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महेश्वर परिवार के साथ घूमने आया इंदौर का युवक सहस्त्रधारा घाट पर नहाने के दौरान डूबा महेश्वर परिवार के साथ घूमने आया इंदौर का युवक सहस्त्रधारा घाट पर नहाने के दौरान डूबा इंदौर के 30 वर्षीय युवक अर्पित हाड़ा को डूबता देख मदद के लिए परिवार वाले चीखते रहे लेकिन देखते ही देखते वह कुछ ही सेकेंड में ओझल हो गया युवक का डूबते हुए घटना का वीडियो भी सामने आया सूचना मिलने पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सर्चिग की शुरू
राम बाबू
महेश्वर परिवार के साथ घूमने आया इंदौर का युवक सहस्त्रधारा घाट पर नहाने के दौरान डूबा महेश्वर परिवार के साथ घूमने आया इंदौर का युवक सहस्त्रधारा घाट पर नहाने के दौरान डूबा इंदौर के 30 वर्षीय युवक अर्पित हाड़ा को डूबता देख मदद के लिए परिवार वाले चीखते रहे लेकिन देखते ही देखते वह कुछ ही सेकेंड में ओझल हो गया युवक का डूबते हुए घटना का वीडियो भी सामने आया सूचना मिलने पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सर्चिग की शुरू
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- संबल योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें - कलेक्टर समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न दैनिक पुष्पांजलि टुडे कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत भिण्ड, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी तथा कई अधिकारी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।कलेक्टर ने समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने 100 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ को मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता जल्द मिले और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के तहत अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन करानें के निर्देश दिये।बैठक में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस से संबंधित विभागों के बिन्दुओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुरूप विभागवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने बिन्दुओं पर अद्यतन जानकारी रखें तथा प्राप्त निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने समस्त विभाग अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए की न्यायालयीन प्रकरण का जबाव दावा समय पर प्रस्तुत करें। लापरवाही बरतने पर संबंधित जिला अधिकारी की जवाबदेही होगी।1
- उपचुनाव 2026: 4 विशेष पुलिस टीमें मैदान में, होटल-ढाबों और धर्मशालाओं की होगी सघन जांच ब्रेकिंग न्यूज़ दतिया दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए दतिया पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में जिले में 4 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें दतिया अनुभाग के सभी थाना क्षेत्रों में होटल, ढाबों और धर्मशालाओं की सघन जांच करेंगी। जांच के दौरान ठहरे हुए लोगों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार बिना वैध कारण जिले में ठहरे बाहरी व्यक्तियों का भी सत्यापन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक जिला सीमा से बाहर किया जा सकता है। दतिया पुलिस ने होटल, ढाबा और धर्मशाला संचालकों से अपील की है कि वे अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का वैध पहचान पत्र दर्ज करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उद्देश्य है कि विधानसभा उपचुनाव-2026 शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव में रिकार्ड मतदान के लिये मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन और कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देशन में स्वीप आईकॉन सारिका घारू मतदाताओं को प्रेरित कर रही हैं। सारिका घारू ने अपने संदेश में कहा कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगने वाला नीला निशान सिर्फ एक स्याही का निशान नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र के प्रति सजग नागरिक होने का प्रमाण है। उन्होंने अपील की है कि जिन मतदाताओं के नाम दतिया की मतदाता सूची में दर्ज हैं, लेकिन वे काम या पढ़ाई के सिलसिले में जिले से बाहर हैं, वे 30 जुलाई को मतदान में भाग लेने आकर अपना फर्ज निभायें क्योंकि यह अवसर दतिया के गौरव और लोकतंत्र में शत-प्रतिशत भागीदारी का है। सारिका ने कहा कि चूंकि इस समय मानसून का मौसम है और दोपहर या शाम के समय बारिश की संभावना बनी रहती है, इसलिए मतदाताओं से यथासंभव पहले ही मतदान करने की अपील की गई है। महिलाओं से भी कहा गया है कि सुबह मतदान शुरू होते ही सबसे पहले अपने नजदीकी बूथ पर पहुंचकर वोट डालें। सारिका घारू ने कहा कि दतिया इस बार रिकार्ड मतदान करेगा और लोकतंत्र की शान बढ़ाएगा।1
