एसडीआरएफ ने तीन दिन बाद बरामद किया देवीसिंह का शव, जोहिला नदी से किया रेस्क्यू अनूपपुर | राजेंद्रग्राम राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मौहारी के बमड़ार नाला में 26 सितंबर को डूबे देवीसिंह का शव एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम ने तीन दिन की तलाश के बाद बरामद कर लिया। देवीसिंह पिता स्वर्गीय गणेश सिंह, निवासी ग्राम बरांछ, थाना करनपठार के रहने वाले थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद से एसडीआरएफ टीम लगातार देवीसिंह की तलाश में जुटी हुई थी। 28 सितंबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर नीचे जोहिला नदी में रेस्क्यू टीम को शव बरामद करने में सफलता मिली। जिला सेनानी के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ जवानों ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय लोगों की मदद और टीम के अथक प्रयासों से शव को नदी से बाहर निकालकर परिजनों की मौजूदगी में पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। रेस्क्यू टीम में शामिल जवान राम नरेश भवेदी — प्लाटून कमांडर एवं टीम प्रभारी सैनिक 13 — अनुज कुमार सैनिक 12 — सुनील सिंह सैनिक 10 — रामेश्वर सिंह सैनिक 130 — धन सिंह सैनिक 150 — रामभरोसे सिंह सैनिक 1203 — देवेन्द्र सिंह सैनिक 1204 — प्रहलाद सिंह सैनिक 34 — शिवप्रताप सिंह लगातार तीन दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
एसडीआरएफ ने तीन दिन बाद बरामद किया देवीसिंह का शव, जोहिला नदी से किया रेस्क्यू अनूपपुर | राजेंद्रग्राम राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मौहारी के बमड़ार नाला में 26 सितंबर को डूबे देवीसिंह का शव एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम ने तीन दिन की तलाश के बाद बरामद कर लिया। देवीसिंह पिता स्वर्गीय गणेश सिंह, निवासी ग्राम बरांछ, थाना करनपठार के रहने वाले थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद से एसडीआरएफ टीम लगातार देवीसिंह की तलाश में जुटी हुई थी। 28 सितंबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर नीचे जोहिला नदी में रेस्क्यू टीम को शव बरामद करने में सफलता मिली। जिला सेनानी के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ जवानों ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय लोगों की मदद और टीम के अथक प्रयासों से शव को नदी से बाहर निकालकर परिजनों की मौजूदगी में पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। रेस्क्यू टीम में शामिल जवान राम नरेश भवेदी — प्लाटून कमांडर एवं टीम प्रभारी सैनिक 13 — अनुज कुमार सैनिक 12 — सुनील सिंह सैनिक 10 — रामेश्वर सिंह सैनिक 130 — धन सिंह सैनिक 150 — रामभरोसे सिंह सैनिक 1203 — देवेन्द्र सिंह सैनिक 1204 — प्रहलाद सिंह सैनिक 34 — शिवप्रताप सिंह लगातार तीन दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
- एसडीआरएफ ने तीन दिन बाद बरामद किया देवीसिंह का शव, जोहिला नदी से किया रेस्क्यू अनूपपुर | राजेंद्रग्राम राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मौहारी के बमड़ार नाला में 26 सितंबर को डूबे देवीसिंह का शव एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम ने तीन दिन की तलाश के बाद बरामद कर लिया। देवीसिंह पिता स्वर्गीय गणेश सिंह, निवासी ग्राम बरांछ, थाना करनपठार के रहने वाले थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद से एसडीआरएफ टीम लगातार देवीसिंह की तलाश में जुटी हुई थी। 28 सितंबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर नीचे जोहिला नदी में रेस्क्यू टीम को शव बरामद करने में सफलता मिली। जिला सेनानी के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ जवानों ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय लोगों की मदद और टीम के अथक प्रयासों से शव को नदी से बाहर निकालकर परिजनों की मौजूदगी में पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। रेस्क्यू टीम में शामिल जवान राम नरेश भवेदी — प्लाटून कमांडर एवं टीम प्रभारी सैनिक 13 — अनुज कुमार सैनिक 12 — सुनील सिंह सैनिक 10 — रामेश्वर सिंह सैनिक 130 — धन सिंह सैनिक 150 — रामभरोसे सिंह सैनिक 1203 — देवेन्द्र सिंह सैनिक 1204 — प्रहलाद सिंह सैनिक 34 — शिवप्रताप सिंह लगातार तीन दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
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- हाथियों के मूवमेंट के बीच 1717 परिवारों के लिए बड़ी पहल कच्चे मकानों को पक्का करने का प्रस्ताव, PM आवास योजना से जोड़ने की तैयारी1
- शहडोल टोल प्लाजा के पास नई पुलिस चौकी का शुभारंभ हाईवे पर सभी वाहन की गतिविधियों पर रहेगी नजर1
- *उज्जैन के तेलीवाड़ा क्षेत्र में कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े* पुलिस बल ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में ले ली है..!! *👉🏻कल रात शहर काजी की अपील के बाद भी लोग नहीं माने तो पुलिस ने अपने ढंग से मनवाया।*1
