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वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत सफलतापूर्वक सम्पन्न कुल 07 खण्डपीठों में कुल 133 प्रकरणों का निराकरण होकर 75,92,315/- रूपयों की समझौता राशि प्राप्त की गई। वारासिवनी। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट प्रणेश कुमार प्राण के कुशल निर्देशन में तहसील न्यायालय वारासिवनी में संजयराज ठाकुर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी, तहसील विधिक सेवा समिति, वारासिवनी के नेतृत्व में वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रातः साढ़े 10 बजे व्यवहार न्यायालय वारासिवनी के समस्त न्यायाधीशगण,अन्य विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, अन्य कर्मचारीगण व पक्षकारगण की उपस्थिति में किया गया। नेशनल लोक अदालत में, व्यवहार न्यायालय वारासिवनी में कुल 07 खण्डपीठों का गठन किया गया। गठित खण्डपीठ, जिसमें से :- खण्डपीठ क्र.19 के पीठासीन अधिकारी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संजयराज ठाकुर की खण्डपीठ से मोटर दुर्घटना दावा एवं क्षतिपूर्ति संबंधी प्रकरणों के 04 मामलों का निराकरण किया जाकर 22,75,000/- रूपये के अवार्ड पारित किये गए। आपराधिक अपील के 02 मामलों का निराकरण किया गया। सिविल अपील का 01 प्रकरण एवं सिविल एमजेसी का 01 प्रकरण निराकृत किया गया। सिविल निष्पादनवाद के 01 मामले का निराकरण किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ में कुल 09 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर कुल 25,67,475/- रूपये के अवार्ड पारित किये गए। खण्डपीठ क्र.20 के पीठासीन अधिकारी कमलेश मीणा प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश वारासिवनी की खण्डपीठ से मोटर दुर्घटना दावा एवं क्षतिपूर्ति से संबंधित 01 प्रकरण का निराकरण किया जाकर 1,50,000/- रूपये की अवार्ड राशि प्राप्त की गई। विद्युत संबंधी विवादों में 16 मामलों का निराकरण किया जाकर 2,67,303/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। हिन्दू विवाह से संबंधित 02 मामलों का निराकरण किया गया। एमजेसी गार्जियन वार्डस एक्ट का 01 मामला निराकृत हुआ। क्लेम निष्पादनवाद का 01 प्रकरण निराकरण किया जाकर 19,23,537 रूपये के अवार्ड की राशि वसूल हुई। इस प्रकार खण्डपीठ में कुल 21 मामलों का निराकरण किया जाकर 23,40,840/- रूपये समझौता राशि राशि के रूप में प्राप्त किये गए। खण्डपीठ क. 21 के पीठासीन अधिकारी श्रीमती दिव्या सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की खण्डपीठ में आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 02 मामले, परकाम्य लिखत अधिनियम के 02 मामलों में 2,65,000/-रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई एवं अन्य सिविल प्रकृति का 01 प्रकरण का निराकरण किये जाने पर 10,14,000/- रूपये की राशि प्राप्त की गई एवं धारा-125 के 08 मामलों में निराकरण किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 13 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर कुल 12,79,000-/ की राशि प्राप्त की गई। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र.22 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी ऋषभ डॉनल सिंह के न्यायालय द्वारा आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति का 04 प्रकरण निराकृत किये गए एवं परकाम्य लिखत अधिनियम के 01 प्रकरण निराकृत हुए एवं 3,90,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त हुई। एमजेसीआर का 01 प्रकरण निराकृत किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ में कुल 06 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर कुल 3,90,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र.23 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती अंकिता जैन के न्यायालय में आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 07 प्रकरण का निराकरण किया गया, अन्य सिविल प्रकृति के 02 मामले एवं एमजेसीआर धारा-125 के 01 प्रकरण में 40,000/- की राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र.24 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री नेहा बाथरी के न्यायालय में आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 06 प्रकरण का निराकरण किया गया एवं परकाम्य लिखत अधिनियम के 02 मामलों का निराकरण किया जाकर 2,30,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। धारा-125 से संबंधित 22 प्रकरण एवं घरेलू हिंसा से संबंधित 13 मामलों का निराकरण किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 43 प्रकरणों का निराकरण कर 2,30,000/- रूपये की अवार्ड राशि प्राप्त की गई। