विश्व आदिवासी दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में गूंजा एकता, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश, सर्व आदिवासी समाज ने निकाली भव्य रैली मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर मनेन्द्रगढ़ में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकजुटता का भव्य स्वरूप देखने को मिला। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत साईं मंदिर स्थित पीपल वृक्ष के नीचे विधि-विधान से प्रकृति पूजन के साथ हुई। इसके पश्चात समाज की ओर से विशाल रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रैली में पूर्व विधायक गुलाब कमरो, सर्व आदिवासी समाज के संयोजक परमेश्वर गुरुजी, जिला अध्यक्ष शरण सिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ऊषा सिंह करयाम तथा आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। प्रकृति पूजन से शुरू हुआ यह आयोजन केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आदिवासी समाज की उस गौरवशाली जीवनदृष्टि का प्रतीक बना, जिसमें जल, जंगल और जमीन के साथ गहरा आत्मीय रिश्ता सदियों से कायम है। पीपल वृक्ष के नीचे प्रकृति की आराधना ने यह संदेश दिया कि आदिवासी संस्कृति में प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और आस्था का अभिन्न हिस्सा है। नगर भ्रमण करती हुई विशाल रैली विमल श्री टॉकीज स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। यहां आदिवासी समाज के आराध्य देवों तथा शहीद वीरों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत एवं सम्मान किया गया। विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने मनेन्द्रगढ़ की धरती पर आदिवासी अस्मिता, गौरव, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की। रैली में उमड़ा जनसैलाब सामाजिक एकता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के संकल्प का सशक्त प्रतीक बना। बच्चों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह भी संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सजग और प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम का वातावरण आदिवासी गौरव, सामाजिक भाईचारे और प्रकृति संरक्षण के संदेश से सराबोर रहा। विश्व आदिवासी दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में आयोजित यह आयोजन न केवल समाज की एकजुटता का प्रदर्शन बना, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रेरणादायी अवसर भी साबित हुआ।
विश्व आदिवासी दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में गूंजा एकता, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश, सर्व आदिवासी समाज ने निकाली भव्य रैली मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर मनेन्द्रगढ़ में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकजुटता का भव्य स्वरूप देखने को मिला। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत साईं मंदिर स्थित पीपल वृक्ष के नीचे विधि-विधान से प्रकृति पूजन के साथ हुई। इसके पश्चात समाज की ओर से विशाल रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रैली
में पूर्व विधायक गुलाब कमरो, सर्व आदिवासी समाज के संयोजक परमेश्वर गुरुजी, जिला अध्यक्ष शरण सिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ऊषा सिंह करयाम तथा आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। प्रकृति पूजन से शुरू हुआ यह आयोजन केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आदिवासी समाज की उस गौरवशाली जीवनदृष्टि का प्रतीक बना, जिसमें जल, जंगल और जमीन के साथ गहरा आत्मीय रिश्ता सदियों से कायम है। पीपल वृक्ष के नीचे
प्रकृति की आराधना ने यह संदेश दिया कि आदिवासी संस्कृति में प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और आस्था का अभिन्न हिस्सा है। नगर भ्रमण करती हुई विशाल रैली विमल श्री टॉकीज स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। यहां आदिवासी समाज के आराध्य देवों तथा शहीद वीरों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत एवं सम्मान किया गया। विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने मनेन्द्रगढ़ की धरती पर आदिवासी अस्मिता, गौरव, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की। रैली में
उमड़ा जनसैलाब सामाजिक एकता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के संकल्प का सशक्त प्रतीक बना। बच्चों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह भी संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सजग और प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम का वातावरण आदिवासी गौरव, सामाजिक भाईचारे और प्रकृति संरक्षण के संदेश से सराबोर रहा। विश्व आदिवासी दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में आयोजित यह आयोजन न केवल समाज की एकजुटता का प्रदर्शन बना, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रेरणादायी अवसर भी साबित हुआ।
