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सेवा संकल्प अभियान:- 2026 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #शहडोल #shahdol

11 hrs ago
user_Angad Tiwari
Angad Tiwari
पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

सेवा संकल्प अभियान:- 2026 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #शहडोल #shahdol

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • ग्राम पंचायत कारीमाटी ग्राम लोहरा के आम जनता रोड के लिए परेशान हो रही
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    ग्राम पंचायत कारीमाटी ग्राम लोहरा के आम जनता रोड के लिए परेशान हो रही
    user_Umesh Kumar Kol
    Umesh Kumar Kol
    Construction Worker गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडौरी। बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी। *बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। *प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही ग्राम शामिल हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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    बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा
कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
डिंडौरी।
बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी।
*बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा।
प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।
*प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* 
शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही  ग्राम शामिल हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
    user_मोर डिण्डौरी
    मोर डिण्डौरी
    Local News Reporter शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा। तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 

शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 25 श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 25 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार के आज के दर्शन जय जय श्री राधे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे जय श्री राधे.........
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    श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 25 
श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 25 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार के आज के दर्शन जय जय श्री राधे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे जय श्री राधे.........
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • खबर सतना/रामवन पथ गमन मार्ग पर कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, वनकर्मी गंभीर घायल सतना रेफर। बीती रात की बताई जा रही घटना। खबर सतना/रामवन पथ गमन मार्ग पर कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, वनकर्मी गंभीर घायल सतना रेफर। बीती रात की बताई जा रही घटना। मैहर ,सतना बाईपास स्थित रामवन पथ गमन मार्ग पर बुधवार देर रात टोल प्लाजा के पहले एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। इसी दौरान वहां से गुजर रहे युवा कांग्रेस मैहर के जिला अध्यक्ष सौरभ लल्ला शर्मा ने अपने साथियों के साथ रुककर घायल की मदद की और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के मुताबिक, घायल की पहचान रावेंद्र वर्मा पिता द्वारिका प्रसाद वर्मा, उम्र 32 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, जिला सतना के रूप में हुई है। रावेंद्र मैहर वन विभाग में स्थायी कर्मचारी के रूप में पदस्थ हैं। बुधवार रात ड्यूटी खत्म करने के बाद वह बाइक से सतना स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
