गुरुजनों के सम्मान में झुके शीश, गीत-कव्वाली से सजा शिक्षक दिवस समारोह गुरुजनों के सम्मान में झुके शीश, गीत-कव्वाली से सजा शिक्षक दिवस समारोह एटा। क्रिश्चियन एग्रीकल्चर इंटर कॉलेज में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गान के साथ हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार प्रसाद ने मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने गीत, भाषण, कव्वाली सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। विद्यार्थियों ने अध्यापकों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब कक्षा 12 के छात्र कृष्ण गुप्ता ने विद्यालय के सभी अध्यापकों का सम्मान करते हुए उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुजनों के प्रति विद्यार्थी की इस श्रद्धा ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उपस्थित लोगों ने कृष्ण गुप्ता के इस संस्कार की सराहना की। कृषि शिक्षा में रोजगार की अपार संभावनाएं : एडीएम मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और बदलते समय में कृषि शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और रोजगार की नई संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज कृषि केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, कृषि अनुसंधान, मृदा परीक्षण, उन्नत बीज, जैविक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि यंत्रों, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, कृषि व्यवसाय और कृषि आधारित उद्योगों में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कहा कि कृषि शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सरकारी सेवाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी बेहतर करियर बना सकते हैं तथा कृषि आधारित अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी रखने वाले कृषि विशेषज्ञों की मांग और बढ़ेगी। विद्यार्थियों को खेती के साथ-साथ नई तकनीकों, डिजिटल कृषि, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, कृषि मशीनरी, फसल प्रबंधन, कृषि उत्पादों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग तथा बाजार की जानकारी हासिल करनी चाहिए। इससे वे कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकते हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान कर उनका नाम रोशन करने का आह्वान किया। कृषि के साथ खुलते हैं रोजगार के कई रास्ते : संजीव-अश्वनी लाल कक्षा 12 के विद्यार्थियों के क्लास टीचर संजीव एवं अश्वनी लाल ने भी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थियों के सामने करियर के अनेक विकल्प होते हैं और सही समय पर लक्ष्य निर्धारित करना सफलता के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि एग्रीकल्चर विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के कई रास्ते खुलते हैं। कृषि के क्षेत्र में केवल किसान बनकर ही नहीं, बल्कि कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, कृषि तकनीकी विशेषज्ञ, कृषि प्रसार अधिकारी, बीज एवं उर्वरक क्षेत्र, कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, बैंकिंग एवं कृषि ऋण, बीमा, अनुसंधान तथा कृषि आधारित निजी कंपनियों में भी करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़ी शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए कृषि विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में प्रवेश लेकर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं में जाने के अवसर भी उपलब्ध हैं। संजीवअश्वनी लाल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल परीक्षा पास करने तक अपनी पढ़ाई सीमित न रखें, बल्कि विषय की व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त करें। खेत की मिट्टी, फसल, मौसम, सिंचाई, बीज, कीट नियंत्रण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भविष्य में उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कृषि आज रोजगार देने वाला क्षेत्र भी है और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का मजबूत माध्यम भी। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ नई तकनीक और बाजार की समझ विकसित करें तो वे कृषि को आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने, समय का सदुपयोग करने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी। कहा कि विद्यार्थी जीवन में प्राप्त ज्ञान और संस्कार ही भविष्य में सफलता की मजबूत नींव तैयार करते हैं। पूर्व छात्र ने साझा किए विद्यालय के अनुभव विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. कमलकांत ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि विद्यालय में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन और संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपना लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और असफलताओं से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर प्रयास, धैर्य और सही दिशा में मेहनत करने से प्राप्त होती है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर का चयन करना चाहिए। गुरुजनों का सम्मान जीवन का सबसे बड़ा संस्कार : प्रधानाचार्य प्रधानाचार्य विनय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा माता-पिता और गुरुजनों का सदैव सम्मान करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में सही और गलत का अंतर समझाकर सही दिशा दिखाने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों को अपने जीवन में उतारने तथा विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव महि ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता संजीव, अश्वनी लाल, देवेंद्र एच, प्रभात, ललित नॉक्स, स्वाभित हर्बर्ट, विशाल लाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र विवेक यादव द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा एवं अन्य पुस्तकों का विमोचन भी मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य ने किया।
