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झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने गुमला सदर अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इलाज व्यवस्था की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संगठन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया और सिविल सर्जन के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपाधीक्षक को सौंपा। देवकी देवी ने इस दौरान बताया कि गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आते हैं। हालाँकि, अस्पताल में समुचित सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। इस स्थिति से गरीब मरीजों को न केवल आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में गुमला सदर अस्पताल को “रिम्स-2” के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि जिलेवासियों को बेहतर और समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सभी आवश्यक डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग रखी गई है। अनशन के दौरान, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों को पानी उपलब्ध कराया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने काफी सराहना की। डॉ. अनुपम किशोर ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा, जिससे अस्पताल प्रशासन की सकारात्मक और संवेदनशील कार्यशैली उजागर हुई। लोगों ने उनकी इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी बेहद आवश्यक है, जिसे उपाधीक्षक ने बखूबी निभाया।

4 hrs ago
user_Shivam Singh
Shivam Singh
Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
4 hrs ago

झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने गुमला सदर अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इलाज व्यवस्था की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संगठन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया और सिविल सर्जन के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपाधीक्षक को सौंपा। देवकी देवी ने इस दौरान बताया कि गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आते हैं। हालाँकि,

अस्पताल में समुचित सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। इस स्थिति से गरीब मरीजों को न केवल आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में गुमला सदर अस्पताल को “रिम्स-2” के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि जिलेवासियों को बेहतर और समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सभी आवश्यक डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच सुविधा, दवाइयों

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की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग रखी गई है। अनशन के दौरान, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों को पानी उपलब्ध कराया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने काफी सराहना की। डॉ. अनुपम किशोर ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा, जिससे अस्पताल प्रशासन की सकारात्मक और संवेदनशील कार्यशैली उजागर हुई। लोगों ने उनकी इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी बेहद आवश्यक है, जिसे उपाधीक्षक ने बखूबी निभाया।

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  • झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने गुमला सदर अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इलाज व्यवस्था की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संगठन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया और सिविल सर्जन के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपाधीक्षक को सौंपा। देवकी देवी ने इस दौरान बताया कि गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आते हैं। हालाँकि, अस्पताल में समुचित सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। इस स्थिति से गरीब मरीजों को न केवल आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में गुमला सदर अस्पताल को “रिम्स-2” के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि जिलेवासियों को बेहतर और समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सभी आवश्यक डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग रखी गई है। अनशन के दौरान, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों को पानी उपलब्ध कराया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने काफी सराहना की। डॉ. अनुपम किशोर ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा, जिससे अस्पताल प्रशासन की सकारात्मक और संवेदनशील कार्यशैली उजागर हुई। लोगों ने उनकी इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी बेहद आवश्यक है, जिसे उपाधीक्षक ने बखूबी निभाया।
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    झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने गुमला सदर अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और बेहतर इलाज व्यवस्था की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। संगठन की जिला अध्यक्ष देवकी देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल परिसर के बाहर धरना दिया और सिविल सर्जन के नाम एक 15 सूत्री मांग पत्र उपाधीक्षक को सौंपा।

देवकी देवी ने इस दौरान बताया कि गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आते हैं। हालाँकि, अस्पताल में समुचित सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश मरीजों को रिम्स रेफर कर दिया जाता है। इस स्थिति से गरीब मरीजों को न केवल आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है।

संगठन की प्रमुख मांगों में गुमला सदर अस्पताल को “रिम्स-2” के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि जिलेवासियों को बेहतर और समुचित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सभी आवश्यक डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच सुविधा, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग रखी गई है।

अनशन के दौरान, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रदर्शनकारियों को पानी उपलब्ध कराया। इस पहल की उपस्थित लोगों ने काफी सराहना की। डॉ. अनुपम किशोर ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा, जिससे अस्पताल प्रशासन की सकारात्मक और संवेदनशील कार्यशैली उजागर हुई। लोगों ने उनकी इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी बेहद आवश्यक है, जिसे उपाधीक्षक ने बखूबी निभाया।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गुमला जिला के जारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकतार गांव निवासी लक्ष्मण चिक बड़ाइक के 20 वर्षीय पुत्र संजू चिक बड़ाइक उर्फ डेजू ने रविवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसने पंचायत भवन से लगभग 100 मीटर दूर स्थित किताम गांव के दीपक तिग्गा के बारी में एक बरगद के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने एसआई क्रिस्टो राम को दी, जिसके बाद वे दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई है। मृतक के परिजन प्रेम धन चिक बड़ाइक ने बताया कि संजू का अपनी तथाकथित एक पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर रविवार को यह कदम उठाया। संजू चिक बड़ाइक पैसे से एक टेंट हाउस में मजदूर के रूप में काम करता था। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और उन्हें बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है।
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    गुमला जिला के जारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकतार गांव निवासी लक्ष्मण चिक बड़ाइक के 20 वर्षीय पुत्र संजू चिक बड़ाइक उर्फ डेजू ने रविवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसने पंचायत भवन से लगभग 100 मीटर दूर स्थित किताम गांव के दीपक तिग्गा के बारी में एक बरगद के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या की।

