कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क: जहां आज भी दौड़ती है विरासत, खुले मैदानों में दौड़ते हैं काले हिरण डिण्डौरी | 28 सितंबर 2026 जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के पास प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते हैं काले हिरण, ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिल रहा संबल मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में प्रकृति और वन्यजीवों का ऐसा खूबसूरत संगम देखने को मिलता है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क में काले हिरण खुले और प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते नजर आते हैं। हरियाली से घिरे खुले पठारी मैदान और दौड़ते हिरण यहां आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हैं। खुले मैदानों में स्वच्छंद विचरण करते हैं हिरण कारोपानी की सबसे खास बात यहां का प्राकृतिक परिवेश है। हिरणों को कृत्रिम बाड़ों में सीमित रखने के बजाय उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने पर जोर दिया गया है। खुले मैदानों में हिरणों के झुंड को दौड़ते और विचरण करते देखना इस क्षेत्र को एक अलग पहचान देता है। बड़ी संख्या में मौजूद काले हिरण कारोपानी की प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता को समृद्ध करते हैं। ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिला संबल कारोपानी में वन्यजीव संरक्षण की कहानी में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हिरणों के प्रति ग्रामीणों का अपनापन और संरक्षण की भावना इनके सुरक्षित विचरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मददगार बनी है। प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य का यह उदाहरण बताता है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वन्यजीव संरक्षण को और प्रभावी बनाया जा सकता है। पर्यटन के लिहाज से भी खास है कारोपानी जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप होने के कारण कारोपानी में प्रकृति और वन्यजीव आधारित पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। खुले मैदानों में प्राकृतिक वातावरण के बीच हिरणों को दौड़ते देखना पर्यटकों के लिए खास अनुभव हो सकता है। वन्यजीव, हरियाली और ग्रामीण परिवेश का संगम कारोपानी को डिंडौरी के पर्यटन मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए बचानी होगी प्राकृतिक विरासत कारोपानी सिर्फ हिरणों के विचरण का क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति, वन्यजीव और स्थानीय समुदाय के बीच बने सामंजस्य की कहानी भी है। खुले मैदानों में दौड़ते काले हिरण डिंडौरी की समृद्ध प्राकृतिक विरासत की तस्वीर पेश करते हैं। इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क: जहां आज भी दौड़ती है विरासत, खुले मैदानों में दौड़ते हैं काले हिरण डिण्डौरी | 28 सितंबर 2026 जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के पास प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते हैं काले हिरण, ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को मिल रहा संबल मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में प्रकृति और वन्यजीवों का ऐसा खूबसूरत संगम देखने को मिलता है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप स्थित कारोपानी प्राकृतिक हिरण पार्क में काले हिरण खुले और प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण करते नजर आते हैं। हरियाली
से घिरे खुले पठारी मैदान और दौड़ते हिरण यहां आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हैं। खुले मैदानों में स्वच्छंद विचरण करते हैं हिरण कारोपानी की सबसे खास बात यहां का प्राकृतिक परिवेश है। हिरणों को कृत्रिम बाड़ों में सीमित रखने के बजाय उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने पर जोर दिया गया है। खुले मैदानों में हिरणों के झुंड को दौड़ते और विचरण करते देखना इस क्षेत्र को एक अलग पहचान देता है। बड़ी संख्या में मौजूद काले हिरण कारोपानी की प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता को समृद्ध करते हैं। ग्रामीणों की सहभागिता से संरक्षण को
मिला संबल कारोपानी में वन्यजीव संरक्षण की कहानी में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हिरणों के प्रति ग्रामीणों का अपनापन और संरक्षण की भावना इनके सुरक्षित विचरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मददगार बनी है। प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य का यह उदाहरण बताता है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वन्यजीव संरक्षण को और प्रभावी बनाया जा सकता है। पर्यटन के लिहाज से भी खास है कारोपानी जबलपुर-अमरकंटक मार्ग के समीप होने के कारण कारोपानी में प्रकृति और वन्यजीव आधारित पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। खुले मैदानों में प्राकृतिक वातावरण के बीच हिरणों को
