डीएम से मिलने पहुंचे किसान, विधायक के खिलाफ गूंजे नारे सुरक्षा कर्मियों के रोकने पर भड़के किसान, बोले- जनता के समय में जनप्रतिनिधियों की मुलाकात क्यों शाहजहांपुर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब अपनी समस्याएं लेकर डीएम से मिलने पहुंचे किसान यूनियन से जुड़े किसानों को कार्यालय के बाहर रोक दिया गया। सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को बताया कि कार्यालय के अंदर विधायक मौजूद हैं, इसलिए कुछ देर इंतजार करना होगा। काफी देर इंतजार के बाद किसानों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान विधायक के विरोध में भी नारे लगाए गए।किसानों का कहना था कि प्रशासन ने आम जनता से मिलने के लिए सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित कर रखा है। इसके बावजूद इसी अवधि में जनप्रतिनिधियों के अधिकारियों से मिलने आने पर आम लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब जनता की समस्याएं सुनने का समय तय है तो उस दौरान अधिकारियों की प्राथमिकता आम लोगों की सुनवाई होनी चाहिए।नारेबाजी और शोर-शराबे की जानकारी मिलने पर डीएम ने किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को कार्यालय के अंदर बुलाया। उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, किसानों की नारेबाजी के चलते कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल बनी रही।
डीएम से मिलने पहुंचे किसान, विधायक के खिलाफ गूंजे नारे सुरक्षा कर्मियों के रोकने पर भड़के किसान, बोले- जनता के समय में जनप्रतिनिधियों की मुलाकात क्यों शाहजहांपुर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब अपनी समस्याएं लेकर डीएम से मिलने पहुंचे किसान यूनियन से जुड़े किसानों को कार्यालय के बाहर रोक दिया गया। सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को बताया कि कार्यालय के अंदर विधायक मौजूद हैं, इसलिए कुछ देर इंतजार करना होगा। काफी देर इंतजार के बाद किसानों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान विधायक के विरोध में भी नारे लगाए गए।किसानों का कहना था कि प्रशासन ने आम जनता से मिलने के लिए सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित कर रखा है। इसके बावजूद इसी अवधि में जनप्रतिनिधियों के अधिकारियों से मिलने आने पर आम लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब जनता की समस्याएं सुनने का समय तय है तो उस दौरान अधिकारियों की प्राथमिकता आम लोगों की सुनवाई होनी चाहिए।नारेबाजी और शोर-शराबे की जानकारी मिलने पर डीएम ने किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को कार्यालय के अंदर बुलाया। उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, किसानों की नारेबाजी के चलते कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल बनी रही।
- डीएम से मिलने पहुंचे किसान, विधायक के खिलाफ गूंजे नारे सुरक्षा कर्मियों के रोकने पर भड़के किसान, बोले- जनता के समय में जनप्रतिनिधियों की मुलाकात क्यों शाहजहांपुर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब अपनी समस्याएं लेकर डीएम से मिलने पहुंचे किसान यूनियन से जुड़े किसानों को कार्यालय के बाहर रोक दिया गया। सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को बताया कि कार्यालय के अंदर विधायक मौजूद हैं, इसलिए कुछ देर इंतजार करना होगा। काफी देर इंतजार के बाद किसानों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान विधायक के विरोध में भी नारे लगाए गए।किसानों का कहना था कि प्रशासन ने आम जनता से मिलने के लिए सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित कर रखा है। इसके बावजूद इसी अवधि में जनप्रतिनिधियों के अधिकारियों से मिलने आने पर आम लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब जनता की समस्याएं सुनने का समय तय है तो उस दौरान अधिकारियों की प्राथमिकता आम लोगों की सुनवाई होनी चाहिए।नारेबाजी और शोर-शराबे की जानकारी मिलने पर डीएम ने किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को कार्यालय के अंदर बुलाया। उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, किसानों की नारेबाजी के चलते कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल बनी रही।1
- डीएम से मिलने पहुंचे किसान, गेट पर रोका तो भड़का आक्रोश डीएम से मिलने पहुंचे किसान, गेट पर रोका तो भड़का आक्रोश विधायक के कार्यालय में होने की बात पर बढ़ा इंतजार, किसानों ने लगाए विरोध में नारे शाहजहांपुर। अपनी समस्याओं को लेकर डीएम से मिलने पहुंचे किसान यूनियन से जुड़े किसानों को मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। कार्यालय में विधायक के मौजूद होने की बात कहकर किसानों से कुछ देर इंतजार करने को कहा गया। काफी देर तक इंतजार के बाद किसानों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों के मुताबिक, वे अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात करने पहुंचे थे। डीएम कार्यालय के गेट पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। बताया गया कि कार्यालय में विधायक मौजूद हैं, इसलिए कुछ देर प्रतीक्षा करनी होगी। किसान काफी समय तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुलाकात नहीं होने पर उनमें नाराजगी बढ़ती गई। इसके बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी। मामला उस समय और गरमा गया जब कुछ किसानों ने विधायक के विरोध में भी नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति भी बनी। किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों से मिलने आए हैं और उन्हें मिलने से रोका जाना उचित नहीं है। उनका आरोप था कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने की मांग की।1
- डीएम से मिलने पहुंचे किसान, गेट पर रोका तो भड़का आक्रोश1
