Shuru
Apke Nagar Ki App…
मेरी भांजी का बहुत प्यारा सा विडिओ अच्छा लगे तो जरूर लाइक करे 👌🏻😊❤️
PUBLIC MEDIA NEWS
मेरी भांजी का बहुत प्यारा सा विडिओ अच्छा लगे तो जरूर लाइक करे 👌🏻😊❤️
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- मेरी भांजी का बहुत प्यारा सा विडिओ अच्छा लगे तो जरूर लाइक करे 👌🏻😊❤️2
- नर्मदा उद्गम से निकली आस्था की कांवड़‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी अनूपपूर - सारस डोली के 51 शिवभक्त कांवरियों ने नर्मदा उद्गम कुंड से पवित्र जल लेकर शुरू की सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्र मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की पुण्य बेला में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत दृश्य साकार हुआ। डिंडोरी जिले के सारस डोली से आए 51 शिवभक्त कांवरियों ने मां नर्मदा के पावन उद्गम कुंड से विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल अपनी कांवड़ में धारण किया और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। प्रातः लगभग 10 बजे प्रारंभ हुई इस धार्मिक यात्रा में शिवभक्त कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ में नर्मदा जल धारण किए श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति की त्रिवेणी का अनुपम संगम बनी हुई है। कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के साथ शिवलिंग, भगवान हनुमान जी महाराज, भगवान कार्तिकेय स्वामी तथा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन में विराजमान किया गया है। वाहन पर विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन तथा डीजे पर गूंजते मधुर भजन-कीर्तन से यात्रा मार्ग आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। नर्मदा उद्गम से जल धारण कर निकली यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा की पावन धाराओं को भगवान शिव के चरणों तक पहुंचाने वाली श्रद्धा और संकल्प की आध्यात्मिक यात्रा है। मान्यता है कि मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव की आराध्या एवं शिव से अभिन्न रूप से जुड़ी पवित्र नदी हैं। इसी आस्था के साथ शिवभक्त नर्मदा जल को कांवड़ में धारण कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सात दिवसीय पदयात्रा पूर्ण करने के उपरांत सारस डोली पहुंचकर कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर नर्मदा उद्गम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की जाएगी। श्रावण मास में नर्मदा उद्गम की पावन धरती से प्रारंभ हुई यह यात्रा अमरकंटक की उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है, जहां नर्मदा की कल-कल धारा और शिवभक्ति का जयघोष मिलकर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित करते हैं। 51 शिवभक्तों का यह कांवड़ दल आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।1
- जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में आयोजित हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज* *समाचार* *जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में आयोजित हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज* *धनौली में विधायक-कलेक्टर ने पालकों एवं विद्यार्थियों से किया संवाद, शैक्षणिक सामग्री का किया वितरण* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 8 अगस्त 2026/छात्रावासों एवं आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, पोषण, अनुशासन एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने तथा उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में आज पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके पालकों के बीच संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों की जानकारी ली गई। विभिन्न छात्रावासों-आश्रमों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। गौरेला विकासखंड के धनौली स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय में आयोजित पालक-बालक सम्मेलन एवं नेवता भोज कार्यक्रम में विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों और पालकों से आत्मीय संवाद कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य, छात्रावास की व्यवस्थाओं तथा अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि गौरेला विकासखंड विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बहुल क्षेत्र है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में निवासरत लोगों तक सड़क, बिजली, पानी, आवास, मोबाइल नेटवर्क सहित मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। पालक-बालक सम्मेलन विद्यार्थियों, पालकों एवं विद्यालय प्रबंधन के बीच संवाद का बेहतर माध्यम है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता बताई। धनौली शाला परिसर में विद्यार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा दो भवनों के जीर्णाेद्धार के लिए स्वीकृत 40 लाख रुपए की जानकारी से विधायक ने अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने पालकों से कहा कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य एवं अन्य गतिविधियों पर निरंतर ध्यान दें तथा छात्रावास अधीक्षक एवं शिक्षकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। उन्होंने विद्यार्थियों से भी उनकी पढ़ाई, छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं एवं सम्मेलन के संबंध में उनकी प्रतिक्रिया जानी। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावासों एवं आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों तथा उनके पालकों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जिले के सभी 80 छात्रावासों-आश्रमों में एक साथ पालक-बालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझने, उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा पालकों की सहभागिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कलेक्टर ने धनौली कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व पंडित मोतीलाल नेहरू आदिवासी बालक छात्रावास धोबहर तथा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास धोबहर में आयोजित पालक-बालक सम्मेलन में भी सहभागिता की और वहां की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। इसके पश्चात विधायक, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधियों, पालकों एवं विद्यार्थियों ने एक साथ नेवता भोज किया। इस अवसर पर पालकों एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं आत्मीयता का वातावरण रहा।4
- पांच माह हो गए रेरा एमपी में मुख्य अध्यक्ष पद खाली हुए अभी तक कोई भी नया अध्यक्ष नहीं चुना गया ग्राहकों के लिए बनाए गए कानून जनता के काम नहीं आ रहा न्याय कैसे मिलेगा जनता को जब पद ही खाली होगा1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- सावन की भक्ति में लीन हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बाबा बैद्यनाथ और बासुकिनाथ के दरबार में टेका माथा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। सावन के पावन माह में आस्था, श्रद्धा और जनकल्याण की भावना के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और बाबा बासुकिनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। उन्होंने सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा की धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान शिव को अर्पित किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने सपरिवार बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूरे भक्तिभाव से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने बासुकिनाथ धाम पहुंचकर बाबा बासुकिनाथ के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों धामों में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण नजर आया। सावन के अवसर पर शिवभक्तों की उमड़ी भीड़ के बीच मंत्री श्री जायसवाल भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन दिखाई दिए। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ के चरणों में छत्तीसगढ़ की समस्त जनता के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि सावन का पावन महीना हमें आस्था के साथ सेवा और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार होगा।2
- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मैदानी अमले द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम दुर्गापुर (बुढ़वा) एवं सथनी (बुढ़वा) में 170 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया। #शहडोल #shahdol1
- अमरकंटक नगर परिषद ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाया सघन अभियान अनूपपुर - मुख्य मार्गों से अवैध कब्जे हटाए, व्यापारियों को निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की हिदायत प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन नगरी अमरकंटक में नगर परिषद द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास व्यापारियों द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर किए गए अवैध कब्जों एवं निर्माण को हटाया गया तथा संबंधित व्यापारियों को भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने की सख्त हिदायत दी गई। नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र परिसर के मुख्य मार्ग पर व्यापारियों द्वारा दुकानों से आगे बढ़कर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं जैन मंदिर परिसर के पीछे किए गए पांच अवैध निर्माणों को भी बलपूर्वक हटाया गया। मुख्य मार्ग पर दुकानों के सामने निर्धारित स्थल से अतिरिक्त स्थान घेरकर रखी गई सामग्री एवं किए गए कब्जे को हटाते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करें। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 10 स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड मुख्य मार्ग पर किए गए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण का भी निरीक्षण किया गया। नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए निर्देशित किया गया कि वे मुख्य मार्ग से पांच फीट अंदर रहकर ही व्यापार करें तथा मार्ग को बाधित करने वाले अवैध निर्माण एवं कब्जे स्वयं हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बलपूर्वक अवैध कब्जा हटाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी की होगी। इसी तरह नर्मदा मंदिर के आसपास के व्यापारियों को भी अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकान की सामग्री मुख्य मार्ग पर न रखें और न ही निर्धारित सीमा से बाहर किसी प्रकार का अवैध कब्जा करें। इससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने अथवा जाम की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध कब्जों को सख्ती से बलपूर्वक हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से नगर की व्यवस्था एवं सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद अमरकंटक का अमला, अमरकंटक थाना पुलिस बल तथा उप तहसील अमरकंटक के नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्रवाई से मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वाले लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।1