- "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षत क्षमा शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया। सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।" उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ—3
- श्रीकुण्डेश्वर धाम में 29 जुलाई से शुरू होगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव,एक माह तक चलेगा महामंत्र का अखंड जाप भिंड।शहर में कुण्डेश्वर महादेव मंदिर उदासीन आश्रम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कुण्डेश्वर महादेव मंदिर उदासीन आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज नें बताया कि महोत्सव के अंतर्गत सुबह 8 बजे से सुंदरकांड पाठ एवं हवन होगा जबकि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक गुरु पूजन किया जाएगा।इसके अलाबा 29 जुलाई से 28 अगस्त तक श्रावण मास के दौरान ॐ नमः शिवाय महामंत्र का अखंड जाप आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित शामिल होकर जपयज्ञ एवं संकीर्तन में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।आयोजकों के अनुसार महिलाएं एवं बहनें भी अपने परिवार के साथ जपयज्ञ और रात्रि जागरण में भाग ले सकेंगी। विशेष रूप से प्रत्येक सोमवार को धार्मिक आयोजन होंगे। अखंड जाप में कोई भी श्रद्धालु दिन-रात 24 घंटे अपनी सुविधानुसार शामिल होकर महामंत्र का जाप कर सकता है।यह आयोजन श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम सिटी कोतवाली के सामने भिंड में महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।2
- उपचुनाव दतिया में दादा का डर हुआ खत्म कांग्रेस समर्थकों ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ही जीतेंगे दतिया यूपी चुनाव के पहले ही हुआ भय मुक्त1
- स्टंट के आगे जान की कीमत बहुत छोटी है जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल, मृगननाथ पहाड़ी पर बाइक लेकर खाई के मुहाने तक पहुंचा युवक जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल, मृगननाथ पहाड़ी पर बाइक लेकर खाई के मुहाने तक पहुंचा युवक सोशल मीडिया पर जल्दी मशहूर होने और लाइक्स-व्यूज पाने की होड़ युवाओं को लगातार खतरनाक स्टंट करने के लिए प्रेरित कर रही है। चलती गाड़ियों पर स्टंट, हाईवे पर करतब, रेलवे ट्रैक पर वीडियो बनाना और पुलों से पानी में छलांग लगाने जैसी घटनाओं के बीच अब बुधनी से भी एक चिंताजनक मामला सामने आया है। बुधनी स्थित विंध्याचल पर्वत पर विराजमान बाबा मृगननाथ की पहाड़ी पर एक युवक का जान जोखिम में डालकर बाइक से स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 'नर्मदापुरम सिटी' नामक सोशल मीडिया पेज पर साझा किया गया है। वीडियो में युवक बाइक लेकर पहाड़ी के बिल्कुल मुहाने तक पहुंच जाता है और वहीं खड़े होकर रील बनवाता दिखाई देता है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर यह स्टंट किया गया, उसके ठीक नीचे गहरी खाई है। ऐसे में जरा-सी चूक या बाइक का संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता था। यह स्टंट न केवल युवक के लिए जानलेवा साबित हो सकता था, बल्कि वहां मौजूद अन्य पर्यटकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता था। गौरतलब है कि बारिश के मौसम में बुधनी की मृगननाथ पहाड़ी और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय एवं बाहरी क्षेत्रों से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह के खतरनाक स्टंट दूसरों को भी गलत संदेश देते हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा देते हैं। हालांकि, मृगननाथ पहाड़ी का यह पूरा क्षेत्र वन परिक्षेत्र बुधनी के अंतर्गत आता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वायरल वीडियो कब का है और किस तारीख को बनाया गया था। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो को लेकर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और इस तरह के जानलेवा स्टंट पर रोक लगाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और वन विभाग से पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा जान जोखिम में डालकर स्टंट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही युवाओं से भी अपील की है कि कुछ पल की सोशल मीडिया लोकप्रियता के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें।1