- ****रास्ता रोककर लाठी-डंडों से हमला, हवाई फायरिंग से दहशत*** 👉रोजा पुलिस ने चार वांछितों को दबोचा शाहजहांपुर। थाना रोजा क्षेत्र में रास्ता रोककर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से हमला करने तथा हवाई फायरिंग करने के मामले में रोजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चार लकड़ी के डंडे और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार ग्राम जमुका निवासी आदेश ने 31 अगस्त की रात पाण्डेय पेट्रोल पंप के पास रास्ता रोककर हमला करने और फायरिंग किए जाने की तहरीर दी थी। मामले में अर्जुन करिया, महेन्द्र, आरिफ, विपिन और गोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए रोजा पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी थी। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर ग्राम बल्लिया स्थित देवस्थान के पास से महेन्द्र (21), आरिफ (28), विपिन (21) और गोपी (23) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर रोजा रेलवे ग्राउंड से चार लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महेन्द्र, आरिफ और विपिन का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। महेन्द्र के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, आरिफ के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धाराओं तथा विपिन के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, जुआ अधिनियम समेत कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। कार्रवाई थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में रोजा पुलिस टीम ने की।1
- साइकिल चोर पर पुलिस का शिकंजा, 11 चोरी की साइकिलें बरामद साइकिल चोर पर पुलिस का शिकंजा, 11 चोरी की साइकिलें बरामद1
- आप देख रहे हैं तेज इंडिया न्यूज़ चैनल की सुपरफास्ट कवरेज शहीदों की नगरी शाहजहांपुर से1
- Post by ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल2
- व्यापारी महाकुंभ में शाहजहांपुर से उमड़ेगा व्यापारियों का हुजूम, सैकड़ों व्यापारी लखनऊ होंगे रवाना #व्यापारी महाकुंभ में शाहजहांपुर से उमड़ेगा व्यापारियों का हुजूम, सैकड़ों व्यापारी लखनऊ होंगे रवाना #अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 33वें स्थापना दिवस पर 3 सितंबर को राजधानी में होगा भव्य आयोजन #शाहजहांपुर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर तीन सितंबर को लखनऊ में व्यापारी महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के आह्वान पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही कई राज्यों से बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल होंगे। शाहजहांपुर से भी सैकड़ों व्यापारी महाकुंभ में अपनी भागीदारी दर्ज कराने के लिए लखनऊ पहुंचेंगे। #व्यापारी महाकुंभ को लेकर शाहजहांपुर महानगर के व्यापारियों में खासा उत्साह है। महानगर अध्यक्ष नरेंद्र शुक्ला की अगुवाई में व्यापारी अपने निजी चौपहिया वाहनों से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर महानगर के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की तथा अधिक से अधिक व्यापारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। बैठक में व्यापारी नेता श्याम मोहन मिश्रा समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों की समस्याओं, अधिकारों और हितों को मजबूती से उठाने के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है। स्थापना दिवस पर आयोजित व्यापारी महाकुंभ व्यापारियों की एकजुटता और संगठन की ताकत का बड़ा संदेश देगा। #महानगर अध्यक्ष नरेंद्र शुक्ला ने कहा कि शाहजहांपुर से बड़ी संख्या में व्यापारी लखनऊ पहुंचकर संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करेंगे। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। #व्यापारियों ने कहा कि स्थापना दिवस का यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि व्यापारी समाज की एकजुटता, संगठनात्मक शक्ति और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। शाहजहांपुर से सैकड़ों व्यापारियों के लखनऊ पहुंचने से कार्यक्रम में जिले की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी1
- ****ईवीएम की एफएलसी पर सख्ती, मोबाइल-कैमरा पर पूरी पाबंदी**डीएम शाहजहांपुर, 1 सितंबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी एफएलसी संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम एवं वीवीपैट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के तहत पूरी कराई जाएंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी हॉल में प्रवेश के लिए अधिकृत अधिकारी-कर्मचारी एवं राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को जारी पहचान-पत्र के साथ मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग के बाद प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक प्रवेश पर तलाशी ली जाएगी तथा प्रवेश और निकास का विवरण रजिस्टर में दर्ज होगा। एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन, कैमरा और स्पाई पेन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। ऐसे उपकरण हॉल के बाहर हेल्प डेस्क पर जमा कराने होंगे। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार केवल नामित निर्वाचन अधिकारियों तथा अधिकृत बीईएल/ईसीआईएल इंजीनियरों को निर्धारित कार्य के लिए मोबाइल रखने की अनुमति होगी। एफएलसी का कार्य 2 सितंबर से लगभग 20 सितंबर तक अवकाश के दिनों में भी लगातार चलेगा। एफएलसी स्थल पर सुरक्षा बल की न्यूनतम एक सेक्शन द्वारा 24 घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। एफएलसी प्रक्रिया देखने के लिए पहुंचने वाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित प्रारूप में दर्ज की जाएगी। प्रतिदिन इसकी सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई गूगल शीट पर अपडेट की जाएगी। एफएलसी पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। मॉक पोल के परिणामों का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। इसके लिए मशीनों का चयन रैंडम आधार पर होगा। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मॉक पोल देख सकेंगे और इच्छानुसार स्वयं भी मॉक पोल कर सकेंगे। इस दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर निर्धारित रजिस्टर में लिए जाएंगे। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।1