जौनपुर में एक मुख्य आरक्षी का शराब के नशे में धुत होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कुंवर अनुपम सिंह ने तत्काल प्रभाव से मुख्य आरक्षी रामधनी यादव को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। वायरल वीडियो में मुख्य आरक्षी रामधनी यादव शराब के नशे में चूर होकर रोते-बिलखते हुए और अपने थाना प्रभारी पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रामधनी यादव सुजानगंज थाने में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात हैं। यह घटना तब हुई जब उनकी ड्यूटी बक्शा क्षेत्र के कौली गांव में अजय सिंह की हत्या के मामले में लगे तनावपूर्ण हालात में लगाई गई थी। वीडियो में यह भी साफ देखा जा सकता है कि वह वर्दी में ही नशे की हालत में बेसुध पड़े थे, यहां तक कि उनकी पैंट भी गीली हो गई थी। इस दृश्य को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और चिंता व्यक्त की है कि यदि पुलिसकर्मी ही ऐसी स्थिति में होंगे तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सुजानगंज क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ बढ़ने के आरोप लग रहे हैं, और स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मियों की अनुशासनहीनता से पूरे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल यह कार्रवाई की है।
जौनपुर में एक मुख्य आरक्षी का शराब के नशे में धुत होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कुंवर अनुपम सिंह ने तत्काल प्रभाव से मुख्य आरक्षी रामधनी यादव को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। वायरल वीडियो में मुख्य आरक्षी रामधनी यादव शराब के नशे में चूर होकर रोते-बिलखते हुए और अपने थाना प्रभारी पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रामधनी यादव सुजानगंज थाने में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात हैं। यह घटना तब हुई जब उनकी ड्यूटी बक्शा क्षेत्र के कौली गांव में अजय सिंह की हत्या के मामले में लगे तनावपूर्ण हालात में लगाई गई थी। वीडियो में यह भी साफ देखा जा सकता है कि वह वर्दी में ही नशे की हालत में बेसुध पड़े थे, यहां तक कि उनकी पैंट भी गीली हो गई थी। इस दृश्य को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और चिंता व्यक्त की है कि यदि पुलिसकर्मी ही ऐसी स्थिति में होंगे तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सुजानगंज क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ बढ़ने के आरोप लग रहे हैं, और स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मियों की अनुशासनहीनता से पूरे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल यह कार्रवाई की है।
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा कस्बे में संचालित एक जिम में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, जिम में मौजूद एक महिला सिपाही धीमे बोलने को कहने पर कथित तौर पर भड़क उठी। क्रोधित सिपाही ने अपने एक साथी को मौके पर बुलाया, जिसके बाद उसने मिलकर एक शिक्षिका के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद, महिला सिपाही पीड़ित शिक्षिका को कोतवाली ले गई।1
- आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर एक भव्य विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं भी जाने पर महाराजा सुहेलदेव जी के नाम से ही पहचान बनेगी और गौरव की अनुभूति प्राप्त होगी।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "बेटी तो बेटी होती है" और "कोई भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता।" मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कार का हवाला देते हुए 'गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन' की बात कही। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने "चेले-चपाटों" को भी अपनी भाषा पर संयम रखने का उपदेश दें। उन्होंने राज्य में बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए की गई व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। बता दें कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। एफआईआर के अनुसार, 9 जून को भारत कुमार पटेल नामक आईडी से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे। इसमें एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले वे अपने "चेले-चपाटों" को समझाएं, और अगर वे नहीं समझा सकते तो उन्हें सरकार के हवाले कर दें, हम उन्हें समझा देंगे।1
- प्रतापगढ़ के नगर पंचायत गड़वारा में मनोनीत सभासदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हो गया है, जिसके चलते नगर पंचायत कार्यालय भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण छावनी में तब्दील रहा। यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान बीजेपी सदर विधायक राजेंद्र, जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव और मंडल अध्यक्ष राजाराम वैश्य समेत कई लोग मौजूद रहे। इससे पहले हुए सभासदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में नगर पंचायत कार्यालय में ‘अहम का टकराव’ देखने को मिला था। उस समय सदर विधायक राजेंद्र मौर्य को कार्यालय का गेट बंद कर वापस लौटा दिया गया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल पैदा हो गई थी। इसी पिछली घटना के चलते आज दोबारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए भारी पुलिस बल का बंदोबस्त किया गया था। जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह को लोकतंत्र का सबसे पवित्र उत्सव माना जाता है, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन थे वे लोग जिन्होंने लोकतंत्र के इस पवित्र उत्सव को कलंकित किया था।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के करैला गांव की एक विवाहिता ने अपने पति, देवर और सास पर मारपीट करने और उसे घर से बाहर निकाल देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस मामले में पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। करैला गांव निवासी दुर्गावती ने शनिवार को पट्टी कोतवाली में दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी चार साल पहले अरुण कुमार गुप्ता से हुई थी। उसके तीन साल के बेटे आरो की परवरिश की जिम्मेदारी भी उसी पर है। दुर्गावती का आरोप है कि बीते शुक्रवार की शाम करीब सात बजे उसके पति, देवर और सास ने किसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट की और उसे अपने मासूम बच्चे सहित घर से भगा दिया। पीड़िता किसी तरह अपने मायके नादी गांव पहुंची और अपनी आपबीती अपनी मां को बताई। इसके बाद, वह अपनी मां के साथ पट्टी कोतवाली जाकर घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान भी आया है।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय जनपद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्की बरसात के बाद ही सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा बाजार पानी से लबालब हो गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया है और ग्राहक काफी परेशान हैं। यह पट्टी चांदा मार्ग सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर कादीपुर को जोड़ता है। बाजार में पानी की निकासी के लिए कोई ठोस नाली व्यवस्था नहीं है और पानी निकलने का कोई रास्ता भी नहीं बचा है। यह स्थिति हर बार बारिश होने पर पैदा होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो गया है। स्थानीय जनपद के अफसरों को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। नाली निर्माण और जल निकासी की योजनाएँ वर्षों से केवल फाइलों में चल रही हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी अमल में नहीं लाया गया है। जनता नियमित रूप से टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के विधायक और सांसद भी चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, जैसे स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत की बातें, लेकिन हल्की बारिश में नारंगपुर बाजार के डूबने पर वे कहीं नज़र नहीं आते। वे न तो स्थिति का निरीक्षण करते हैं और न ही कोई बयान देते हैं, जिससे प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की तकलीफों से कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इन बदतर हालातों को झेलेगी। अगर थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार पानी में डूब जाता है, तो विकास के तमाम दावे किस काम के हैं। यह समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकर्णी नींद से जागें और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करें।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के लाखीपुर कप्सा गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी ने जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे जहरीले पदार्थ का सेवन करने के बाद तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पट्टी पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने किशोरी की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार, लाखीपुरकप्सा गांव की सपना नामक इस किशोरी के भाई अर्जुन ने उसे तत्काल बाइक से सीएचसी पट्टी पहुँचाया था। सीएचसी पट्टी के चिकित्सक डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि जहरीले पदार्थ के सेवन से किशोरी की हालत गंभीर बनी हुई थी, जिसके कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद से परिजनों में चिंता का माहौल है, और किशोरी द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन किए जाने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस और परिजन इस मामले से संबंधित जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।1