- विश्व आदिवासी दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में गूंजा एकता, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश, सर्व आदिवासी समाज ने निकाली भव्य रैली मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर मनेन्द्रगढ़ में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकजुटता का भव्य स्वरूप देखने को मिला। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत साईं मंदिर स्थित पीपल वृक्ष के नीचे विधि-विधान से प्रकृति पूजन के साथ हुई। इसके पश्चात समाज की ओर से विशाल रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रैली में पूर्व विधायक गुलाब कमरो, सर्व आदिवासी समाज के संयोजक परमेश्वर गुरुजी, जिला अध्यक्ष शरण सिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ऊषा सिंह करयाम तथा आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। प्रकृति पूजन से शुरू हुआ यह आयोजन केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आदिवासी समाज की उस गौरवशाली जीवनदृष्टि का प्रतीक बना, जिसमें जल, जंगल और जमीन के साथ गहरा आत्मीय रिश्ता सदियों से कायम है। पीपल वृक्ष के नीचे प्रकृति की आराधना ने यह संदेश दिया कि आदिवासी संस्कृति में प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और आस्था का अभिन्न हिस्सा है। नगर भ्रमण करती हुई विशाल रैली विमल श्री टॉकीज स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। यहां आदिवासी समाज के आराध्य देवों तथा शहीद वीरों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत एवं सम्मान किया गया। विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने मनेन्द्रगढ़ की धरती पर आदिवासी अस्मिता, गौरव, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की। रैली में उमड़ा जनसैलाब सामाजिक एकता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के संकल्प का सशक्त प्रतीक बना। बच्चों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह भी संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सजग और प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम का वातावरण आदिवासी गौरव, सामाजिक भाईचारे और प्रकृति संरक्षण के संदेश से सराबोर रहा। विश्व आदिवासी दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में आयोजित यह आयोजन न केवल समाज की एकजुटता का प्रदर्शन बना, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रेरणादायी अवसर भी साबित हुआ।4
- जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में आयोजित हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज* *समाचार* *जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में आयोजित हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज* *धनौली में विधायक-कलेक्टर ने पालकों एवं विद्यार्थियों से किया संवाद, शैक्षणिक सामग्री का किया वितरण* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 8 अगस्त 2026/छात्रावासों एवं आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, पोषण, अनुशासन एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने तथा उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में आज पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके पालकों के बीच संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों की जानकारी ली गई। विभिन्न छात्रावासों-आश्रमों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। गौरेला विकासखंड के धनौली स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय में आयोजित पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज कार्यक्रम में विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों और पालकों से आत्मीय संवाद कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य, छात्रावास की व्यवस्थाओं तथा अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि गौरेला विकासखंड विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बहुल क्षेत्र है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में निवासरत लोगों तक सड़क, बिजली, पानी, आवास, मोबाइल नेटवर्क सहित मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। पालक-बालक सम्मेलन विद्यार्थियों, पालकों एवं विद्यालय प्रबंधन के बीच संवाद का बेहतर माध्यम है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता बताई। धनौली शाला परिसर में विद्यार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा दो भवनों के जीर्णाेद्धार के लिए स्वीकृत 40 लाख रुपए की जानकारी से विधायक ने अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने पालकों से कहा कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य एवं अन्य गतिविधियों पर निरंतर ध्यान दें तथा छात्रावास अधीक्षक एवं शिक्षकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। उन्होंने विद्यार्थियों से भी उनकी पढ़ाई, छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं एवं सम्मेलन के संबंध में उनकी प्रतिक्रिया जानी। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावासों एवं आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों तथा उनके पालकों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में एक साथ पालक-बालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझने, उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा पालकों की सहभागिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कलेक्टर ने धनौली कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व पंडित मोतीलाल नेहरू आदिवासी बालक छात्रावास धोबहर तथा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास धोबहर में आयोजित पालक-बालक सम्मेलन में भी सहभागिता की और वहां की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। इसके पश्चात विधायक, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधियों, पालकों एवं विद्यार्थियों ने एक साथ नेवता भोज किया। इस अवसर पर पालकों एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं आत्मीयता का वातावरण रहा।4
