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हमर जशपुर
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- Post by हमर जशपुर1
- झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।1
- झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए, राज्य सरकार आम लोगों को राहत पहुँचाने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्यभर के सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों और आम नागरिकों के लिए 'प्याऊ' (पेयजल व्यवस्था) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस कठिन दौर में लोगों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए, साथ ही प्याऊ स्थलों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएँ ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। इस पहल के तहत, चैनपुर में पुलिस ने भी आम लोगों के लिए प्याऊ लगाकर एक सराहनीय कदम उठाया है।1
- झारखंड के गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना है, वृद्ध तेतरी देवी के लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गई है। उन्हें इस योजना के तहत आवास स्वीकृत तो मिला, लेकिन निर्माण सामग्री खराब हो जाने के कारण उनका घर आज तक पूरा नहीं बन सका है। आवास निर्माण के लिए गिराई गई सीमेंट कुछ ही दिनों में खराब होकर पत्थर जैसी बन गई, जिसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रुक गया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर तेतरी देवी दोबारा सामग्री खरीदने में असमर्थ हैं, जिस कारण उनका घर अधूरा पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि तेतरी देवी के पास रहने के लिए खुद का घर तक नहीं बचा है और वह दूसरों के घरों में रहकर किसी तरह अपना जीवन गुजार रही हैं। वृद्धावस्था में भी वह मजदूरी और छोटे-मोटे काम कर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करती हैं, और बढ़ती उम्र के साथ उनकी परेशानियां तथा संघर्ष भी बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तेतरी देवी बेहद गरीब परिवार से आती हैं और लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उसका पूरा फायदा पहुंचना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर तेतरी देवी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें भी एक सुरक्षित छत नसीब हो सके।1
- गुमला में सोमवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पीएम जनमन (PM-JANMAN) योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा हुई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। पीएम जनमन योजना के तहत, उपायुक्त ने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों में तेजी लाने और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया। इसी योजना के अंतर्गत बनने वाले स्कूल भवनों के लिए संबंधित विभाग को निविदा प्रक्रिया तुरंत पूर्ण कर कार्य शुरू करने को कहा गया। उन्होंने जिले के सभी चिन्हित क्षेत्रों और घरों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि कोई भी योग्य परिवार बिजली सुविधा से वंचित न रहे। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कल्याण और शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने सभी स्कूली बच्चों के बैंक खातों को एनपीसीआई (NPCI) से लिंक करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। एलडीएम को बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के माध्यम से विद्यालयों में विशेष कैंप लगाकर शत-प्रतिशत एनपीसीआई मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सरकारी भवन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ हों, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के छूटे हुए योग्य विद्यार्थियों के बीच साइकिल वितरण कार्य को तत्काल पूरा करने के लिए भी निर्देश दिए गए, और आगामी सत्र 2026-27 के लिए लाभुकों की सूची जल्द उपलब्ध कराने हेतु प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान, उपायुक्त ने डुमरी क्षेत्र में पाइपलाइन निर्माण कार्य को बिना किसी देरी के शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध हो सके। उपायुक्त ने दोहराया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सभी अधिकारियों को गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। बैठक में निदेशक आईटीडीए लिली एनोला लकड़ा, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक रंजन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, विद्युत आपूर्ति कार्यपालक अभियंता, और एलडीएम गुमला सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने गुमला सदर अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इलाज व्यवस्था की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संगठन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया और सिविल सर्जन के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपाधीक्षक को सौंपा। देवकी देवी ने इस दौरान बताया कि गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आते हैं। हालाँकि, अस्पताल में समुचित सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। इस स्थिति से गरीब मरीजों को न केवल आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में गुमला सदर अस्पताल को “रिम्स-2” के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि जिलेवासियों को बेहतर और समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सभी आवश्यक डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग रखी गई है। अनशन के दौरान, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों को पानी उपलब्ध कराया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने काफी सराहना की। डॉ. अनुपम किशोर ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा, जिससे अस्पताल प्रशासन की सकारात्मक और संवेदनशील कार्यशैली उजागर हुई। लोगों ने उनकी इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी बेहद आवश्यक है, जिसे उपाधीक्षक ने बखूबी निभाया।3
- गुमला जिला के जारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकतार गांव निवासी लक्ष्मण चिक बड़ाइक के 20 वर्षीय पुत्र संजू चिक बड़ाइक उर्फ डेजू ने रविवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसने पंचायत भवन से लगभग 100 मीटर दूर स्थित किताम गांव के दीपक तिग्गा के बारी में एक बरगद के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने एसआई क्रिस्टो राम को दी, जिसके बाद वे दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई है। मृतक के परिजन प्रेम धन चिक बड़ाइक ने बताया कि संजू का अपनी तथाकथित एक पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर रविवार को यह कदम उठाया। संजू चिक बड़ाइक पैसे से एक टेंट हाउस में मजदूर के रूप में काम करता था। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और उन्हें बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है।1
- राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आह्वान पर आम नागरिकों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से चैनपुर अनुमंडल के चैनपुर और कुरूमगढ़ थाना परिसरों में शीतल जल प्याऊ की शुरुआत की गई है। सोमवार शाम छह बजे दी गई जानकारी के अनुसार, इन थाना परिसरों में अब राहगीरों, फरियादियों और ग्रामीणों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। चैनपुर थाना परिसर में लगाए गए प्याऊ का विधिवत उद्घाटन थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए आम लोगों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है, ताकि थाना आने वाले लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्घाटन के मौके पर सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र मंडल, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बासुदेव सेवईया और नंदू कुमार भी उपस्थित रहे। वहीं, कुरूमगढ़ थाना गेट के समीप भी राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है, जहाँ पारंपरिक मिट्टी के मटकों में पानी रखा गया है, जिससे लोग तपती धूप में राहत महसूस कर सकें। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने पुलिस प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में यह व्यवस्था लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। इस प्रकार, इस भीषण गर्मी के मौसम में पुलिस ने वाकई जनसेवा का एक महत्वपूर्ण कार्य करते हुए आमजन के लिए एक सहारा बनने का काम किया है।1