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शीतला सप्तमी पर सुंधा माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें रानीवाड़ा । भादरिवा महीना शुरू होते ही शीतला सप्तमी के अवसर पर प्रसिद्ध सुंधा माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। वीर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहा। बड़ी संख्या में गुजरात से आए श्रद्धालु भी माता के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं, रामदेवरा दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु भी सुंधा माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गईं। पूरे दिन माता के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।
Jitendra dahiya
शीतला सप्तमी पर सुंधा माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें रानीवाड़ा । भादरिवा महीना शुरू होते ही शीतला सप्तमी के अवसर पर प्रसिद्ध सुंधा माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। वीर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहा। बड़ी संख्या में गुजरात से आए श्रद्धालु भी माता के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं, रामदेवरा दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु भी सुंधा माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गईं। पूरे दिन माता के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।
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- मंडवाड़ा में कई वर्षों बाद भील समाज की महिलाओं ने किया आठम पूजन, बरसात के लिए की प्रार्थना* *मंडवाड़ा में कई वर्षों बाद भील समाज की महिलाओं ने किया आठम पूजन, बरसात के लिए की प्रार्थना* *आज मंडवाड़ा में भील समाज की महिलाओं ने कई वर्षों बाद परंपरागत *आठम पूजन किया* महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर कर्णेश्वर डेरी नाड़ी पहुंची। इस बार नाड़ी में पानी कम होने से ग्रामीण चिंतित हैं। महिलाओं ने वहीं पर विधि-विधान से आठम का पूजन किया और भगवान से हाथ जोड़कर *अच्छी बरसात आने की प्रार्थना की*, ताकि नाड़ी फिर से पानी से भर जाए, खेत-खलिहान हरे-भरे रहें और पशुओं को पानी की कमी न हो4
- कांग्रेस के 1000 दिनों का छलावा: बीआरएस का 'पोरू बाटा' आंदोलन, पूर्व मंत्री हरीश राव ने सरकार पर साधा निशाना बेल्लमपल्ली: कांग्रेस सरकार के कथित "1000 दिनों के धोखे भरे शासन", 6 गारंटियों और 420 चुनावी वादों की विफलता के खिलाफ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने अपना विरोध तेज कर दिया है। इसी कड़ी में आयोजित 'पोरू बाटा' कार्यक्रम के तहत बेल्लमपल्ली के 13वें वार्ड में बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के साथ एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता बेल्लमपल्ली के पूर्व विधायक दुर्गम चिन्नय्या ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री तन्नीरु हरीश राव शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि पार्टी ने सत्ता में आने के लिए जनता से झूठे वादे किए थे, जिन्हें अब पूरी तरह भुला दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज का हर वर्ग—विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग—मौजूदा सरकार की उपेक्षा और नीतियों के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहा है। बीआरएस नेताओं ने संकल्प जताया कि जब तक सरकार अपने सभी वादे पूरे नहीं करती, जनता के हकों के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।1
- जालौर शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर शहर में निकली भव्य शोभायात्रा जालौर शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर सनातन धर्म सेवा समिति के तत्वाधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ शोभा यात्रा भारत माता चौक से रवाना होते हुए तिलक द्वार जोशी सर्कल पंचायत समिति सदर बाजार मानक चौक पूरा मोहल्ला बाईपास अस्पताल चौराहा होते हुए तिलक द्वार के अंदर बाबा रामदेव मंदिर पहुंची जहां पर भगवान कृष्ण की महा आरती के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ शोभायात्रा में साधु संतों का सानिध्य शोभायात्रा में राधे कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही शोभायात्रा के दौरान गोविंदा की टोली ने विभिन्न स्थानों पर लगी हुई मटकियों को फोड़ा2
- सांडेराव-दुजाना मार्ग पर निजी बस पलटी, दर्जनभर यात्री घायल सुमेरपुर: सांडेराव-दुजाना मार्ग पर शुक्रवार को निजी खालसा कंपनी की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार करीब दर्जनभर यात्रियों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार खालसा कंपनी की बस सांडेराव बस स्टैंड से यात्रियों को लेकर तखतगढ़ की ओर जा रही थी। इसी दौरान दुजाना मार्ग पर अचानक चालक का बस से संतुलन बिगड़ गया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के समय बस में 20 से अधिक यात्री सवार बताए जा रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही सांडेराव पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायलों को 108 एंबुलेंस की सहायता से सांडेराव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा तखतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।सांडेराव पुलिस के एएसआई मोहनलाल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चालक का संतुलन बिगड़ने से बस पलटी है। वहीं, एक महिला यात्री ने आरोप लगाया कि बस चालक ड्राइविंग के दौरान नाश्ता कर रहा था और इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया।हादसे के बाद बस चालक के मौके से फरार होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस घायलों की संख्या और उनकी स्थिति की जानकारी जुटा रही है।2
