बिहार में शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ एक अजब गजब मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण ने पूरा विद्यालय चोरी होने के शिकायत की है। रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम बिहार में शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ एक अजब गजब मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण ने पूरा विद्यालय चोरी होने के शिकायत की है। गांव के लोग ढोल नगाड़े के साथ शिकायत करने जिला प्रशासन के पास पहुंचे। ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे कि 'विद्यालय चोरी हो गया है साहब', आप लोग इसे ढूंढ कर दीजिए और हमारे साथ इंसाफ कीजिए। ये मामला कटिहार प्राणपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय दीघापार से जुड़ा है। सरकारी दस्तावेज के अनुसार साल 2024 में इसको लेकर निविदा प्रक्रिया भी हुई और निविदा प्रक्रिया जिसके तहत विद्यालय निर्माण के लिए 44 लाख 85 हजार राशि निर्गत हुई। बिहार ई-प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के अनुसार निर्माण कार्य के निविदा संख्या 2024_BSEB_314680-1 के तहत 25 मार्च 2025 में भवन निर्माण पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया है और इस निर्माण के लिए कार्य एजेंसी को तीन किस्त में पहली किश्त 18 अप्रैल 2024 को 15 लाख रुपए, दूसरी किश्त 28 सितंबर 2024 को 15 लाख और आखिरी किश्त 12 मार्च 2025 को 14 लाख 85 हज़ार रुपया भुगतान भी कर दिया गया है, लेकिन जिस जगह पर स्कूल बनाने की बात है वहां आज भी नदी जैसे हालत है और भवन निर्माण के नाम पर एक भी ईंट भी नहीं लगी।
बिहार में शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ एक अजब गजब मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण ने पूरा विद्यालय चोरी होने के शिकायत की है। रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम बिहार में शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ एक अजब गजब मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण ने पूरा विद्यालय चोरी होने के शिकायत की है। गांव के लोग ढोल नगाड़े के साथ शिकायत करने जिला प्रशासन के पास पहुंचे। ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे कि 'विद्यालय चोरी हो गया है साहब', आप लोग इसे ढूंढ कर दीजिए और हमारे साथ इंसाफ कीजिए। ये मामला कटिहार प्राणपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय दीघापार से जुड़ा है। सरकारी दस्तावेज के अनुसार साल 2024 में इसको लेकर निविदा प्रक्रिया भी हुई और निविदा प्रक्रिया जिसके तहत विद्यालय निर्माण के लिए 44 लाख 85 हजार राशि निर्गत हुई। बिहार ई-प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के अनुसार निर्माण कार्य के निविदा संख्या 2024_BSEB_314680-1 के तहत 25 मार्च 2025 में भवन निर्माण पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया है और इस निर्माण के लिए कार्य एजेंसी को तीन किस्त में पहली किश्त 18 अप्रैल 2024 को 15 लाख रुपए, दूसरी किश्त 28 सितंबर 2024 को 15 लाख और आखिरी किश्त 12 मार्च 2025 को 14 लाख 85 हज़ार रुपया भुगतान भी कर दिया गया है, लेकिन जिस जगह पर स्कूल बनाने की बात है वहां आज भी नदी जैसे हालत है और भवन निर्माण के नाम पर एक भी ईंट भी नहीं लगी।
- _बक्सर का शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पूर्व सदर विधायक मुन्ना तिवारी ने सिविल सर्जन और जिलाधिकारी की व्यवस्था पर उठाए बड़े सवाल_ रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम _बक्सर का शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पूर्व सदर विधायक मुन्ना तिवारी ने सिविल सर्जन और जिलाधिकारी की व्यवस्था पर उठाए बड़े सवाल_ _बक्सर।_ बक्सर सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जहां एक कर्मी के द्वारा संसाधन के अभाव में *शव को करीब 15-20 मीटर तक घसीट कर* पोस्टमार्टम रूम के अंदर ले जाया जा रहा है। इस वायरल वीडियो ने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। _यह तस्वीर नहीं, यह बिहार की व्यवस्था का पोस्टमार्टम है।_ इस पूरे शर्मनाक मामले पर बक्सर के पूर्व सदर विधायक मुन्ना तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधे तौर पर यहां के सिविल सर्जन और जिलाधिकारी की कार्यशैली और व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। _पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा -_ "बक्सर के पोस्टमार्टम हाउस की ये तस्वीर देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया है। इससे बड़ी शर्मसार करने वाली बात कोई हो ही नहीं सकती। एक तरफ सरकार सुशासन का दावा करती है, दूसरी तरफ बक्सर सदर अस्पताल में एक स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं है। मैं सीधा सवाल पूछना चाहता हूँ सिविल सर्जन साहब से और जिलाधिकारी महोदया से कि आखिर आपकी व्यवस्था कहां सो रही है? क्या मरने वाले के परिजनों के सम्मान की कोई कीमत नहीं है? अगर पोस्टमार्टम हाउस में यही हाल है तो अस्पताल के अंदर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। > ये घोर लापरवाही है, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।" गौरतलब है कि बक्सर पुराना सदर अस्पताल स्थित सरकारी पोस्टमार्टम हाउस में लंबे समय से संसाधनों का अभाव बताया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी और बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, और अब तो *करीब 15-20 मीटर तक शव को घसीटने* का यह शर्मनाक वीडियो सामने आया है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है और लोग जिला प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। बाईट- संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पूर्व सदर विधायक बक्सर2
- मोदी जी के जन्मदिन पर भड़के युवा: "दीप जलाने से रोजगार नहीं मिलेगा"1
