपने-अपने स्थान पर लगभग एक घंटे तक रुके रहे, जिसमें शामिल युवाओं ने अपनी अस्त्रकलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन कर भीड़ का भरपूर मनोरंजन किया। बाद में, सभी मोहल्लों के जुलूस अपने स्थान से प्रस्थान कर देर रात मोहल्लों में वापस पहुँचकर समाप्त हो गए। उधर, दरगाह के मैदान में कुछ समय तक रुकने के बाद, मिट्टी लेकर निकला जुलूस भी वहाँ से प्रस्थान कर देर रात पुनः अपने पूर्व स्थान पर पहुंचकर समाप्त हुआ। परम्परा के अनुसार, जुलूस वापस आने के बाद मोहल्ला भिखपुरा के चौक पर चौकी रखने की रस्म भी अदा की गई।

इस जुलूस में प्रमुख रूप से डॉ. सैयद मिन्हाजुद्दीन अजमली, डोमनपुरा के सदर एकराम अली उर्फ लड्डन भाई, भिखपुरा के सदर जमील बेग, बढा के सदर हसनैन अंसारी सहित फैजी अंसारी, जावेद अंसारी, सगीर अहमद, दानिश अंसारी, मोहिबुल्लाह इदरीसी, मो. आरिफ अंसारी, खुर्शीद आलम, टिंकू पठान, अरमान खान, मुन्नू भाई, अजीम भाई, मल्लू भाई और सद्दाम भाई जैसे कई महत्वपूर्ण लोग शामिल थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था। उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर ऋषिकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह अपने हमराहियों के साथ जुलूस के शुरू से लेकर अंत तक मुस्तैद डटे रहे।
    user_गंगा 24 ख़बर
    गंगा 24 ख़बर
    Mobile Phone Shop सिकंदरपुर, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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