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र. 25 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नयन जैन के न्यायालय द्वारा आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 28 प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं परकाम्य लिखत अधिनियम से संबंधित 03 प्रकरणों में 7,45,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 31 प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं कुल 7,45,000/- रूपये की अवार्ड राशि प्राप्त हुई। कुल 07 खण्डपीठों में कुल 133 प्रकरणों का निराकरण होकर 75,92,315/- रूपयों की समझौता राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार प्री-लिटिगेशन के प्रकरणों में बैंक के ऋण संबंधी 05 मामलों का निराकरण किया जाकर 321500/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। प्रि-लिटिगेशन प्रकरण में विद्युत अधिनियम के 46 प्रकरण निराकृत हुये एवं कुल रू.8,74,015/- की समझौता राशि की वसूली की गई। प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में नगरपालिका द्वारा कुल 33 प्रकरणों में समझौता होकर 3,69,116/- रुपए की राशि लोक अदालत के माध्यम से प्राप्त की गई। गया। इस प्रकार प्रीलिटिगेशन के कुल 84 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में समस्त न्यायालयीन कर्मचारीगण, पुलिस विभाग, म.प्र. विद्युत मण्डल, नगरपालिका, समस्त बैंक के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण एवं तहसील विधिक सेवा समिति के कर्मचारीगण का योगदान रहा।

22 hrs ago
user_Aanand Verma
Aanand Verma
वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
22 hrs ago
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वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत सफलतापूर्वक सम्पन्न कुल 07 खण्डपीठों में कुल 133 प्रकरणों का निराकरण होकर 75,92,315/- रूपयों की समझौता राशि प्राप्त की गई। वारासिवनी। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट प्रणेश कुमार प्राण के कुशल निर्देशन में तहसील न्यायालय वारासिवनी में संजयराज ठाकुर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी, तहसील विधिक सेवा समिति, वारासिवनी के नेतृत्व में वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रातः साढ़े 10 बजे व्यवहार न्यायालय वारासिवनी के समस्त न्यायाधीशगण,अन्य विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, अन्य कर्मचारीगण व पक्षकारगण की उपस्थिति में किया गया। नेशनल लोक अदालत में, व्यवहार न्यायालय वारासिवनी में कुल 07 खण्डपीठों का गठन किया गया। गठित खण्डपीठ, जिसमें से :- खण्डपीठ क्र.19 के पीठासीन अधिकारी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संजयराज ठाकुर की खण्डपीठ से मोटर दुर्घटना दावा एवं क्षतिपूर्ति संबंधी प्रकरणों के 04 मामलों का निराकरण किया जाकर 22,75,000/- रूपये के अवार्ड पारित किये गए। आपराधिक अपील के 02 मामलों का निराकरण किया गया। सिविल अपील का 01 प्रकरण एवं सिविल एमजेसी का 01 प्रकरण निराकृत किया गया। सिविल निष्पादनवाद के 01 मामले का निराकरण किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ में कुल

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09 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर कुल 25,67,475/- रूपये के अवार्ड पारित किये गए। खण्डपीठ क्र.20 के पीठासीन अधिकारी कमलेश मीणा प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश वारासिवनी की खण्डपीठ से मोटर दुर्घटना दावा एवं क्षतिपूर्ति से संबंधित 01 प्रकरण का निराकरण किया जाकर 1,50,000/- रूपये की अवार्ड राशि प्राप्त की गई। विद्युत संबंधी विवादों में 16 मामलों का निराकरण किया जाकर 2,67,303/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। हिन्दू विवाह से संबंधित 02 मामलों का निराकरण किया गया। एमजेसी गार्जियन वार्डस एक्ट का 01 मामला निराकृत हुआ। क्लेम निष्पादनवाद का 01 प्रकरण निराकरण किया जाकर 19,23,537 रूपये के अवार्ड की राशि वसूल हुई। इस प्रकार खण्डपीठ में कुल 21 मामलों का निराकरण किया जाकर 23,40,840/- रूपये समझौता राशि राशि के रूप में प्राप्त किये गए। खण्डपीठ क. 21 के पीठासीन अधिकारी श्रीमती दिव्या सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की खण्डपीठ में आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 02 मामले, परकाम्य लिखत अधिनियम के 02 मामलों में 2,65,000/-रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई एवं अन्य सिविल प्रकृति का 01 प्रकरण का निराकरण किये जाने पर 10,14,000/- रूपये की राशि प्राप्त की गई एवं धारा-125 के 08 मामलों में निराकरण किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 13 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर कुल 12,79,000-/

