जालौन के उरई स्थित गोहन थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एसओजी सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी आशिफ के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस ने मौके से पकड़ लिया और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। उसका साथी उदल अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिस टीम ने पीछा कर दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी हाल ही में हुई बकरी चोरी और मारपीट की वारदात में वांछित थे। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि घायल आरोपी आशिफ का आपराधिक इतिहास है और वह पहले भी गो-तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ गोहन थाना क्षेत्र के एक पशुपालक के साथ मारपीट कर उसकी तीन बकरियां एक वाहन में लादकर चोरी कर ली थीं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इन आरोपियों को पकड़ा। फिलहाल, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में एसओजी प्रभारी रिंकू चौधरी, गोहन थाना प्रभारी सतीश कुमार कुशवाहा, सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस के अन्य अधिकारी तथा जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
जालौन के उरई स्थित गोहन थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एसओजी सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी आशिफ के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस ने मौके से पकड़ लिया और उपचार के लिए
जिला अस्पताल भेजा। उसका साथी उदल अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिस टीम ने पीछा कर दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी हाल ही में हुई बकरी चोरी और मारपीट की वारदात में वांछित थे। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि घायल आरोपी आशिफ का आपराधिक इतिहास है और वह पहले भी गो-तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले उसने
अपने तीन अन्य साथियों के साथ गोहन थाना क्षेत्र के एक पशुपालक के साथ मारपीट कर उसकी तीन बकरियां एक वाहन में लादकर चोरी कर ली थीं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इन आरोपियों को पकड़ा। फिलहाल, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में फरार चल रहे दो
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में एसओजी प्रभारी रिंकू चौधरी, गोहन थाना प्रभारी सतीश कुमार कुशवाहा, सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस के अन्य अधिकारी तथा जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
- जालौन के डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली गांव में शनिवार को किसानों की चौकसी के चलते कथित केबल चोरों की एक और कोशिश नाकाम हो गई। ग्रामीणों ने ट्यूबवेल की बिजली की केबल काटते हुए दो युवकों को मौके पर ही धर दबोचा और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, बंधौली गांव में लंबे समय से ट्यूबवेलों की केबल चोरी की घटनाएं लगातार हो रही थीं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था और सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसी कारण ग्रामीण पहले से ही विशेष निगरानी रख रहे थे। शनिवार को दो युवक एक रिक्शा लेकर गांव में दाखिल हुए और एक ट्यूबवेल की केबल काटने लगे। तभी एक ग्रामीण की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद ट्यूबवेल मालिक सहित कई ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंच गए और दोनों युवकों को पकड़ लिया। ग्रामीणों का दावा है कि पूछताछ में दोनों युवकों ने अपने नाम शिवम और आनंद बताए और खुद को उरई स्थित एस.आर. इंटर कॉलेज के पास का निवासी बताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये दोनों युवक पूर्व में हुई केबल चोरी की घटनाओं में भी शामिल हो सकते हैं। सूचना मिलने पर डकोर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है, और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह उल्लेख किया गया है कि दोनों युवक फिलहाल कथित आरोपी हैं और उनके खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- जालौन के जगम्मनपुर स्थित जुहीखा पुल पर एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा अपनी बाइक, कपड़े और एक डायरी छोड़कर यमुना नदी में कूदने की आशंका से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने मौके पर लावारिस हालत में बाइक और अन्य सामान पड़े देखे, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खोजापुर, थाना कुठौंद निवासी राजू (65 वर्ष) पुत्र बाबूराम अपनी बाइक संख्या UP92J 6494 से निकले थे। उनकी यह बाइक, कपड़े और डायरी जुहीखा पुल के पास संदिग्ध परिस्थितियों में पाई गई, जिससे उनके नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी अम्बुज सिंह और रामपुरा थाना प्रभारी शिव प्रकाश अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और स्थानीय जानकारी के आधार पर बुजुर्ग की पहचान औरैया मंडी के एक व्यापारी के रूप में हुई। पुलिस ने बुजुर्ग के परिजनों को इस घटना की जानकारी दे दी है, जिसके बाद से परिजनों में गहरी चिंता का माहौल है। यमुना नदी में उनकी संभावित तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। समाचार लिखे जाने तक बुजुर्ग का कोई पता नहीं चल सका था और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है, वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।1
- जालौन के रामपुरा क्षेत्र में स्थित जुहीखा पुल पर शनिवार शाम एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल, कपड़े और एक डायरी लावारिस अवस्था में मिली। घटनास्थल पर मिले संकेतों को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग ने यमुना नदी में छलांग लगा दी है। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू करते हुए नदी में तलाश अभियान प्रारंभ किया। जानकारी के अनुसार, कुठौंद थाना क्षेत्र के खोजापुर गाँव निवासी राजू पुत्र बाबूराम (65) अपनी बाइक (संख्या UP92 J 6494) से घर से निकले थे, जिसके कुछ देर बाद ही उनकी बाइक, कपड़े और डायरी पुल पर संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े मिले। राहगीरों और ग्रामीणों ने लावारिस सामान देखकर पुलिस को सूचित किया था।1
- जालौन के उरई स्थित गोहन थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एसओजी सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी आशिफ के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस ने मौके से पकड़ लिया और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। उसका साथी उदल अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिस टीम ने पीछा कर दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी हाल ही में हुई बकरी चोरी और मारपीट की वारदात में वांछित थे। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि घायल आरोपी आशिफ का आपराधिक इतिहास है और वह पहले भी गो-तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ गोहन थाना क्षेत्र के एक पशुपालक के साथ मारपीट कर उसकी तीन बकरियां एक वाहन में लादकर चोरी कर ली थीं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इन आरोपियों को पकड़ा। फिलहाल, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में एसओजी प्रभारी रिंकू चौधरी, गोहन थाना प्रभारी सतीश कुमार कुशवाहा, सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस के अन्य अधिकारी तथा जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।4
- जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नाहिली में ग्राम प्रधान ने वर्षों से जमी गंदगी को हटाकर तालाब को साफ करवाया। यह पहल कुठौंद थाना क्षेत्र के गाँव में की गई, जिससे तालाब में जमा सालों की गंदगी दूर हो गई है।1
- जालौन जिले की जालौन कोतवाली में आज अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 14 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।1
- शासन की मंशा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, शनिवार को जालौन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल शासन की मंशा और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों के अनुरूप आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, कर्मचारियों को आग लगने पर तत्काल सूचना देने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अग्निशमन यंत्रों का सही ढंग से उपयोग करने और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम तथा सतर्कता बनाए रखने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु, डॉ. प्रियम यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, सचिन गुप्ता, लोकेन्द्र पाल एवं जितेंद्र राठौर ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। सुरक्षा व्यवस्था में सिक्योरिटी कर्मी अवधेश, दीपक और परशुराम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराए बिना निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही कार्य करें।1
- जालौन जिले में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि उसके एक साथी को पुलिस ने घेराबंदी करके मौके से दबोच लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक ब्लेडनुमा चाकू बरामद किया है। जालौन के अपर पुलिस अधीक्षक आईपीएस डॉक्टर ईशान सोनी के अनुसार, 26 जून की रात एसओजी/सर्विलांस टीम और थाना गोहन पुलिस अपने क्षेत्र में अपराधियों की तलाश और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी रसूलपुर से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग से गुजरने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया था, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।1