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हमारे मोहले के पानी के हैंडपंप खराब बहुत दिनों से (जबरकिया)
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हमारे मोहले के पानी के हैंडपंप खराब बहुत दिनों से (जबरकिया)
More news from राजस्थान and nearby areas
- हमारे मोहले के पानी के हैंडपंप खराब बहुत दिनों से (जबरकिया)1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- Post by नारायण लाल1
- hamare gaon me sadak ve nali ki suvidha nhi he1
- श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय2
- जब चाँदी की कीमत 4,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, तब मेरे मन में विचार आया कि क्यों न उन चाँदी के आभूषणों को बेच दिया जाए जो अब मेरे किसी काम के नहीं रहे—कुछ टूट चुके थे और कुछ वर्षों से यूँ ही रखे थे। कुल मिलाकर उनका वजन लगभग 600 ग्राम था। लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएँगे कि जब मैं उन आभूषणों को बेचने के लिए बाज़ार गई, तो किसी भी सुनार ने उन्हें खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। कारण यह था कि उस समय चाँदी बहुत महँगी हो चुकी थी। सुनारों का साफ कहना था कि जब दाम इतने ऊँचे हैं, तब वे चाँदी खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। वे पहले से खरीदी हुई चाँदी ही बेचने में लगे थे, नई चाँदी खरीदने को तैयार नहीं थे। यह अनुभव एक महत्वपूर्ण सच्चाई की ओर इशारा करता है। जब किसी धातु या वस्तु के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तब अक्सर यह प्रचार किया जाता है कि कीमतें और बढ़ेंगी, इसलिए अभी खरीद लेना समझदारी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊँचे दामों पर खरीददार तो मिल जाते हैं, पर जब वही वस्तु बेचने की बारी आती है, तो खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए केवल “महँगा हो रहा है, महँगा हो रहा है” के शोर में आकर अपना पैसा फँसाना समझदारी नहीं है। जब दाम बढ़ते हैं, तब वह बढ़ोतरी अक्सर बेचने वालों के फायदे के लिए होती है, न कि आम लोगों के लिए। और जब आप बेचने जाते हैं, तब बाज़ार में कोई लेने वाला नहीं मिलता, क्योंकि बड़े व्यापारी उस समय खुद बेच रहे होते हैं। निष्कर्ष यही है कि बिना सोच-समझे, केवल कीमतों के बढ़ने के लालच में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है।1
- उदयपुर जिले के पाणुन्द क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर भींडर थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा ऑपरेशन चलाया। बुधवार शाम 7 बजे मिली जानकारी के अनुसार भिखावनीया गांव में चार अलग-अलग खेतों में की जारही अफीम और गांजे की अवैध खेती को नष्ट कर पुलिस ने 9 क्विंटल से अधिक पौधे जब्त किए। खास बात यह रही कि इसी इलाके में पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। इसके बावजूद दोबारा अवैध खेती शुरू कर दी गई। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद भींडर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दो खातेदारी खेतों व दो बिनानाम जमीन पर उगाई गई फसल को चिन्हित कर कार्रवाई की। अंधेरा होने के बावजूद पुलिस टीम खेतों में डटी रही और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पौधों को उखाड़कर जब्त किया गया। थानाधिकारी पूनाराम गुर्जर ने बताया कि मौके से 9 कट्टे अफीम के पौधे (वजन 597.880 किलो) और 10 कट्टे गांजे के पौधे (वजन 369.500 किलो) जब्त किए गए। भारी मात्रा के कारण पौधे उखाड़ने के लिए 10 मजदूरों को दिहाड़ी पर बुलाना पड़ा। कार्रवाई के दौरान सामने आया कि अवैध खेती के पास एक झोपड़ी बनाकर उसमें सांवलिया सेठ की तस्वीर रखी गई थी और नियमित पूजा की जा रही थी। पुलिस ने मौके से सभी साक्ष्य जुटाकर अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया। पुलिस के अनुसार फरवरी 2025 में भी इसी क्षेत्र में अवैध खेती पर कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद दोबारा खेती शुरू होना गंभीर चिंता का विषय है। बताया गया कि भूमि संयुक्त खातेदारी की है। जिसमें 19 खातेदार हैं, जबकि अवैध खेती महेंद्र सिंह द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त पौधों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर भींडर थाने लाया गया। मामले की जांच खेरोदा थानाधिकारी को सौंपी गई है। कार्रवाई में हेड कांस्टेबल कानाराम, कांस्टेबल जालिम सिंह, हिंगलाजदान, मानसिंह, रिंकुराम, निखिल, जयेंद्र, सुमित्रा, हेमंत, लोकेश, छुट्टन सहित पाणुन्द चौकी से रंजीत सिंह व पटवारी मनोज रेगर मौजूद रहे।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान1