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पहाड़ी के ऊपर सुदूरवर्ती इलाके में महाशिवरात्रि के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान सफल बनाने को लेकर विभिन्न रूप से तैयारियां आरम्भ

4 hrs ago
user_आलोक कुमार
आलोक कुमार
पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
4 hrs ago

पहाड़ी के ऊपर सुदूरवर्ती इलाके में महाशिवरात्रि के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान सफल बनाने को लेकर विभिन्न रूप से तैयारियां आरम्भ

More news from झारखंड and nearby areas
  • रांची: रातू कठितांड पावर हाउस स्थित भव्य शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में कठितांड और रातू क्षेत्र की बड़ी संख्या में माता–बहनों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ निकली इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह पावन दिन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि माता–बहनों ने जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश यात्रा में भाग लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है और समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान शिव त्याग, तपस्या और करुणा के प्रतीक हैं। वे स्वयं कष्ट सहकर भी समाज को सुख और कल्याण प्रदान करते हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज की भलाई ही सच्चा धर्म है। कलश यात्रा के सफल आयोजन के लिए मंदिर संचालन समिति और क्षेत्रवासियों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
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    रांची: रातू कठितांड पावर हाउस स्थित भव्य शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में कठितांड और रातू क्षेत्र की बड़ी संख्या में माता–बहनों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया।
ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ निकली इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह पावन दिन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि माता–बहनों ने जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश यात्रा में भाग लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है और समाज के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान शिव त्याग, तपस्या और करुणा के प्रतीक हैं। वे स्वयं कष्ट सहकर भी समाज को सुख और कल्याण प्रदान करते हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज की भलाई ही सच्चा धर्म है।
कलश यात्रा के सफल आयोजन के लिए मंदिर संचालन समिति और क्षेत्रवासियों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
    user_Amit Kr Chiku Objectionnews
    Amit Kr Chiku Objectionnews
    Local News Reporter बुरमू, रांची, झारखंड•
    4 hrs ago
  • चैनपुर में महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शिव बारात को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुखिया शोभा देवी और थाना प्रभारी अरविंद कुमार द्वारा शिव बारात रूट का निरीक्षण किया गया।
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    चैनपुर में महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शिव बारात को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुखिया शोभा देवी और थाना प्रभारी अरविंद कुमार द्वारा शिव बारात रूट का निरीक्षण किया गया।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • प्रखंड बाल विकास कार्यालय परिसर में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एवं आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से दिव्यांगजनों एवं साठ वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह दस बजे जानकारी देते हुए बताया गया कि इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लाभुकों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। शिविर में डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। आयोजन स्थल पर पहले लाभुकों का पंजीकरण किया गया, उसके बाद विशेषज्ञों की टीम द्वारा उनकी शारीरिक स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, बैसाखी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु आकलन किया गया। आयोजन के दौरान उपस्थित लाभुकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें। शिविर में व्यवस्था सुचारु रही और लाभुकों को क्रमवार जांच की सुविधा प्रदान की गई। इस पहल से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को काफी सहूलियत मिली और इसे उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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    प्रखंड बाल विकास कार्यालय परिसर में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एवं आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से दिव्यांगजनों एवं साठ वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह दस बजे जानकारी देते हुए बताया गया कि इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लाभुकों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है।
शिविर में डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। आयोजन स्थल पर पहले लाभुकों का पंजीकरण किया गया, उसके बाद विशेषज्ञों की टीम द्वारा उनकी शारीरिक स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, बैसाखी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु आकलन किया गया।
आयोजन के दौरान उपस्थित लाभुकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें। शिविर में व्यवस्था सुचारु रही और लाभुकों को क्रमवार जांच की सुविधा प्रदान की गई। इस पहल से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को काफी सहूलियत मिली और इसे उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • चैनपुर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर चैनपुर के लोगों में भारी उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बेहद हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। ​संकट मोचन मंदिर में संपन्न हुई हल्दी की रस्म इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रेम नगर स्थित संकट मोचन मंदिर में भगवान भोलेनाथ की हल्दी की रस्म अदा की गई। इस पवित्र और मांगलिक अनुष्ठान को ग्राम पुरोहित और ग्राम बैगा के द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। ​महिलाओं ने गाए पारंपरिक हल्दी गीत इस वैवाहिक रस्म में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और श्रद्धालु जुटे। महिलाओं ने पारंपरिक हल्दी और मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को उत्सवपूर्ण और शिवमय बना दिया। शिव भक्तों की आस्था, महिलाओं के मंगल गीत और उल्लास से पूरा चैनपुर क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।
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    चैनपुर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर चैनपुर के लोगों में भारी उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बेहद हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है।
​संकट मोचन मंदिर में संपन्न हुई हल्दी की रस्म
इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रेम नगर स्थित संकट मोचन मंदिर में भगवान भोलेनाथ की हल्दी की रस्म अदा की गई। इस पवित्र और मांगलिक अनुष्ठान को ग्राम पुरोहित और ग्राम बैगा के द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया।
