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झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।
User5130
झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।
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- राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आह्वान पर आम नागरिकों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से चैनपुर अनुमंडल के चैनपुर और कुरूमगढ़ थाना परिसरों में शीतल जल प्याऊ की शुरुआत की गई है। सोमवार शाम छह बजे दी गई जानकारी के अनुसार, इन थाना परिसरों में अब राहगीरों, फरियादियों और ग्रामीणों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। चैनपुर थाना परिसर में लगाए गए प्याऊ का विधिवत उद्घाटन थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए आम लोगों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है, ताकि थाना आने वाले लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्घाटन के मौके पर सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र मंडल, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बासुदेव सेवईया और नंदू कुमार भी उपस्थित रहे। वहीं, कुरूमगढ़ थाना गेट के समीप भी राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है, जहाँ पारंपरिक मिट्टी के मटकों में पानी रखा गया है, जिससे लोग तपती धूप में राहत महसूस कर सकें। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने पुलिस प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में यह व्यवस्था लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। इस प्रकार, इस भीषण गर्मी के मौसम में पुलिस ने वाकई जनसेवा का एक महत्वपूर्ण कार्य करते हुए आमजन के लिए एक सहारा बनने का काम किया है।1
- गुमला जिले के चैनपुर बाजार टांड़ रोड स्थित राज बैग पैलेस एंड सिंगार दुकान में सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दौरान आसपास के दुकानदारों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर मानवता और साहस का परिचय दिया। उन्होंने बाल्टी से पानी डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया। हालांकि, आग बुझने तक दो गुमटी दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थीं, जबकि तीसरी दुकान का एक हिस्सा भी आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया। इस अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।1
- गुमला के सिसई थाना परिसर में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव और अंचल पुलिस निरीक्षक गुलशन भेंगरा ने की, जिसमें पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर तत्काल थाना प्रभारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसे व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक के दौरान अंजुमन फलाहुल मुस्लेमिन संगठन सिसई ने बकरीद की नमाज़ के निर्धारित समय की जानकारी दी। बताया गया कि सिसई के आठ अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे तक नमाज़ अदा की जाएगी। संगठन ने पशु बलि की तस्वीरें या वीडियो लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात भी कही। प्रशासन ने आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया। विशेष रूप से, 28 मई को बृहस्पतिवार होने के कारण सिसई प्रखंड में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर सड़कों पर वाहनों के आवागमन को वन-वे (एक तरफा) रखा जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और आम जनता को असुविधा न हो। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस रेखा देवी, जाकिर अली, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई अजय कुमार, जनप्रतिनिधि सुनीता कुमारी, शकुंतला देवी, बंदीराम उरांव, शांति समिति के सदस्य अंजुमन सदर सलमान अली, बैबूल अंसारी, निरंजन सिंह, तेजमोहन साहु, विपिन बिहारी झा, कैप्टन लोहरा उरांव, मनोज वर्मा, सूरज सिंह, नवल महतो, सुप्रदीप साहु सहित कई अन्य प्रबुद्ध गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।4
- झारखंड के गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित बंगारू में 'मोनू सुपर' नामक एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप, कई लोगों के जख्मी होने की खबर मिली है।1
- सिमडेगा सदर प्रखंड के सेवई बेलटोली में मारिया जतरा का आयोजन किया गया, जहाँ मिस्सा पूजा भी संपन्न हुई। यह पूजा फा इग्नासियुस बघवार के द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर विधायक सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूषण बाड़ा भी उपस्थित रहे। विधायक भूषण बाड़ा ने मारिया जतरा को केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज की एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं और संस्कृति को जीवित रखने का कार्य करते हैं। विधायक ने क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए लोगों से आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, और समाज की एकजुटता से ही क्षेत्र का विकास संभव है। विधायक ने ग्रामीणों को हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। इस कार्यक्रम में सदर प्रखंड अध्यक्ष सिलबेस्टर बघवार, विधायक प्रतिनिधि शीतल एक्का, पंचायत अध्यक्ष सालमोन लकड़ा, अजयदान कुजूर और बेलटोली के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
- दिल्ली में आदिवासी समाज ने एक प्रमुख मांग उठाई है कि यदि कोई व्यक्ति अपना धर्म बदलता है, तो उसका अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा समाप्त कर दिया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि इस मांग को लेकर कथित तौर पर लगभग 10 लाख आदिवासी समाज के सदस्य दिल्ली में एकत्र हुए हैं। यह मांग मुख्य रूप से ईसाई और मुस्लिम धर्मों में होने वाले धर्मांतरण के संदर्भ में है।1
- झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में दो लकड़ी की गुमटियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं, वहीं पास स्थित ‘राज बैग’ स्टोर में रखा लाखों रुपये मूल्य का बैग और अन्य सामान भी नष्ट हो गया। आग इतनी विकराल थी कि पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत एक गुमटी से धुआं उठने के साथ हुई, जिसके बाद यह तेजी से फैल गई। जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, दुकानदार और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए पानी, पाइप और अन्य संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उनकी सूझबूझ से आग को आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलने पर चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार और मुखिया शोभा देवी भी दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मौके पर हुए नुकसान का जायजा लिया और पीड़ित दुकानदारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।1
- गुमला के सिसई प्रखंड से उत्तर प्रदेश के बनारस स्थित एक ईंट भट्ठे में काम करने गए मज़दूरों के साथ अमानवीय व्यवहार, मारपीट और बकाया मजदूरी का भुगतान न किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बनारस से वापस लौटे पीड़ित मज़दूरों ने अपनी आपबीती समाजसेवी संजय वर्मा को सुनाई, जिसके बाद उनके नेतृत्व में मज़दूरों ने श्रम विभाग गुमला में शिकायत दर्ज कराई है। सिसई के इन मज़दूरों ने बनारस के 'सागर ब्रिक्स ईंट भट्ठा' के मालिक और एक स्थानीय एजेंट पर बंधक बनाकर दिन-रात काम कराने, मारपीट करने और बाल मज़दूरी कराने के साथ-साथ तय वेतन न देने का आरोप लगाया है। पीड़ित मज़दूर सिसई के लकेया बांसटोली निवासी जगरनाथ तुरी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में (यह तिथि मूल पाठ में दी गई है) एक स्थानीय एजेंट ने लगभग 20 मज़दूरों को 15 हज़ार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर भट्ठे पर ले गया था, लेकिन वहां उन्हें गुज़ारे के नाम पर मात्र 1500 रुपये दिए जाते थे और उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी। मज़दूरों का आरोप है कि बकाया मज़दूरी मांगने पर भट्ठा मालिक डब्लू सिंह गाली-गलौज और मारपीट करता था। उन्होंने यह भी बताया कि ईंट भट्ठे में नाबालिग बच्चों से भी जबरन काम कराया जाता था और उनके साथ भी मारपीट की जाती थी, जिससे कई मज़दूर प्रताड़ना से परेशान होकर पहले ही वहां से भाग निकले थे। जगरनाथ तुरी सहित चार मज़दूरों ने किसी तरह 6 माह 15 दिन तक वहां काम किया, जिसके बाद भट्ठा मालिक ने उन्हें भी बिना मज़दूरी दिए मारपीट कर भगा दिया। वापस लौटने के लिए पैसे न होने पर, उन्होंने किसी दूसरे ईंट भट्ठे में एक सप्ताह काम करके पैसे जुटाए और फिर सिसई लौटे। पीड़ित मज़दूरों का कहना है कि उनके चार मज़दूरों के कुल 3 लाख 90 हज़ार रुपये की मज़दूरी भट्ठा मालिक के पास बकाया है। उन्होंने श्रम अधीक्षक से भट्ठा मालिक और एजेंट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनकी बकाया राशि दिलाने की मांग की है। समाजसेवी संजय वर्मा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गुमला ज़िले के मज़दूरों के साथ दूसरे राज्यों में ऐसी अमानवीय घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसमें मारपीट और बकाया मजदूरी न दिए जाने के मामले पहले भी डिब्रुगढ़, असम से सामने आए थे। उन्होंने इन घटनाओं के लिए स्थानीय एजेंटों को सबसे अधिक दोषी ठहराया, जो अपनी मोटी कमाई के लालच में भोले-भाले गरीब मज़दूरों को पैसे का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाते हैं और उन्हें 'बेचने' का काम करते हैं। वर्मा ने बताया कि इन एजेंटों के पास मज़दूर भेजने का कोई वैध दस्तावेज़ या लाइसेंस नहीं है, फिर भी वे धड़ल्ले से ऐसे गैर-कानूनी कार्यों में लिप्त हैं, जो सीधे तौर पर मानव तस्करी से जुड़ा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि सख्ती दिखाते हुए इन एजेंटों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।3
- सिमडेगा जिले की पाकरटांड थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस संबंध में एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने एक प्रेस वार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 'प्रतिबिंब ऐप' का इस्तेमाल कर संदिग्ध मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी लोगों से सिम कार्ड और एटीएम कार्ड इकट्ठा करके जामताड़ा भेजते थे। इसके बदले में संबंधित लोगों को हर महीने पैसे देने का लालच दिया जाता था। पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि आरोपी गांवों में जाकर लोगों से संपर्क साधते थे और उनके नाम पर लिए गए सिम व एटीएम कार्ड साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करते थे। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, मोबाइल फोन, बैंक से जुड़े दस्तावेज, कुरियर रिसीविंग दस्तावेज और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।1