बजरंग दल की सूचना पर थाना घूरपुर गौहनिया के होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़ पुलिस के ऊपर उठ रहे सवालिया निशान प्रयागराज घूरपुर। स्वच्छ छवि वाले ग्रामीण इलाके में होटल की आड़ में चल रहे काले कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित बुदावां गांव में 'इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप' के परिसर में देह व्यापार का संदिग्ध नेटवर्क चलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक होटल परिसर के अंदर आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि होटल में अक्सर बाहर से युवतियों का आना-जाना लगा रहता था।बजरंग दल ने दी सूचना, वीडियो में भागती दिखीं युवतियां मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौहनिया पुलिस चौकी को सूचना दी और मौके पर पहुँचे। मौके पर पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में कई महिलाएं और युवक होटल परिसर से भागते हुए साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, जिससे अवैध गतिविधि की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है।सवाल नंबर जब बजरंग दल ने समय रहते पुलिस को सूचना दे दी थी, तो पुलिस के पहुँचने से पहले सभी आरोपी फरार कैसे हो गए सवाल घूरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इतने बड़े होटल में इतने दिनों से यह धंधा चल रहा था, तो स्थानीय बीट पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या इसे स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त था ग्रामीणों में भारी आक्रोश शांत ग्रामीण माहौल को दूषित करने वाली इस घटना के बाद बुदावां और गौहनिया के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर और DCP यमुनानगर से मांग की है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस होटल पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे शुरू ऐप किसकी पुष्टि नहीं करता यह जांच का विषय है।
बजरंग दल की सूचना पर थाना घूरपुर गौहनिया के होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़ पुलिस के ऊपर उठ रहे सवालिया निशान प्रयागराज घूरपुर। स्वच्छ छवि वाले ग्रामीण इलाके में होटल की आड़ में चल रहे काले कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित बुदावां गांव में 'इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप' के परिसर में देह व्यापार का संदिग्ध नेटवर्क चलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक होटल परिसर के अंदर आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि होटल में अक्सर बाहर से युवतियों का आना-जाना लगा रहता था।बजरंग दल ने दी सूचना, वीडियो में भागती दिखीं युवतियां मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौहनिया पुलिस चौकी को सूचना दी और मौके पर पहुँचे। मौके पर पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में कई महिलाएं और युवक होटल परिसर से भागते हुए साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, जिससे अवैध गतिविधि की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है।सवाल नंबर जब बजरंग दल ने समय रहते पुलिस को सूचना दे दी थी, तो पुलिस के पहुँचने से पहले सभी आरोपी फरार कैसे हो गए सवाल घूरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इतने बड़े होटल में इतने दिनों से यह धंधा चल रहा था, तो स्थानीय बीट पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या इसे स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त था ग्रामीणों में भारी आक्रोश शांत ग्रामीण माहौल को दूषित करने वाली इस घटना के बाद बुदावां और गौहनिया के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर और DCP यमुनानगर से मांग की है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस होटल पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे शुरू ऐप किसकी पुष्टि नहीं करता यह जांच का विषय है।
- TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना रिपोर्ट अजय द्विवेदी प्रयागराज Slug:TGT-PGT की पुरानी नियमावली पर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने समाप्त किया धरना डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त Anchor:प्रयागराज में शिक्षक भर्ती में पुराने नियमावली को लेकर शिक्षा निदेशालय में चल रहा छात्रों का आंदोलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है। बात दे प्रयागराज में TGT-PGT की पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थियों का बुधवार को अनशन खत्म हो गया। प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पांच सितंबर से शिमला पटेल, रोशन सरोज, प्रवीण यादव और मीना सरोज भूख हड़ताल पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TGT-PGT भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराई जाए। मंगलवार रात करीब दो घंटे तक प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बुधवार सुबह डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया फिर अनशन स्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक लिखित नोटिस नहीं मिलेगा, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। 31 अगस्त से चल रहा था धरना, सोमवार को 300 छात्रों ने घेरा शिक्षा निदेशालय अभ्यर्थियों का 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे से करीब 300 छात्रों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इससे पहले, सीएम ने लखनऊ में मंगलवार को धरना दे रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखें। एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।1