- वोट पर सवाल, सड़क पर बवाल ‘वोट चोरी’ और एसआईआर के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन; पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों की रक्षा की उठी मांग मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं, बल्कि हर पात्र नागरिक के उस अधिकार का सम्मान है, जिसके जरिए वह अपनी पसंद की सरकार चुनता है। इसी मताधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर सोमवार को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने कथित ‘वोट चोरी’, मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टोरेट पहुंचे और कार्यालय का घेराव करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से माहौल गरमाया रहा। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर विपक्ष तथा आम नागरिकों की ओर से जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका स्पष्ट, पारदर्शी और सार्वजनिक समाधान होना चाहिए। लोकतंत्र में चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का आधार है। ऐसे में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान करना और पात्र मतदाताओं का मतदान अधिकार सुरक्षित रखना आवश्यक है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास सर्वोपरि है। मतदाता सूची, एसआईआर और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। मनेन्द्रगढ़ विधानसभा प्रत्याशी रमेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता है। यदि मतदाता चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो उन सवालों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। जिला उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ने एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की। जिला महामंत्री रफीक मेमन ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है और जनता के बीच उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। जिला महामंत्री पूनम सिंह ने महिलाओं सहित प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखने तथा उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेन्द्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने प्रदर्शन को मतदाता अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध बताया। जनकपुर ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर सिंह ने ग्रामीण मतदाताओं को एसआईआर और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई। कोटाडोल ब्लॉक अध्यक्ष रामू सिंह, चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन, खड़गवां ब्लॉक अध्यक्ष युधिष्ठिर कमरों तथा मनेन्द्रगढ़ ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष रामनरेश पटेल ने भी मतदाता सूची में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग उठाई। प्रदर्शन में पूर्व नगर अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि विष्णु दास, पूर्व विधायक प्रतिनिधि एवं पूर्व नगर एल्डरमैन लक्ष्मी दास, नेता प्रतिपक्ष विकास दीवान, शंभू घोष, राम भजन, मक्खन चक्रधारी, अंकित खरें सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया कि मतदाता सूची में दर्ज हर पात्र नागरिक का अधिकार सुरक्षित कैसे रहे और निर्वाचन प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कैसे और मजबूत हो। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरोध आगे भी जारी रहेगा।3
- राजेन्द्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ा हादसा नहाने नदी में कूदा युवक, तेज बहाव में हुआ लापता अनूपपुर। राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम मौहरी में शनिवार दोपहर नहाने के दौरान 35 वर्षीय देव सिंह बमराड़ नदी में कूदने के बाद लापता हो गया। तेज बहाव के चलते वह नदी से बाहर नहीं निकल सका। जानकारी के अनुसार, देव सिंह अपने साले के साथ देवरी डवरा में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह बमराड़ नदी की ओर गया और पानी में कूद गया। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय ग्रामीण और परिजन उसकी तलाश में जुट गए। बाद में एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे तक नदी में सर्चिंग की, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव तेज है। अंधेरा होने और रेस्क्यू में कठिनाई के चलते शनिवार रात तलाश रोक दी गई। रविवार सुबह दोबारा सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।1
- लापरवाही की हद: कोतमा अस्पताल बना सिर्फ 'रिफर सेंटर', 5 घंटे एम्बुलेंस न मिलने से महिला ने दरवाजे पर तोड़ा दमकोतमा। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की लाचारी और घोर लापरवाही का एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहाँ इलाज के लिए आई एक महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिलने के कारण उसने अस्पताल के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।इलाज के नाम पर सिर्फ मिला 'रिफर कार्ड'जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी की रहने वाली शांति बाई केवट को गंभीर हालत में सुबह 7 बजे कोतमा अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने दोपहर 3 बजे तक उनकी स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि कोतमा अस्पताल केवल 'रिफर सेंटर' बनकर रह गया है, जहाँ मरीजों का सही इलाज करने के बजाय उन्हें आगे टालने का काम ज्यादा किया जाता है। लापरवाही की हद: कोतमा अस्पताल बना सिर्फ 'रिफर सेंटर', 5 घंटे एम्बुलेंस न मिलने से महिला ने दरवाजे पर तोड़ा दमकोतमा। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की लाचारी और घोर लापरवाही का एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहाँ इलाज के लिए आई एक महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिलने के कारण उसने अस्पताल के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।इलाज के नाम पर सिर्फ मिला 'रिफर कार्ड'जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी की रहने वाली शांति बाई केवट को गंभीर हालत में सुबह 7 बजे कोतमा अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने दोपहर 3 बजे तक उनकी स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि कोतमा अस्पताल केवल 'रिफर सेंटर' बनकर रह गया है, जहाँ मरीजों का सही इलाज करने के बजाय उन्हें आगे टालने का काम ज्यादा किया जाता है।1