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की राशि प्राप्त की गई। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र.22 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी ऋषभ डॉनल सिंह के न्यायालय द्वारा आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति का 04 प्रकरण निराकृत किये गए एवं परकाम्य लिखत अधिनियम के 01 प्रकरण निराकृत हुए एवं 3,90,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त हुई। एमजेसीआर का 01 प्रकरण निराकृत किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ में कुल 06 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर कुल 3,90,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र.23 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती अंकिता जैन के न्यायालय में आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 07 प्रकरण का निराकरण किया गया, अन्य सिविल प्रकृति के 02 मामले एवं एमजेसीआर धारा-125 के 01 प्रकरण में 40,000/- की राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र.24 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री नेहा बाथरी के न्यायालय में आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 06 प्रकरण का निराकरण किया गया एवं परकाम्य लिखत अधिनियम के 02 मामलों का निराकरण किया जाकर 2,30,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। धारा-125 से संबंधित 22 प्रकरण एवं घरेलू हिंसा से संबंधित 13 मामलों का निराकरण किया गया। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 43

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प्रकरणों का निराकरण कर 2,30,000/- रूपये की अवार्ड राशि प्राप्त की गई। इसी क्रम में खण्डपीठ क्र. 25 के पीठासीन अधिकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नयन जैन के न्यायालय द्वारा आपराधिक एवं शमनीय प्रकृति के 28 प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं परकाम्य लिखत अधिनियम से संबंधित 03 प्रकरणों में 7,45,000/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार खण्डपीठ से कुल 31 प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं कुल 7,45,000/- रूपये की अवार्ड राशि प्राप्त हुई। कुल 07 खण्डपीठों में कुल 133 प्रकरणों का निराकरण होकर 75,92,315/- रूपयों की समझौता राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार प्री-लिटिगेशन के प्रकरणों में बैंक के ऋण संबंधी 05 मामलों का निराकरण किया जाकर 321500/- रूपये की समझौता राशि प्राप्त की गई। प्रि-लिटिगेशन प्रकरण में विद्युत अधिनियम के 46 प्रकरण निराकृत हुये एवं कुल रू.8,74,015/- की समझौता राशि की वसूली की गई। प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में नगरपालिका द्वारा कुल 33 प्रकरणों में समझौता होकर 3,69,116/- रुपए की राशि लोक अदालत के माध्यम से प्राप्त की गई। गया। इस प्रकार प्रीलिटिगेशन के कुल 84 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में समस्त न्यायालयीन कर्मचारीगण, पुलिस विभाग, म.प्र. विद्युत मण्डल, नगरपालिका, समस्त बैंक के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण एवं तहसील विधिक सेवा समिति के कर्मचारीगण का योगदान रहा।

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  • सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा
वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की।
वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
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    जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप 
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
    user_संदीप शर्मा
    संदीप शर्मा
    Local News Reporter कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*
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    *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, गंदगी और एक्सपायरी सामग्री मिली सिवनी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 13 एवं 14 सितंबर को जिले के 9 होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह साफ-सफाई में कमी, खाद्य सामग्री के अनुचित भंडारण, एक्सपायरी सामग्री और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला। रूखड़ के जंगल कैंप रिजॉर्ट, वनराज रिजॉर्ट खवासा, द सोल ट्री रिजॉर्ट कोहका और न्यू हिमांशु रेस्टोरेंट खवासा में विभिन्न कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
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    होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, गंदगी और एक्सपायरी सामग्री मिली

सिवनी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 13 एवं 14 सितंबर को जिले के 9 होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह साफ-सफाई में कमी, खाद्य सामग्री के अनुचित भंडारण, एक्सपायरी सामग्री और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला।