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    खबर सतना/रामवन पथ गमन मार्ग पर कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, वनकर्मी गंभीर घायल सतना रेफर। बीती रात की बताई जा रही घटना।
खबर सतना/रामवन पथ गमन मार्ग पर कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, वनकर्मी गंभीर घायल सतना रेफर। बीती रात की बताई जा रही घटना।
मैहर ,सतना बाईपास स्थित रामवन पथ गमन मार्ग पर बुधवार देर रात टोल प्लाजा के पहले एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। इसी दौरान वहां से गुजर रहे युवा कांग्रेस मैहर के जिला अध्यक्ष सौरभ लल्ला शर्मा ने अपने साथियों के साथ रुककर घायल की मदद की और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के मुताबिक, घायल की पहचान रावेंद्र वर्मा पिता द्वारिका प्रसाद वर्मा, उम्र 32 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, जिला सतना के रूप में हुई है। रावेंद्र मैहर वन विभाग में स्थायी कर्मचारी के रूप में पदस्थ हैं। बुधवार रात ड्यूटी खत्म करने के बाद वह बाइक से सतना स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *दमदार सरपंच रावेंद्र मिश्रा ने जन सुनवाई में जनहित के मुद्दों में बखिया उधेड़ दी,जन सुनवाई के ठेकेदारों को लज्जा भी न आई* रिवारा क्षेत्र में कल अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग की जन सुनवाई थी अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग नई खदान यहां खोलना चाह रहा है जहां कंपनी के पालतू चमचों ने कंपनी की ऐसी चमचागिरी की देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि चमचों की जीभ थोड़ी छोटी पड़ गई जिससे कायदे से बेचारे चाट नहीं पाए इसका मलाल उनको रहेगा। वही क्षेत्र के दमदार सरपंच के उद्योग के तामम कारनामों की ऐसी बखिया उधेड़ी ऐसा आइना दिखाया कि सभी की बोलती बंद हो गई। व्यक्ति के अगर आंख न हो तो उसे अंधा कहते है लेकिन जिसके आंख हो रोशनी हो फिर भी उसे दिखाई न दे तो उसे क्या कहेंगे हमारी भाषा में उसे मदान्ध कहा जाता है इसलिए इन सुनवाई में अल्ट्राटेक सहित जो उनके पालतू चमचे थे वे ऐसा मदान्ध थे कि उन्हें क्षेत्र में कोई समस्या दिखाई ही नहीं दी। प्रदूषण से पूरा क्षेत्र कराह रहा है लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है स्वांस टीवी फेफड़े लंग्स किडनी हार्ट की बीमारी तो आम हो चुकी है क्षेत्र में ईमानदारी से सर्वे करा लिया जाय इतने पेशेंट निकलेंगे कि आंख कान नाक सब चौंधिया जायेगे लेकिन चमचों को रामराज्य नजर आता है। पानी बिजली सड़क शिक्षा की ऐसी बदहाल व्यवस्था आपने पूरे भारत में कही न देखी होगी। चमचों एक दिन के लिए आंखे उधार ले लो और भदानपुर मोहरबा रोड में चले जाओ प्रधानमंत्री सड़क की बोटी बोटी नोच कर यह उद्योग खा गया लेकिन तुम्हे दिखाई नहीं दिया अफसोस तुम्हारे नैनो में दिखाई नहीं दिया। हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया कितने लोग बेघर हो गए लेकिन तुम्हारे नैन छिद्र बंद रहे। कितने आदिवासियों की जमीन यह उद्योग प्रशासन के दम पर बेजा कब्जा कर बिना कोई प्रतिफल दिए खोद कर समंदर बना दिया और तुम ताली बजाते रह गए। जिनकी जमीन गई उन्हें रोजगार का वादा था लेकिन बेचारे यहां वहा मजदूरी करते भटक रहे है दिखाई नहीं दिया। धन्यवाद सरपंच रावेंद्र मिश्रा जिन्होंने जनहित की बाते दमदारी से रखी क्षेत्र में उद्योग द्वारा उपजाई गई समस्याओं से अवगत कराया जिसका जवाब न तो उद्योग के पास था और न ही प्रशासन के पास। प्रशासन और उद्योग सग्गामित्ति से चलते है इसलिए परमिशन तो मिलेगी ही नहीं तो जितना विरोध क्षेत्र की जनता ने इस उद्योग का किया मैहर जिले में क्या प्रदेश में कही भी यह उद्योग अनुमति न पाता। *दमदार सरपंच रावेंद्र मिश्रा ने जन सुनवाई में जनहित के मुद्दों में बखिया उधेड़ दी,जन सुनवाई के ठेकेदारों को लज्जा भी न आई* रिवारा क्षेत्र में कल अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग की जन सुनवाई थी अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग नई खदान यहां खोलना चाह रहा है जहां कंपनी के पालतू चमचों ने कंपनी की ऐसी चमचागिरी की देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि चमचों की जीभ थोड़ी छोटी पड़ गई जिससे कायदे से बेचारे चाट नहीं पाए इसका मलाल उनको रहेगा। वही क्षेत्र के दमदार सरपंच के उद्योग के तामम कारनामों की ऐसी बखिया उधेड़ी ऐसा आइना दिखाया कि सभी की बोलती बंद हो गई। व्यक्ति के अगर आंख न हो तो उसे अंधा कहते है लेकिन जिसके आंख हो रोशनी हो फिर भी उसे दिखाई न दे तो उसे क्या कहेंगे हमारी भाषा में उसे मदान्ध कहा जाता है इसलिए इन सुनवाई में अल्ट्राटेक सहित जो उनके पालतू चमचे थे वे ऐसा मदान्ध थे कि उन्हें क्षेत्र में कोई समस्या दिखाई ही नहीं दी। प्रदूषण से पूरा क्षेत्र कराह रहा है लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है स्वांस टीवी फेफड़े लंग्स किडनी हार्ट की बीमारी तो आम हो चुकी है क्षेत्र में ईमानदारी से सर्वे करा लिया जाय इतने पेशेंट निकलेंगे कि आंख कान नाक सब चौंधिया जायेगे लेकिन चमचों को रामराज्य नजर आता है। पानी बिजली सड़क शिक्षा की ऐसी बदहाल व्यवस्था आपने पूरे भारत में कही न देखी होगी। चमचों एक दिन के लिए आंखे उधार ले लो और भदानपुर मोहरबा रोड में चले जाओ प्रधानमंत्री सड़क की बोटी बोटी नोच कर यह उद्योग खा गया लेकिन तुम्हे दिखाई नहीं दिया अफसोस तुम्हारे नैनो में दिखाई नहीं दिया। हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया कितने लोग बेघर हो गए लेकिन तुम्हारे नैन छिद्र बंद रहे। कितने आदिवासियों की जमीन यह उद्योग प्रशासन के दम पर बेजा कब्जा कर बिना कोई प्रतिफल दिए खोद कर समंदर बना दिया और तुम ताली बजाते रह गए। जिनकी जमीन गई उन्हें रोजगार का वादा था लेकिन बेचारे यहां वहा मजदूरी करते भटक रहे है दिखाई नहीं दिया। धन्यवाद सरपंच रावेंद्र मिश्रा जिन्होंने जनहित की बाते दमदारी से रखी क्षेत्र में उद्योग द्वारा उपजाई गई समस्याओं से अवगत कराया जिसका जवाब न तो उद्योग के पास था और न ही प्रशासन के पास। प्रशासन और उद्योग सग्गामित्ति से चलते है इसलिए परमिशन तो मिलेगी ही नहीं तो जितना विरोध क्षेत्र की जनता ने इस उद्योग का किया मैहर जिले में क्या प्रदेश में कही भी यह उद्योग अनुमति न पाता।
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    *दमदार सरपंच रावेंद्र मिश्रा ने जन सुनवाई में जनहित के मुद्दों में बखिया उधेड़ दी,जन सुनवाई के ठेकेदारों को लज्जा भी न आई*
             रिवारा क्षेत्र में कल अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग की जन सुनवाई थी अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग नई खदान यहां खोलना चाह रहा है जहां कंपनी के पालतू चमचों ने कंपनी की ऐसी चमचागिरी की देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि चमचों की जीभ थोड़ी छोटी पड़ गई जिससे कायदे से बेचारे चाट नहीं पाए इसका मलाल उनको रहेगा। वही क्षेत्र के दमदार सरपंच के उद्योग के तामम कारनामों की ऐसी बखिया उधेड़ी ऐसा आइना दिखाया कि सभी की बोलती बंद हो गई। 
          व्यक्ति के अगर आंख न हो तो उसे अंधा कहते है लेकिन जिसके आंख हो रोशनी हो फिर भी उसे दिखाई न दे तो उसे क्या कहेंगे हमारी भाषा में उसे मदान्ध कहा जाता है इसलिए इन सुनवाई में अल्ट्राटेक सहित जो उनके पालतू चमचे थे वे ऐसा मदान्ध थे कि  उन्हें क्षेत्र में कोई समस्या दिखाई ही नहीं दी। प्रदूषण से पूरा क्षेत्र कराह रहा है लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है स्वांस टीवी फेफड़े लंग्स किडनी हार्ट की बीमारी तो आम हो चुकी है क्षेत्र में ईमानदारी से सर्वे करा लिया जाय इतने पेशेंट निकलेंगे कि आंख कान नाक सब चौंधिया जायेगे लेकिन चमचों को रामराज्य नजर आता है। पानी बिजली सड़क शिक्षा की ऐसी बदहाल व्यवस्था आपने पूरे भारत में कही न देखी होगी। चमचों एक दिन के लिए आंखे उधार ले लो और भदानपुर मोहरबा रोड में चले जाओ प्रधानमंत्री सड़क की बोटी बोटी नोच कर यह उद्योग खा गया लेकिन तुम्हे दिखाई नहीं दिया अफसोस तुम्हारे नैनो में दिखाई नहीं दिया। हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया कितने लोग बेघर हो गए लेकिन तुम्हारे नैन छिद्र बंद रहे। कितने आदिवासियों की जमीन यह उद्योग प्रशासन के दम पर बेजा कब्जा कर बिना कोई प्रतिफल दिए खोद कर समंदर बना दिया और तुम ताली बजाते रह गए। जिनकी जमीन गई उन्हें रोजगार का वादा था लेकिन बेचारे यहां वहा मजदूरी करते भटक रहे है दिखाई नहीं दिया।