घटना की जानकारी ग्रामीणों ने एसआई क्रिस्टो राम को दी, जिसके बाद वे दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई है।

मृतक के परिजन प्रेम धन चिक बड़ाइक ने बताया कि संजू का अपनी तथाकथित एक पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने गुस्से में आकर रविवार को यह कदम उठाया। संजू चिक बड़ाइक पैसे से एक टेंट हाउस में मजदूर के रूप में काम करता था। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और उन्हें बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है।
    user_Hemant dubey
    Hemant dubey
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।
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    झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।
    user_User5130
    User5130
    Farmer रायडीह, गुमला, झारखंड•
    38 min ago
  • गुमला के सिसई थाना परिसर में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव और अंचल पुलिस निरीक्षक गुलशन भेंगरा ने की, जिसमें पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर तत्काल थाना प्रभारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसे व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक के दौरान अंजुमन फलाहुल मुस्लेमिन संगठन सिसई ने बकरीद की नमाज़ के निर्धारित समय की जानकारी दी। बताया गया कि सिसई के आठ अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे तक नमाज़ अदा की जाएगी। संगठन ने पशु बलि की तस्वीरें या वीडियो लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात भी कही। प्रशासन ने आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया। विशेष रूप से, 28 मई को बृहस्पतिवार होने के कारण सिसई प्रखंड में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर सड़कों पर वाहनों के आवागमन को वन-वे (एक तरफा) रखा जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और आम जनता को असुविधा न हो। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस रेखा देवी, जाकिर अली, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई अजय कुमार, जनप्रतिनिधि सुनीता कुमारी, शकुंतला देवी, बंदीराम उरांव, शांति समिति के सदस्य अंजुमन सदर सलमान अली, बैबूल अंसारी, निरंजन सिंह, तेजमोहन साहु, विपिन बिहारी झा, कैप्टन लोहरा उरांव, मनोज वर्मा, सूरज सिंह, नवल महतो, सुप्रदीप साहु सहित कई अन्य प्रबुद्ध गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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    गुमला के सिसई थाना परिसर में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव और अंचल पुलिस निरीक्षक गुलशन भेंगरा ने की, जिसमें पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर तत्काल थाना प्रभारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसे व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।

बैठक के दौरान अंजुमन फलाहुल मुस्लेमिन संगठन सिसई ने बकरीद की नमाज़ के निर्धारित समय की जानकारी दी। बताया गया कि सिसई के आठ अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे तक नमाज़ अदा की जाएगी। संगठन ने पशु बलि की तस्वीरें या वीडियो लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात भी कही।

प्रशासन ने आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया। विशेष रूप से, 28 मई को बृहस्पतिवार होने के कारण सिसई प्रखंड में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर सड़कों पर वाहनों के आवागमन को वन-वे (एक तरफा) रखा जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और आम जनता को असुविधा न हो।

