सारण के अमनौर में डीएम श्री वैभव श्रीवास्तव ने अमनौर बाईपास परियोजना के लिए MVRD कॉलेज, अगुआन में आयोजित एक विशेष भूअर्जन कैंप का निरीक्षण किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाना और भूस्वामियों (रैयतों) को जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैयतों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और कई मुद्दों का मौके पर ही (On the Spot) समाधान कराया। उन्होंने रैयतों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन रैयतों को मुआवजे की निर्धारित दर पर आपत्ति है, वे आपत्ति दर्ज कराते हुए भी भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। आपसी विवाद वाले भूखंडों की मुआवजा राशि सक्षम न्यायालय में जमा कराई जाएगी और न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुरूप ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कागजी और तकनीकी त्रुटियों का निवारण करते हुए अधिक से अधिक रैयतों से वाउचर प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्री वैभव श्रीवास्तव ने तरैया और मढ़ौरा में भी इसी तर्ज पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां भी भूअर्जन प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व तेजी से संपन्न कराई जा रही है। इस विशेष शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी एवं अमीन मुख्य रूप से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने आगे आयोजित होने वाले सभी शिविरों में इन संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत भी दी।
सारण के अमनौर में डीएम श्री वैभव श्रीवास्तव ने अमनौर बाईपास परियोजना के लिए MVRD कॉलेज, अगुआन में आयोजित एक विशेष भूअर्जन कैंप का निरीक्षण किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाना और भूस्वामियों (रैयतों) को जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैयतों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और कई मुद्दों का मौके पर ही (On
the Spot) समाधान कराया। उन्होंने रैयतों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन रैयतों को मुआवजे की निर्धारित दर पर आपत्ति है, वे आपत्ति दर्ज कराते हुए भी भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। आपसी विवाद वाले भूखंडों की मुआवजा राशि सक्षम न्यायालय में जमा कराई जाएगी और न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुरूप ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता
के आधार पर कागजी और तकनीकी त्रुटियों का निवारण करते हुए अधिक से अधिक रैयतों से वाउचर प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्री वैभव श्रीवास्तव ने तरैया और मढ़ौरा में भी इसी तर्ज पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां भी भूअर्जन प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना
जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व तेजी से संपन्न कराई जा रही है। इस विशेष शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी एवं अमीन मुख्य रूप से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने आगे आयोजित होने वाले सभी शिविरों में इन संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत भी दी।
- सारण के अमनौर में डीएम श्री वैभव श्रीवास्तव ने अमनौर बाईपास परियोजना के लिए MVRD कॉलेज, अगुआन में आयोजित एक विशेष भूअर्जन कैंप का निरीक्षण किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाना और भूस्वामियों (रैयतों) को जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैयतों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और कई मुद्दों का मौके पर ही (On the Spot) समाधान कराया। उन्होंने रैयतों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन रैयतों को मुआवजे की निर्धारित दर पर आपत्ति है, वे आपत्ति दर्ज कराते हुए भी भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। आपसी विवाद वाले भूखंडों की मुआवजा राशि सक्षम न्यायालय में जमा कराई जाएगी और न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुरूप ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कागजी और तकनीकी त्रुटियों का निवारण करते हुए अधिक से अधिक रैयतों से वाउचर प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्री वैभव श्रीवास्तव ने तरैया और मढ़ौरा में भी इसी तर्ज पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां भी भूअर्जन प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व तेजी से संपन्न कराई जा रही है। इस विशेष शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी एवं अमीन मुख्य रूप से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने आगे आयोजित होने वाले सभी शिविरों में इन संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत भी दी।4
- भारत तिवारी हत्याकांड के मामले में पप्पू यादव अपने काफिले के साथ मृतक के घर पहुंचे। पुलिस ने इस घटना को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और यह पुष्टि की है कि यह एक हत्या का मामला है।1
- बिहार कांग्रेस के भीतर चुनावी हार को लेकर भारी अंदरूनी कलह सामने आई है, जहाँ पार्टी के नेता आपस में ही भिड़ गए हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना ही कांग्रेस की करारी हार का मुख्य कारण रहा। सिंह के अनुसार, इस फैसले से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसी के चलते कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यदि वे अध्यक्ष पद पर बने रहते, तो बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होते। इस अंदरूनी खींचतान के बीच, अखिलेश सिंह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है कि अब बिहार में कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए, जो पार्टी के भीतर गहरे विभाजन और भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है।1
- एक नागरिक ने अपने नगर पंचायत के भीतर गांव के नाले के भर जाने की शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, नाले से बहुत गंदी बदबू आ रही है और उसमें से गंदा पानी बाहर बह रहा है।1
- जनता की आवाज आरा न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सुधीर सिंह बिलौटी पहुँचे और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान सुधीर सिंह ने भरत तिवारी की माँ से भी भेंट की। यह मुलाकात भरत तिवारी के लिए न्याय की उठाई जा रही मांग के बीच हुई है।1
- मंगलवार को पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचीं। उन्होंने वहां परिजनों से मुलाकात की।1
- सोमवार को नगर परिषद बिहटा में नमस्ते योजना के तहत सफाई मित्रों के लिए एक प्रशिक्षण सह क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित एवं यंत्रीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) की टीम ने दृश्य प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हाथ से मैला ढोने की प्रथा के उन्मूलन, स्वच्छता कार्यों के यंत्रीकरण और नमस्ते योजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से कार्य करने के लिए सफाई मित्रों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों से जोड़ना ही इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। इस अवसर पर, सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के महत्व और उसके सही उपयोग के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सुरक्षा किट का वितरण भी किया गया। स्वच्छता कार्यों से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भोजपुर के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव पहुंचकर भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और आयोजित महापंचायत में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि भरत तिवारी की हत्या के मामले में केवल गोली चलाने वाले ही नहीं, बल्कि जिनके कहने पर यह घटना हुई, उन सभी लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान को असंवेदनशील बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिसिंग का अर्थ गोली चलाना नहीं होता, बल्कि समाज की रक्षा करना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। उनका कहना था कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तब समाज को अपने लिए न्याय के लिए खड़ा होना पड़ता है। महापंचायत में उपस्थित लोगों ने भी प्रशांत किशोर की मांग का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की आवाज उठाई। प्रशांत किशोर के इस मुखर बयान के बाद, भरत तिवारी का यह मामला एक बार फिर बिहार की राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।1