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मंगलवार को पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचीं। उन्होंने वहां परिजनों से मुलाकात की।
Sanjay srivastava
मंगलवार को पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचीं। उन्होंने वहां परिजनों से मुलाकात की।
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- मंगलवार को पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचीं। उन्होंने वहां परिजनों से मुलाकात की।1
- मनीषा पटेल ने बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसडीएम (SDM) का पद हासिल किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार, गांव और पूरे भोजपुर जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। मनीषा पटेल, जो महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं दावा पंचायत की मुखिया सुष्मलता कुशवाहा की भतीजी हैं, की यह सफलता बेटियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। उनकी इस उपलब्धि पर हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है।1
- भोजपुर जिले के गड़हनी अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार को दाखिल-खारिज के एक मामले में रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गड़हनी अंचल में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता राजेंद्र राम, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई ढाई डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि कर्मचारी जितेंद्र कुमार बिना रिश्वत लिए काम आगे बढ़ाने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद राजेंद्र राम ने निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोप सही पाए गए। सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई। इसी क्रम में मंगलवार को निगरानी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता द्वारा 3,500 रुपये की रिश्वत राशि देते ही जितेंद्र कुमार को गड़हनी अंचल कार्यालय स्थित उनके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के अधिकारी गौतम कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपों की जांच सही पाई गई थी, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के आधार बिगहा निवासी बताए जाते हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है। विभाग की टीम आरोपी को पटना ले गई है, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से अंचल कार्यालय के कर्मचारियों और आम लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है।4
- Post by CHANDAN KUMAR1
- Post by Deshi dashtak1
- भोजपुर में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना को 'फर्जी एनकाउंटर' बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। इसी कड़ी में सीनियर एडवोकेट विशाल तिवारी और नरेंद्र मिश्रा ने भारत के उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। इस याचिका में स्पष्ट रूप से मामले को फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं और एक स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज होगी और उच्चतम न्यायालय इस याचिका पर क्या आदेश दे सकता है। ये सभी पहलू आज के एक्सप्लेनर में समझने की कोशिश की जाएगी।1
- बांकीपुर में यह प्रस्ताव सामने आया है कि प्रशांत किशोर को वोट देकर किसी कथित गलती को सुधारा जा सकता है। इस संभावना को लेकर प्रबुद्ध जनों के साथ एक सभा में चर्चा किए जाने पर विचार हो रहा है।1
- आरा शहर में 23 जून 2026 को मुहर्रम की 7वीं तारीख के अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक "मेहदी का जुलूस" निकाला गया। करीब 200 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हज़रत इमाम हुसैन (अ.) और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया, विशेष रूप से हज़रत क़ासिम (अ.) की शहादत की स्मृति में मातम और नौहाखानी की गई। यह मातमी जुलूस महादेवा महाजन टोली नं.-1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने हरे वस्त्र धारण कर कर्बला की दर्दनाक घटना को याद करते हुए नौहा पढ़ा और मातम किया, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। नौहाख्वान अली हुसैन ने "शाहे कर्बोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" तथा सैयद रेयाज़ हुसैन ने "आ फ़ातमा के प्यारों को रोएँ, अहमद का घराना लूटा गया" जैसे मार्मिक नौहे पेश किए। इस आयोजन में सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, सैयद शब्बीर हसन, डॉ. कौनैन रज़ा, सैयद वारिस बिलग्रामी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वहीं गुड्डू अंसारी, ऊमा शंकर ओझा, अमित रंजन, अंजनी सिन्हा, बीर बहादुर सहित सभी धर्मों के लोगों ने आयोजन में सहयोग कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जबकि मीडिया कर्मियों ने जुलूस की लगातार कवरेज कर आयोजन को जन-जन तक पहुंचाया।1