Sonipat News: पेट्रोल पंप पर कैट फाइट पहली बार देखा! हिस्ट्री बन गई एक पेट्रोल पंप पर उस वक्त अजीबोगरीब माहौल पेट्रोल पंप पर कैट फाइट पहली बार देखा! हिस्ट्री बन गई एक पेट्रोल पंप पर उस वक्त अजीबोगरीब माहौल बन गया, जब पेट्रोल भरवाने को लेकर दो लड़कियां आपस में भिड़ गईं। मामूली सी बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई और आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लाइन में पहले किसका नंबर है इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही मिनटों में मामला इतना गरमा गया कि वहां खड़े लोग वीडियो बनाने लगे और सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हो गई।“अंत में लड़कों का भी झगड़ा शुरू हो गया " स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के साथ आए लड़के भी इस विवाद में कूद पड़े। इसके बाद पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर यूजर्स तरह-तरह के मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं। “अजय देवगन एंट्री चाहिए थी तो ड्रामा पूरा हो जाता " “पीक मेल कंटेंट”, “एपिक", "यून
Sonipat News: पेट्रोल पंप पर कैट फाइट पहली बार देखा! हिस्ट्री बन गई एक पेट्रोल पंप पर उस वक्त अजीबोगरीब माहौल पेट्रोल पंप पर कैट फाइट पहली बार देखा! हिस्ट्री बन गई एक पेट्रोल पंप पर उस वक्त अजीबोगरीब माहौल बन गया, जब पेट्रोल भरवाने को लेकर दो लड़कियां आपस में भिड़ गईं। मामूली सी बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई और आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लाइन में पहले किसका नंबर है इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही मिनटों में मामला इतना गरमा गया कि वहां खड़े लोग वीडियो बनाने लगे और सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हो गई।“अंत में लड़कों का भी झगड़ा शुरू हो गया " स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के साथ आए लड़के भी इस विवाद में कूद पड़े। इसके बाद पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर यूजर्स तरह-तरह के मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं। “अजय देवगन एंट्री चाहिए थी तो ड्रामा पूरा हो जाता " “पीक मेल कंटेंट”, “एपिक", "यून
- सहायक पुलिस आयुक्त गन्नौर ऋषिकांत के नेतृत्व में गन्नौर शहर के प्रमुख बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक पैदल मार्च किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा आमजन के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को भी सुना। पैदल मार्च के दौरान सड़कों पर अवैध रूप से वाहन खड़े करने वाले चालकों को समझाइश देकर वाहन हटवाए गए। साथ ही सड़क पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को भविष्य में अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने एवं कानून-व्यवस्था कायम रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।1
- पेट्रोल पंप पर कैट फाइट पहली बार देखा! हिस्ट्री बन गई एक पेट्रोल पंप पर उस वक्त अजीबोगरीब माहौल बन गया, जब पेट्रोल भरवाने को लेकर दो लड़कियां आपस में भिड़ गईं। मामूली सी बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई और आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लाइन में पहले किसका नंबर है इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही मिनटों में मामला इतना गरमा गया कि वहां खड़े लोग वीडियो बनाने लगे और सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हो गई।“अंत में लड़कों का भी झगड़ा शुरू हो गया " स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के साथ आए लड़के भी इस विवाद में कूद पड़े। इसके बाद पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर यूजर्स तरह-तरह के मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं। “अजय देवगन एंट्री चाहिए थी तो ड्रामा पूरा हो जाता " “पीक मेल कंटेंट”, “एपिक", "यून1
- ममता दीदी को टाटा बाय बाय किया शाह ने, ममता का जवाब मैं नहीं डरती, अखिलेश टैक्टर से निकले चुनाव मैदान में, मंत्रीजी के रूट से महिला परेशान, लखनऊ में सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन और पुलिस पर पथराव.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर...1
- दिल्ली के रोहिणी इलाके में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एक कुख्यात गैंग के शूटर के बीच मंगलवार देर रात को मुठभेड़ हो गई. यह मुठभेड़ बाहरी उत्तरी दिल्ली के शाहबाद डेरी थाना अंतर्गत रोहिणी सेक्टर-36 में हुआ, जहां पुलिस की स्पेशल सेल की टीम पहले से ही इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी. दरअसल स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्या ने जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल सेल की टीम लगातार हार्डकोर क्रिमिनल और गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ धरपकड़ अभियान चला रही है. इसी फेहरिस्त में एसीपी पुरन पंत के सुपरविजन में इंस्पेक्टर संदीप डबास के नेतृत्व वाली टीम को एक सूचना मिली थी कि टिल्लू ताजपुरिया गैंग का एक सक्रिय शूटर रोहिणी सेक्टर 36 की ओर आने वाला है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध की पहचान होते ही उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया. बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों ओर से करीब आधा दर्जन राउंड गोलियां चलीं।. घायल शूटर की पहचान रॉबिन के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी रॉबिन पहले से हत्या के मामले में सजा काट रहा था, लेकिन वह पेरोल जंप कर फरार हो गया था. इसके बाद से ही पुलिस को लगातार इसकी तलाश थी. मुठभेड़ के बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है. इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे इलाके में सक्रिय गैंग नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ सकता है.1
- उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में वे दो अंकों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएंगे। पश्चिम बंगाल में तो शायद वे अपना खाता भी न खोल पाएं और असम में कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। ममता दीदी आप इसी कांग्रेस के साथ बैठी हैं। आपकी स्थिति भी और बिगड़ने वाली है।" उन्होंने आगे कहा, "ममता बनर्जी राम मंदिर बनाने का विरोध करती थीं...वो हुमायूं कबीर के नाम से बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाना चाहती हैं...आप चिंता मत करो, मैं यह कह रहा हूं कि ममता दीदी, आप जितनी मर्ज़ी कोशिश कर लें, भाजपा बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देगी…"1
- मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?" कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?" कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं? आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल: लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं? अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था। भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा? रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा? निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट— विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज1
- नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत विपक्ष पर जमकर बरसीं, नजफगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद कमलजीत सहरावत ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर बिल को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका हक देने की पहल को रोकना महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। सहरावत ने यह भी कहा कि मातृशक्ति जल्द ही विपक्ष को इसका जवाब देगी कमलजीत सहरावत ने दावा किया कि देशभर की महिलाओं में विपक्ष के खिलाफ भारी रोष है।1
- मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली दिव्यांका, फिलहाल गाजियाबाद में अपने माता-पिता और दादी के साथ रह रही थीं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई की थी। इसके बाद सिक्किम से एमबीए किया था। उनके परिवार में उनके भाई हिमांशु और बहनें दीपांशु और जसमीत हैं।1