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Vishal nath Borunda
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- नागौर, 26 फरवरी। जिले में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन के तहत गुरुवार को नगर परिषद सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता तथा नगर निकाय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। नगर परिषद आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि बैठक में नगर परिषद द्वारा स्वच्छता को लेकर लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था की सख्त निगरानी की जा रही है और गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, पार्कों के रखरखाव, प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, सड़क नालियों की मरम्मत, डिवाइडर पर रंगरोगन तथा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों के विस्तार पर भी चर्चा की गई। ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने सुझाव दिया कि स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए स्कूलों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने वार्ड स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने की भी बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा गांव और शहर को गंदगी की वजह से स्वच्छ नहीं बना पाना कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। उन्होंने कहा कि दृढ़ ईच्छाशक्ति से परिश्रम करके स्वच्छता का माहौल बनाया जा सकता है। स्वच्छता में इंसान ही नहीं देवी देवताओं का भी वास होता है। इस दौरान उन्होंने डूंगरपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि काम के साथ-साथ नाम भी करें। काम के दम पर पहचान बनाएं। स्वच्छ भारत मिशन एक मिशन ही नहीं जन आंदोलन है। इसे आगे बढ़ाएं। हर आदमी ठान लें कि मैं स्वच्छता में सहयोग करूंगा तो कोई भी ताकत भारत को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाने से रोक नहीं सकती। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री बार-बार झाड़ू उठा रहे हैं खुद झाड़ू पौछा लेकर निकले। जिन्होंने देश को स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने डूंगरपुर में किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता के दौरान बहुत से चैलेंज आए, पर हमने लोगों के भाव बदले। वहीं घर-घर शौचालय बनने से माता बहनों को खुशी मिली। गरीब के घर को प्रधानमंत्री ने सुरक्षित किया है। कोविड महामारी से पहले घर-घर शौचालय बनने से लोग महामारी से बच गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने ही कोविड पर नियंत्रण किया। स्वच्छता को लेकर वे खुद 365 दिन कार्य करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें आने जाने वाले रास्तों को भी साफ करना है। सभी निकायों का पहला और मजबूत कार्य स्वच्छता बनाए रखना है। यह सभी का कर्तव्य और जिम्मेदारी भी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति बाहर से आता है और आपके शहर की गलियों में गंदगी देखता है तो यह बड़ा शर्मनाक होता है। उन्होंने कहा कि सरकार को मुझ पर पूरा भरोसा है इसलिए स्वच्छता की पूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इस दौरान उन्होंने बैठक में सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति ठान लें तो 24 घंटे में शहर की फितरत बदल सकते हैं, इसके लिए केवल दृढ़ ईच्छाशक्ति होनी चाहिए। इसके लिए ग्रुप बनाकर कार्य करेंगे, सरकार भी जुड़ेगी। उन्होंने कहा इन ग्रुपों में दिन में तीन बार सफाई को लेकर फोटो डालने हैं जो भी काम करेंगे सभी का लेखा-जोखा ग्रुप में होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि कार्य की सराहना करने से परिणाम नहीं आता हैं जब तक जनता ना बोले तब तक आनंद नहीं आएगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी यह प्रयास करें कि खुले में कहीं भी कचरा नहीं दिखे। अधिकारी मस्त, जनता त्रस्त यह बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यहां आकर मैंने अभी ज्यादा देखा नहीं है और जो देखा है वह देखने लायक नहीं। इस दौरान उन्होंने सबसे हाथ जोड़कर भी निवेदन किया कि राजस्थान की प्रतिष्ठा का सवाल है, इस पर खरा उतरना है। धरातल को देखना है जनता के मुंह से यह निकले कि कचरा कहीं नहीं डालना है। बैठक में उन्होंने बाबा रामदेव के नुस्खे बताते हुए कहा कि क्रिया का होना ही काफी नहीं है क्रिया करने का भाव होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमने विषम परिस्थितियों को भी सम बनाया है। साथ ही उन्होंने कहा हर निकाय स्तर पर दो व्यक्तियों को सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। डोर टू डोर कचरा संग्रहण अच्छी पहल है। इसमें सुखा व गीला कचरा अलग-अलग करके 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। वहीं इसमें समय प्रबंधन होना भी जरूरी है। साथ ही गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम भी लगे, ताकि शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।1
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- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का ताजा अपडेट। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम वाले बाबा की तीन दिवसीय ब्रह्मा की नगरी पुष्कर में हनुमत कथा पर विशेष रपट। आयोजक पवन शर्मा की मां पुलिस के द्वारा वीआईपी गेट में नहीं घुसने और धक्का मुक्की करने के कारण मूर्छित हुई 6 ,7 और अन्य भक्त पुलिस की धक्का मुक्की के शिकार हुए। बाबा की गाड़ी से पुलिस का जवाज सिपाही घायल हुआ दोनों पैर की हड्डियां टूटी। महिलाओं की सोने की चेन मोबाइल और लाखो रुपए की जेब कटी।1
- मंडोर पुलिस ने आंगणवा स्थित एक घर में दबिश देकर एमडी ड्रग बेचने वाले शख्स को पकड़ा। घर से 4.20 ग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई। बाद जांच पुलिस के हाथ जाली नोट लगे। 19 नोट 500-500 के बरामद किए गए है। यह नोट किसी एमडी ड्रग खरीदने वाले ने ही आरोपी को दिए थे। दस हजार थे, एक नोट बाजार में चलना बता दिया। नकली नोट सप्लायर की पहचान की गई है, पुलिस अब इसकी तलाश में जुटी है। मंडोर थानाधिकारी किशनलाल ने बताया कि आंगणवा नंदपुरी में रहने वाले प्रेमसिंह के यहां पर अवैध मादक पदार्थ की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस ने मयजाब्ते के वहां पर रेड दी। आरोपी प्रेमसिंह के पास में 4.20 ग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई। उसके पास में 19 नोट पांच पांच सौ के भी मिले जोकि जाली है। किसी को एमडी बेचकर यह राशि जुटाई गई,मगर शातिर ने उसे नकली नोट थमा दिया। एमडी की खरीद फरोख्त रात में की गई, ऐसे में उसे नकली नोट का पता नहीं चल पाया। थानाधिकारी किशनलाल ने बताया कि एमडी ड्रग के लिए जिस शख्स ने उसे नकली नोट थमाए उसकी पहचान के साथ तलाश की जा रही है। आरोपी के घर में किसी प्रकार की नकली नोट छापने जैसे सामग्री नहीं मिली है। आरोपी प्रेम सिंह मूल रूप से रामड़ावास कलां का रहने वाला है। उससे प्रकरण में अब थानाधिकारी माता का थान शफीक मोहम्मद तफ्तीश कर रहे है।1
- सेंदड़ा (ब्यावर) नशा मुक्त ब्यावर हेतु प्रशासन सजग, मानस हेल्पलाइन 1933 से मिली सूचनाओं पर दो स्थानों पर सार्थक कार्यवाही शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूर्णतः सजग एवं सक्रिय है। आज आयोजित समीक्षा बैठक *जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना* की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र जी, सीएमएचओ डॉ. संजय गहलोत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु व्यापक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन “मानस–1933” के अधिकतम प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए आमजन से अपील की गई कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना इस हेल्पलाइन पर साझा करें। मानस हेल्पलाइन 1933 के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा जिले में दो स्थानों पर प्रभावी कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही प्रशासन और जनसहयोग से हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। आमजन से अपेक्षा की गई कि वे नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। वर्ष 2026 में सख्त कार्यवाही के परिणाम जिला ब्यावर में वर्ष 2026 के दौरान नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। जनवरी माह में पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 प्रकरण दर्ज कर 352.480 किग्रा डोडा, 22 ग्राम स्मैक, 102 ग्राम अफीम एवं 5.22 किग्रा गांजा जब्त किया गया। वहीं फरवरी माह में 6 प्रकरण दर्ज कर 468.5 किग्रा डोडा व 1.03 किग्रा अफीम सहित अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण कार्यालय अजमेर द्वारा जनवरी में 12 तथा फरवरी में 17 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर कई को नोटिस एवं निलंबन आदेश जारी किए गए। साथ ही पाली कार्यालय द्वारा फरवरी माह में 5 मेडिकल फर्मों की जांच कर 4 को निलंबित किया गया। वर्ष 2026 में अब तक कुल 19 प्रकरण दर्ज कर 24 आरोपियों (3 महिला सहित) की गिरफ्तारी की गई है। साथ ही 9 वाहन जब्त किए गए तथा 820.985 किग्रा डोडा पोस्त, 54 ग्राम 03 मिलीग्राम स्मैक, 5.72 किग्रा गांजा एवं 1.132 किग्रा अफीम जब्त की गई है। गौरतलब है कि दिनांक 08.07.2024 को Narcotics Coordination Centre (NCORD) की राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी, जिसमें नशा तस्करी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। उन्हीं निर्देशों की अनुपालना में जिले में सतत कार्यवाही की जा रही है। बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया— • शिक्षण संस्थानों, लाइब्रेरी एवं बस स्टैंड के आसपास स्थित पान-चाय की दुकानों पर मादक पदार्थों के बेचान/सेवन एवं ई-सिगरेट पर औचक निरीक्षण। • डार्क नेट के माध्यम से ड्रग्स तस्करी पर रोक हेतु साइबर पेट्रोलिंग में वृद्धि तथा साइबर थाने द्वारा विशेष निगरानी। • अभियांत्रिकी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों को “पुलिस मित्र” बनाकर जनजागरूकता एवं सूचना तंत्र को सुदृढ़ करना। • संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रयोगशालाओं पर अंकुश हेतु API केमिकल मूवमेंट की निगरानी एवं पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण। • अफीम एवं गांजे की अवैध खेती की निगरानी तथा डायवर्जन पर सख्ती। • मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित एवं सायकोट्रोपिक दवाओं (जैसे ट्रामाडोल व कोडीन आधारित कफ सिरप) की अवैध बिक्री पर संयुक्त निरीक्षण। • भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम। • युवाओं एवं महिलाओं की सहभागिता से जागरूकता अभियान चलाना। • विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। अपील: यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध क्रय-विक्रय, सेवन या तस्करी की जानकारी हो तो तुरंत राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस–1933 पर सूचित करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।3
- अजमेर में रेलवे स्टेशन स्थित मोहनिया इस्लामिया स्कूल का नाम परिवर्तन किए जाने पर दरगाह अंजुमन के पूर्व सचिव सरवर चिश्ती ने आपत्ति जताई है1
- दर्द में तड़प रही गौ माता को गौ सेवकों ने पहुंचाया पशु चिकित्सालय कराया उपचार1
- नागौर अजमेर की दादी का कमाल 2 महिलाओं सहित एक पुरुष को मोटरसाइकिल पर बिठाकर चलाई गाड़ी।1