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस रेखा देवी, जाकिर अली, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई अजय कुमार, जनप्रतिनिधि सुनीता कुमारी, शकुंतला देवी, बंदीराम उरांव, शांति समिति के सदस्य अंजुमन सदर सलमान अली, बैबूल अंसारी, निरंजन सिंह, तेजमोहन साहु, विपिन बिहारी झा, कैप्टन लोहरा उरांव, मनोज वर्मा, सूरज सिंह, नवल महतो, सुप्रदीप साहु सहित कई अन्य प्रबुद्ध गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए, राज्य सरकार आम लोगों को राहत पहुँचाने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्यभर के सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों और आम नागरिकों के लिए 'प्याऊ' (पेयजल व्यवस्था) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस कठिन दौर में लोगों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए, साथ ही प्याऊ स्थलों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएँ ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। इस पहल के तहत, चैनपुर में पुलिस ने भी आम लोगों के लिए प्याऊ लगाकर एक सराहनीय कदम उठाया है।
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    झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए, राज्य सरकार आम लोगों को राहत पहुँचाने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्यभर के सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों और आम नागरिकों के लिए 'प्याऊ' (पेयजल व्यवस्था) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस कठिन दौर में लोगों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए, साथ ही प्याऊ स्थलों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएँ ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। इस पहल के तहत, चैनपुर में पुलिस ने भी आम लोगों के लिए प्याऊ लगाकर एक सराहनीय कदम उठाया है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    55 min ago
  • झारखंड के गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना है, वृद्ध तेतरी देवी के लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गई है। उन्हें इस योजना के तहत आवास स्वीकृत तो मिला, लेकिन निर्माण सामग्री खराब हो जाने के कारण उनका घर आज तक पूरा नहीं बन सका है। आवास निर्माण के लिए गिराई गई सीमेंट कुछ ही दिनों में खराब होकर पत्थर जैसी बन गई, जिसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रुक गया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर तेतरी देवी दोबारा सामग्री खरीदने में असमर्थ हैं, जिस कारण उनका घर अधूरा पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि तेतरी देवी के पास रहने के लिए खुद का घर तक नहीं बचा है और वह दूसरों के घरों में रहकर किसी तरह अपना जीवन गुजार रही हैं। वृद्धावस्था में भी वह मजदूरी और छोटे-मोटे काम कर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करती हैं, और बढ़ती उम्र के साथ उनकी परेशानियां तथा संघर्ष भी बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तेतरी देवी बेहद गरीब परिवार से आती हैं और लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उसका पूरा फायदा पहुंचना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर तेतरी देवी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें भी एक सुरक्षित छत नसीब हो सके।
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    झारखंड के गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना है, वृद्ध तेतरी देवी के लिए एक अधूरा सपना बनकर रह गई है। उन्हें इस योजना के तहत आवास स्वीकृत तो मिला, लेकिन निर्माण सामग्री खराब हो जाने के कारण उनका घर आज तक पूरा नहीं बन सका है।

आवास निर्माण के लिए गिराई गई सीमेंट कुछ ही दिनों में खराब होकर पत्थर जैसी बन गई, जिसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रुक गया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर तेतरी देवी दोबारा सामग्री खरीदने में असमर्थ हैं, जिस कारण उनका घर अधूरा पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि तेतरी देवी के पास रहने के लिए खुद का घर तक नहीं बचा है और वह दूसरों के घरों में रहकर किसी तरह अपना जीवन गुजार रही हैं। वृद्धावस्था में भी वह मजदूरी और छोटे-मोटे काम कर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करती हैं, और बढ़ती उम्र के साथ उनकी परेशानियां तथा संघर्ष भी बढ़ते जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि तेतरी देवी बेहद गरीब परिवार से आती हैं और लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक उसका पूरा फायदा पहुंचना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर तेतरी देवी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें भी एक सुरक्षित छत नसीब हो सके।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित बंगारू में 'मोनू सुपर' नामक एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप, कई लोगों के जख्मी होने की खबर मिली है।
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    झारखंड के गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित बंगारू में 'मोनू सुपर' नामक एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप, कई लोगों के जख्मी होने की खबर मिली है।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • झारखंड के गुमला जिले के पालकोट स्थित केराटोली निवासी 38 वर्षीय तीर्थनाथ सिंह को उनके छोटे भाई मनोहर सिंह ने शनिवार सुबह धान रोपने को लेकर हुए विवाद में हथौड़ी से मारकर घायल कर दिया। यह घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। परिजनों ने तीर्थनाथ सिंह को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ जमीन विवाद में मारपीट के बाद वे ज़ख़्मी हालत में उपचाराधीन हैं।
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    झारखंड के गुमला जिले के पालकोट स्थित केराटोली निवासी 38 वर्षीय तीर्थनाथ सिंह को उनके छोटे भाई मनोहर सिंह ने शनिवार सुबह धान रोपने को लेकर हुए विवाद में हथौड़ी से मारकर घायल कर दिया। यह घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। परिजनों ने तीर्थनाथ सिंह को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ जमीन विवाद में मारपीट के बाद वे ज़ख़्मी हालत में उपचाराधीन हैं।
    user_Hemant dubey
    Hemant dubey
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
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