गुरुजनों के सम्मान में झुके शीश, गीत-कव्वाली से सजा शिक्षक दिवस समारोह गुरुजनों के सम्मान में झुके शीश, गीत-कव्वाली से सजा शिक्षक दिवस समारोह एटा। क्रिश्चियन एग्रीकल्चर इंटर कॉलेज में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गान के साथ हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार प्रसाद ने मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने गीत, भाषण, कव्वाली सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। विद्यार्थियों ने अध्यापकों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब कक्षा 12 के छात्र कृष्ण गुप्ता ने विद्यालय के सभी अध्यापकों का सम्मान करते हुए उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुजनों के प्रति विद्यार्थी की इस श्रद्धा ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उपस्थित लोगों ने कृष्ण गुप्ता के इस संस्कार की सराहना की। कृषि शिक्षा में रोजगार की अपार संभावनाएं : एडीएम मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और बदलते समय में कृषि शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और रोजगार की नई संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज कृषि केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, कृषि
अनुसंधान, मृदा परीक्षण, उन्नत बीज, जैविक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि यंत्रों, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, कृषि व्यवसाय और कृषि आधारित उद्योगों में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कहा कि कृषि शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सरकारी सेवाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी बेहतर करियर बना सकते हैं तथा कृषि आधारित अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी रखने वाले कृषि विशेषज्ञों की मांग और बढ़ेगी। विद्यार्थियों को खेती के साथ-साथ नई तकनीकों, डिजिटल कृषि, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, कृषि मशीनरी, फसल प्रबंधन, कृषि उत्पादों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग तथा बाजार की जानकारी हासिल करनी चाहिए। इससे वे कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकते हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान कर उनका नाम रोशन करने का आह्वान किया। कृषि के साथ खुलते हैं रोजगार के कई रास्ते : संजीव-अश्वनी लाल कक्षा 12 के विद्यार्थियों के क्लास टीचर संजीव एवं अश्वनी लाल ने भी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थियों के सामने करियर के अनेक विकल्प होते हैं और सही समय पर लक्ष्य निर्धारित करना सफलता के लिए
बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि एग्रीकल्चर विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के कई रास्ते खुलते हैं। कृषि के क्षेत्र में केवल किसान बनकर ही नहीं, बल्कि कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, कृषि तकनीकी विशेषज्ञ, कृषि प्रसार अधिकारी, बीज एवं उर्वरक क्षेत्र, कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, बैंकिंग एवं कृषि ऋण, बीमा, अनुसंधान तथा कृषि आधारित निजी कंपनियों में भी करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़ी शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए कृषि विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में प्रवेश लेकर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं में जाने के अवसर भी उपलब्ध हैं। संजीवअश्वनी लाल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल परीक्षा पास करने तक अपनी पढ़ाई सीमित न रखें, बल्कि विषय की व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त करें। खेत की मिट्टी, फसल, मौसम, सिंचाई, बीज, कीट नियंत्रण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भविष्य में उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कृषि आज रोजगार देने वाला क्षेत्र भी है और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का मजबूत माध्यम भी। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ नई तकनीक और बाजार की समझ विकसित करें तो वे कृषि को आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने, समय का सदुपयोग करने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी। कहा कि विद्यार्थी जीवन में प्राप्त ज्ञान और संस्कार ही
भविष्य में सफलता की मजबूत नींव तैयार करते हैं। पूर्व छात्र ने साझा किए विद्यालय के अनुभव विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. कमलकांत ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि विद्यालय में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन और संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपना लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और असफलताओं से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर प्रयास, धैर्य और सही दिशा में मेहनत करने से प्राप्त होती है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर का चयन करना चाहिए। गुरुजनों का सम्मान जीवन का सबसे बड़ा संस्कार : प्रधानाचार्य प्रधानाचार्य विनय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा माता-पिता और गुरुजनों का सदैव सम्मान करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में सही और गलत का अंतर समझाकर सही दिशा दिखाने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों को अपने जीवन में उतारने तथा विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव महि ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता संजीव, अश्वनी लाल, देवेंद्र एच, प्रभात, ललित नॉक्स, स्वाभित हर्बर्ट, विशाल लाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र विवेक यादव द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा एवं अन्य पुस्तकों का विमोचन भी मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य ने किया।
