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टीकमगढ़ जिला अस्पताल के पीएम हाउस के समीप गंदगी का अंबार देखा गया है। अस्पताल परिसर में इस तरह से गंदगी जमा होने की बात सामने आई है।
Jamil khan
टीकमगढ़ जिला अस्पताल के पीएम हाउस के समीप गंदगी का अंबार देखा गया है। अस्पताल परिसर में इस तरह से गंदगी जमा होने की बात सामने आई है।
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- टीकमगढ़ में एक तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकराकर अनियंत्रित हो गई, जिससे बाइक चालक राहुल रजक (35, निवासी चकरा तिगैला) की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठा एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डिवाइडर पर लगी लोहे की नुकीली पत्तियों से टकराने के कारण चोटें और भी बढ़ गईं। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोग सड़क पर जमा हो गए और प्रशासन से इन जानलेवा नुकीली संरचनाओं को तुरंत हटाने की मांग की। लोगों का कहना है कि ये पत्तियां 'मौत का जाल' बन चुकी हैं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, जिला प्रशासन से डिवाइडरों को सुरक्षित बनाने की मांग अब और तेज हो गई है।1
- टीकमगढ़ शहर में बुधवार देर रात ईदगाह और व्हाइट हाउस होटल के पास एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जिसकी पहचान राहुल रजक के रूप में की गई है। वहीं, एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस द्वारा जिला अस्पताल ले जाया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले में साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपील जारी की गई है। जिले के अधीक्षक महोदय एसपी मनोहर मंडलोई जी के निर्देशानुसार, नागरिकों से साइबर क्राइम और ठगी के प्रति सावधान तथा सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।1
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल के पीएम हाउस के समीप गंदगी का अंबार देखा गया है। अस्पताल परिसर में इस तरह से गंदगी जमा होने की बात सामने आई है।1
- कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने क्षेत्रीय नागरिकों को साइबर सुरक्षा और जागरूकता के संबंध में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने अपील की है कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई है। कलेक्टर ने नागरिकों को विशेष रूप से सलाह दी है कि वे किसी भी संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर जल्दबाजी में भरोसा न करें। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।1