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दिल मे रे गोरिया लिखाल आहे तोर नाम nametattoo हमारे यहां हर तरह के टैटू बनऐ एवं मिटाऐ जाते हैं
Pawan arya
दिल मे रे गोरिया लिखाल आहे तोर नाम nametattoo हमारे यहां हर तरह के टैटू बनऐ एवं मिटाऐ जाते हैं
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- गुमला में एक ओर जंहा गैस की किल्लत को लेकर लोग परेशान हैं। वहीं दूसरी गैस सिलेंडर की चोरी भी काफी बढ़ गई है। दिन दहाड़े शनिवार को दोपहर के करीब 2:00 से 3:00 के बीच गैस सिलेंडर चोरी करने का सीसीटीवी कैमरा में सारा वारदात कैद हो गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। जिसमें आसानी से दिख रहा है कि युवक के द्वारा गैस सिलेंडर उठाकर मौके से चंपत हो गया।1
- रेफरल अस्पताल सिसई परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ललिता कुमारी मिंज और सहिया सहकर्ता लीलन कुमारी, सिलवंती मिंज, के द्वारा संयुक्त रूप से 50 सहिया दीदियों को सहिया बंडी दिया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सईया के कार्य में गुणवत्ता लाने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिनका नाम सहिया ऐप में पंजीकृत है और पूर्व में नहीं दिया गया हैं उन सभी सहिया दीदियों को सहिया बंडी दिया गया।1
- Post by Niraj kumar Sahu2
- चैनपुर थाना क्षेत्र के तिगावल मोड़ के समीप शनिवार रात करीब 8:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में तिगावल डांड़टोली निवासी इतवा उरांव का 24 वर्षीय पुत्र नवेश उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल नवेश को एक निजी वाहन की मदद से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।1
- जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी देते हुए हर दोपहर एक बजे बताया गया कि शिविर स्थल पर सुबह से ही महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभुकों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलने से लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जानकारी के अभाव के कारण कार्ड नहीं बन पाया था, लेकिन अब गांव में शिविर आयोजित होने से प्रक्रिया आसान हो गई है। मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया। साथ ही लोगों को योजना के लाभ, अस्पताल चयन और उपचार प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांव में कार्ड निर्माण शुरू होने से लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी।1
- 26 बषो का युवा झारखंड में व्रद्व आन्दोलनकारियो /सेनानीयों की बंद चिन्हिकरण आयोग के शिंकजा में चिन्हित का मामला दम तोडता आन्दोलनकारी ......बिरसा मुंडा के सपनों को नेस्तनाबूत कर अबुआ दिसुम अबुआ राज्य, नहीं व्रद्व झारखंड राज्य नही बल्कि दलाल का राज्य बनकर रह गया है; सुर्य सिंह बेसरा3
- चैनपुर बस स्टैंड स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात के गंभीर आरोपों को लेकर शनिवार को प्रशासन हरकत में दिखा। गुमला के सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी अपनी टीम के साथ अचानक चैनपुर पहुंचे और अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।1
- सत्ता की बेरुखी पर ग्रामीणों का प्रहार: श्रमदान से खजूर ढोंढा पर बना बीस फीट लंबा बांध, खुद लिखा आत्मनिर्भरता का इतिहास चैनपुर प्रखंड की रामपुर पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम भटौली में ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बीच मिसाल पेश करते हुए श्रमदान से खजूर ढोंढा पर लगभग बीस फीट लंबा बोरी बांध तैयार कर दिया। भीषण गर्मी और जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे बढ़कर समस्या का समाधान किया। लगातार पड़ रही गर्मी के कारण क्षेत्र के जलस्रोत सूख चुके थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि बैल, बकरी सहित अन्य मवेशियों के लिए पीने के पानी का संकट उत्पन्न हो गया था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए फिया फाउंडेशन की कार्यकर्ता रजनी केरकेट्टा ने ग्राम सभा की बैठक आयोजित की, जहां सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार के भरोसे बैठने के बजाय श्रमदान से बांध निर्माण किया जाएगा। ग्राम प्रधान राजेश बैगा ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नाले पर बांध निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने विधायक भूषण तिर्की से भी गुहार लगाई, परंतु अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अंततः ग्रामीणों ने खुद ही पहल करने का निर्णय लिया। निर्णय के बाद पूरा गांव एकजुट हो गया। ग्रामीण अपने घरों से खाली बोरे, कुदाल और तगाड़ी लेकर नाले पर पहुंचे और बोरियों में बालू भरकर पानी का प्रवाह रोक दिया। बांध बनते ही पानी का जमाव शुरू हो गया है। ग्रामीणों का अनुमान है कि इससे करीब तीस एकड़ भूमि की सिंचाई संभव होगी, मवेशियों के लिए स्थायी जल व्यवस्था बनेगी तथा ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। फिया फाउंडेशन के प्रखंड समन्वयक ललित कुमार महतो ने कहा कि यदि ग्राम सभा मजबूत हो और ग्रामीण एकजुट रहें, तो श्रमदान से बड़े बदलाव संभव हैं। इस सामूहिक श्रमदान में ग्राम प्रधान राजेश बैगा, मनीष लोहार, देवंती देवी, जितेंद्र रतिया, सुखदेव रतिया, अंजनी देवी, शुकर्मानी देवी, सुषमा देवी, नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- 26 बषो का युवा झारखंड में व्रद्व आन्दोलनकारियो /सेनानीयों की बंद चिन्हिकरण आयोग के शिंकजा में चिन्हित का मामला दम तोडता आन्दोलनकारी ......2