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धौलपुर की धनोरा ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल के दौरान जिला प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों की पेयजल, सड़क और बिजली जैसी जनसमस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता बताई। कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल दिखा।
Afaq ahmed
धौलपुर की धनोरा ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल के दौरान जिला प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों की पेयजल, सड़क और बिजली जैसी जनसमस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता बताई। कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल दिखा।
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- दो साल में ही बदहाल हुए पार्क, टूटी बेंचें-खराब लाइटों से बढ़ी लोगों की नाराजगी 72 लाख खर्च के बाद भी नहीं हो सकी देखभाल, ओपन जिम उपकरण भी हुए क्षतिग्रस्त राजाखेड़ा। स्थानीय नगरपालिका द्वारा पिछले दो वर्षों में शहर के सौंदर्यकरण और लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए पार्क अब बदहाली का शिकार हो गए हैं। करीब 72 लाख रुपये की लागत से विकसित किए गए इन पार्कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों ने इनके रखरखाव पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। नगरपालिका प्रशासन ने कोर्ट परिसर तथा राजकीय बालिका विद्यालय क्षेत्र स्थित चौधरी बाग रोड पर बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का निर्माण कराया था। इन पार्कों में बच्चों के झूले, ओपन जिम उपकरण, बैठने के लिए बेंचें, सजावटी लाइटें और हरियाली विकसित की गई थी, ताकि लोग सुबह-शाम भ्रमण कर सकें और परिवार के साथ समय बिता सकें। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही पार्कों की सुविधाएं दम तोड़ने लगीं। पार्क में लगी बेंचें टूटकर जमीन पर गिर चुकी हैं, झूले और ओपन जिम उपकरण खराब पड़े हैं, जबकि कई जगह लगी लाइटें बंद हो चुकी हैं। कुछ लाइटें तो गायब तक हो गई हैं। साफ-सफाई और नियमित देखभाल के अभाव में पार्क की घास सूख चुकी है और लगाए गए पौधे भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य सरकार लोगों को स्वस्थ और निरोगी जीवन देने के उद्देश्य से पार्क और ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित कर रही है, लेकिन नगरपालिका रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते उपकरण और संरचनाएं जल्द ही क्षतिग्रस्त हो गईं। रखरखाव के नाम पर उठे बिल, जमीन पर नहीं दिखा काम लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्कों की देखभाल के लिए ठेके पर कर्मचारियों की तैनाती दिखाकर बिल तो उठा लिए गए, लेकिन वास्तविकता में रखरखाव का कोई कार्य नजर नहीं आता। उनका कहना है कि यदि नियमित कर्मचारी तैनात होते तो पार्कों की यह दुर्दशा नहीं होती। उद्घाटन तक सीमित रहे ओपन जिम शहरवासियों के अनुसार ओपन जिम का उपयोग केवल उद्घाटन के समय तक ही सीमित रहा। बाद में उपकरण खराब हो गए और उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि न तो निर्माण एजेंसी की जांच हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की गई। वर्तमान में पार्कों में अव्यवस्था का माहौल है और यहां निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। निरीक्षण कर होगी कार्रवाई : अधिशासी अधिकारी इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी विष्णु कुमार परमार ने बताया कि बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।4
- छात्राओ को काली बाई भील योजना के अंतर्गत स्कूटी नहीं मिलने से नाराज छात्राओं ने सौंपा ज्ञापन धौलपुर।