​महिलाओं ने गाए पारंपरिक हल्दी गीत
इस वैवाहिक रस्म में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और श्रद्धालु जुटे। महिलाओं ने पारंपरिक हल्दी और मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को उत्सवपूर्ण और शिवमय बना दिया। शिव भक्तों की आस्था, महिलाओं के मंगल गीत और उल्लास से पूरा चैनपुर क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • 18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं। बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।” आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल? अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है। भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। #FarmersFirst 🇮🇳
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    18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें।
भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।”
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई?
और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?
अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा।
और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।
भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना।
एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती।
लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
#FarmersFirst 🇮🇳
    user_Aakash Kumar paswan
    Aakash Kumar paswan
    Local News Reporter तांडवा, चतरा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • जनताओं के ऊपर आक्रोश का माहौल हैं क्योंकि ट्रक ड्राइवारों को कितनी बार सलाह दिए की गाड़ी की गति धीमी हो जिसके कारण यहां आक्रोश हो रहा है
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    जनताओं के ऊपर आक्रोश का माहौल हैं क्योंकि ट्रक ड्राइवारों को कितनी बार सलाह दिए की गाड़ी की गति धीमी हो जिसके कारण यहां आक्रोश हो रहा है
    user_SAMBHU RAVI
    SAMBHU RAVI
    पत्रकार Jashpur, Chhattisgarh•
    3 hrs ago
  • चैनपुर / गुमला: मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चैनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के तिगावल गांव निवासी महिला पुपेन एक्का को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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    चैनपुर / गुमला:
मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चैनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के तिगावल गांव निवासी महिला पुपेन एक्का को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • जानकारी देते हुए शाम के पाँच बजे बताया गया कि चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बेशकीमती साल सखुआ के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ताजा घटना छतरपुर के समीप मुख्य सड़क किनारे की है, जहाँ हरे-भरे साल के पेड़ों को बेखौफ होकर काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि पूरी कार्रवाई वन विभाग की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। सड़क किनारे हो रही अंधाधुंध कटाई को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना मीडिया कर्मियों को दी। मौके पर पहुँची टीम ने देखा कि कई विशालकाय पेड़ों को काटकर उनके बोटे बनाए जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्यावरण को ताक पर रखकर इन कीमती पेड़ों का सफाया किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त स्थान पर पेड़ काटने के लिए विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी गई है। मौके पर मौजूद वन कर्मी बिजेंद्र उरांव ने पूछताछ में स्वीकार किया कि जमीन रैयती है, लेकिन साल जैसे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई के लिए विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य होता है, जो नहीं ली गई। जानकारों के अनुसार जमीन निजी होने के बावजूद साल सखुआ जैसे बहुमूल्य पेड़ों को काटने से पहले वन विभाग की आधिकारिक अनुमति आवश्यक है और बिना अनुमति के ऐसी कटाई पूरी तरह अवैध मानी जाती है। लगातार हो रही कटाई से क्षेत्र के पर्यावरण पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह मुख्य सड़क किनारे से पेड़ों का सफाया जारी रहा, तो प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है। वन विभाग की कथित अनदेखी से लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह जाता है।
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    जानकारी देते हुए शाम के पाँच बजे बताया गया कि चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बेशकीमती साल सखुआ के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ताजा घटना छतरपुर के समीप मुख्य सड़क किनारे की है, जहाँ हरे-भरे साल के पेड़ों को बेखौफ होकर काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि पूरी कार्रवाई वन विभाग की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। सड़क किनारे हो रही अंधाधुंध कटाई को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना मीडिया कर्मियों को दी। मौके पर पहुँची टीम ने देखा कि कई विशालकाय पेड़ों को काटकर उनके बोटे बनाए जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्यावरण को ताक पर रखकर इन कीमती पेड़ों का सफाया किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त स्थान पर पेड़ काटने के लिए विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी गई है। मौके पर मौजूद वन कर्मी बिजेंद्र उरांव ने पूछताछ में स्वीकार किया कि जमीन रैयती है, लेकिन साल जैसे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई के लिए विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य होता है, जो नहीं ली गई। जानकारों के अनुसार जमीन निजी होने के बावजूद साल सखुआ जैसे बहुमूल्य पेड़ों को काटने से पहले वन विभाग की आधिकारिक अनुमति आवश्यक है और बिना अनुमति के ऐसी कटाई पूरी तरह अवैध मानी जाती है। लगातार हो रही कटाई से क्षेत्र के पर्यावरण पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह मुख्य सड़क किनारे से पेड़ों का सफाया जारी रहा, तो प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है। वन विभाग की कथित अनदेखी से लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह जाता है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • हजारीबाग जिला के पगार कोल माइंस कर्बला में लगातार 47वें दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव, पूर्व विधायक निर्मला देवी जब तक एनटीपीसी 2013 अधिनियम मुआवजा भुगतान नहीं करेगा तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल धरना जारी रहेगा रहेगा। धरना स्थल पर बैठे पगार कोल माइंस में भू-विस्थापित ग्रामीण
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    हजारीबाग जिला के पगार कोल माइंस  कर्बला में लगातार 47वें दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव, पूर्व विधायक निर्मला देवी जब तक एनटीपीसी 2013 अधिनियम मुआवजा भुगतान नहीं करेगा तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल धरना जारी रहेगा रहेगा।
धरना स्थल पर बैठे पगार कोल माइंस में भू-विस्थापित ग्रामीण
    user_Aakash Kumar paswan
    Aakash Kumar paswan
    Local News Reporter तांडवा, चतरा, झारखंड•
    7 hrs ago
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