रूखड़ के जंगल कैंप रिजॉर्ट, वनराज रिजॉर्ट खवासा, द सोल ट्री रिजॉर्ट कोहका और न्यू हिमांशु रेस्टोरेंट खवासा में विभिन्न कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • “जब टक्कर हुई ही नहीं, तो चालक नासिर खान का खून क्यों बहा? वायरल वीडियो के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई से प्रशासन क्यों पीछे?” *​"जब टक्कर हुई ही नहीं, तो खून बहाया क्यों? सिवनी में कानून का डर खत्म या गुंडों की दबंगई? बस चालक नासिर खान पर जानलेवा हमले के आरोपियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजो!"* ​"मेहनत से गाड़ी चलाने वाले चालकों पर खुलेआम गुंडागर्दी! बिना किसी बात के बीच सड़क पर घेरकर मारना और चाकू से हमला करना कहां का न्याय है? पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन ले!" *​"ना गाड़ी टकराई, ना प्रतिमा को खरोंच आई... फिर भी driver को लहूलुहान कर दिया! सिवनी पुलिस, वायरल वीडियो के आधार पर इन उपद्रवियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कब होगी?"* ​"गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी! दिन-दहाड़े चालक को घसीटकर पीटने वाले 10-12 हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करो। ड्राइवरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद हो!" ​"*सड़क पर सेवा देने वाले ड्राइवरों पर ये बर्बरता क्यों? जब ट्रैक्टर चालक खुद कह रहा है कि कोई टक्कर नहीं हुई, तो इस जानलेवा हमले का हिसाब कौन देगा? #JusticeForDriver"* *​"सिवनी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा! चालक नासिर खान के साथ हुई बर्बर मारपीट के खिलाफ ड्राइवर महासंगठन मैदान में। गुंडों पर बलवा और जानलेवा हमले का केस दर्ज हो!"* ​ #JusticeForDriver #SeoniNews #StopMobViolence #MPPolice #StrictActionRequired #MadhyaPradeshNews #DriverSafety #SeoniCrime #LawAndOrder #Seoni#हेडलाइंस#फॉलोअर
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    “जब टक्कर हुई ही नहीं, तो चालक नासिर खान का खून क्यों बहा? वायरल वीडियो के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई से प्रशासन क्यों पीछे?”
*​"जब टक्कर हुई ही नहीं, तो खून बहाया क्यों? सिवनी में कानून का डर खत्म या गुंडों की दबंगई? बस चालक नासिर खान पर जानलेवा हमले के आरोपियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजो!"*
​"मेहनत से गाड़ी चलाने वाले चालकों पर खुलेआम गुंडागर्दी! बिना किसी बात के बीच सड़क पर घेरकर मारना और चाकू से हमला करना कहां का न्याय है? पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन ले!"
*​"ना गाड़ी टकराई, ना प्रतिमा को खरोंच आई... फिर भी driver को लहूलुहान कर दिया! सिवनी पुलिस, वायरल वीडियो के आधार पर इन उपद्रवियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कब होगी?"*
​"गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी! दिन-दहाड़े चालक को घसीटकर पीटने वाले 10-12 हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करो। ड्राइवरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद हो!"
​"*सड़क पर सेवा देने वाले ड्राइवरों पर ये बर्बरता क्यों? जब ट्रैक्टर चालक खुद कह रहा है कि कोई टक्कर नहीं हुई, तो इस जानलेवा हमले का हिसाब कौन देगा? #JusticeForDriver"*
*​"सिवनी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा! चालक नासिर खान के साथ हुई बर्बर मारपीट के खिलाफ ड्राइवर महासंगठन मैदान में। गुंडों पर बलवा और जानलेवा हमले का केस दर्ज हो!"*
​
#JusticeForDriver #SeoniNews #StopMobViolence #MPPolice #StrictActionRequired #MadhyaPradeshNews #DriverSafety #SeoniCrime #LawAndOrder #Seoni#हेडलाइंस#फॉलोअर
    user_News Nation 81
    News Nation 81
    Dist.News रिपोर्टर 9584667143 सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन पार्टी कार्यकर्ताओं ने 7 दिवस की चैतावनी
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    गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन 
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन पार्टी कार्यकर्ताओं ने 7 दिवस की चैतावनी
    user_Satendra markam रिपोर्टर
    Satendra markam रिपोर्टर
    City Star सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक पर शमीम खान पर जानलेवा हमला का खुलासा..?(९९२६)
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    महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक पर शमीम खान पर जानलेवा हमला का खुलासा..?(९९२६)
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान, कलारबांकी के हाई स्कूल व बस स्टैंड पर नशा मुक्ति जागरूकता ...?(१८७२६)
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    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान, कलारबांकी के हाई स्कूल व बस स्टैंड पर नशा मुक्ति जागरूकता ...?(१८७२६)
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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