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*उज्जैन के तेलीवाड़ा क्षेत्र में कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े* पुलिस बल ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में ले ली है..!! *👉🏻कल रात शहर काजी की अपील के बाद भी लोग नहीं माने तो पुलिस ने अपने ढंग से मनवाया।*
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
*उज्जैन के तेलीवाड़ा क्षेत्र में कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े* पुलिस बल ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में ले ली है..!! *👉🏻कल रात शहर काजी की अपील के बाद भी लोग नहीं माने तो पुलिस ने अपने ढंग से मनवाया।*
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- थाना प्रभारी यातायात उमरिया द्वारा जयस्तम चौक उमरिया में आम नागरिकों को यातायात नियमों के संबंध में जागरूक किया गया-थाना प्रभारी यातायात उमरिया मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की खास रिपोर्ट l उमरिया जिला उमरिया मध्य प्रदेश -जयस्तम्भ चौक उमरिया मे थाना प्रभारी यातायात उमरिया द्वारा आम नागरिकों को यातायात नियमों के सम्बन्ध मे जागरूक किया गया एवं पी. एम. राहत योजना, कैश लेस उपचार योजना, हिट एंड रन, राहवीर योजना के सम्बन्ध मे पम्पलेट वितरण कर योजना की जानकारी दी गईl इसके साथ ही थाना प्रभारी यातायात उमरिया द्वारा आम नागरिकों से दो पहिया वाहन पर हेलमेट लगाना एवं चार पहिया वाहन पर सीट बेल्ट का उपयोग करने की समझाइए दी गई है एवं ज्यादा से ज्यादा लोगों से अपील कीगई है कि यातायात नियमों का पालन करें l किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके l4
- राजेन्द्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ा हादसा नहाने नदी में कूदा युवक, तेज बहाव में हुआ लापता अनूपपुर। राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम मौहरी में शनिवार दोपहर नहाने के दौरान 35 वर्षीय देव सिंह बमराड़ नदी में कूदने के बाद लापता हो गया। तेज बहाव के चलते वह नदी से बाहर नहीं निकल सका। जानकारी के अनुसार, देव सिंह अपने साले के साथ देवरी डवरा में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह बमराड़ नदी की ओर गया और पानी में कूद गया। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय ग्रामीण और परिजन उसकी तलाश में जुट गए। बाद में एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे तक नदी में सर्चिंग की, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव तेज है। अंधेरा होने और रेस्क्यू में कठिनाई के चलते शनिवार रात तलाश रोक दी गई। रविवार सुबह दोबारा सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।1
- **परासी में पहली बार गजराजों का महाकुंभ, हाथी महोत्सव बना आकर्षण** # **परासी में पहली बार गजराजों का महाकुंभ, हाथी महोत्सव बना आकर्षण** ### **मानपुर विधायक मीना सिंह ने किया पांच दिवसीय आयोजन का समापन, ढोल-मांदल की थाप पर थिरके ग्रामीण** **आशुतोष त्रिपाठी जनचिंगारी उमरिया।** बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र के ग्राम परासी में पहली बार आयोजित पांच दिवसीय हाथी महोत्सव का शनिवार को समापन हुआ। 24 से 28 सितंबर तक चले आयोजन में बांधवगढ़ के नौ कैंप हाथियों के पुनर्यौवनीकरण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां हुईं। परासी गेट पर आयोजित महोत्सव ग्रामीणों के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। समापन समारोह में **मानपुर विधायक मीना सिंह** शामिल हुईं। ग्रामीणों ने ढोल-मांदल और पारंपरिक नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान विधायक भी आदिवासी ग्रामीणों के साथ पारंपरिक नृत्य में शामिल हुईं। आयोजन में वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। ### **वन्यजीव संरक्षण के साथ संस्कृति को बढ़ावा** महोत्सव के दौरान हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य एवं संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को प्रमुखता दी गई। आयोजन का उद्देश्य वनांचल क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी रहा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल के मार्गदर्शन का भी उल्लेख किया गया। आयोजन में वरिष्ठ नेता एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मिथिलेश मिश्रा, सुमित गौतम, दीपक छतवानी, पत्रकार केके शुक्ला, मंडल अध्यक्ष राम मोल केवट, हरिहर चतुर्वेदी, सौखीलाल, वन परिक्षेत्राधिकारी अंकित सोनी सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ### **ढोल-मांदल की थाप पर झूमे ग्रामीण** विधायक के स्वागत के दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल-मांदल की थाप और लोक संस्कृति की झलक ने कार्यक्रम को खास बना दिया। पांच दिवसीय आयोजन के समापन के साथ परासी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, संस्कृति और पर्यटन के समन्वय का संदेश दिया गया।2
- कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क: जहां आज भी दौड़ती है विरासत, खुले मैदानों में दौड़ते हैं काले हिरण डिण्डौरी | 28 सितंबर 2026 जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के पास प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते हैं काले हिरण, ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिल रहा संबल मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में प्रकृति और वन्यजीवों का ऐसा खूबसूरत संगम देखने को मिलता है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क में काले हिरण खुले और प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते नजर आते हैं। हरियाली से घिरे खुले पठारी मैदान और दौड़ते हिरण यहां आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हैं। खुले मैदानों में स्वच्छंद विचरण करते हैं हिरण कारोपानी की सबसे खास बात यहां का प्राकृतिक परिवेश है। हिरणों को कृत्रिम बाड़ों में सीमित रखने के बजाय उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने पर जोर दिया गया है। खुले मैदानों में हिरणों के झुंड को दौड़ते और विचरण करते देखना इस क्षेत्र को एक अलग पहचान देता है। बड़ी संख्या में मौजूद काले हिरण कारोपानी की प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता को समृद्ध करते हैं। ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिला संबल कारोपानी में वन्यजीव संरक्षण की कहानी में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हिरणों के प्रति ग्रामीणों का अपनापन और संरक्षण की भावना इनके सुरक्षित विचरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मददगार बनी है। प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य का यह उदाहरण बताता है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वन्यजीव संरक्षण को और प्रभावी बनाया जा सकता है। पर्यटन के लिहाज से भी खास है कारोपानी जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप होने के कारण कारोपानी में प्रकृति और वन्यजीव आधारित पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। खुले मैदानों में प्राकृतिक वातावरण के बीच हिरणों को दौड़ते देखना पर्यटकों के लिए खास अनुभव हो सकता है। वन्यजीव, हरियाली और ग्रामीण परिवेश का संगम कारोपानी को डिंडौरी के पर्यटन मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए बचानी होगी प्राकृतिक विरासत कारोपानी सिर्फ हिरणों के विचरण का क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति, वन्यजीव और स्थानीय समुदाय के बीच बने सामंजस्य की कहानी भी है। खुले मैदानों में दौड़ते काले हिरण डिंडौरी की समृद्ध प्राकृतिक विरासत की तस्वीर पेश करते हैं। इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।4
- कारोपानी आज केवल हिरणों का प्राकृतिक आवास नहीं, बल्कि ’’प्रकृति संरक्षण, स्थानीय सहभागिता और पर्यटन की संभावनाओं के संगम की जीवंत कहानी’’ है *सफलता की कहानी* *कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क: जहां आज भी दौड़ती है विरासत* *डिंडौरी, 28 सितंबर 2026* प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में डिंडौरी जिले का कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क एक अनूठी पहचान बना रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित कारोपानी क्षेत्र में काले हिरण प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते दिखाई देते हैं। हरियाली, खुले पठारी मैदान और प्राकृतिक परिवेश इस क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। कारोपानी की विशेषता यह है कि यहां वन्यजीवों को कृत्रिम बाड़े में सीमित रखने के बजाय उनके प्राकृतिक परिवेश को संरक्षित किया गया है। खुले मैदानों में हिरणों के झुंड का विचरण इस क्षेत्र को विशिष्ट बनाता है। यहां बड़ी संख्या में काले हिरण मौजूद हैं, जो कारोपानी की प्राकृतिक पहचान और जैव विविधता को समृद्ध करते हैं। *ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिला संबल* कारोपानी में वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों द्वारा हिरणों के प्रति अपनापन और संरक्षण की भावना ने इनके सुरक्षित विचरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य का यह उदाहरण बताता है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वन्यजीव संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। *पर्यटन की संभावनाओं का नया द्वार* जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित होने के कारण कारोपानी में प्रकृति एवं वन्यजीव आधारित पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। खुले मैदानों में हिरणों को स्वच्छंद रूप से दौड़ते देखना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। प्राकृतिक परिवेश, वन्यजीव और ग्रामीण जीवन का संगम कारोपानी को डिंडौरी के पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। कारोपानी आज केवल हिरणों का प्राकृतिक आवास नहीं, बल्कि ’’प्रकृति संरक्षण, स्थानीय सहभागिता और पर्यटन की संभावनाओं के संगम की जीवंत कहानी’’ है। यहां दौड़ते हिरण डिंडौरी की उस प्राकृतिक विरासत का संदेश देते हैं, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।3
- कलेक्टर के निर्देशन में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई, एक क्लीनिक सील शहपुरा। डिंडौरी कलेक्टर के निर्देशन में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर शहपुरा एसडीएम श्री फरहान इरफान जमादार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने नगर के दो क्लीनिकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वैध पंजीयन एवं मान्य चिकित्सकीय डिग्री से संबंधित दस्तावेज नहीं पाए गए। दोनों स्थानों से एलोपैथिक दवाइयां, सिरिंज एवं मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की पर्चियां जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया।1
- *शाही मस्जिद हटाने के विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है।* इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आ रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रख रहा है। जानकारी के मुताबिक भीड़ को तितर बितर करने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़ें जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग पुलिस पर पथराव करने में लगे हुए हैं। तस्वीरों में पथराव की स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है। *👉🏻इसी तरह की सवेंदनशील स्थिति बड़े हनुमान जी को हटाने पर बनी थी पर तब पुलिस पर पथराव नहीं हुआ था।*1
- सीएम राइज़ स्कूल मानपुर में निकले दुर्लभ बैंडेड क्रेट को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। सीएम राइज़ स्कूल मानपुर में निकले दुर्लभ बैंडेड क्रेट को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी -उमरिया। सीएम राइज़ स्कूल मानपुर परिसर में बैंडेड क्रेट सांप दिखाई देने से स्कूल में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर जैव विविधता एवं वन्यजीव रेस्क्यू से जुड़े मानपुर के रेयर स्पीशीज रेस्क्यूअर निशांत शुक्ला ‘मुन्ना’ मौके पर पहुंचे और सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान सांप को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ने की कार्रवाई की गई। बताया गया कि बैंडेड क्रेट अत्यंत विषैला सांप है, इसलिए स्कूल परिसर में इसकी मौजूदगी से विद्यार्थियों और स्टाफ में चिंता का माहौल बन गया था। समय रहते रेस्क्यू होने से संभावित खतरा टल गया।3
- करौंदी में दिखा गिद्धों का झुंड, स्थानीय लोगों ने बनाया वीडियो डिण्डौरी। शहपुरा विकासखंड अंतर्गत करौंदी पावर हाउस के पास गिद्धों का झुंड नजर आया। एक साथ बड़ी संख्या में गिद्धों के दिखाई देने से इलाके में लोगों की नजरें भी ठहर गईं। पावर हाउस के आसपास पेड़ों और खुले इलाके में मंडराते नजर आए गिद्ध। स्थानीय लोगों ने गिद्धों के झुंड का वीडियो भी बनाया। गिद्धों की मौजूदगी ने पर्यावरण और वन्यजीवों को लेकर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, गिद्ध यहां किस वजह से पहुंचे, इसकी वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।1