       धन्यवाद सरपंच रावेंद्र मिश्रा जिन्होंने जनहित की बाते दमदारी से रखी क्षेत्र में उद्योग द्वारा उपजाई गई समस्याओं से अवगत कराया जिसका जवाब न तो उद्योग के पास था और न ही प्रशासन के पास। प्रशासन और उद्योग सग्गामित्ति से चलते है इसलिए परमिशन तो मिलेगी ही नहीं तो जितना विरोध क्षेत्र की जनता ने इस उद्योग का किया मैहर जिले में क्या प्रदेश में कही भी यह उद्योग अनुमति न पाता।
*दमदार सरपंच रावेंद्र मिश्रा ने जन सुनवाई में जनहित के मुद्दों में बखिया उधेड़ दी,जन सुनवाई के ठेकेदारों को लज्जा भी न आई*
रिवारा क्षेत्र में कल अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग की जन सुनवाई थी अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग नई खदान यहां खोलना चाह रहा है जहां कंपनी के पालतू चमचों ने कंपनी की ऐसी चमचागिरी की देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि चमचों की जीभ थोड़ी छोटी पड़ गई जिससे कायदे से बेचारे चाट नहीं पाए इसका मलाल उनको रहेगा। वही क्षेत्र के दमदार सरपंच के उद्योग के तामम कारनामों की ऐसी बखिया उधेड़ी ऐसा आइना दिखाया कि सभी की बोलती बंद हो गई। 
व्यक्ति के अगर आंख न हो तो उसे अंधा कहते है लेकिन जिसके आंख हो रोशनी हो फिर भी उसे दिखाई न दे तो उसे क्या कहेंगे हमारी भाषा में उसे मदान्ध कहा जाता है इसलिए इन सुनवाई में अल्ट्राटेक सहित जो उनके पालतू चमचे थे वे ऐसा मदान्ध थे कि  उन्हें क्षेत्र में कोई समस्या दिखाई ही नहीं दी। प्रदूषण से पूरा क्षेत्र कराह रहा है लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है स्वांस टीवी फेफड़े लंग्स किडनी हार्ट की बीमारी तो आम हो चुकी है क्षेत्र में ईमानदारी से सर्वे करा लिया जाय इतने पेशेंट निकलेंगे कि आंख कान नाक सब चौंधिया जायेगे लेकिन चमचों को रामराज्य नजर आता है। पानी बिजली सड़क शिक्षा की ऐसी बदहाल व्यवस्था आपने पूरे भारत में कही न देखी होगी। चमचों एक दिन के लिए आंखे उधार ले लो और भदानपुर मोहरबा रोड में चले जाओ प्रधानमंत्री सड़क की बोटी बोटी नोच कर यह उद्योग खा गया लेकिन तुम्हे दिखाई नहीं दिया अफसोस तुम्हारे नैनो में दिखाई नहीं दिया। हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया कितने लोग बेघर हो गए लेकिन तुम्हारे नैन छिद्र बंद रहे। कितने आदिवासियों की जमीन यह उद्योग प्रशासन के दम पर बेजा कब्जा कर बिना कोई प्रतिफल दिए खोद कर समंदर बना दिया और तुम ताली बजाते रह गए। जिनकी जमीन गई उन्हें रोजगार का वादा था लेकिन बेचारे यहां वहा मजदूरी करते भटक रहे है दिखाई नहीं दिया।
धन्यवाद सरपंच रावेंद्र मिश्रा जिन्होंने जनहित की बाते दमदारी से रखी क्षेत्र में उद्योग द्वारा उपजाई गई समस्याओं से अवगत कराया जिसका जवाब न तो उद्योग के पास था और न ही प्रशासन के पास। प्रशासन और उद्योग सग्गामित्ति से चलते है इसलिए परमिशन तो मिलेगी ही नहीं तो जितना विरोध क्षेत्र की जनता ने इस उद्योग का किया मैहर जिले में क्या प्रदेश में कही भी यह उद्योग अनुमति न पाता।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    6 hrs ago
  • सेवा संकल्प अभियान:- 2026 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #शहडोल #shahdol सेवा संकल्प अभियान:- 2026 मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #शहडोल #shahdol
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    सेवा संकल्प अभियान:- 2026