- *गौहनिया के होटल में कथित देह व्यापार का खुला खेल! पुलिस पहुंचने से पहले खाली हुआ परिसर, घूरपुर पुलिस की निगरानी पर सवाल* *वायरल वीडियो और खबर से मचा हाहाकार, चारों तरफ एक ही सवाल—इतने दिनों से कथित गतिविधियां पुलिस की निगाहों से कैसे बची रहीं?* घूरपुर, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है। *गौहनिया के होटल में कथित देह व्यापार का खुला खेल! पुलिस पहुंचने से पहले खाली हुआ परिसर, घूरपुर पुलिस की निगरानी पर सवाल* *वायरल वीडियो और खबर से मचा हाहाकार, चारों तरफ एक ही सवाल—इतने दिनों से कथित गतिविधियां पुलिस की निगाहों से कैसे बची रहीं?* घूरपुर, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।1
- बजरंग दल की सूचना पर थाना घूरपुर गौहनिया के होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़ पुलिस के ऊपर उठ रहे सवालिया निशान प्रयागराज घूरपुर। स्वच्छ छवि वाले ग्रामीण इलाके में होटल की आड़ में चल रहे काले कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित बुदावां गांव में 'इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप' के परिसर में देह व्यापार का संदिग्ध नेटवर्क चलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक होटल परिसर के अंदर आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि होटल में अक्सर बाहर से युवतियों का आना-जाना लगा रहता था।बजरंग दल ने दी सूचना, वीडियो में भागती दिखीं युवतियां मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौहनिया पुलिस चौकी को सूचना दी और मौके पर पहुँचे। मौके पर पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में कई महिलाएं और युवक होटल परिसर से भागते हुए साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, जिससे अवैध गतिविधि की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है।सवाल नंबर जब बजरंग दल ने समय रहते पुलिस को सूचना दे दी थी, तो पुलिस के पहुँचने से पहले सभी आरोपी फरार कैसे हो गए सवाल घूरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इतने बड़े होटल में इतने दिनों से यह धंधा चल रहा था, तो स्थानीय बीट पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या इसे स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त था ग्रामीणों में भारी आक्रोश शांत ग्रामीण माहौल को दूषित करने वाली इस घटना के बाद बुदावां और गौहनिया के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर और DCP यमुनानगर से मांग की है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस होटल पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे शुरू ऐप किसकी पुष्टि नहीं करता यह जांच का विषय है।1
- 2027 के पहले कोरांव विधानसभा के अंतर्गत तेंदुआ खुर्द गांव की PWD रोड 2027 के पहले नहीं बनी तो 2027 में भारतीय जनता पार्टी की तेंदुआ खुर्द गांव में बोट नहीं1
- घूरपुर क्षेत्र में होटल में कथित देह व्यापार की सूचना, बजरंग दल ने पुलिस को दी जानकारी, जांच में जुटी पुलिस होटल में कथित देह व्यापार की सूचना, बजरंग दल ने पुलिस को दी जानकारी प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के गौहनिया स्थित बुदावां गांव के एक होटल में कथित रूप से देह व्यापार संचालित होने की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि होटल परिसर में कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त दिखाई दिए। इस दौरान कुछ महिलाएं और युवतियां मौके से निकलकर भागती नजर आईं। घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।1
- मेजा क्षेत्र में बहुत तेज आंधी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले। क्यों कि धान की खेती को पानी की जरूरत थी। मेजा क्षेत्र में बहुत तेज आंधी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले। क्यों कि धान की खेती को पानी की जरूरत थी।1
- तेंदुआ खुर्द गांव में 2027 के पहले PWD रोड नहीं बनी तो 2027 में भारतीय जनता पार्टी बस्तियों में बोट मांगने ना आए कोरांव विधानसभा के अंतर्गत तेंदुआ खुर्द गांव में आजादी के बाद से किसी भी विभाग से रोड नहीं बनाई जा रही जनता जनार्दन बहुत ज्यादा भारतीय जनता पार्टी के ऊपर आक्रोश है और इस बार 2027 के चुनाव हम युवा ने ठाना है कि कोरांव विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी को हराना है1