- 🚨 जनपद कासगंज की सड़कों पर रात में लकड़ी का खेल #वनविभाग #लकड़ी जनपद कासगंज की सड़कों पर लकड़ी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली/वाहन लगातार दौड़ते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय भर-भरकर लकड़ी ले जाने का काम चल रहा है। लोगों का सवाल है कि क्या वन विभाग की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है? या फिर इन वाहनों के पास लकड़ी परिवहन से संबंधित सभी जरूरी कागजात और अनुमति मौजूद है? मामले की निष्पक्ष जांच कर वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 📍 जनपद कासगंज 🔴 भारत मानव 24 NEWS सच के साथ, जनता की आवाज़ #Kasganj #KasganjNews #KasganjPolice #ForestDepartment #WoodTransport #UPNews #BreakingNews #कासगंज #वनविभाग #लकड़ी #BharatManav24News4
- गुरुजनों के सम्मान में झुके शीश, गीत-कव्वाली से सजा शिक्षक दिवस समारोह गुरुजनों के सम्मान में झुके शीश, गीत-कव्वाली से सजा शिक्षक दिवस समारोह एटा। क्रिश्चियन एग्रीकल्चर इंटर कॉलेज में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गान के साथ हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार प्रसाद ने मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने गीत, भाषण, कव्वाली सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। विद्यार्थियों ने अध्यापकों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब कक्षा 12 के छात्र कृष्ण गुप्ता ने विद्यालय के सभी अध्यापकों का सम्मान करते हुए उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुजनों के प्रति विद्यार्थी की इस श्रद्धा ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उपस्थित लोगों ने कृष्ण गुप्ता के इस संस्कार की सराहना की। कृषि शिक्षा में रोजगार की अपार संभावनाएं : एडीएम मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और बदलते समय में कृषि शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और रोजगार की नई संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज कृषि केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, कृषि अनुसंधान, मृदा परीक्षण, उन्नत बीज, जैविक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि यंत्रों, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, कृषि व्यवसाय और कृषि आधारित उद्योगों में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कहा कि कृषि शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सरकारी सेवाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी बेहतर करियर बना सकते हैं तथा कृषि आधारित अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी रखने वाले कृषि विशेषज्ञों की मांग और बढ़ेगी। विद्यार्थियों को खेती के साथ-साथ नई तकनीकों, डिजिटल कृषि, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, कृषि मशीनरी, फसल प्रबंधन, कृषि उत्पादों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग तथा बाजार की जानकारी हासिल करनी चाहिए। इससे वे कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकते हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान कर उनका नाम रोशन करने का आह्वान किया। कृषि के साथ खुलते हैं रोजगार के कई रास्ते : संजीव-अश्वनी लाल कक्षा 12 के विद्यार्थियों के क्लास टीचर संजीव एवं अश्वनी लाल ने भी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थियों के सामने करियर के अनेक विकल्प होते हैं और सही समय पर लक्ष्य निर्धारित करना सफलता के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि एग्रीकल्चर विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के कई रास्ते खुलते हैं। कृषि के क्षेत्र में केवल किसान बनकर ही नहीं, बल्कि कृषि वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, कृषि तकनीकी विशेषज्ञ, कृषि प्रसार अधिकारी, बीज एवं उर्वरक क्षेत्र, कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि विपणन, बैंकिंग एवं कृषि ऋण, बीमा, अनुसंधान तथा कृषि आधारित निजी कंपनियों में भी करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़ी शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए कृषि विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में प्रवेश लेकर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं में जाने के अवसर भी उपलब्ध हैं। संजीवअश्वनी लाल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल परीक्षा पास करने तक अपनी पढ़ाई सीमित न रखें, बल्कि विषय की व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त करें। खेत की मिट्टी, फसल, मौसम, सिंचाई, बीज, कीट नियंत्रण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भविष्य में उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कृषि आज रोजगार देने वाला क्षेत्र भी है और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का मजबूत माध्यम भी। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ नई तकनीक और बाजार की समझ विकसित करें तो वे कृषि को आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने, समय का सदुपयोग करने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी। कहा कि विद्यार्थी जीवन में प्राप्त ज्ञान और संस्कार ही भविष्य में सफलता की मजबूत नींव तैयार करते हैं। पूर्व छात्र ने साझा किए विद्यालय के अनुभव विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. कमलकांत ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि विद्यालय में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन और संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपना लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और असफलताओं से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर प्रयास, धैर्य और सही दिशा में मेहनत करने से प्राप्त होती है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर का चयन करना चाहिए। गुरुजनों का सम्मान जीवन का सबसे बड़ा संस्कार : प्रधानाचार्य प्रधानाचार्य विनय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा माता-पिता और गुरुजनों का सदैव सम्मान करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में सही और गलत का अंतर समझाकर सही दिशा दिखाने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों को अपने जीवन में उतारने तथा विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव महि ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता संजीव, अश्वनी लाल, देवेंद्र एच, प्रभात, ललित नॉक्स, स्वाभित हर्बर्ट, विशाल लाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र विवेक यादव द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा एवं अन्य पुस्तकों का विमोचन भी मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी रमेश कुमार मौर्य ने किया।4
- बिग ब्रेकिंग न्यूज़ बदायूं में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मची धूम, बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला भजनों पर थिरकती हुई नजर आईं, वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है।1
- मैनपुरी –मामला मैनपुरी के सुदिति ग्लोबल एकेडमी का है। रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 9 के छात्र वंश कश्यप की 22 नवंबर 2025 को स्कूल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। स्कूल प्रबंधन की ओर से मौत को ऊंचाई से गिरने से बताया गया, जबकि परिजन इस दावे पर सवाल उठाते हुए हत्या का आरोप और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 से वंश के माता-पिता मैनपुरी के तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल/धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में आरोपियों की गिरफ्तारी और स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। सीओ सिटी ने परिजनों से बातचीत कर धरना समाप्त करने का प्रयास भी किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर कायम रहे।1
- लेखपाल पर गंभीर आरोप,तहसील परिसर में ग्रामीणों का तख्ती लेकर प्रदर्शन,निष्पक्ष जांच की मांग। *करहल,मैनपुरी।* करहल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अंडनी के मजरा नगला कंश व नगला खुशाल के ग्रामीणों ने एक लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण करहल तहसील परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल द्वारा उनके कार्यों में लापरवाही और मनमानी की जा रही है,जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा।1
- The SRCC flex is real. Its alumni are the OGs who have made a mark across fields. The SRCC flex is real. Its alumni are the OGs who have made a mark across fields.1
- नमस्कार, जीडी न्यूज नेटवर्क में आपका स्वागत है। मैनपुरी से इस वक्त एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहाँ सुदिति ग्लोबल एकेडमी में कक्षा 9 के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद न्याय की गुहार तेज हो गई है। 22 नवंबर को रोजाना की तरह स्कूल गया 14 वर्षीय वंश अचानक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के 10 महीने बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने को मजबूर है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में लीपापोती कर रहे हैं और घटना की वास्तविक जांच नहीं की जा रही है। छात्र के पिता केशव कश्यप और माता ज्योति कश्यप का कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर से निकला था, लेकिन स्कूल परिसर के अंदर उसके साथ गंभीर अनहोनी हुई। स्कूल प्रबंधन द्वारा घटना की सही जानकारी न देना और सीसीटीवी फुटेज न दिखाना मामले को और अधिक संदिग्ध बनाता है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मुख्य रूप से दो ही प्रमुख मांगें हैं—पहली, सुदिति ग्लोबल एकेडमी की मान्यता तुरंत रद्द की जाए और दूसरी, स्कूल मालिक तथा आरोपी क्लास टीचर अमित माथुर और लवमोहन को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। मामले ने आज उस वक्त बड़ा मोड़ ले लिया जब 7 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे वंश कश्यप के माता-पिता, परिवारजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भूख हड़ताल के लिए तिकोनिया पार्क कलेक्ट्रेट मैनपुरी में प्रवेश करने लगे। वहाँ पहले से मौजूद मैनपुरी कोतवाली इंस्पेक्टर फतेह बहादुर सिंह और सिविल लाइन चौकी इंचार्ज दिनेश चंद्र ने पुलिस बल के साथ उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित परिवार अपनी दोनों मांगों पर अड़ा रहा। इसके कुछ देर बाद सीओ सिटी मैनपुरी अशोक कुमार सिंह भी मौके पर पहुँचे और अनशन समाप्त कराने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों द्वारा 3 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने का आश्वासन दिया गया, परंतु इसके बावजूद पीड़ित परिवार स्कूल की मान्यता रद्द करने और स्कूल मालिक को सीधे जेल भेजने की अपनी जिद पर अड़ा रहा और अनशन वापस लेने से साफ इंकार कर दिया। प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही कथित ढिलाई और पीड़ित परिवार के इस अभूतपूर्व संघर्ष के बीच यह सवाल बेहद गंभीर रूप धारण कर चुका है कि आखिर इस बेबस परिवार को इंसाफ कब मिलेगा। जीडी न्यूज नेटवर्क इस पूरे मामले पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगा और हर अपडेट आप तक पहुँचाता रहेगा। देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए जीडी न्यूज नेटवर्क के साथ। धन्यवाद।1
- kuarwale ke ghv 😚💔👈 बच्चों के साथ कव्वाली मार केट करने आए थे करने आए थे और बच्चों को छोड़कर चली गई उसकी मां1