- तारापुर में अचानक तेज बारिश से बाजार की रफ्तार थमी, किसानों को राहत बुधवार को सुबह करीब 11 बजे कड़कड़ाती धूप के बीच अचानक कड़कती बिजली के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया, लेकिन तारापुर बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश इतनी अचानक हुई कि लोगों को दुकानों में छिपने तक का मौका नहीं मिला। लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। गुरुवार को होने वाली विश्वकर्मा पूजा को लेकर बाजार में बड़ी संख्या में लोग पूजा सामग्री और वाहनों को सजाने का सामान खरीदने पहुंचे थे। बारिश से बाजार की रफ्तार कुछ देर प्रभावित रही। वहीं, बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। नहर में पानी नहीं आने से किसान मोटर और बारिश के भरोसे खेती कर रहे हैं। किसान मनोरंजन चौधरी, सुधीर चौधरी, आशुतोष सिंह और शंभू शरण चौधरी ने बताया कि बारिश से खेतों में नमी आई है, जिससे धान की फसल को फायदा होगा और सिंचाई का खर्च भी कम होगा।1
- बोरना पंचायत में बाढ़ का पानी निकलने के बाद सड़कों पर जमा-गंदगी, दुर्गंध से परेशान ग्रामीण गोगरी। प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत में बाढ़ का पानी निकलने के बाद सड़कों पर जगह-जगह सड़ा-गला कचरा जमा हो गया है। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है और ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए कचरे के सड़ने से स्थिति और खराब हो गई है। लोगों को आने-जाने के दौरान दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गंदगी के कारण बीमारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर जमा कचरे की सफाई को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक कोई पहल नहीं की गई है। वहीं, संबंधित पदाधिकारी भी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पंचायत में तत्काल सफाई अभियान चलाने और कीटनाशक दवा का छिड़काव कराने की मांग की है। इस संबंध में गोगरी सीओ आमिर हुसैन ने गुरुवार शाम चार बजे बताया कि एक-दो दिन के अंदर सफाई कर्मियों के माध्यम से पंचायत में जमा सारा कचरा साफ कराया जाएगा। साथ ही पंचायत में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जाएगा।1
- Sarees में हजारों Design एक ही जगह #saree #business #sareemarketsurat #viral #textile Sarees में हजारों Design एक ही जगह #saree #business #sareemarketsurat #viral #textile1
- जलमग्न गांवों में पहुंचे रूपेश कुमार क्रांतिकारी बाढ़ पीड़ितों को दिया मदद का भरोसा खगड़िया। जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आम आदमी अघिकार संगठन अध्यक्ष रुपेश कुमार क्रांतिकारी ने गोगरी प्रखंड अंतर्गत छोटी बोरना और बड़ी बोरना गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को जाना। दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बाढ़ के कारण उत्पन्न परेशानियों से संगठन अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर राहत, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, आवागमन तथा पशुओं के चारे सहित अन्य समस्याओं की जानकारी ली।1
- पिस्टल सटाकर युवक का अपरहण,पांच लाख की रंगदारी मांगी एक घंटा बंधक बनाने का दावा,दो चेक पर कराया हस्ताक्षर पिस्टल सटाकर युवक का अपरहण,पांच लाख की रंगदारी मांगी एक घंटा बंधक बनाने का दावा,दो चेक पर कराया हस्ताक्षर1
- भभुआ विधायक भरत बिंद पर मकान खाली नहीं करने का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार लोकेशन – भभुआ कैमूर बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम स्लग :- भभुआ विधायक भरत बिंद पर मकान खाली नहीं करने का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार एंकर :- कैमूर के भभुआ विधानसभा क्षेत्र से विधायक भरत बिंद पर मकान खाली नहीं करने, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया गया है। भभुआ वार्ड नंबर 19 निवासी धर्मेंद्र कुमार केशरी, पिता मुरली प्रसाद केशरी ने एसपी को आवेदन देकर मामले में न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, विधायक भरत बिंद ने मकान मालिक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले ही मकान खाली कर दिया है और उनके ऊपर किसी तरह का किराया बकाया नहीं है। वीओ :- पीड़ित धर्मेंद्र कुमार केशरी के आवेदन के मुताबिक, भभुआ विधायक भरत बिंद उनके मकान में एक कमरा किराए पर लेकर रह रहे थे। मकान मालिक का कहना है कि उन्हें मकान की मरम्मत करानी है और बेटी की शादी भी करनी है, जिसके चलते उन्होंने विधायक से कमरा खाली करने का अनुरोध किया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कई बार कहने के बावजूद कमरा खाली नहीं किया गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि कमरा खाली करने की बात कहने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की जांच और न्याय की मांग की है। बाइट – धर्मेंद्र कुमार केशरी, मकान मालिक वहीं, इस पूरे मामले पर भभुआ विधायक भरत बिंद ने मकान मालिक द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विधायक ने कहा कि जिस मकान की बात की जा रही है, उसमें वह करीब पांच वर्षों से किराएदार के तौर पर रह रहे थे। उनके मुताबिक, आज तक किसी तरह का किराया बकाया नहीं है। उन्होंने मकान मालिक धर्मेंद्र गुप्ता पर ही आरोप लगते हुए कहा मकान मालिक द्वारा एक बार मकान के गेट मे ताला लगा दिया गया था जिससे हम लोग को बाहर रहना पड़ा था विधायक भरत बिंद ने यह भी कहा कि उनके द्वारा मकान मालिक के साथ किसी प्रकार की गाली-गलौज या धमकी नहीं दी गई है। उन्होंने दावा किया कि जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, उसे उन्होंने करीब 15 दिन पहले ही खाली कर दिया था। बाइट – भरत बिंद, विधायक, भभुआ फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं। पीड़ित की ओर से एसपी को दिए गए आवेदन और विधायक के बयान के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।4