बिहार कांग्रेस के भीतर चुनावी हार को लेकर भारी अंदरूनी कलह सामने आई है, जहाँ पार्टी के नेता आपस में ही भिड़ गए हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना ही कांग्रेस की करारी हार का मुख्य कारण रहा। सिंह के अनुसार, इस फैसले से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसी के चलते कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यदि वे अध्यक्ष पद पर बने रहते, तो बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होते। इस अंदरूनी खींचतान के बीच, अखिलेश सिंह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है कि अब बिहार में कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए, जो पार्टी के भीतर गहरे विभाजन और भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है।
बिहार कांग्रेस के भीतर चुनावी हार को लेकर भारी अंदरूनी कलह सामने आई है, जहाँ पार्टी के नेता आपस में ही भिड़ गए हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना ही कांग्रेस की करारी हार का मुख्य कारण रहा। सिंह के अनुसार, इस फैसले से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसी के चलते कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यदि वे अध्यक्ष पद पर बने रहते, तो बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होते। इस अंदरूनी खींचतान के बीच, अखिलेश सिंह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है कि अब बिहार में कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए, जो पार्टी के भीतर गहरे विभाजन और भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है।
- बिहार कांग्रेस के भीतर चुनावी हार को लेकर भारी अंदरूनी कलह सामने आई है, जहाँ पार्टी के नेता आपस में ही भिड़ गए हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना ही कांग्रेस की करारी हार का मुख्य कारण रहा। सिंह के अनुसार, इस फैसले से पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसी के चलते कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यदि वे अध्यक्ष पद पर बने रहते, तो बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होते। इस अंदरूनी खींचतान के बीच, अखिलेश सिंह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है कि अब बिहार में कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए, जो पार्टी के भीतर गहरे विभाजन और भविष्य की दिशा पर सवाल खड़े करता है।1
- एक नागरिक ने अपने नगर पंचायत के भीतर गांव के नाले के भर जाने की शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, नाले से बहुत गंदी बदबू आ रही है और उसमें से गंदा पानी बाहर बह रहा है।1
- सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार के निर्देश पर मंगलवार को रिविलगंज थाना क्षेत्र में आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर विधि-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से एक संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च में अंचलाधिकारी रिविलगंज, थानाध्यक्ष और थाना के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे।1
- भोजपुर के बिलौटी गाँव में भरत तिवारी की मौत के मामले पर भाजपा मंडल अध्यक्ष (संदेश) विपिन विश्वास ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। विपिन विश्वास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए जोर दिया कि "भरत तिवारी को न्याय मिलना चाहिए", ताकि इस मामले में सच्चाई सामने आ सके और उचित कार्रवाई हो।1
- मंगलवार को पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचीं। उन्होंने वहां परिजनों से मुलाकात की।1
- अनिरुद्ध आचार्य जी ने भारत तिवारी एनकाउंटर को 'फेंक' बताते हुए एक बयान दिया है।1
- भोजपुर जिले के गड़हनी अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार को दाखिल-खारिज के एक मामले में रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गड़हनी अंचल में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता राजेंद्र राम, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई ढाई डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि कर्मचारी जितेंद्र कुमार बिना रिश्वत लिए काम आगे बढ़ाने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद राजेंद्र राम ने निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई। निगरानी विभाग ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोप सही पाए गए। सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई। इसी क्रम में मंगलवार को निगरानी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता द्वारा 3,500 रुपये की रिश्वत राशि देते ही जितेंद्र कुमार को गड़हनी अंचल कार्यालय स्थित उनके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के अधिकारी गौतम कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपों की जांच सही पाई गई थी, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार मूल रूप से औरंगाबाद जिले के आधार बिगहा निवासी बताए जाते हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल माना जा रहा है। विभाग की टीम आरोपी को पटना ले गई है, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना से अंचल कार्यालय के कर्मचारियों और आम लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है।4
- आज एक महापंचायत में शहीद भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि जब तक शहीद भरत भूषण तिवारी को इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।1