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद धौलपुर इकाई के द्वारा विभिन्न राजकीय महाविद्यालय में अध्यनरत छात्राओं को कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के अंतर्गत स्कूटी नहीं मिलने पर कलेक्टर महोदय को सौंपा ज्ञापन । ज्ञापन में जिला संयोजक समरथ गुर्जर व नगरमंत्री सूरज ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा संचालित कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के लाभार्थी छात्राओं को शिक्षा क्षेत्र में प्रोत्साहन करने एवं आवगमन की सूविधा के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी परन्तु अभी महाविद्यालय से जानकारी प्राप्त हुई है कि सरकार के द्वारा स्कूटी न देकर स्कूटी के स्थान पर लगभग सत्तर हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष अभिषेक जाट एवं श्लोक शर्मा ने बताया कि जिन छात्राओं को कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के अंतर्गत चयन हुआ है उन सभी छात्राओं को स्कूटी न मिलने के कारण आक्रोश में है उन्होंने तय राशि लेने से इनकार करते हुए स्कूटी ही प्रदान करने की मांग राजस्थान सरकार से रखी है । वहीं छात्राओं के अभिभावको के अनुसार बताया कि यदि योजना का मूल उद्देश्य अनुसार सभी छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाए वही महाविद्यालय इकाई सचिव तमन्ना व सोनिया खान ने बताया कि स्कूटी हम छात्राओं के लिए केवल एक वाहन नहीं बल्कि शिक्षा केंद्र तक सुगम पहुंचने का माध्यम है। उन्हें आने जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इसलिए हम सभी छात्राओं की भावना एवं समस्या को समझते हुए हमे राशि न देकर स्कूटी दी जाए तो उचित रहेगा ।इस दौरान इकाई अध्यक्ष अभिषेक जाट,इकाई उपाध्यक्ष सानिया, गुनगुन, इकाई सचिव तमन्ना, सानिया खान, वाशिंका सिंह ,तनु, सुधा,श्लोक, ओमकार शर्मा,सचिन गुर्जर,सागर कश्यप,,अंकित,अमित दिवाकर एवं कई छात्र छात्राएं उपस्थित थी।4
- hame gam ki puliya ki marammati ke hetu kiyo ki hamar gam baddubura bijoli badi ki puliya barsat ke taim me pani me dub jati he or tutne ki kagar par he us par 3 fut pani ho jata he is se jo log shahar jana chahate he un ko bautsi musililo ka samna karna padta he1
- Post by OM PRAKASH3
- धौलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पीजी कॉलेज मार्ग पर फेंके जा रहे मांस के अवशेषों का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।4
- धौलपुर जिले की दूबरा ग्राम पंचायत में संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने जनसुनवाई की। उन्होंने महिलाओं और बुजुर्गों की पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल निवारण के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत पहुँचाना है।1
- पश्चिम बंगाल में 15 साल के लंबे इंतजार के बाद मां दुर्गा के मंदिर के कपाट खुले हैं। इस घटना को सनातन चेतना का महा-पुनर्जागरण और राज्य की खोई हुई पहचान की वापसी बताया जा रहा है। हुगली से आसनसोल तक 'जय श्री राम' के नारे गूंज रहे हैं।1
- धौलपुर पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान “सजगता ही डिजिटल सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल” — एसपी विकास सांगवान धौलपुर। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन में शुक्रवार को जिलेभर में “साइबर जागरूकता दिवस” मनाया गया। साइबर थाना धौलपुर के तत्वावधान में सभी थाना पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस दौरान पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार छोटी-सी लापरवाही बड़ी आर्थिक और मानसिक हानि का कारण बन सकती है। कार्यक्रम में ओएलएक्स फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट, ई-मेल स्पूफिंग, कैटफिशिंग, वर्चुअल स्टॉकिंग, एपीके फाइल्स, डीप वेब, डार्क वेब, डीपफेक, एटीएम फ्रॉड और फर्जी कॉल्स के जरिए होने वाली साइबर ठगी पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान लिंक और कॉल से सतर्क रहने तथा संदिग्ध फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल तथा राजकॉप सिटीजन एप की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन गेमिंग, साइबर बुलिंग, फिशिंग, स्मिशिंग, विशिंग और फर्जी लोन एप्स के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों को “गुड टच-बैड टच”, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, यातायात नियमों और दुर्घटना के समय “गुड सेमेरिटन योजना” की जानकारी भी दी गई। विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड और पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से साइबर अपराध एवं बचाव के उपायों को रोचक और प्रभावी तरीके से समझाया गया। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं तथा पुलिस की सक्सेस स्टोरीज के माध्यम से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता हासिल की। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।3