- नेपाल बाढ़ के नाम पर वायरल हुआ बच्चे का भावुक वीडियो, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी बारिश के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी पीठ पर एक छोटे बच्चे को लेकर सड़क पर चलता दिखाई देता है। वीडियो देखने वाले कई लोगों का दावा है कि बच्चा नेपाल की बाढ़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गया और अपनी छोटी बहन को लेकर उन्हें तलाश रहा है। वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स को भावुक कर दिया और इसे नेपाल की बाढ़ त्रासदी से जोड़कर बड़े पैमाने पर शेयर किया जाने लगा। लेकिन वायरल दावे की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और सामने आई। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भावुक करने वाली किसी भी तस्वीर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी वास्तविक जगह और समय की पुष्टि करना कितना जरूरी है।1
- नशे की चपेट में युवा, बढ़ रहे लड़ाई-झगड़े युवाओं में बढ़ती नशे की लत चिंता का विषय बनती जा रही है। नशे के प्रभाव में खुलेआम लड़ाई-झगड़े, गाली-गलौज और विवाद की घटनाएं सामने आने से माहौल खराब हो रहा है। परिजनों और ग्रामीणों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता और सख्त कार्रवाई की जरूरत जताई है। नशे की चपेट में युवा, बढ़ रहे लड़ाई-झगड़े युवाओं में बढ़ती नशे की लत चिंता का विषय बनती जा रही है। नशे के प्रभाव में खुलेआम लड़ाई-झगड़े, गाली-गलौज और विवाद की घटनाएं सामने आने से माहौल खराब हो रहा है। परिजनों और ग्रामीणों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता और सख्त कार्रवाई की जरूरत जताई है।1
- हैदराबाद जेएनटीयू हॉस्टल में तीजोत्सव के दौरान छात्रों के दो गुटों में खूनी झड़प हैदराबाद: जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (JNTU) परिसर में तीजोत्सव के दौरान छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। गुरुवार देर रात शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस घटना में कई छात्र घायल हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बीती रात हॉस्टल परिसर में तीज का त्योहार मनाया जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर कुछ छात्रों ने एक छात्र पर हमला कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और 'गौतमी' तथा 'मंजीरा' हॉस्टल के छात्र आमने-सामने आ गए। दोनों हॉस्टल के छात्रों के बीच पूरी रात रुक-रुक कर हंगामा और मारपीट चलती रही। हंगामे की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। जेएनटीयू के कर्मचारियों ने घायल छात्रों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है। परिसर में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।1
- सुमेरपुर 4 सितंबर निकाय चुनाव 2026 नाम वापसी के बाद शुक्रवार को सुमेरपुर और तखतगढ़ निकाय चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। सुमेरपुर में रिटर्निंग अधिकारी कालूराम कुम्हार ने उपखंड कार्यालय में प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए। वार्ड 26 में भाजपा प्रत्याशी वीणा देवड़ा के निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अब 35 में से 34 वार्डों में चुनाव होंगे। कुल 144 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें भाजपा 34, कांग्रेस 32, आप 6 और 72 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।वहीं तखतगढ़ में रिटर्निंग अधिकारी पूरण कुमार तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी जितेंद्र कुमार बवेरवाल और राजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह दिए। वार्ड 22 में निर्विरोध निर्वाचन के बाद 25 में से 24 वार्डों में मतदान होगा। यहां भाजपा 24, कांग्रेस 23 और निर्दलीय 40 प्रत्याशी मैदान में हैं।दोनों निकायों में 11 सितंबर को मतदान और 14 सितंबर को मतगणना होगी। प्रत्याशी अधिकतम ₹1.50 लाख खर्च कर सकेंगे। प्रचार वाहनों और बैनर के लिए अनुमति जरूरी होगी। आदर्श आचार संहिता की पालना के निर्देश दिए गए हैं। ईवीएम से मतदान होगा। चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया।3
- बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। अटके काम बनने के संकेत स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है। * बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं। * ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। * नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है। जानकारों की सलाह यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।1