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। 

#सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan  #शहडोल #shahdol
सेवा संकल्प अभियान:- 2026
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेलकूद की गतिविधियों को निरंतर किया जा रहा प्रोत्साहित। 
#सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan  #शहडोल #shahdol
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा। वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए। ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा। वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
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    ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार

कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग

ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा।

वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
ग्राम खारी में सड़क निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार
कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन को मजबूर ग्रामीण, सड़क निर्माण की उठी मांग
ब्यौहारी/शहडोल। जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत खारी में सड़क सुविधा की समस्या को लेकर ग्रामीणों में परेशानी बनी हुई है। गांव में सड़क का अभाव होने के कारण बारिश के दौरान रास्तों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से अपील करते हुए ग्राम खारी में जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा।
वहीं, गांव की सड़क समस्या को लेकर विकास कार्यों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित जनप्रतिनिधि और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम खारी में सड़क निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान किया जाए।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 5 दिनों तक गजराज उड़ाएंगे मौज हांथी महोत्सव उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 5 दिनों तक गजराज उड़ाएंगे मौज। बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आज से जंगल के सबसे बड़े सेवकों का सम्मान शुरू हो रहा है बांधवगढ़ में गुरुवार से 5 दिवसीय हाथी महोत्सव की शुरुआत हो रही है इस बार खास बात ये है कि ये महोत्सव ताला गेट में नहीं बल्कि परासी गेट में मनाया जा रहा है जिसमें बांधवगढ़ के 15 हाथी मे से 9 हाथी शामिल हुए है प्रतिवर्ष हाथी महोत्सव का आयोजन हाथियों के सम्मान और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है इस बार ये महोत्सव 24 सितंबर से 28 सितंबर तक चलेगा आयोजन को लेकर धमोखर बफर परिक्षेत्र के परासी गेट में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं महोत्सव के दौरान 5 दिनों तक हाथियों से कोई भी काम नहीं लिया जाएगा रोज सुबह सभी हाथियों को नहलाने के बाद चंदन का टीका और तेल से मालिश की जाएगी पशु चिकित्सकों की विशेष टीम उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेगी वहीं उनके मनपसंद आहार के तौर पर केला, सेब, गन्ना, नारियल, अमरूद, गुड़ और रोटी दी जाएगी पूरे दिन उन्हें जंगल में मौजमस्ती के लिए खुला छोड़ा जाएगा BTR में हाथियों की भूमिका बेहद अहम है जहाँ गाड़ियां नहीं पहुंच पाती वहाँ रेस्क्यू गश्त और घायल वन्यजीवों तक पहुंचने के लिए इन्हीं हाथियों की मदद ली जाती है इस बार आयोजन स्थल बदलने के पीछे प्रबंधन का उद्देश्य परासी और बफर जोन के ग्रामीणों को भी इस उत्सव से जोड़ना है ताकि जंगली हाथियों के व्यवहार को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ सके बांधवगढ़ का ये वार्षिक हाथी उत्साह हर वर्ष पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
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    उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 5 दिनों तक गजराज उड़ाएंगे मौज हांथी महोत्सव 
उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 5 दिनों तक गजराज उड़ाएंगे मौज।
बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आज से जंगल के सबसे बड़े सेवकों का सम्मान शुरू हो रहा है बांधवगढ़ में गुरुवार से 5 दिवसीय हाथी महोत्सव की शुरुआत हो रही है इस बार खास बात ये है कि ये महोत्सव ताला गेट में नहीं बल्कि परासी गेट में मनाया जा रहा है जिसमें बांधवगढ़ के 15 हाथी मे से 9 हाथी शामिल हुए है प्रतिवर्ष हाथी महोत्सव का आयोजन हाथियों के सम्मान और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है इस बार ये महोत्सव 24 सितंबर से 28 सितंबर तक चलेगा आयोजन को लेकर धमोखर बफर परिक्षेत्र के परासी गेट में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं महोत्सव के दौरान 5 दिनों तक हाथियों से कोई भी काम नहीं लिया जाएगा रोज सुबह सभी हाथियों को नहलाने के बाद चंदन का टीका और तेल से मालिश की जाएगी पशु चिकित्सकों की विशेष टीम उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेगी वहीं उनके मनपसंद आहार के तौर पर केला, सेब, गन्ना, नारियल, अमरूद, गुड़ और रोटी दी जाएगी पूरे दिन उन्हें जंगल में मौजमस्ती के लिए खुला छोड़ा जाएगा BTR में हाथियों की भूमिका बेहद अहम है जहाँ गाड़ियां नहीं पहुंच पाती वहाँ रेस्क्यू गश्त और घायल वन्यजीवों तक पहुंचने के लिए इन्हीं हाथियों की मदद ली जाती है इस बार आयोजन स्थल बदलने के पीछे प्रबंधन का उद्देश्य परासी और बफर जोन के ग्रामीणों को भी इस उत्सव से जोड़ना है ताकि जंगली हाथियों के व्यवहार को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ सके बांधवगढ़ का ये वार्षिक हाथी उत्साह हर वर्ष पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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