दौड़ते देखना पर्यटकों के लिए खास अनुभव हो सकता है। वन्यजीव, हरियाली और ग्रामीण परिवेश का संगम कारोपानी को डिंडौरी के पर्यटन मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए बचानी होगी प्राकृतिक विरासत कारोपानी सिर्फ हिरणों के विचरण का क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रकृति, वन्यजीव और स्थानीय समुदाय के बीच बने सामंजस्य की कहानी भी है। खुले मैदानों में दौड़ते काले हिरण डिंडौरी की समृद्ध प्राकृतिक विरासत की तस्वीर पेश करते हैं। इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
- *शाही मस्जिद हटाने के विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है।* इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आ रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रख रहा है। जानकारी के मुताबिक भीड़ को तितर बितर करने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़ें जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग पुलिस पर पथराव करने में लगे हुए हैं। तस्वीरों में पथराव की स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है। *👉🏻इसी तरह की सवेंदनशील स्थिति बड़े हनुमान जी को हटाने पर बनी थी पर तब पुलिस पर पथराव नहीं हुआ था।*1
- एसडीआरएफ ने तीन दिन बाद बरामद किया देवीसिंह का शव, जोहिला नदी से किया रेस्क्यू अनूपपुर | राजेंद्रग्राम राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मौहारी के बमड़ार नाला में 26 सितंबर को डूबे देवीसिंह का शव एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम ने तीन दिन की तलाश के बाद बरामद कर लिया। देवीसिंह पिता स्वर्गीय गणेश सिंह, निवासी ग्राम बरांछ, थाना करनपठार के रहने वाले थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद से एसडीआरएफ टीम लगातार देवीसिंह की तलाश में जुटी हुई थी। 28 सितंबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर नीचे जोहिला नदी में रेस्क्यू टीम को शव बरामद करने में सफलता मिली। जिला सेनानी के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ जवानों ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय लोगों की मदद और टीम के अथक प्रयासों से शव को नदी से बाहर निकालकर परिजनों की मौजूदगी में पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। रेस्क्यू टीम में शामिल जवान राम नरेश भवेदी — प्लाटून कमांडर एवं टीम प्रभारी सैनिक 13 — अनुज कुमार सैनिक 12 — सुनील सिंह सैनिक 10 — रामेश्वर सिंह सैनिक 130 — धन सिंह सैनिक 150 — रामभरोसे सिंह सैनिक 1203 — देवेन्द्र सिंह सैनिक 1204 — प्रहलाद सिंह सैनिक 34 — शिवप्रताप सिंह लगातार तीन दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- *अफवाह पर ध्यान न दें - शहर काजी उज्जैन* --- मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहाँ जाने की आवश्यकता हो। जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है। सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाहों के कारण घर से बाहर निकलकर अनावश्यक रूप से मौके पर1
- बम्हनी बंजर धूमधाम के साथ गणेश बप्पा की विदाई विसर्जन में महिलाओं एवं बच्चों ने खूब जम के डांस किया डीजे में लोग डांस करते हुई नजर आए महिलाओं बच्चों ने आयोजन में शामिल होकर खूब नाचे2
- बीजाडांडी के हंसिका पेट्रोल पंप पर ड्रेनेज सिस्टम फेल उफनते चैंबर के कारण ईंधन वितरण पूरी तरह ठप, घंटों परेशान हुए वाहन चालक बीजाडांडी के हंसिका पेट्रोल पंप पर ड्रेनेज सिस्टम फेल उफनते चैंबर के कारण ईंधन वितरण पूरी तरह ठप, घंटों परेशान हुए वाहन चालक जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीजाडांडी स्थित हंसिका पेट्रोल पंप की अव्यवस्थाओं ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में पिछले दो-तीन दिनों से जारी लगातार बारिश ने पंप की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। 27 सितंबर रविवार शाम सात बजे पेट्रोल भरवाने गए वाहन चालकों ने बताया कि पंप परिसर में डिस्पेंसर मशीन के पास बना ड्रेनेज चैंबर ओवरफ्लो हो गया है, जिसके कारण रविवार को यहां पेट्रोल-डीजल का वितरण पूरी तरह से बंद करना पड़ा। ईंधन लेने पहुंचे ग्राहकों ने इस अव्यवस्था का वीडियो भी बनाया है, जिसमें मशीन के ठीक नीचे स्थित चौकोर ढक्कन वाले चैंबर से तेजी से पानी बाहर उफनता दिख रहा है। जलभराव के कारण वहां इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक रख दिया गया। जिससे ग्राहकों के गिरने का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा और तकनीकी कारणों से मशीन के नोजल पर काले रंग से क्रॉस का निशान भी लगा दिया गया है। रात में भी भारी वाहन ईंधन के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन पंप बंद होने से उन्हें निराशा हाथ लग रही है। रविवार शाम स्थिति तब और खराब हो गई, जब हाईवे से गुजरने वाले और स्थानीय चालक ईंधन के लिए घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में उन्हें बिना पेट्रोल-डीजल के ही लौटना पड़ा। बीजाडांडी क्षेत्र में केवल दो पंप हैं, जिनमें से दूसरा अभी चालू नहीं हुआ है। ऐसे में सेवाएं ठप होने से आम जनता को ईंधन के लिए मजबूरी में 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। पंप के मैनेजर ने इस समस्या का ठीकरा पेट्रोलियम कंपनी पर फोड़ते हुए कहा कि चैंबर का निर्माण कंपनी ने कराया था और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे दी गई है, जल्द ही सुधार होगा। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस पंप पर अव्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। फिलहाल पंप बंद होने से स्थानीय नागरिक और हाईवे के मुसाफिर भारी परेशान हैं। 0000000000000000000000000000001
- थाना प्रभारी यातायात उमरिया द्वारा जयस्तम चौक उमरिया में आम नागरिकों को यातायात नियमों के संबंध में जागरूक किया गया-थाना प्रभारी यातायात उमरिया मुकेश कुमार दुबे संवाददाता की खास रिपोर्ट l उमरिया जिला उमरिया मध्य प्रदेश -जयस्तम्भ चौक उमरिया मे थाना प्रभारी यातायात उमरिया द्वारा आम नागरिकों को यातायात नियमों के सम्बन्ध मे जागरूक किया गया एवं पी. एम. राहत योजना, कैश लेस उपचार योजना, हिट एंड रन, राहवीर योजना के सम्बन्ध मे पम्पलेट वितरण कर योजना की जानकारी दी गईl इसके साथ ही थाना प्रभारी यातायात उमरिया द्वारा आम नागरिकों से दो पहिया वाहन पर हेलमेट लगाना एवं चार पहिया वाहन पर सीट बेल्ट का उपयोग करने की समझाइए दी गई है एवं ज्यादा से ज्यादा लोगों से अपील कीगई है कि यातायात नियमों का पालन करें l किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके l4
- विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर डिण्डौरी में कार्यक्रम, उत्कृष्ट कार्य करने वाले फार्मासिस्ट हुए सम्मानित डिण्डौरी। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में डिण्डौरी मुख्यालय में फार्मासिस्ट दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे और विशिष्ट अतिथि सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी रहे। इसके साथ ही डॉ. मनोज उरैती, जिला टीबी अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य अधिकारी और फार्मासिस्ट मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग और समाज में फार्मासिस्ट की भूमिका को लेकर परिचर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत फार्मासिस्ट दवाइयों के भंडारण, वितरण, निर्माण और रिसर्च से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट डॉक्टर और मरीज के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका भी निभाते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले फार्मासिस्टों को सम्मानित किया गया। वहीं जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को फल वितरित कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। कार्यक्रम का संचालन फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष प्रवीण उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में जिलेभर से आए फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर विचार साझा किए।3
- *शाही मस्जिद हटाने के विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है।* इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आ रही है। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रख रहा है। जानकारी के मुताबिक भीड़ को तितर बितर करने के लिए लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़ें जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग पुलिस पर पथराव करने में लगे हुए हैं। तस्वीरों में पथराव की स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है। *👉🏻इसी तरह की सवेंदनशील स्थिति बड़े हनुमान जी को हटाने पर बनी थी पर तब पुलिस पर पथराव नहीं हुआ था।*1
- छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा समाजजनों द्वारा स्वत:हटाया जा रहा है - रोशन सिंह ,कलेक्टर उज्जैन वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मास्टर प्लान के अनुरूप सड़कों के चौड़ीकरण एवं अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन विकास कार्यों में सभी धर्मों और समाजों के लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले मकान, दुकानें और धर्मस्थल आदि को संबंधित समाजजनों द्वारा स्वेच्छा से हटाया जा रहा है। *इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी समाजजनों द्वारा स्वत : हटाया जा रहा है।* यह सभी समाजों के सहयोग और समन्वय की सकारात्मक मिसाल है। मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति एवं सद्भाव बनाए रखें। सिंहस्थ की तैयारियों में सभी का सहयोग और सहभागिता उज्जैन की एकता और भाईचारे को मजबूत करेगी।1