विश्व प्रसिद्ध वन्यजीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को 'इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्स-2026' में "Editor's Choice Award – Best Wildlife Destination" श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण पुरस्कार गोवा में 15 जून 2026 को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ओर से फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय और APCCF वाइल्डलाइफ श्री एल. कृष्णमूर्ति ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखवात तथा गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के करकमलों से यह पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप प्रदान किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा के सतत प्रोत्साहन का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को यह सम्मान वन्यजीव संरक्षण, उत्कृष्ट पर्यटन प्रबंधन, पर्यटकों को उच्च स्तरीय अनुभव प्रदान करने तथा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। यह टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य एवं प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच विशेष पहचान रखता है। इस पुरस्कार को बाँधवगढ़ में कार्यरत समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय समुदायों तथा संरक्षण सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया गया है। यह उपलब्धि न केवल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए, बल्कि उमरिया जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है, जो राज्य की पहचान को देश के अग्रणी वन्यजीव पर्यटन गंतव्यों में और अधिक सुदृढ़ करता है।
विश्व प्रसिद्ध वन्यजीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को 'इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्स-2026' में "Editor's Choice Award – Best Wildlife Destination" श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण पुरस्कार गोवा में 15 जून 2026 को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ओर से फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय और APCCF वाइल्डलाइफ
श्री एल. कृष्णमूर्ति ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखवात तथा गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के करकमलों से यह पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप प्रदान किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा के सतत प्रोत्साहन
का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को यह सम्मान वन्यजीव संरक्षण, उत्कृष्ट पर्यटन प्रबंधन, पर्यटकों को उच्च स्तरीय अनुभव प्रदान करने तथा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। यह टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य एवं प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच
विशेष पहचान रखता है। इस पुरस्कार को बाँधवगढ़ में कार्यरत समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय समुदायों तथा संरक्षण सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया गया है। यह उपलब्धि न केवल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए, बल्कि उमरिया जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है, जो राज्य की पहचान को देश के अग्रणी वन्यजीव पर्यटन गंतव्यों में और अधिक सुदृढ़ करता है।
- विश्व प्रसिद्ध वन्यजीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को 'इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्स-2026' में "Editor's Choice Award – Best Wildlife Destination" श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण पुरस्कार गोवा में 15 जून 2026 को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ओर से फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय और APCCF वाइल्डलाइफ श्री एल. कृष्णमूर्ति ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखवात तथा गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के करकमलों से यह पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप प्रदान किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा के सतत प्रोत्साहन का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को यह सम्मान वन्यजीव संरक्षण, उत्कृष्ट पर्यटन प्रबंधन, पर्यटकों को उच्च स्तरीय अनुभव प्रदान करने तथा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। यह टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य एवं प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच विशेष पहचान रखता है। इस पुरस्कार को बाँधवगढ़ में कार्यरत समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय समुदायों तथा संरक्षण सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया गया है। यह उपलब्धि न केवल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए, बल्कि उमरिया जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है, जो राज्य की पहचान को देश के अग्रणी वन्यजीव पर्यटन गंतव्यों में और अधिक सुदृढ़ करता है।4
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया ने सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में उमरिया के गांधी चौक पर भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) का पुतला फूँककर प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की और इसकी निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान, NSUI ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं तथा प्रत्याशियों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया, जिससे केंद्र और विभिन्न स्तरों पर सत्ता पक्ष के प्रभाव में इन संस्थाओं की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग गया है। NSUI ने मांग की कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ताकि जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे, विशेषकर मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण के विवादित फैसले की पारदर्शी समीक्षा की मांग की गई। NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और सभी दलों को समान अवसर मिलने से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उनका पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NSUI का यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर है, और छात्र तथा युवा लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। इस कार्यक्रम में मो. असलम शेर के साथ कृष्ण कांत तिवारी, रोहनी श्याम, आकाश प्रजापति, अनुज वर्मा, अनुराग तिवारी, खुशी मोगरे, अजय विश्वकर्मा, अर्पिता तिवारी, आंचल चौधरी, सागर यादव, अमित बर्मन, अजय, संदीप, आकाश, विकाश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मो. असलम शेर ने अंत में भाजपा सरकार से लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग को बंद करने का आह्वान किया।1
- वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी की पावन जयंती के अवसर पर उमरिया जिले में एक भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मां ज्वाला धाम उचेहरा से उमरिया के लिए कुछ ही क्षणों में रवाना हुई, जिसमें मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री श्री नगर सिंह चौहान जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस शौर्य यात्रा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ के जसपुर राज परिवार के महाराज कुंवर श्रीमंत विक्रमादित्य सिंह जूदेव जी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय संरक्षिका आदरणीय श्री बहु रानी जया सिंह जूदेव (छत्तीसगढ़), बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिवनारायण सिंह (लालू भैया), एवं महाराणा क्षत्रिय महासभा के सभी पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इन सभी ने यात्रा शुरू होने से पहले मां ज्वाला माता रानी का विधिवत पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।2
- शहडोल जिले में 16 जून 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में कई नागरिकों ने अपनी अर्जियां प्रस्तुत कीं। इनमें वार्ड नम्बर 15 बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी प्रदाय करवाने, ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने घर में बोरिंग कराने हेतु अनुमति प्रदान करने, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी आवेदन दिए। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत भेजते हुए शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) की उमरिया इकाई ने सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में गांधी चौक, उमरिया में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने ECI का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। पुतला दहन के माध्यम से NSUI ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गहरा असंतोष जताया और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर किया गया है।1
- पुलिस ने एक मोटरसाइकिल चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई के तहत, दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से कुल सात वाहन जब्त किए गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के मानपुर, अमरपुर और महरोई क्षेत्र में डीजल की भारी किल्लत के कारण किसानों और वाहन चालकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महरोई स्थित भारत पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाने के लिए सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। वहीं, क्षेत्र के परिहार पेट्रोल पंप और बघेल पंप पर डीजल उपलब्ध न होने के कारण उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। किसानों ने बताया कि खेती-किसानी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए डीजल की बेहद आवश्यकता है, लेकिन पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से उनकी परेशानी काफी बढ़ गई है। डीजल की कमी के चलते ट्रैक्टर, पिकअप, बस और अन्य वाहन चालकों को घंटों लाइन में खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि कृषि कार्य और दैनिक आवागमन बाधित न हो।1
- शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आकाशवाणी केंद्र के पास बिजली लाइन में फॉल्ट सुधारने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना ने बिजली विभाग और आउटसोर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान मालाचुआ निवासी कुंदन सिंह के रूप में हुई है, जो क्रिस्टा कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुंदन सिंह बिजली लाइन पर मरम्मत का काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना ही जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा था तो संबंधित लाइन का शटडाउन क्यों नहीं लिया गया और किसकी अनुमति से बिजली आपूर्ति चालू की गई। लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।1