- तिरंगा हमारे गौरवशाली इतिहास,राष्ट्रीय स्वाभिमान और मजबूत राष्ट्र भावना का प्रतिनिधित्व करता है - रामलाल रौतेल अध्यक्ष अजजा आयोग अनूपपुर - हर घर तिरंगा अभियान के शुभारंभ अवसर पर अनूपपुर में निकली राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण तिरंगा रैली हर घर तिरंगा अभियान के शुभारंभ अवसर पर आज जिला मुख्यालय अनूपपुर में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। सामतपुर तिराहा से प्रारंभ होकर रैली रेलवे स्टेशन तक पहुंची। रैली में अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर निकले प्रतिभागियों ने पूरे मार्ग में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। देशभक्ति गीतों एवं राष्ट्रभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। रैली का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से किया गया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागी हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ रैली में शामिल हुए। विद्यार्थियों, युवाओं एवं नागरिकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। देशभक्ति गीतों और नारों के माध्यम से प्रतिभागियों ने राष्ट्रप्रेम की भावना को अभिव्यक्त किया। तिरंगे के साथ निकली रैली ने जिलेवासियों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और मजबूत किया। रैली को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने कहा कि निश्चित तौर पर आज हम सभी गौरवान्वित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप 9 अगस्त से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रध्वज के सम्मान से जोड़ना तथा देश के प्रति गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से सम्मान और गर्व के साथ अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने तथा अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। रौतेल ने कहा कि भारत का तिरंगा केवल तीन रंगों का ध्वज मात्र नहीं है, बल्कि यह देश की आस्था, संप्रभुता, एकता-अखंडता और करोड़ों देशवासियों के त्याग एवं बलिदान का प्रतीक है। तिरंगा हमारे गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रीय स्वाभिमान और मजबूत राष्ट्र भावना का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराएगा, तो यह देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने जिलेवासियों से हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर ने भी संबोधित किया। उन्होंने नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने उपस्थित नागरिकों को हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत शपथ भी दिलाई। उपस्थितजनों ने राष्ट्रध्वज के सम्मान, देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुश्री प्राशी अग्रवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक तिरंगा रैली में सहभागिता करते हुए राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रदर्शन किया।1
- मेरी भांजी का बहुत प्यारा सा विडिओ अच्छा लगे तो जरूर लाइक करे 👌🏻😊❤️2
- आज माइंस में जबरदस्त बारिश हुई हैं देख सकते हैं आप लोग गाड़ी वाली पूरा जाम हो गयाहै लग रहा है कि तो चार दिन अब गाड़ी नहीं चलेगी इतना ज्यादा बारिश हुआ है1
- PM Modi का PM-VBRY कार्यक्रम, रोजगार और युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर 🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। #PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India1
- सावन की भक्ति में लीन हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बाबा बैद्यनाथ और बासुकिनाथ के दरबार में टेका माथा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। सावन के पावन माह में आस्था, श्रद्धा और जनकल्याण की भावना के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और बाबा बासुकिनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। उन्होंने सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा की धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान शिव को अर्पित किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने सपरिवार बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूरे भक्तिभाव से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने बासुकिनाथ धाम पहुंचकर बाबा बासुकिनाथ के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों धामों में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण नजर आया। सावन के अवसर पर शिवभक्तों की उमड़ी भीड़ के बीच मंत्री श्री जायसवाल भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन दिखाई दिए। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ के चरणों में छत्तीसगढ़ की समस्त जनता के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि सावन का पावन महीना हमें आस्था के साथ सेवा और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार होगा।2
- दीपका के 52वर्ष सुरेश पटेल मजदूरी कर के घर जा रहा था इसी बीच शराब पिला कर घटना को दिया अंजाम दीपका के 52वर्ष सुरेश पटेल मजदूरी कर के घर जा रहा था इसी बीच शराब पिला कर घटना को अंजाम दिया कटघोरा में अहिरन नदी के पास लूट का मामला पैसा लेकर भागे1